नूपुर शर्मा द्वारा इस्लामिक किताब का हवाला देने से उपजे विवाद में कन्हैया लाल की हत्या ने हिन्दुओं में जागृति का जो काम किया है, वह मुस्लिम कट्टरपंथियों और छद्दम धर्म-निरपेक्ष नेता एवं पार्टियों के लिए बहुत खतरनाक होने जा रहा है। हिन्दुओं का सिर्फ अजमेर दरगाह पर जाना कम नहीं हुआ, यह सभी जगह शुरुआत हो चुकी है। दूसरे, चर्चाओं में एक बात जरूर निकला कर आ रही है कि हिन्दुत्व को जितना अधिक नुकसान सूफिज्म ने किया है, उतना किसी अन्य ने नहीं। यहाँ शाम होते ही हिंदू ही हिंदू दिखते थे। दो बजे से रात के 11 बजे तक हिंदू खूब आते थे। लेकिन अब कम आने लगे हैं। आप बाहर देखिए कोई नजर आ रहा है…यह कहना है दिल्ली स्थित हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह के दीवानअली मूसा निजामी का हैं। निजामी के अनुसार वे 84 साल के हैं और उन्होंने कई दौर देखे। पर ऐसा दौर नहीं देखा। उनके मुताबिक ये ‘नफरत’ अभी और बढ़ेगी। उनका दावा है कि इसी नफरत के प्रचार ने दरगाह पर आने वाले हिंदू कम कर दिए हैं।
निज़ामी के अनुसार निजामुद्दीन की दरगाह पर आने वाले हिंदुओं की संख्या में सालभर के भीतर करीब 60 फीसदी गिरावट आई है। वे बताते हैं कि पहले यहाँ खूब हिंदू आते थे। हर रोज। दोपहर के 2 बजे से रात के 11 बजे तक दरगाह पर आने वालों में खूब हिंदू होते थे। लेकिन अब इक्का-दुक्का हिंदू ही आते रहते हैं। उन्होंने बताया कि पहले यहाँ हिंदू भंडारे भी करते थे। करीब-करीब रोज। अन्न-पैसा बाँटते थे। लेकिन अब वैसी स्थिति नहीं रही।
निजामुद्दीन की गली से हिंदू गायब
निजामी जो बता रहे थे वह 17 जुलाई 2022 को जब ऑपइंडिया की टीम दरगाह पर गई तो दिख भी रहा था। मुख्य सड़क से उतरकर हमने जब दरगाह का रास्ता पकड़ा तो चहल-पहल थी। पर हिंदू नजर नहीं आ रहे थे। न रास्ते में, न दरगाह के भीतर। दरगाह में करीब 2 घंटे बिताने के बाद जब हम लौट रहे थे तब भी यही हाल था।
यह बताने वाले कई मिले कि रात के 2 बजे तक यहाँ इस तरह की चहल-पहल रहती है। लेकिन, कोई यह कैमरे पर कबूल करने को तैयार नहीं था कि अजमेर की दरगाह की तरह यहाँ आने वाले भी कम हुए हैं और उसका असर रोजी-रोजगार पर भी पड़ रहा। खुद निजामी भी शुरुआत में सूफीवाद की शान में कसीदे पढ़ते हुए हमें बताते रहे कि यहाँ हर कौम के लोग आते हैं। हिंदू-मुस्लिम, सरदार भी। लेकिन सवाल दर सवाल जब वे खुलने लगे तो यह सच स्वीकार कर लिया कि दरगाह पर आने वाले हिंदुओं की संख्या घटी है।
निजामी के अनुसार दरगाह पर आने वाले हिंदुओं की संख्या में गिरावट अचानक नहीं हुई है। करीब सालभर से ऐसा दिख रहा है। उनका कहना है कि हिंदुओं के बीच प्रचार किया जा रहा है कि ये कब्र है। यहाँ सजदा करने से कुछ नहीं होता। मंदिर जाओ (अपनी बात को वजनदार बनाने के लिए वे किसी दुबे जी का हवाला देते हैं। जो उनके अनुसार अमेरिका में रहते हैं। उनके मित्र हैं। दरगाह पर आते रहते हैं। दीवान के अनुसार उन्हें दुबे जी ने भी इस तरह के प्रचार की बातें बताई थी)।
