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एक ‘पत्रकार’ ने कहा- रं#@, दूसरे ने कहा- गला काट देंगे: महाराष्ट्र की एक्टिविस्ट नाजिया इलाही खान को इस्लामी कट्टरपंथियों ने दी जान से मारने की धमकी, शेयर किए वीडियो


महाराष्ट्र की एक्टिविस्ट नाजिया इलाही खान को इस्लामी कट्टरपंथियों ने जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं। नाजिया इलाही खान ने कहा कि दो मुस्लिम युवक ने अलग-अलग वीडियो बनाकर उन्हें धमकियाँ और गालियाँ दीं। अपने एक्स अकाउंट पर क्लिप शेयर करते हुए नाजिया खान ने लिखा कि उनमें से एक व्यक्ति मुस्लिम पत्रकार था और दूसरे ने खुलेआम गला काटने की धमकी दी।

सुप्रीम कोर्ट की वकील नाज़िया वो दबंग महिला है जो मुस्लिम कुरीतियों पर बड़ी बेबाकी से बोलती हैं, जिस वजह से कट्टरपंथी इनसे बहुत दुखी रहते हैं। वैसे मुस्लिम कुरीतियों पर पाकिस्तान की आरजू काज़मी आदि और भी अनेक मुस्लिम महिलाएं है जो कट्टरपंथियों पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ती। 72 हूरों, सर तन से जुदा, बुर्का/हिजाब हो या नकाब या फिर औरतों का मर्दों के साथ खड़े होकर नमाज नहीं पढ़ने पर कट्टरपंथियों पर जब जोरदार हमला करती हैं देखते ही बनता है।  

इन बेबाक महिलाओं और जितने भी exMuslim हैं सभी का मानना है कि मुल्लाओं ने मुसलमानों को इतना ज्यादा डरा कर रखा हुआ है कि सच सुनने की आदत नहीं। जो सच बोलता है सर तन से जुदा गैंग को सड़क पर उतर माहौल ख़राब कर देते हैं। और आम मुसलमान समझता है कि इस्लाम की तौहीन हुई है।       

नाजिया ने गाली-गलौज करने वाले मुस्लिम ‘पत्रकार’ का वीडियो किया शेयर

पहली वीडियो शेयर करते हुए नाजिया ने लिखा, “ये सलमान हैं, एक मुस्लिम पत्रकार! ये शायद महाराष्ट्र से हैं! ये पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का प्रतिनिधित्व करते हैं, फिर भी इस रिपोर्ट में ये मुझे वेश्या कह रहे हैं! क्या किसी मुस्लिम पत्रकार के लिए किसी महिला पर गंदी और अपमानजनक बातें कहना जायज है? इसीलिए ये खुलेआम मुझे वेश्या कह रहे हैं!”

नाजिया द्वारा शेयर किए गए वीडियो में सलमान नाम का व्यक्ति को अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते सुना जा सकता है। वह कहता है कि नाजिया की हरकतों ने उसे इतना गुस्सा दिलाया कि उसका मन उसे मारने का हुआ, लेकिन वह मजबूर था इसीलिए ऐसा नहीं कर सका। इसके बाद उसने नाजिया के परिवार और परवरिश पर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर यह ऐसी है तो इसकी माँ कैसी होगी।”

नाजिया का नाम लेते हुए सलमान ने कहा, “पीछे जो महिला दिखाई दे रही है, वह नाजिया इलाही खान है। वह न तो खान है, न नाजिया है और न ही उसका इलाही नाम से कोई नाता है।” इसके बाद उसने नाजिया के लिए एक अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करते हुए उन्हें ‘रं**’ कहा। उसने यह भी कहा कि वह यह शब्द इस्तेमाल नहीं करना चाहता था, लेकिन उसे ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

एक मुस्लिम युवक ने गला काटने की दी धमकी

ऐसी ही धमकी भरी एक और वाडियो नाजिया इलाही खान ने शेयर की, जिसकी पहचान उन्होंने महाराष्ट्र के औरंगाबाद के अब्दुल के रूप में बताई। अब्दुल ने नाजिया को सीधे जान से मारने की धमकी दी।

वीडियो शेयर करते हुए नाजिया ने लिखा, “यह महाराष्ट्र के औरंगाबाद का अब्दुल है, जो मेरा गला काटने की धमकी देते हुए वीडियो बना रहा है! और वह जेल जाने को भी तैयार है!”

वीडियो में अब्दुल कहता है, “तू कौन होती है हमरा नबी के खिलाफ बोलने वाली। तेरा ऐसा हाल करूँगा कि कभी नहीं भूलेगी। चाहे जेल क्यों न जाना पड़े।”

एक्टिविस्ट नाजिया इलाही खान ने इन दोनों वीडियो को उन धमकियों और गालियों के उदाहरण के रूप में साझा किया, जो उनके अनुसार उन्हें सोशल मीडिया पर कुछ मुस्लिम यूजर्स की ओर से मिल रही हैं। ये घटनाएँ नाजिया इलाही खान से जुड़े विवादों की लंबी श्रृंखला में एक नया अध्याय हैं। वह अक्सर सोशल मीडिया पर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर होने वाली तीखी बहसों के केंद्र में रही हैं। फिलहाल, उनके द्वारा साझा किए गए इन दोनों वीडियो पर कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

हिन्दुओं को दी थी गाय-बकरी की तरह काटने की धमकी, असम पुलिस ने किया गिरफ्तार तो सनीउर रहमान की बंध गई घिग्गी


सोशल मीडिया पर हिन्दुओं को गाय-बकरी की तरह काटने की धमकी देने वाला सनीउर रहमान उर्फ़ सनी भाई गिरफ्तार हो गया है। असम की कामरूप पुलिस ने उसके खिलाफ यह कार्रवाई की है। यह जानकारी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दी है।

यह कार्रवाई शुक्रवार (6 जून, 2025) को हुई। सनीउर रहमान ने बकरीद का जिक्र करते हुए एक वीडियो में कहा था, “तुम हिंदू नहीं जानते कि मियाँ कौन हैं, हमें कोई डर नहीं, हम हर साल बकरीद मनाते हैं।” उसने आगे कहा, “याद रखना हम तुम्हें बकरियों और गायों की तरह काटेंगे।”

