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राजस्थान : ‘देवी-देवताओं की मूर्तियाँ तोड़ फेंको, मुफ्त इलाज और 10 हजार रूपए महीना लो’: भरतपुर की चंगाई सभा के आरोपितों ने धर्मांतरण की ली थी ट्रेनिंग

                                 आरोपित रविंद्र, उसकी पत्नी और चंगाई सभा (साभार: भास्कर/पत्रिका)
भारत में घटती हिन्दू आबादी का मुख्य कारण धर्मातरण और अवैध घुसपैठियों का होना है। अब अदालतों ने भी मामले की गंभीरता को भांपते हुए कहना शुरू कर दिया कि 'धर्मातरण रोको और घुसपैठियों को बाहर निकालो', और जब तक राज्य और केंद्र सरकारें सख्ती से इन कामों को दुर नहीं करती, निश्चितरूप से वह दिन भी ज्यादा दूर जब सेकुलरिज्म
 नाम का भी नहीं रहेगा और आज सेकुलरिज्म का ढोल पीटने वाला कोई दूर तक नज़र नहीं आएगा।    

राजस्थान के भरतपुर स्थित एक गाँव में में ईसाई में धर्मांतरण की घटना में 20 महिलाओं सहित 28 लोगों को हिरासत में लेने के बाद उन्हें जमानत मिल गई है। ईसाइयों की चंगाई सभा में धर्मांतरण के लिए 100 से अधिक लोगों को बुलाया गया था। इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वे लोग हर महीने 10 हजार रुपए देने और कैंसर जैसी बीमारी का इलाज करने का दावा कर रहे थे।

धर्मांतरण सभा में बुलाए गए लोगों को पैसे के साथ-साथ कैंसर जैसी बीमारियों का मुफ्त इलाज का लालच दिया गया था। सभा में आरोपित हिन्दू-देवी देवताओं के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे। जब इसका एक व्यक्ति ने विरोध किया तो उसे अपमानित किया गया और धमकी दी कि ईसा मसीह उसे भस्म कर देंगे। ईसा मसीह के सामने हिन्दू देवी-देवता कमजोर बताया जाता था।

दरअसल, सिमको रेलवे फाटक संख्या 39 के निकट एक मकान में शुक्रवार (5 जुलाई 2024) की सुबह धर्म-परिवर्तन सभा चल रहा था। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं को जब इसकी जानकारी मिली तो वे पहुँचकर विरोध करने लगे। इसके बाद उन लोगों के साथ मारपीट की गई। इसकी सूचना मिलने पर थाना मथुरा गेट पुलिस मौके पर पहुँची और 28 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

मथुरा गेट थाना इंचार्ज करन सिंह राठौड़ ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ धारा 299 (किसी धर्म को लेकर विद्वेष पूर्ण कार्य करने) और 302 (शब्दों के माध्यम से किसी को धर्म बदलने के लिए प्रेरित करने) में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। शनिवार (6 जुलाई) को कोर्ट ने रविंद्र कुमार को जमानत दे दी। बाकी लोगों को शुक्रवार को ही 5-5 हजार के मुचलके पर जमानत दे दी गई थी।

इस घटना का मुख्य आरोपित 39 वर्षीय रविंद्र कुमार और 32 साल की उसकी पत्नी रूबी हैं। दोनों फाटक नंबर 39 और एक अन्य आरोपित फूल सिंह डीग के तेलीपाड़ा का निवासी है। दोनों पति-पत्नी शहर में चर्च फाउंडेशन चलाते हैं। इन्होंने पंजाब के चंडीगढ़ से बाकायदा ट्रेनिंग भी ली थी। ये वॉट्सऐप ग्रुप से लोगों को जोड़ते थे और सेंटर में कैंसर जैसी बीमारी को ठीक करने का दावा करते थे।

घटना को लेकर FIR निरंजन सिंह ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “आरोपित सभा में शामिल लोगों से कह रहे थे कि देवी-देवताओं की मूर्ति पूजा छोड़कर ईसाई धर्म अपनाओ। हिंदू देवी-देवताओं ने कोई अवतार नहीं लिया। भगवान श्रीकृष्ण के बारे में अपशब्द कहे और हिंदू धर्म को सबसे नीच बताया। यह भी कहा कि यीशु सबसे बड़े भगवान हैं। उनकी सेवा करोगे तो स्वर्ग मिलेगा।”

दैनिक भास्कर के अनुसार, FIR में कहा गया है, “सभा में आरोपितों ने लोगों से कहा कि देवी-देवताओं की मूर्तियाँ तोड़कर फेंक दो। सभा में आने वालों को 10,000 रुपए बोनस और फ्री इलाज का लालच दिया गया। लगातार आने पर बोनस बढ़ने की बात भी कही। जब हमने विरोध किया तो रविंद्र ने कहा- भाग जा यहाँ से, वरना यीशु तुझे भस्म कर देंगे। तेरे देवता यीशु के सामने नहीं रुक सकते।”

पुलिस की जाँच में रविंद्र के घर से करीब 5 बाइबिल और ईसाई धर्म की अन्य प्रचार सामग्री मिली है। उन सबको जब्त कर लिया गया है। आरोपित रविन्द्र कुमार के मोबाइल में कई वॉट्सऐप ग्रुप भी मिले हैं। इनमें लोगों को सेंटर से जुड़ने को लेकर मैसेज किए गए थे। पुलिस इस मामले में रविंद्र कुमार के बैंक खातों को खंगाल रही है और फंडिंग के स्रोत के बारे में पता लगा रही है।

विहिप के जिला अध्यक्ष लाखन सिंह ने बताया कि रविंद्र कुमार भरतपुर के अजान गाँव का रहने वाला है। वह कई सालों से भरतपुर में धर्म परिवर्तन का सेंटर चला रहा है। इसमें उसकी पत्नी भी साथ देती है। रविंद्र की पत्नी ने चंडीगढ़ में धर्म परिवर्तन की ट्रेनिंग ली। इसके बाद दोनों ने धर्म परिवर्तन का सेंटर शुरू किया। वे गाँव-गाँव और बस्तियों में जाकर लोगों को ईसाई धर्म के बारे में बताने लगे।

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क्यों अदालतें कह रहीं- धर्मांतरण रोको, घुसपैठियों को भगाओ?