निजामी आगे बताते हैं कि हिंदू भाई अच्छे लोग हैं, लेकिन ये जो प्रचार चल रहा वह उनमें नफरत पैदा कर रहा है। जब हमने उनसे नूपुर शर्मा को लेकर हुए हालिया विवाद, उदयपुर में कन्हैया लाल की निर्मम हत्या, अजमेर दरगाह से जुड़े लोगों की भड़काउ बयानबाजी के असर को लेकर सवाल किया तो उनका कहना था कि ये सब होता रहता है। हमेशा मजहब को लड़ाने में लोग लगे रहते हैं। लेकिन, ये दरगाह अमन का पैगाम देता है। मोहब्बत का पैगाम देता है। इन जगहों पर हिंदुओं का आना इसलिए कम हुआ है कि काफी समय से उनके बीच नफरत का प्रचार हो रहा। दरगाह के रास्ते में ही तबलीगी जमात का वह मरकज है जो कोरोना काल में कुख्यात हुआ था। उस घटना के असर को भी निजामी नकार देते हैं। वे कहते हैं कि उसका असर नहीं है। मरकज में केवल मुस्लिम आते हैं। ये हर कौम के लोगों की जगह है। लेकिन, इसका भी गलत तरीके से प्रचार हो रहा है।
हमने निजामी से पूछा कि जब कभी यहाँ हिंदू इतनी तादाद में आते थे तो क्या दरगाह वाली गली में उनकी भी दुकानें हैं? क्या वे दुकानें आज भी चल रही हैं? हँसते हुए निजामी ने हमारे सवाल का जवाब तो नहीं दिया, लेकिन ये बताया- मेरा नौकर हिंदू है। यहाँ सेवा करने वाले कई हिंदू हैं।
कन्हैयालाल के कातिलों और पाकिस्तान के सम्पर्क में भारत के 25 राज्यों से 300 संदिग्धों का दावा (फाइल फोटो)
नूपुर शर्मा के जिस बयान पर कट्टरपंथियों ने लोगों को भड़काकर छुपे-छुपे फिर रहे हैं, और उपद्रवियों को काम पर लगा दिया। इनमें से अधिकतर को शायद यह भी नहीं मालूम होगा कि नूपुर ने क्या बोला है और किसके उकसाने में इस्लामिक किताब का हवाला देते हुए कहा है, जिसे पैगम्बर का अपमान बता उपद्रव मचवा दिया।
राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की हत्या की जाँच कर रही एजेंसियों को कातिलों रियाज और गौस मोहम्मद के पाकिस्तान से कनेक्शन का पता चला है। इस पूरे मामले में दावत ए इस्लामी संगठन की मुख्य भूमिका सामने आ रही है। दावा है कि रियाज़ और गौस पाकिस्तान के जिन 18 नंबरों से लगातार सम्पर्क में थे उन्ही नंबरों से देश भर में लगभग 300 अन्य लोग भी जुड़े थे। पाकिस्तान में लगातार बात करने वाले ये 300 लोग देश के 25 राज्यों से हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्थान ATS इन नंबरों की जाँच और उनके रिश्तों की पड़ताल के लिए केंद्रीय एजेंसियों के सम्पर्क में है। NIA ये भी पड़ताल कर रही है कि कहीं उदयपुर की तरह कुछ और लोग तो आतंकियों के निशाने पर नहीं है ? पाकिस्तान से लगातर सम्पर्क में 25 प्रदेशों में जो 300 लोग पाए गए हैं उनमे से 250 लोग महाराष्ट्र, केरल, गुजरात, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान से हैं।
#BREAKING | कन्हैयालाल हत्याकांड में बड़ा खुलासा, 'आरोपी रियाज-गौस दावत-ए-इस्लामी के टच में थे'- सूत्र
हिन्दुओ को खुलेआम धमकी उसी दरगाह का चिस्ती दे रहा हैं जहाँ तुम टूरिस्ट बनके पैसे और चादर चढ़ाने जाते हो,अभी समय हैं संभल जाओ। pic.twitter.com/ZtqrgNPf75
पर्सनल लॉ खत्म हो और समान नागरिक संहिता लागू हो @narendramodi
— Ashwini Upadhyay (@AshwiniUpadhyay) July 9, 2022
क्या कट्टरता आज की समस्या है? बाबासाहेब अंबेडकर अपनी किताब थॉट्स ऑन पाकिस्तान में लिखते हैं कि 1926 में पहली ऐसी हत्या हुई थी जब स्वामी श्रद्धानंद को अब्दुल रशीद ने गोली मारी थी। pic.twitter.com/VAhmW04wZr
मुझे गर्व है की मैं भारतीय मुसलमान हूँ, सुनो कौम इस्लाम कहता है जिस देश मे रहते हो उस देश का संविधान ही शरिया है, इसलिए हिंदुस्तान संविधान से ही चलेगा ।
आगे से कोई गलती मत कर देना जिहादियों वरना ये भीड़ दूसरी तरफ़ मुड़ना भी जानती है। pic.twitter.com/ijabMGSAO9