उसका यह भड़काऊ बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद उसे गिरफ्तार करने की माँग की गई थी। असम CM हिमंता बिस्वा ने बताया है कि गोलपाड़ा जिले से सनिदुल इस्लाम नाम का एक युवक भी भगवान राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार हुआ है।  

उत्तर प्रदेश : योगी आदित्यनाथ को धमकी देने वाला अताउल गनी हथियार के साथ गिरफ्तार ; बांग्लादेश से आकर बंगाल के मालदा में बसा

                योगी आदित्यनाथ को धमकी देने वाला बांग्लादेशी घुसपैठिया गिरफ्तार (फोटो साभार:                                                                                                                          X_NoidaPolice/KhabarIndia)
नोएडा पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी देने वाले एक व्यक्ति को दिल्ली के शाहीन बाग इलाके से गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान शेख अताउल (40) पुत्र उसमान गनी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बांग्लादेश का निवासी है, लेकिन पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में उसका परिवार बस गया था। बाद में वह दिल्ली के शाहीन बाग में रहने लगा। पुलिस ने आरोपित के पास से एक .315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस, एक चाकू, आपत्तिजनक दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोएडा सेक्टर 39 पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए शेख के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। एडिशनल डीसीपी मनीष मिश्रा ने बताया कि शेख के खिलाफ बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

शुरुआती पूछताछ में शेख ने बताया कि उसने हथियार अपनी सुरक्षा और डर दिखाने के लिए रखा था। पुलिस अब यह जाँच कर रही है कि क्या शेख आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और क्या वह सच में मुख्यमंत्री पर हमला करने की योजना बना रहा था।

एडिशनल डीसीपी मनीष मिश्रा ने कहा, “वायरल वीडियो में आरोपित व्यक्ति ने संवैधानिक पद पर बैठे एक जननेता के खिलाफ झूठी और भड़काऊ बातें कही थीं, जो सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा दे सकती थीं। आरोपित ने अलगाववादी बयान देकर करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई।”

पुलिस ने आरोपित के पास से मिले मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जाँच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह किसी संगठन से जुड़ा हुआ था या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था। पुलिस ने बताया कि इस मामले में सोशल मीडिया सेल ने वीडियो को चिह्नित कर सेक्टर 39 थाने में मामला दर्ज कराया था। यह वीडियो एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वायरल हुआ था। आरोपित के भड़काऊ बयानों से सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका थी।

शेख अताउल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उसने योगी आदित्यनाथ को ‘कुर्बान’ कर देने की धमकी दी थी। वीडियो में उसने भड़काऊ बयान देते हुए सांप्रदायिक भावनाएँ भड़काने की कोशिश की थी। उसने खुलेआम गोश्त खाने और मस्जिदों को ध्वस्त करने के झूठे आरोप लगाकर धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश की। उसने कहा था, “बिस्मिल्लाह बोलूँगा और कुर्बानी दे दूँगा योगी की” और यह कहते हुए उसने हाथों से कुर्बानी देने का इशारा भी किया।

अवलोकन करें:-

‘बिस्मिल्लाह बोलूँगा और योगी की कुर्बानी दे दूँगा’: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को कैमरे पर दी
बंगाली मुस्लिम मजदूर ने दी सीएम योगी की कुर्बानी की धमकी (फोटो साभार: Khabar India video) दिल्ली विधान
 

शेख अताउल ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, अवैध मस्जिदों पर कार्रवाई, और लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध जैसे मुद्दों पर अपनी नाराजगी जताई। इसके साथ ही उसने कहा, “खुलेआम भैंस का गोश्त काट रहे हैं हम लोग। खुलेआम अजान चल रहा है। जाओ योगी… सु#$@र के जने के पास.. जो मस्जिद से माइक उतारता है। उसकी अम्मी ने शादी किया है, मुसलमान से… बोलता है मुसलमानों को भगाओ यहाँ से.. सामने आएगा तो बिल्मिल्लाह बोलके #$% दूँगा।”

योगी को धमकी देने वाली निकली फातिमा खान, महाराष्ट्र पुलिस ने पकड़ा

उत्तर प्रदेश  के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी देने वाले का पता लगा गया है। मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र के ही उल्हासनगर से फातिमा खान नाम की महिला एक को गिरफ्तार किया है। फातिमा B.Sc (IT) की छात्रा है और उसके अब्बू फर्नीचर का काम करते हैं।

गौरतलब है कि शनिवार (2 नवम्बर, 2024) को मुंबई ट्रैफिक पुलिस को CM योगी के नाम धमकी मिली थी। इसमें कहा गया था कि योगी 10 दिन में इस्तीफ़ा दें या फिर उन्हें बाबा सिद्दीकी की तरह मार दिया जाएगा। इसके बाद मुंबई और यूपी पुलिस ने तलाश चालू की थी।

अवलोकन करें : -

उत्तर प्रदेश : 10 दिन में इस्तीफा दें योगी आदित्यनाथ, नहीं तो बाबा सिद्दीकी की तरह हत्या कर देंगे:

मुंबई पुलिस ने ATS के साथ मिलकर नम्बर ट्रैक करके फातिमा खान को गिरफ्तार किया है। अभी यह नहीं साफ़ हुआ है कि वह किसी गैंग से जुड़ी है या फिर ऐसे ही उसने धमकी दी है।

कनाडा : खालिस्तानी पुन्नू की सांसद को धमकी : ‘तुम लोग वापस भारत भागो’: हिन्दू मंदिर पर हमले का विरोध करने पर भड़का

                       चंद्र आर्य ने पन्नू की धमकी दिया जवाब (फोटो साभार : X_AryaCanada)
कनाडा के लिबरल पार्टी से सांसद चंद्र आर्य को खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने धमकाने की कोशिश की, जिसके बाद उन्होंने तीखा पलटवार किया है। दरअसल, कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमले को लेकर चंद्र आर्या ने खालिस्तानी आतंकियों पर हमला बोला था, तो गुरपतवंत सिंह पन्नू ने उन्हें कनाडा की नागरिकता लौटाकर भारत लौट जाने के लिए कहा था। पन्नू की ओर से देश छोड़ने की धमकी मिलने के बाद सांसद आर्य ने भी जवाब दिया है।