लाखन सिंह ने बताया कि रविंद्र ने अपने घर से देवी-देवताओं की तस्वीरें निकालकर नाली में फेंक दी थी। अजान गाँव के लोगों को जब पता चला तो उसे और उसकी बीवी को पीटकर गाँव से भगा दिया। उसके बाद दोनों भरतपुर के एकता विहार कॉलोनी में प्लाॅट लेकर उस पर धर्मांतरण सेंटर चलाने लगे। वहाँ से लोगों ने भगाया तो वे रेलवे फाटक आ गए। इस दौरान इस काम में रविंद्र का भाई भी जुड़ गया।

कन्हैयालाल की हत्या के बाद अब भरतपुर में भी 2 लोगों को जान से मारने की धमकी

     '10 दिन में सर तन से जुदा': उदयपुर के बाद अब भरतपुर में भी 2 लोगों को धमकी (फोटो साभार: दैनिक भास्कर)
भाजपा से निलंबित चल रहीं नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में उदयपुर में कट्टरपंथियों द्वारा दर्जी कन्हैयालाल का सर कलम किए जाने की घटना के बाद अब भरतपुर (राजस्थान) में 2 और लोगों को 10 दिन में ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है।
'जिसके भड़काने यानि शिवलिंग पर अभद्र टिप्पणी का जवाब इस्लामिक किताब में लिखी जिस बात को नूपुर द्वारा बोले जाने को पैगम्बर का अपमान बता देश में उपद्रव मचाया हुआ है, जुलाई 7 को News18 पर आये अपनी भोली शक्ल लिए तस्लीम रहमानी को एंकर अमिश देवगन और सुश्री सुभिहि खान द्वारा घेरे जाने पर सफ़ेद झूठ बोल अपने आपको बेगुनाह साबित करते रहे, सुभिहि ने स्पष्ट कहा "क्यों नहीं आपकी गिरफ़्तारी की मांग हो रही, नूपुर से बड़े दोषी आप हो। आपने हिन्दुओं के भगवान शिव का अपमान किया है।"(देखिए नीचे ट्वीट)  लेकिन धन के लालच में हत्या में लिप्त होने वाले सच्चाई से गुमराह हो रहे हैं कि हत्या कर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं, जबकि हत्या के लिए उकसाने और धन का लालच देने वाले उकसाने के बाद छुपे-छुपे फिरते हैं, इतने जीवट हो तो लोगों को उकसाकर क्यों भागते हो? सरकार को ऐसे लोगों पर किसी तरह का कोई रहम नहीं दिखाना चाहिए। इनसे कोई यह पूछे क्या दंगे-फसाद करवाकर मोदी को हटाओगे? इस तरह मोदी को और मजबूत कर रहे हो। जिन मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरना चाहिए, किसी एक पर भी कोई नहीं बोलता, क्यों? किस बात के नेता हो? इनकी हिन्दू विरोधी हरकतें सदियों से सोये हिन्दुओं को जगा रहा है। देखिए ऊपर वीडियो।   

ताजा मामला भरतपुर के कैथवाड़ा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह धमकी वाला पत्र 104 नंबर एंबुलेंस के ड्राइवर को थमाया गया था। इसमें एक किराना व्यापारी और एक सरकारी शिक्षक का नाम लिखा था। इसके साथ ही लिखा था ‘सर तन से जुदा 10 दिन के अंदर।’ दोनों ही नामों के आगे क्रॉस का मार्क बनाया गया था। ड्राइवर ने इस लेटर को पहाड़ी पुलिस को दिया, जिसके बाद दोनों ही व्यक्तियों को सुरक्षा दी गई है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मामले में ड्राइवर मुकेश शर्मा ने पहाड़ी थाने में इस मामले में एक केस दर्ज कराया है।

पुलिस को दी गई शिकायत में मुकेश ने बताया है कि ये घटना 6 जुलाई 2022 की है, जब वो एंबुलेंस लेकर पहाड़ी की ओर आ रहा था। उसी दौरान अपाचे बाइक से दो लोग आए और खंजर दिखाकर कहा कि ये पर्ची ले जाकर अपने गाँव में दे दे। पुलिस को कुछ बताया तो तुझे मार देंगे। खास बात ये कि बाइक भी बिना नंबरों के थी।

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क्या कहती है पुलिस

इस घटना को लेकर पहाड़ी थाने के एसएचओ शिव लहरी ने ड्राइवर मुकेश द्वारा शिकायत किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा मुकेश कैथवाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राव गाँव का रहने वाला है। पर्चियों में जिन दो व्यक्तियों के नाम हैं, उनमें एक सतीश सेठ का है और दूसरा प्रमोद मास्टर का है। ये दोनों भी राव गाँव के ही रहने वाले हैं। खास बात ये है कि दोनों ही व्यक्तियों ने सोशल मीडिया से दूरी बना रखी है।