— Sagar Kumar “Sudarshan News” (@KumaarSaagar) July 9, 2022
एजेंसियों ने 25 राज्यों को इस सूचना के साथ अलर्ट भी भेजा है। देश भर में पाकिस्तान से जुड़े उन 300 लोगों में अजमेर दरगाह का खादिम गौहर चिश्ती भी शामिल है जो कन्हैयालाल की हत्या के बाद से अब तक फरार है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बना था जिसमें पाकिस्तानी आकाओं के साथ भारत के लगभग 300 लोग थे। सुरक्षा एजेंसियाँ इन्हे संभावित स्लीपर सेल मान रही हैं।
जाँच एजेंसियाँ अपनी जाँच इस पर भी केंद्रित कर के रखी हैं कि जिस प्रकार से गौस मोहम्मद और गौहर चिश्ती आपस में जुड़े पाए गए है क्या उसी प्रकार देश के विभिन्न हिस्सों के इन 300 लोगों का भी आपस में कोई नेटवर्क है। इन सभी के आपस में भी लगातार बात होने की भी जानकारी मिली है। पुलिस न सिर्फ इन 300 संदिग्धों की कॉल डिटेल पर नजर रखे हुए है बल्कि इन सभी के बैंक डिटेल की भी जानकारी जुटाई जा रही है। इस से इनके फंडिग स्रोतों की तलाश की जाएगी।
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चिश्तियों के भड़काऊ बयान के बाद अजमेर में 90% घट गई रेस्टॉरेंट्स की कमाई, होटलों की बुकिंग्स रद्द
स्थानीय पुलिस लगातार फरार गौहर चिश्ती के लिए लगातार दबिश दे रही है। गौरतलब है कि गौहर चिश्ती ने कन्हैयालाल की हत्या से पहले अजमेर के दरगाह परिसर से सिर तन से जुदा के नारे लगाए थे। इसी के साथ गौहर के रियाज़ और गौस से लगातार सम्पर्क में होने का भी दावा किया जा रहा है।
'10 दिन में सर तन से जुदा': उदयपुर के बाद अब भरतपुर में भी 2 लोगों को धमकी (फोटो साभार: दैनिक भास्कर) भाजपा से निलंबित चल रहीं नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में उदयपुर में कट्टरपंथियों द्वारा दर्जी कन्हैयालाल का सर कलम किए जाने की घटना के बाद अब भरतपुर (राजस्थान) में 2 और लोगों को 10 दिन में ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है।'जिसके भड़काने यानि शिवलिंग पर अभद्र टिप्पणी का जवाब इस्लामिक किताब में लिखी जिस बात को नूपुर द्वारा बोले जाने को पैगम्बर का अपमान बता देश में उपद्रव मचाया हुआ है, जुलाई 7 को News18 पर आये अपनी भोली शक्ल लिए तस्लीम रहमानी को एंकर अमिश देवगन और सुश्री सुभिहि खान द्वारा घेरे जाने पर सफ़ेद झूठ बोल अपने आपको बेगुनाह साबित करते रहे, सुभिहि ने स्पष्ट कहा "क्यों नहीं आपकी गिरफ़्तारी की मांग हो रही, नूपुर से बड़े दोषी आप हो। आपने हिन्दुओं के भगवान शिव का अपमान किया है।"(देखिए नीचे ट्वीट) लेकिन धन के लालच में हत्या में लिप्त होने वाले सच्चाई से गुमराह हो रहे हैं कि हत्या कर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं, जबकि हत्या के लिए उकसाने और धन का लालच देने वाले उकसाने के बाद छुपे-छुपे फिरते हैं, इतने जीवट हो तो लोगों को उकसाकर क्यों भागते हो? सरकार को ऐसे लोगों पर किसी तरह का कोई रहम नहीं दिखाना चाहिए। इनसे कोई यह पूछे क्या दंगे-फसाद करवाकर मोदी को हटाओगे? इस तरह मोदी को और मजबूत कर रहे हो। जिन मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरना चाहिए, किसी एक पर भी कोई नहीं बोलता, क्यों? किस बात के नेता हो? इनकी हिन्दू विरोधी हरकतें सदियों से सोये हिन्दुओं को जगा रहा है। देखिए ऊपर वीडियो।