दरअसल, खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी कर भारतीय मूल के कनाडाई सांसद चंद्र आर्य और उनके समर्थकों को तुरंत “भारत वापस चले जाने” का निर्देश दिया है। इसका जवाब देते हुए आर्य ने कहा है कि हमारे कनाडाई चार्टर ऑफ राइट्स में दी गई स्वतंत्रता का गलत इस्तेमाल करते हुए खालिस्तानी कनाडा की धरती में जहर बोते हुए इसे गंदा कर रहे हैं।

कनाडा के एडमॉन्टन शहर में बीएपीएस स्वामिनारायण मंदिर में तोड़फोड़ की गई और दीवार पर विवादित नारे लिखे गए। इसका आरोप खालिस्तानी तत्वों पर लगा है। इसी को लेकर सांसद चंद्र आर्य ने बयान जारी किया था, जिस पर पन्नू ने उनको देश छोड़ने के लिए धमकाया।

कनाडा के सांसद चंद्र आर्य ने खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की उनके खिलाफ धमकी जारी करने के लिए निंदा करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा,’एडमॉन्टन में बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में तोड़फोड़ और कनाडा में खालिस्तानियों के हिंसा फैलाने की मैंने निंदा की। मेरे निंदा किए जाने के जवाब में सिख्स फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी कर मुझसे और मेरे हिंदू कनाडाई दोस्तों को धमकी देते हुए कहा है कि भारत वापस जाओ।’

आर्य ने आगे लिखा, ‘हम हिंदू दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से कनाडा आए हैं। दक्षिण एशिया के देशों के अलावा अफ्रीका और कैरेबियन देशों और दुनिया के कई दूसरे हिस्सों से हम यहां आए हैं और हम यहां किराएदार नहीं है। कनाडा ही हमारा देश और हमारी अपनी जमीन है। हमने कनाडा के सामाजिक और आर्थिक विकास में बहुत सकारात्मकयोगदान दिया है। अभी भी कर रहे हैं और आगे भी जारी रखेंगे।’ आर्य ने आगे कहा कि हिंदू संस्कृति और विरासत के अपने लंबे इतिहास के साथ हिन्दू समाज ने कनाडा के बहुसांस्कृतिक ताने बाने को मजबूत करने का काम किया है। ये जरूर है कि हाल के समय में खालिस्तानी अतिवादियों ने कनाडाई चार्टर ऑफ राइट्स द्वारा गारंटीड हमारी स्वतंत्रता का दुरुपयोग करते हुए हमारी भूमि कनाडा को प्रदूषित किया है।

पन्नू ने कहा था कि “अपने आकाओं भारत के हितों को बढ़ावा दे रहे थे”। पन्नू ने कहा कि सांसद और उनके समर्थक “अपनी नागरिकता त्याग दें और अपनी मातृभूमि भारत वापस चले जाएँ।” पन्नू ने कहा, “हम खालिस्तान समर्थक सिखों ने दशकों से कनाडा के प्रति अपनी वफादारी दिखाई है।” हालाँकि चंद्र आर्य ने पन्नू को मुँहतोड़ जवाब दिया है। वो इस मुद्दे पर बैकफुट पर आने की जगह आगे बढ़कर खालिस्तानियों से मोर्चा ले रहे हैं

चीन द्वारा नेपाल को पोखरा एयरपोर्ट के लिए 2% पर दिए ऋण पर 5% वसूलने की पोल खोलने वाले पत्रकार को चीन के राजदूत ने धमकाया

पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के लिए नेपाल ने लिया चीन से कर्ज (फोटो साभार : काठमाँडू पोस्ट)
नेपाल में तैनात चीन के राजदूत चेन सॉन्ग ने नेपाल के वरिष्ठ पत्रकार गजेंद्र बुधथोकी को धमकाने का प्रयास किया, लेकिन उसे मुँह की खानी पड़ी। दरअसल, वरिष्ठ पत्रकार गजेंद्र बुधथोकी ने पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बनाने के लिए चीन से मिले कर्ज को लेकर बड़ा दावा किया था, लेकिन चीनी राजदूत चेन सॉन्ग उनसे एक्स पर ही उलझ गए। उन्होंने पत्रकार के दावे को गलत बताते हुए माफी की माँग की थी, लेकिन पत्रकार ने कहा कि उनके पास आधिकारिक दस्तावेज हैं, ऐसे में चीन के राजदूत उन्हें धमकाने की कोशिश न करें।

इस विवाद की शुरुआत तब हुई, जब पत्रकार गजेंद्र बुधाथोकी ने दावा किया कि ‘पोखरा एयरपोर्ट के लिए लोन पर ब्याज दर का भुगतान 2% नहीं बल्कि 5% की दर से किया जा रहा है।’ इसे चीनी राजदूत चेन सॉन्ग ने सरासर गलत बताते हुए लिखा, ‘मैं अपने जीवन में इससे बड़ा झूठ नहीं देखा। सार्वजनिक तौर पर जो जानकारी उपलब्ध है, उसके बावजूद इतना बड़ा झूठ बोलने की हिम्मत कर रहे हो’।

 पत्रकार ने इसके जवाब में कहा कि ‘मैं सबूतों के साथ पर्दाफाश करूँगा।’ इसके बाद चीनी राजदूत धमकाने वाली भाषा पर उतर आए। और लिखा, ‘मेरी माँग है कि ‘तुम और जिनकी भी तुम नुमाइंदगी करते हो, उनकी तरफ से औपचारिक तौर पर माफी माँगो।’

                                           एक-दूसरे पर हमलावर हुए पत्रकार और चीनी राजदूत

क्या है पोखरा एयरपोर्ट से जुड़े कर्ज जाल का मामला?

