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‘मुस्लिमों की मॉब लिंचिंग’ पर याचिका लेकर पहुँचा वकील निजाम पाशा तो सुप्रीम कोर्ट ने दागा सवाल, कहा – सेलेक्टिव मत बनो; ‘कन्हैया लाल तेली का क्या?’

निजाम पाशा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने याद दिलाया कन्हैया लाल तेली हत्याकांड
आपको जून 2022 की घटना याद होगी, जब राजस्थान के उदयपुर में इस्लामी कट्टरपंथियों ने दर्जी कन्हैया लाल तेली का सिर कलम कर दिया। उनका अपराध सिर्फ इतना था कि उन्होंने नूपुर शर्मा का समर्थन किया था, वही नूपुर शर्मा जिन पर पैगंबर मुहम्मद के अपमान का आरोप लगाया गया और क़तर तक ने जिनके बयान पर आपत्ति जताई और भाजपा को अपने प्रवक्ता को निलंबित करना पड़ा। हालाँकि, नूपुर शर्मा शिवलिंग का अपमान किए जाने के बाद वही कह रही थीं जो इस्लामी किताबों में लिखा है।

अब सुप्रीम कोर्ट में उदयपुर के इस हत्याकांड के मामले का जिक्र आया है। असल में देश की सर्वोच्च अदालत मंगलवार (16 अप्रैल, 2024) को एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में अल्पसंख्यकों के खिलाफ मॉब लिंचिंग के अपराध बढ़ने का दावा करते हुए गोरक्षकों पर निशाना साधा गया था और तथाकथित पीड़ितों के लिए त्वरित वित्तीय मदद की व्यवस्था की माँग की गई थी। जस्टिस BR गवई, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस संदीप मेहता ने कन्हैया लाल तेली हत्याकांड का जिक्र करते हुए याचिकाकर्ताओं को सलाह दी कि वो ऐसे मामलों को लेकर वो सेलेक्टिव न बनें।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “राजस्थान के टेलर का क्या? कन्हैया लाल, जिनकी हत्या कर दी गई।” अधिवक्ता निजाम पाशा ये याचिका लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुँचे थे। गुजरात सरकार की तरफ से पेश हुईं वकील अर्चना पाठक दवे ने कहा कि याचिका में सिर्फ मुस्लिमों की मॉब लिंचिंग की बात है, जबकि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है सबको सुरक्षा देना। जस्टिस गवई ने पाशा से कहा कि आप कोर्ट में क्या कह रहे हैं इसे लेकर सतर्क रहें। याचिका में मुस्लिमों की भीड़ द्वारा हत्या की वारदातें बढ़ने का दावा किया गया था।

 वकील निजाम पाशा ने इस दौरान मध्य प्रदेश और हरियाणा से भी एकाध मामले उठा-उठा कर कोर्ट का ध्यान खींचने की कोशिश की। ये वही वकील है, जो ‘लव जिहाद’ की कलई खोलने वाली फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ को ऑडियो-विजुअल प्रोपेगंडा बताते हुए इस पर बैन लगाने की माँग लेकर सुप्रीम कोर्ट गया था। इतना ही नहीं, बुर्का-हिजाब के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में उसने कुरान का हवाला देते हुए कहा था कि इसे पहनने वाली महिलाओं से छेड़खानी करने वाले डरते हैं और ये समझते हैं कि ये एक मजबूत महिला है, इसका समुदाय इसके पीछे खड़ा है। निजाम पाशा ज्ञानवापी सर्वे के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट गया था।


राजस्थान : चैत्र नवरात्रि के पहले दिन ईडाणा माता ने ढाई घंटे तक किया अग्नि स्नान, प्रतिमा को आँच तक नहीं आई: दर्शन के लिए उमड़ा भक्तों का हुजूम, देखिए Video

ईडाना माता मंदिर में हिंदू नव वर्ष के पहले दिन अग्नि स्नान
राजस्थान के मेवाड़ स्थित शक्ति पीठ ईडाणा माता ने चैत्र नवरात्रि के पहले दिन अग्रि स्नान करके भक्तों को दर्शन दिया। बताया जा रहा है कि सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर माता की प्रतिमा के चारों ओर आग की लपटें उठती दिखीं, फिर आधे घंटे तक माँ के दर्शन हुए।

ये आग की लपटें करीबन ढाई घंटे तक प्रतिमा के पास जलती रहीं। इस दौरान धीरे-धीरे माँ पर चढ़ाई जाने वाली चुनर और धागे सब भस्म हो गए लेकिन माँ की प्रतिमा वैसी की वैसी रही। करीबन 12:30 बजे जब आग शांत हुई तो माता का फिर से नया श्रृंगार किया गया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, ईडाणा माता स्थित गायत्री धाम के आचार्य शैलेश त्रिवेदी ने माता के अग्नि स्नान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अग्निस्नान को लेकर कोई दिन और समय तय नहीं है। यह संयोग है कि इस बार हिंदू नव वर्ष के दिन अभिजीत मुहूर्ज में अग्नि स्नान शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि जब आसपास के लोगों को आज के दिन माता के स्नान के बारे में पता चला तो मंदिर में भक्तों की भीड़ लग गई। पिछले साल भी माता ने अग्निस्नान करके अपने दर्शन चैत्र नवरात्रि में दिए थे। 2022 में माता ने 28 मार्च को अग्नि स्नान किया था। 2021 में माता ने 2 बार स्नान किया था। एक 9 मार्च 2021 को और फिर 14 मार्च 2021 को।