Prime Time debates in India have become a platform to encourage hate mongers to speak ill about other religions. @TimesNow's Anchor @navikakumar is encouraging a rabid communal hatemonger & a BJP Spokesperson to speak rubbish which can incite riots. Shame on you @vineetjaintimespic.twitter.com/lrUlkHEJp5
ताजा मामला भरतपुर के कैथवाड़ा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह धमकी वाला पत्र 104 नंबर एंबुलेंस के ड्राइवर को थमाया गया था। इसमें एक किराना व्यापारी और एक सरकारी शिक्षक का नाम लिखा था। इसके साथ ही लिखा था ‘सर तन से जुदा 10 दिन के अंदर।’ दोनों ही नामों के आगे क्रॉस का मार्क बनाया गया था। ड्राइवर ने इस लेटर को पहाड़ी पुलिस को दिया, जिसके बाद दोनों ही व्यक्तियों को सुरक्षा दी गई है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मामले में ड्राइवर मुकेश शर्मा ने पहाड़ी थाने में इस मामले में एक केस दर्ज कराया है।
पुलिस को दी गई शिकायत में मुकेश ने बताया है कि ये घटना 6 जुलाई 2022 की है, जब वो एंबुलेंस लेकर पहाड़ी की ओर आ रहा था। उसी दौरान अपाचे बाइक से दो लोग आए और खंजर दिखाकर कहा कि ये पर्ची ले जाकर अपने गाँव में दे दे। पुलिस को कुछ बताया तो तुझे मार देंगे। खास बात ये कि बाइक भी बिना नंबरों के थी।
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फिर लगी नूपुर की जीभ की कीमत 2 करोड़ रूपए : सुप्रीम कोर्ट जजों की टिप्पणी के बाद मेवात से हुआ ऐलान
क्या कहती है पुलिस
इस घटना को लेकर पहाड़ी थाने के एसएचओ शिव लहरी ने ड्राइवर मुकेश द्वारा शिकायत किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा मुकेश कैथवाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राव गाँव का रहने वाला है। पर्चियों में जिन दो व्यक्तियों के नाम हैं, उनमें एक सतीश सेठ का है और दूसरा प्रमोद मास्टर का है। ये दोनों भी राव गाँव के ही रहने वाले हैं। खास बात ये है कि दोनों ही व्यक्तियों ने सोशल मीडिया से दूरी बना रखी है।
शांतिदूतों ने एक हिन्दू द्वारा उनकी इस्लामिक किताबों को लिखी बात को सार्वजनिक रूप से क्यों कहा, केवल इस अपराध के आक्रोश में कन्हैया लाल की जघन्न हत्या कर दी। मुस्लिम नेताओं और संगठनों द्वारा इस हत्या का इसलिए विरोध किया जा रहा है कि इन कातिलों ने खतरों के खिलाडी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ऐसे ही अंजाम की धमकी दी है। यदि नहीं, फिर कमलेश तिवारी की हत्या के समय कितने मुस्लिम संगठनों ने विरोध किया था? जबकि नुपूर शर्मा की उसी बात को विदेशी मौलाना ही सत्यापित कर रहे हैं। दिक्कत ये है कि नुपूर ने किसी इस्लामिक मीटिंग में कहने की बजाए टीवी पर तस्लीम रहमानी के उकसाने पर शिवलिंग का अपमान बर्दाश्त नहीं कर पाने पर कह दी। अगर नूपुर गुनहगार है तो उकसाने वाला भी कम गुनहगार नहीं। रहमानी ने कैसे समझ लिया कि हिन्दू देवी-देवताओं का मजाक बनाओ, हिन्दू इस्लाम के खिलाफ तो बोलेगा नहीं। नूपुर ने जो कुछ भी बोला क्या उनकी इस्लामिक किताबों में नहीं लिखा? नूपुर की भांति ये मौलाना भी क्या पैगम्बर का अपमान कर रहा है? इस मौलाना की तरह हिंदुस्तानी मौलाना क्यों बोलने की हिम्मत कर पा रहे? क्या है उनकी मजबूरी?
राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल साहू की 28 जून 2022 को बर्बर तरीके से हत्या कर दी गई थी। मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने टेलर शॉप में घुसकर उन्हें काट डाला था। हत्यारों ने घटना का खौफनाक वीडियो भी बनाया था। इस मामले में कन्हैया लाल के 20 वर्षीय बेटे ने जो FIR दर्ज कराई है, उससे भी कई हैरान करने वाले खुलासे होते हैं।
इसके मुताबिक हमले से पहले उनसे इस्लामी हत्यारों ने कहा था कि तुमने हमारे नबी के खिलाफ लिखा इसलिए तुम्हें जीने का कोई अधिकार नहीं। तुम काफिर हिन्दुओं को हम अंजाम तक पहुँचाएँगे। न्यूज़ 18 के अनुसार दर्ज एफआईआर में कन्हैया लाल के बेटे के हवाले से कहा गया है, “ये 2 हत्यारे देश के लोगों में आतंक और तनाव फैलाने के साथ निर्मम हत्याएँ करने का एक गैंग चलाते हैं। इन्होने पूरी प्लानिंग के साथ मेरे पिता की हत्या कर दी। इसके बाद इन्होने बाकी लोगों को भी धमकी दी है।”
अपनी शिकायत में कन्हैयालाल के बेटे ने कहा गई, दिन में करीब 3:30 पर एक रिश्तेदार ने मुझे फोन कर बताया कि मेरे पिता की दुकान के अंदर 2 लोगों ने हत्या कर दी है। मैं पहुँचा तो देखा कि मेरे पिता की लाश दुकान के बाहर पड़ी है और आस-पास काफी खून बिखरा है। उनकी गर्दन पर गहरे घाव थे। साथ ही उनके हाथों और सिर पर भी वार किया गया था। मेरी दुकान के एक स्टाफ राजकुमार ने मुझे बताया कि 2 लोग कुर्ता सिलवाने दुकान में आए थे। कुछ देर बाद उन्होंने अपने कपड़ों में छिपे हथियार बाहर निकाल लिए और मेरे पिता पर धमकी देते हुए हमला कर दिया।”
FIR के मुताबिक दुकान में मौजूद 2 कर्मचारियों ने कन्हैयालाल को बचाने की कोशिश की थी। लेकिन उन दोनों पर भी हमला कर दिया गया। इस दौरान एक कर्मचारी ईश्वर गौर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज चल रहा है। शिकायत में हत्यारों द्वारा शेयर किए गए वीडियो का भी जिक्र है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र को भी धमकी दी गई है।
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कन्हैया लाल की हत्या के बाद ओवैसी ने फिर की नूपुर शर्मा की गिरफ़्तारी की माँग, मजहब पर हुआ सवाल तो
कन्हैया लाल का अंतिम संस्कार 29 जून को किया गया। इस दौरान जन सैलाब उमड़ पड़ा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उनके शरीर पर घाव के 26 निशान थे। सभी घाव धारदार खंजर के थे। इसमें 8 से 10 घाव गर्दन के पास मिले। साथ ही हाथों, सिर व शरीर के कुछ अन्य हिस्सों पर भी वार किया गया था।
राजस्थान के उदयपुर में हिन्दू टेलर कन्हैया लाल की बेरहमी से इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा हत्या कर वीडियो बनाने को आतंक करार दिया गया है। हालाँकि, इसके साथ ही असदुद्दीन ओवैसी ने कन्हैया लाल (Kanhaiya lal murder ) के हत्यारों को नौजवान करार दिया है। ओवैसी ने हिन्दुओं को बाँटने की कोशिश करते हुए कहा कि वो आरएसएस की विचारधारा का विरोध करते हैं, हिन्दू विचारधारा का नहीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, एमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी मध्य प्रदेश के नगरीय चुनाव में अपनी पार्टी का प्रचार करने के लिए भोपाल आए हुए थे। श्यामला हिल्स स्थित एक होटल में ओवैसी ने मुस्लिमों को संबोधित करते हुए कहा कि डरना है तो केवल अल्लाह से डरना। याद रखो केवल रब्बोलालमीन से ही डरना। कन्हैया लाल की हत्या पर ओवैसी ने कहा, “उदयपुर में दो नौजवानों के एक हिन्दू टेलर का कत्ल कर दिया। मैं उसका खुला खंडन करता हूँ। कानून में किसी को भी कत्ल करने की इजाजत नहीं है।”
लेकिन जब प्रदर्शन और धरनों में 'सर तन से जुदा' के नारे लग रहे थे, तब किसी ने इनकी पहचान कर गिरफ़्तारी की मांग नहीं की, जो इस बात को साबित करता है कि सेकुलरिज्म और संविधान का सम्मान करने की आड़ में समर्थन था, चिंता मत करो पकडे गए तो victim card खेलेंगे। तुम्हे गरीब, बेरोजगार, मजलूम और मासूम कहकर बचाव करेंगे। कट्टरपंथी भूल रहे हैं कि बर्दाश्त की भी एक सीमा होती है, अभी सिर्फ नूपुर के प्रक्रिया करने से इतना उबाल आया है, सोंचिये। बैरिस्टर हो अगर पुलिस नूपुर को गिरफ्तार नहीं कर रही, सुप्रीम कोर्ट जाने की सलाह क्यों नहीं देते? जहां इस्लामिक किताबें खुलने पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। आखिर कब तक मासूमियत का ढोंग रच रहोगे? कब तक शिवलिंग और हिन्दू देवी-देवताओं का उपहास उड़ाया जाता रहेगा?
इसके साथ ही ओवैसी ने तर्क दिया कि अगर राजस्थान पुलिस चौकस होती तो ये घटना नहीं होती। उदयपुर की घटना को आतंकी घटना करार देने के सवाल पर ओवैसी ने कहा कि पहलू खान और अखलाक की हत्या भी आतंकी घटना है। उन्होंने कहा कि रूल ऑफ लॉ सभी के लिए समान होना चाहिए।
हालाँकि, आतंकवाद के धर्म के नाम पर भड़के ओवैसी ने सवाल को गोलमोल घुमाते हुए कहा कि आखिर महात्मा गाँधी को मारने वाले का क्या धर्म था। बैरिस्टर हो, कम से कम महात्मा गाँधी को मारने वाले नाथूराम गोडसे के कोर्ट में दर्ज 150 बयान ही पढ़ लेते, तो उसका धर्म नहीं देखते। दरअसल, गोडसे ने दूसरा पाकिस्तान बनने के मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया था।
नूपुर शर्मा पर उगला जहर
ओवैसी ने भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की माँग करते हुए केंद्र सरकार पर शर्मा के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। वहीं मध्य प्रदेश के खरगौन में पत्थरबाजों पर सरकार की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित करार दिया।
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‘मदरसों में सिखाते हैं ईशनिंदा पर गला काटना’: आरिफ मोहम्मद खान की दो टूक, कहा- हम गंभीर बीमारी को
नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद को लेकर दिए गए कथित बयान के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट को आगे बढ़ाने के कारण 28 जून को इस्लामिक कट्टरपंथी रियाज अंसारी और गौस मोहम्मद ने उनकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद से पूरे राजस्थान में उबाल है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले की जाँच अब एनआईए को सौंप दी है।