दुनिया में बहुत सारे देश चीनी कर्ज के जाल में फँसकर तबाह हो चुके हैं। श्रीलंका, पाकिस्तान जैसे देशों की हालत किसी से छिपी नहीं है, तो नेपाल भी उसी जाल में फँस चुका है। चीन एक ओर अमेरिका से टक्कर लेने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी ओर वो छोटे-छोटे देशों को विकास परियोजनाओं का लालच दिखाकर कर्ज के जाल में फँसा रहा है। भारत के पड़ोसी नेपाल में भी ऐसी ही स्थिति बन गई है, जहाँ ड्रैगन ने प्रेशर डालकर पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनवा तो लिया, लेकिन अब ये प्रोजेक्ट नेपाल सरकार के गले की फाँस बन गई है। ऊपर से पोखरा एयरपोर्ट को बनाने वाली सरकारी कंपनी को इतना महँगा लोन मिला है कि वो मूलधन तो छोड़िए, ब्याज भी नहीं चुका पा रही है। ब्याज की बात तो काफी बाद में, वो अपने परिचालन का खर्च तक नहीं निकाल पा रही है।
इस बीच, ये बात सामने आ रही है कि चीन ने कागजों पर तो पोखरा एयरपोर्ट के लिए 2% की ब्याज दर से लोन दिया है, लेकिन पोखरा एयरपोर्ट अथॉरिटी से 5% प्रतिशत ब्याज दर की वसूली हो रही है। इस पूरे मामले की पोल नेपाल के वरिष्ठ पत्रकार ने खोली, तो नेपाल में चीन का राजदूत उन्हें सोशल मीडिया पर ही धमकाने लगा। इसके बाद ये मामला बढ़ गया और नेपाल के साथ ही चीन भी बैकफुट पर आता दिख रहा है, क्योंकि जिस प्रोजेक्ट को लेकर चीन ने 2% ब्याज दर का दिखावा किया, वो 5% प्रतिशत निकला है, ऐसे में आम जन का आक्रोश भी बढ़ता दिखा है।

ब्याज दर का मामला

दरअसल, चीन ने आधिकारिक तौर पर इस एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 2% पर ही लोन दिया है, लेकिन एयरपोर्ट परिचालन करने वाली कंपनी को इसे 5% पर ही लौटाना है। लोक ऋण प्रबंधन कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक, हवाई अड्डे के निर्माण के लिए सरकार द्वारा चीन से लिए गए लोन की ब्याज दर केवल दो प्रतिशत है। लेकिन चीनी सरकार और नेपाल सरकार के बीच समझौते में दो तरह के लोन हैं। पहली तरह का लोन- 2 % के हिसाब से और दूसरा 0% के हिसाब से। लेकिन मामला यहाँ पर ये फँसता है कि नेपाल के वित्त मंत्रालय और पोखरा एयरपोर्ट अथॉरिटी के बीच एक अन्य समझौता हुआ है, जिसमें चीनी पैसा सीधे एयरपोर्ट अथॉरिटी के पास न जाकर, नेपाल सरकार के पास गया। और अब पैसा नेपाल सरकार के माध्यम से चीन को जाएगा। चूँकि ये लोन गवर्नमेंट टू बैंक है। ऐसे में नेपाली वित्त मंत्रालय इस लोन पर 2% नहीं, बल्कि 5% की दर से एयरपोर्ट अथॉरिटी से पैसा वसूल रही है। ये 3% का मार्जिन नेपाल सरकार रख ले रही है। ऐसे में पोखरा एयरपोर्ट का परिचालन करने वाली कंपनी को लोन की दर 5% ही पड़ रहा है और ये जानकारी आधिकारिक है। यही दावा पत्रकार ने भी किया है।
                                   पोखरा एयरपोर्ट के निर्माण लागत पर 5% ब्याज की वसूली
वैसे, एक बात और है कि इस एयरपोर्ट का उद्घाटन जब 1 जनवरी 2023 को हुआ था, तो चीन ने दुनिया को ये बताने की कोशिश की थी कि ये प्रोजेक्ट उसके अति-महत्वाकाँक्षी प्रोजेक्ट बीआरआई का हिस्सा है, लेकिन नेपाल सरकार ने उसके दावे को खारिज करते हुए साफ कर दिया था कि अभी तक नेपाल में बीआरआई के तहत कोई भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ है। चीन का दावा झूठा है।

त्राहि-त्राहि कर रहा नेपाल, लोन को अनुदान में बदलने की माँग

वैसे, पोखरा एयरपोर्ट को बनाकर नेपाल सरकार बुरी तरह से फँस चुकी है। उसे जिस कमाई की उम्मीद थी, वो तो छोड़िए, अपने परिचालन का खर्च भी इस एयरपोर्ट से नहीं निकल पा रहा है। पोखरा एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी ने ब्याज की एक किश्त दी है, लेकिन मार्च 2024 में जाने वाली दूसरी किस्त वो चुका नहीं पाई है। इसके बाद नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प दहाल प्रचंड ने चीन की यात्रा की तो पोखरा एयरपोर्ट की असलियत सामने आई। दरअसल, पोखरा एयरपोर्ट पर कमाई न होने की वजह से नेपाल अभी इसका ब्याज भी नहीं भर पा रहा है, ऐसे में मूल धन कैसे लौटाएगा? इसलिए नेपाल सरकार चाहती है कि चीन इस कर्जे को ‘अनुदान’ मान ले और उससे पैसों की वसूली न करे। बाकी चीन पूरी दुनिया में ऐसे देशों के साथ क्या कर रहा है, वो किसी से छिपा नहीं है। पड़ोसी श्रीलंका का मामला ही देख लीजिए।

विवादों में घिरा रहा एयरपोर्ट, जमकर हुआ भ्रष्टाचार

पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन तो गया है, लेकिन इसकी कोई जरूरत नहीं थी। मार्च 2024 में नेपाल के महालेखा परीक्षक ने राष्ट्र को सरकारी खर्चों की ऑडिट रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें वित्त मंत्री वर्षमान पुन की भूमिका की जाँच की माँग की गई है। महालेखा परीक्षक ने कहा कि पोखरा एयरपोर्ट बनाने का फैसला बिना किसी स्टडी के लिए ही ले लिया गया। इसमें कई खामियाँ भी है। रिपोर्ट में कहा गया कि पोखरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की जरूरी नहीं होने पर भी इसे बनाने की मंजूरी देना अपने आप में भ्रष्टाचार है। उस समय के वित्तमंत्री वर्षमान पुन, जो अब भी प्रचंड सरकार के वित्तमंत्री हैं, उन्होंने चीनी ठेकेदारों को फायदा पहुँचा है। यही नहीं, चीनी कंपनी को 2 अरब रुपये से ज्यादा की टैक्स छूट दी गई, ये भी भ्रष्टाचार है।

चीनी कंपनी के कर्मचारियों पर पड़ा था छापा

पोखरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने वाली चीनी कंपनी पर भ्रष्टाचार में घिरे होने की वजह से पिछले साल 1 नवंबर 2023 को बड़ी छापेमारी हुई थी और कर्मचारियों के बैंक खातों को सील कर दिया गया था। नेपाल के भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ‘अख्तियार दुरुपयोग अनुसंधान आयोग’ ने चीनी कंपनी सीएएमसी इंजीनियरिंग के दफ्तर पर छापेमारी की थी। एयरपोर्ट पर खराब गुणवत्ता का काम और कमीशनखोरी के आरोपों पर ये छापेमारी हुई थी। दरअसल, 1 जनवरी से 2023 से ही शुरु हो चुके इस एयरपोर्ट के रडार और वीएचएफ सिस्टम में कई बार खराबी आ चुकी है और जहाजों को आधे रास्ते से वापस भेजना पड़ रहा था। इसके बाद भ्रष्टाचार की शिकायत पर ये छापेमारी की गई थी।

‘मैं ‘जय श्री राम’ का नारा लगाती रहूँगी, जिसे जो करना है कर ले’: हिन्दू लड़के से शादी करने पर मुस्लिम लड़की को मिल रही धमकियाँ, CM योगी और बागेश्वर बाबा से लगाई गुहार

कुशीनगर में मुस्लिम युवती शादी कर बनी हिंदू को पुलिस कर रही टॉर्चर (फोटो साभार: Hindustan,TimesNow)
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में मुस्लिम लड़की ने घर वापसी कर हिंदू लड़के से शादी की थी। हालाँकि, अब लड़की ने पुलिस पर उसे व उसके पति के परिवार वालों को टॉर्चर करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही युवती ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मदद की अपील की है।

पीड़ित युवती ने एक वीडियो जारी कर कुशीनगर जिले के रवींद्रनगर थाने के इंस्पेक्टर पर परेशान करने का आरोप लगाया है। 6 मिनट 27 सेकंड के इस वीडियो में लड़की ने कहा है, “मैं मुस्लिम थी और भाग कर हिंदू लड़के से शादी की हूँ। अब मैं सनातन धर्म से शादी की हूँ। अब मैं सनातन धर्म स्वीकार कर चुकी हूँ। लेकिन मुझे रवींद्र नगर थाने के इंस्पेक्टर मुझे परेशान कर रहे हैं। वह कह रहे हैं कि मुस्लिम लड़की सनातन धर्म स्वीकार नहीं कर सकती। मैं सनातन धर्म में क्यों नहीं जा सकती, वह मुझे रोकने वाले कौन होते हैं?”

पीड़िता ने आगे कहा, “वो मेरे घरवालों से पैसे लेकर वह मुझे रोक रहे हैं। मैं सनातन धर्म अपना चुकी हूँ, ‘जय श्री राम’ का नारा लगा रही हूँ और ये नारे लगाती रहूँगी, जिसे जो करना है कर ले। मैं यूपी की हूँ, पुलिस वाले मुझे रोक रहे हैं योगी जी कहाँ हैं क्या वह मुझे सपोर्ट नहीं करेंगे। बागेश्वर बाबा कहाँ हैं, वह बहुत फेमस हैं क्या मेरी मदद नहीं करेंगे।”

उसने आगे कहा है, “मैं जिनसे शादी की है उसको भी टॉर्चर कर रहे हैं। उनकी क्या गलती है। मेरे हसबैंड की माँ घर में नहा रहीं थीं तब पुलिस वाले दरवाजा तोड़कर कर घुस गए थे। मेरी सास ने कपड़े नहीं पहने थे। जब वो कपड़े पहनने जा रहीं थीं तो पुलिस वालों ने उन्हें रोककर कहा कि कपड़े बाद में पहनिएगा। पहले ये बताइये लड़का-लड़की कहाँ हैं?”

वहीं, इस मामले में रवींद्र नगर थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश मिश्रा का कहना है कि लड़का-लड़की 10 मई को घर से भागे थे। 16 मई को लड़की के पिता ने लड़की के अपहरण की शिकायत की थी। इसके बाद केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने लड़की के परिजनों से कहा है कि लड़की बालिग है। इसलिए थाने में आकर बयान दर्ज कराकर और केस निरस्त कराएँ। पुलिस युवक के घर नहीं गई थी, उसके रिश्तदार के घर गई थी। 


‘बिकनी गर्ल’ अर्चना गौतम को प्रियंका गाँधी के PA की धमकी : ‘दौ कौड़ी की औरत…जेल में डलवा दूँगा’

                                          अर्चना गौतम ने प्रियंका गाँधी के पीए संदीप सिंह पर लगाया आरोप
बिग बॉस 16 से मशहूर हुईं अर्चना गौतम ने प्रियंका गाँधी के करीबी संदीप सिंह के खिलाफ गंभीर इल्जाम लगाए हैं। उन्होंने फेसबुल लाइव आकर कहा कि संदीप ने उन्हें ‘दो कौड़ी की औरत’ का है।

अर्चना ने खुलासा करते हुए बताया कि रायपुर सत्र के दौरान संदीप ने उनको धमकी दी और उन्हें जेल में डालने को भी कहा। वह कहती हैं कि प्रियंका गाँधी के पीए को औरतों से बात करने की तमीज नहीं है।

लाइव में वह बोलीं, “पार्टी ज्वाइन की है मैंने प्रियंका दीदी के लिए की है। तुम जैसे नल्लों के लिए नहीं की है। पूरी पार्टी तुम्हारे खिलाफ है। कोई कुछ बोलता नहीं है क्योंकि किसी में गुदा नहीं है। मैं बोलूँगी। करके दिखाओ तुम मेरा बाल भी बाका। जो तुम कुतर-कुतर कर पार्टी खा गए हो न। ये जो बड़े-बड़े अधिवेशन हो रहे हैं। कोई फायदा नहीं है इनका क्योंकि ये नालायक-नल्ले लोग जब तक पार्टी में रहेंगे तब तक पार्टी नहीं बढ़ सकती। पूरे स्टाफ को निकाला जाए क्योंकि ये लोग SC-ST कम्युनिटी के लोगों को बढ़ावा नहीं देते। इनको एक आशंका है होती है कि कहीं हम लोग ऊपर न चले जाए। ये चाहते हैं हम आज भी जूते तले रहें। अरे भैया हम जूते तले नहीं रहते। हम सीना चौड़ा करके चलते हैं। तुम जैसे आए और गए… जो तुम मुझे कह रहे हो न कि मुझे थाने में करवाओगे। बैठी हूँ मुझे थाने में करवाकर दिखा।”

 बिग बॉस कंटेस्टेंट का आरोप है कि संदीप ने उन्हें दो कौड़ी की और कहा और धमकी दी कि अगर वो ज्यादा बोलीं तो उन्हें जेल के पीछे डाल दिया जाएगा। इसके बाद अर्चना ने संदीप से कहा कि अगर उनमें दम है तो वो अर्चना को जेल में डालकर दिखाएँ।

अर्चना को कॉन्ग्रेस ने हस्तिनापुर से अपना प्रत्याशी उतारा था। हालाँकि बिकिनी गर्ल नाम से फेमस अर्चना को बहुत कम (1519) वोट मिले और उन्हें हार का मुँह देखना पड़ा। इसके अलावा बिग बॉस में भी वो अपने लड़ाकू व्यवहार के कारण ही चर्चा में रही थीं।

खालिस्तानी अमृतपाल सिंह की अमित शाह को ‘इंदिरा गाँधी जैसा हाल’ करने की धमकी: बोला- पंजाब का बच्चा-बच्चा चाहता है खालिस्तान

                                      खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह ने अमित शाह को दी धमकी
खालिस्तान समर्थक एक नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इशारों में धमकी दी है। उनका हाल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी जैसा करने की बात की है। यह खालिस्तान समर्थक नेता अमृतपाल सिंह है। वह ‘वारिस पंजाब दे’ नाम के अलगाववादी संगठन का मुखिया है।

अमृतपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री को धमकी रविवार (19 फरवरी 2023) को दी। वह पंजाब के मोगा में दीप सिद्धू की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में आया था। सिद्धू ने ही ‘वारिस पंजाब दे’ बनाया था। अमृतपाल ने कहा कि पंजाब का बच्चा-बच्चा खालिस्तान चाहता है। किसी भी हाल में इसे हासिल किया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोंगा जिले के गाँव बुधसिंह वाला में अमृतपाल ने कहा, “इंदिरा ने भी दबाने की कोशिश की थी। क्या अंजाम हुआ। अमित शाह भी अपनी इच्छा पूरी कर लें।” अमृतपाल का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल है। अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि पंजाब में खालिस्तान समर्थक गतिविधियों पर उनकी नजर है।

अमृतपाल ने कहा कि उसके पूर्वजों ने 500 साल से अपना खून बहा कर कई कुर्बानियाँ दी हैं जिसे न मोदी हटा सकते हैं और न ही अमित शाह। वे मर सकते हैं, लेकिन अपना दावा किसी भी हाल में नहीं छोड़ेंगे। उसने हिन्दू राष्ट्र की माँग करने वालों पर कार्रवाई की माँग भी की। कहा कि देश में सेक्युलर सरकार है तो ऐसे बयान देने वालों पर एक्शन क्यों नहीं लिया जाता। साथ ही खालिस्तान की माँग का विरोध करने वालों को चुनौती देते हुए कहा कि ‘जो करना है कर लें’।

भारत विरोधियों की भीख पर पलने वालों को धमकी से देने से पहले समय की नब्ज को पढ़ने की जरुरत थी। अपने उन समस्त सिख गुरुओं के बलिदान को याद करने की जरुरत है, जो उन्होंने ने हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए दिया था। उनकी आत्माएं कभी तुम्हें माफ़ नहीं करेंगे। दूसरे, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या होने पर भी भारत एक था और अमित शाह के बाद भी रहेगा। इंदिरा गाँधी की तरह अमित शाह भी वापस तो नहीं आएंगे, लेकिन जाने से पहले पता नहीं कितने अमित शाह भारत को दे दिए हैं। परन्तु इस धमकी के पूरा होने पर इसके दुष्परिणामों को नहीं जान रहे। दूसरे यह कि अगर इन खालिस्तानियों ने 1984 दोहराने की कोशिश की, उस स्थिति में खालिस्तान को समर्थन देने वाले नेताओं और इनकी पार्टियां भी लपेटे में आएँगी। ताकि हमेशा के लिए झगड़ा ही ख़त्म हो जाए। क्योकि खालिस्तान की आग इन्ही नेताओं की लगाई हुई है, जिसका फायदा भारत विरोधी उठा कर सिख धर्म को संकट में डाल रहे हैं। आज 1984 वाला भारत नहीं है, 2014 में एक नए भारत का जन्म हो चुका है।

कथित किसान आंदोलन के दौरान लाल किले पर हुई हिंसा के मुख्य आरोपित दीप सिद्दू की रोड एक्सीडेंट में मौत के बाद अमृतपाल को ‘वारिस पंजाब दे’ का मुखिया बनाया गया था। अमृतपाल दुबई में रहता है। कुछ समय पहले भारत आया है। उस पर अमृतसर के अजनाला में एक सिख युवक के अपहरण का केस दर्ज है। इसमें उसके साथी तूफ़ान सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद अमृतपाल ने पंजाब पुलिस को भी धमकी दी थी।

राजस्थान : पायलट द्वारा आर-पार की लड़ाई के लिए कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व जिम्मेदार

जैसे-जैसे चुनाव निकट आ रहे हैं, सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच लड़ाई उतनी ही तेज हो रही है और इस लड़ाई की जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस ही है, क्योकि पिछले चुनाव में भाजपा को सत्ता को हटाने में जितनी मेहनत सचिन ने की थी, कांग्रेस ने नहीं। लेकिन मुख्यमंत्री सचिन की बजाए बना दिया अशोक गहलोत को,  क्यों? अगर सचिन को मुख्यमंत्री बना दिया होता, इस आने वाले चुनाव में भाजपा को कड़ी मेहनत करनी पड़ती, लेकिन सचिन की बजाए अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाते ही 5 साल पहले ही कांग्रेस ने भाजपा की ओर सत्ता खिसका दी थी। 
राजस्थान में सचिन पायलट बनाम अशोक गहलोत का मामला ठंडा पड़ता नजर नहीं आ रहा है। इसी साल के आखिरी में होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत अभी से तेज हो गई है। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने गहलोत खेमे की बगावत पर अब तक कार्रवाई न होने को लेकर नाराजगी जताई है। पायलट ने विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होने वाले सीएम अशोक गहलोत समर्थक विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठा दी है। उन्होंने सीधे-सीधे आरोप जड़ा है कि हाईकमान दोषी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने में अत्यधिक देरी कर रहा है। पार्टी को जल्द फैसला करना ही होगा। दूसरी ओर बीजेपी ने भी विधानसभा में सीएम गहलोत को घेरते हुए उन्हें घोषणाजीवी की संज्ञा दी है। बीजेपी ने कहा है कि गहलोत ने बजट में कभी पूरी न होने वाली घोषणाएं की हैं।

गहलोत वर्सेज पायलट की लड़ाई में अब सचिन खेमे के पास आखिरी मौका

दरअसल, गहलोत वर्सेज पायलट की लड़ाई में अब सचिन खेमे के पास आखिरी मौका ही बचा है। राहुल गांधी की यात्रा निकलने के बाद हाईकमान ने गहलोत के बजट पेश करने तक पायलट गुट को सब्र करने के संकेत दिए थे। गहलोत ने न सिर्फ 10 फरवरी को बजट पेश कर दिया है, बल्कि 16 फरवरी को विधानसभा में बजट भाषण पर जवाब भी दे चुके हैं। हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा 26 जनवरी से शुरू हो चुकी है। ऐसे में अब विधानसभा चुनाव तक ऐसा कोई बड़ा कारण या मुद्दा नहीं है, जो हाईकमान को राजस्थान पर फैसला करने से रोके। यही वजह है कि पायलट गुट ने हाईकमान पर अपने पक्ष में फैसला लेने के लिए दबाव की राजनीति को तेज करने की रणनीति पर अमल कर रहा है। पहले गहलोत समर्थित नेता और विधायक ही बयानबाजी कर रहे थे, अब खुद सचिन पायलट ही मैदान में उतर आए हैं।

 सोनिया के आदेश की खुली अवहेलना करने के दोषी नेताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं

कांग्रेस हाईकमान को सीधा संदेश देने के लिए सचिन पायलट ने दिल्ली में ही मीडिया से राजस्थान के बारे में दो-टूक बातचीत की। पायलट ने साफ कहा कि गहलोत खेमे के उन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने में पार्टी कोताही बरत रही है, जिन्होंने 25 सितंबर को हाईकमान के खिलाफ खुली बगावत की थी। हाईकमान के जिन दो आब्जर्वर के खिलाफ अनुशासनहीनता की गई, उनमें से एक मल्लिकार्जुन खरगे थे, जो कि अब कांग्रेस अध्यक्ष हैं। ऐसे में दोषी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आने के बजाए देरी ही हो रही है। पायलट ने साफ कहा कि पार्टी को अब जल्द से जल्द फैसला करना होगा, वरना….!! पायलट ने कहा कि अनुशासन और पार्टी के रुख का अनुपालन सभी के लिए समान है, व्यक्ति बड़ा हो या छोटा। साथ ही उन्होंने कहा, अनुशासनात्मक समिति ही तत्कालीन पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी के खिलाफ खुली अवहेलना के संबंध में निर्णय में विलंब का सबसे अच्छा जवाब दे सकती है। गौरतलब है कि इस मामले में सीएम गहलोत को दिल्ली जाकर सोनिया गांधी ने माफी मांगनी पड़ी थी।
विधायक दल की बैठक के समानांतर बैठक बुलाना गहलोत गुट की अनुशासनहीनता
सचिन पायलट ने कहा कि पिछले साल 25 सितंबर को जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधायक दल की बैठक बुलाई थी, वह बैठक नहीं हुई। केंद्रीय पर्यवेक्षक अजय माकन और मल्लिकार्जुन खरगे थे। बैठक में जो कुछ भी होता, वह एक अलग मुद्दा है। सहमति या असहमति, लेकिन बैठक नहीं होने दी गई। बल्कि इसके समानांतर बैठक कर ली गई और ज्यादातर विधायक न सिर्फ उसमें पहुंचे, बल्कि दबाव बनाने के लिए इस्तीफे भी विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को दे दिए। पायलट ने कहा, मुझे मीडिया के जरिए जानकारी मिली कि गहलोत के समर्थकों ने नोटिस पर जवाब दे दिया, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जांच कमेटी ने जिनको अनुशासन तोड़ने का दोषी पाया, उन्हें बचाया जा रहा
विधायक दल की बैठक नहीं होने के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने जांच के लिए कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने कई नेताओं को अनुशासन तोड़ने का दोषी पाया था। हालांकि, इसको लेकर कोई एक्शन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि एक्शन क्यों नहीं हुआ, इसका सही जवाब अनुशासनात्मक कमेटी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ही दे सकेंगे। दरअसल, बीते साल कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के समय राजस्थान कांग्रेस की कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई थी। अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की चर्चा के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासत गरमा गई थी। नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जयपुर में विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी, जिसके लिए कांग्रेस आलाकमान ने अजय माकन और मल्लिकार्जुन खरगे को जयपुर भेजा था।
गहलोत समर्थक विधायक सचिन को नहीं बनाना चाहते थे मुख्यमंत्री
इसी बीच गहलोत समर्थक विधायकों ने बगावत कर दी थी। गहलोत समर्थक विधायक मुख्यमंत्री के तौर पर सचिन पायलट के नाम पर राजी नहीं थे। इस बगावत के बाद ये बैठक नहीं हो पाई थी। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को लेकर प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, मुख्य सचेतक एवं पीएचईडी मंत्री महेश जोशी और आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौर को उस समय नोटिस जारी किए थे। इस घटनाक्रम के बाद अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच बयानबाजी भी हुई थी। अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को गद्दार करार देते हुए कहा था, उन्होंने पार्टी के साथ गद्दारी की थी। इसलिए उन्हें कभी मुख्यमंत्री नहीं बनाया जा सकता। इस पर सचिन पायलट ने भी पलटवार करते हुए अशोक गहलोत को इस तरह के बचकाने बयान न देने की नसीहत दी थी।
घोषणावादी मुख्यमंत्री के वादे धरातल पर कहीं दिखाई नहीं देते- बीजेपी
दूसरी ओर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां समेत बीजेपी ने मुख्यमंत्री पर हमला बोला है। पूनियां ने कहा कि गैंगरेप और गैंगवार की लगातार घटनाएं प्रदेश पर कलंक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पिछली घोषणाएं और वादे को पूरा करने के बजाय बजट में सिर्फ घोषणाएं करने में ही व्यस्त हैं और अपनी कुर्सी बचाने के जुगाड़ में लगे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ‘घोषणाजीवी’ हैं। वह पिछले चार वर्षों से केवल घोषणाएं कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी गहलोत सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा जनता भुगत रही है। अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और अपराधियों में कोई खौफ नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान महिलाओं के खिलाफ अपराध में पहले स्थान पर पहुंच गया है।”

कन्हैयालाल की हत्या के बाद अब भरतपुर में भी 2 लोगों को जान से मारने की धमकी

     '10 दिन में सर तन से जुदा': उदयपुर के बाद अब भरतपुर में भी 2 लोगों को धमकी (फोटो साभार: दैनिक भास्कर)
भाजपा से निलंबित चल रहीं नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में उदयपुर में कट्टरपंथियों द्वारा दर्जी कन्हैयालाल का सर कलम किए जाने की घटना के बाद अब भरतपुर (राजस्थान) में 2 और लोगों को 10 दिन में ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है।
'जिसके भड़काने यानि शिवलिंग पर अभद्र टिप्पणी का जवाब इस्लामिक किताब में लिखी जिस बात को नूपुर द्वारा बोले जाने को पैगम्बर का अपमान बता देश में उपद्रव मचाया हुआ है, जुलाई 7 को News18 पर आये अपनी भोली शक्ल लिए तस्लीम रहमानी को एंकर अमिश देवगन और सुश्री सुभिहि खान द्वारा घेरे जाने पर सफ़ेद झूठ बोल अपने आपको बेगुनाह साबित करते रहे, सुभिहि ने स्पष्ट कहा "क्यों नहीं आपकी गिरफ़्तारी की मांग हो रही, नूपुर से बड़े दोषी आप हो। आपने हिन्दुओं के भगवान शिव का अपमान किया है।"(देखिए नीचे ट्वीट)  लेकिन धन के लालच में हत्या में लिप्त होने वाले सच्चाई से गुमराह हो रहे हैं कि हत्या कर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं, जबकि हत्या के लिए उकसाने और धन का लालच देने वाले उकसाने के बाद छुपे-छुपे फिरते हैं, इतने जीवट हो तो लोगों को उकसाकर क्यों भागते हो? सरकार को ऐसे लोगों पर किसी तरह का कोई रहम नहीं दिखाना चाहिए। इनसे कोई यह पूछे क्या दंगे-फसाद करवाकर मोदी को हटाओगे? इस तरह मोदी को और मजबूत कर रहे हो। जिन मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरना चाहिए, किसी एक पर भी कोई नहीं बोलता, क्यों? किस बात के नेता हो? इनकी हिन्दू विरोधी हरकतें सदियों से सोये हिन्दुओं को जगा रहा है। देखिए ऊपर वीडियो।   

ताजा मामला भरतपुर के कैथवाड़ा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह धमकी वाला पत्र 104 नंबर एंबुलेंस के ड्राइवर को थमाया गया था। इसमें एक किराना व्यापारी और एक सरकारी शिक्षक का नाम लिखा था। इसके साथ ही लिखा था ‘सर तन से जुदा 10 दिन के अंदर।’ दोनों ही नामों के आगे क्रॉस का मार्क बनाया गया था। ड्राइवर ने इस लेटर को पहाड़ी पुलिस को दिया, जिसके बाद दोनों ही व्यक्तियों को सुरक्षा दी गई है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मामले में ड्राइवर मुकेश शर्मा ने पहाड़ी थाने में इस मामले में एक केस दर्ज कराया है।

पुलिस को दी गई शिकायत में मुकेश ने बताया है कि ये घटना 6 जुलाई 2022 की है, जब वो एंबुलेंस लेकर पहाड़ी की ओर आ रहा था। उसी दौरान अपाचे बाइक से दो लोग आए और खंजर दिखाकर कहा कि ये पर्ची ले जाकर अपने गाँव में दे दे। पुलिस को कुछ बताया तो तुझे मार देंगे। खास बात ये कि बाइक भी बिना नंबरों के थी।

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क्या कहती है पुलिस

इस घटना को लेकर पहाड़ी थाने के एसएचओ शिव लहरी ने ड्राइवर मुकेश द्वारा शिकायत किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा मुकेश कैथवाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राव गाँव का रहने वाला है। पर्चियों में जिन दो व्यक्तियों के नाम हैं, उनमें एक सतीश सेठ का है और दूसरा प्रमोद मास्टर का है। ये दोनों भी राव गाँव के ही रहने वाले हैं। खास बात ये है कि दोनों ही व्यक्तियों ने सोशल मीडिया से दूरी बना रखी है।