उदयपुर से करीब 60 किलो मीटर दूर कुराबड़- बम्बोरा मार्ग पर अरावली की पहाडिय़ों के बीच स्थित ईडाणा माता का यह मंदिर हजारों वर्ष प्राचीन है। मान्यता है कि महाभारत काल में इस मंदिर की स्थापना की गई थी। अग्निस्नान देखने के लिए लोग यहाँ विदेशों से भी आते हैं। लेकिन कोई तिथि तय नहीं होने के कारण ज्यादातर मौकों पर लोगों को निराश होकर ही लौटना पड़ता है। इस मंदिर की देवी ईडाणा माता को स्थानीय रजवाड़े अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते आए हैं।

यहाँ माता का कोई भव्य मंदिर नहीं है। ईडाणा माता बरगद के वृक्ष के नीचे विराजमान हैं। माता के सिर के ऊपर कोई शिखर भी नहीं है। माता खुले आसमान के नीचे निवास करती हैं। माँ की मूर्ति के पीछे केवल मनोकामना पूरी होने पर भक्तों की ओर से चढ़ाई जाने वाली चुनरी और त्रिशूलों का सुरक्षा कवच मौजूद है।

यह घटना किसी आश्चर्य से कम नहीं है कि अग्नि स्नान के बाद भी माता की प्रतिमा वर्षों पहले जैसी थी आज भी वैसी ही है जबकि ईडाणा माता के अग्निस्नान के समय उठने वाली लपटों से कई बार उस बरगद के पेड़ तक को नुकसान पहुँचा हैं जिसके नीचे सदियों से माता रानी विराजमान हैं। इस शक्ति पीठ की विशेष बात यह है कि यहाँ माँ के द्वार और दर्शन चौबीस घंटे खुले रहते हैं और माना जाता है कि यहाँ आकर लकवाग्रस्त मरीज ठीक हो जाते हैं। ईडाणा माता परिसर में दर्शन के लिए माँ का दरबार, अखंड ज्योति दर्शन, धुनी दर्शन, रामदेव मंदिर व एक बड़ी भोजनशाला है।


कपड़े सिलवाने के बहाने आते हैं, दर्जी का गला काट देते हैं… मोदी ने चित्तौड़गढ़ में उठाया कन्हैया लाल तेली की हत्या का मुद्दा

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई विकास योजनाओं की नींव रखी। उन्होंने कहा कि राजस्थान का चहुँमुखी विकास सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। चित्तौड़गढ़ में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने अशोक गहलोत की सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने उदयपुर की घटना को महापाप करार दिया, तो महिला आरक्षण पर कांग्रेस पार्टी के स्टैंड को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने राजस्थान में भ्रष्टाचार को लेकर भी गहलोत पर हमला बोला।

कांग्रेस ने राजस्थान को लूटने में कोई कमीं नहीं छोड़ी

मोदी ने चितौड़गढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “यहाँ अशोक गहलोत सोते-जागते मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने में लगे थे और आधी कांग्रेस उनकी कुर्सी गिराने में जुटी थी। जनता को अपने हाल पर छोड़कर ये लोग आपसी लड़ाई में व्यस्त रहे। कांग्रेस ने राजस्थान को लूटने में कोई कमी नहीं छोड़ी।” उन्होंने आगे कहा, “5 साल में कांग्रेस सरकार ने राजस्थान की साख को तबाह कर दिया है। मैं बहुत दुखी मन से कहता हूँ कि जब अपराध, दंगे, महिलाओं-दलितों पर अत्याचार की बात होती है तो राजस्थान टॉप पर आता है। मैं बहुत दुःख के साथ आपने पूछता हूँ कि क्या 5 साल पहले आपने इसलिए राजस्थान को वोट दिया था?”

उदयपुर में हुआ महापाप

पीएम मोदी ने कहा कि उदयपुर में जो हुआ उसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि लोग कपड़े सिलवाने के बहाने आते हैं और बिना किसी डर या खौफ के दर्जी का गला काट देते हैं, इस मामले में भी कांग्रेस को वोट बैंक नजर आया। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि उदयपुर दर्जी हत्याकांड में कांग्रेस पार्टी ने क्या किया, वोट बैंक की राजनीति की? बता दें कि भाजपा की निलंबित नेता नूपुर शर्मा का समर्थन करने के कारण कन्हैया लाल तेली की हत्या कर दी गई थी, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था।

मोदी ने दी राजस्थान को गारंटी

मोदी ने कहा, “आज मैं राजस्थान के हर गरीब, दलित, पिछड़े और आदिवासी परिवारों को गारंटी दे रहा हूँ कि हर गरीब को पक्की छत, पक्का घर दिया जाएगा। हमने राजस्थान के लाखों लोगों को पाइप से पानी पहुँचाने की गारंटी दी है। आज एक राज्य दूसरे राज्य को पानी देने से मना करता है, दोनों राज्यों में लड़ाई होती है लेकिन ये मेरी गारंटी थी कि अगर नर्मदा का पानी गुजरात को मिलता है और राजस्थान को जरूरत है तो राजस्थान को भी मिलेगा। आज बिना किसी विवाद के राजस्थान के कई गाँव, जिलों में नर्मदा का पानी पहुँच रहा है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चितौड़गढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “राजस्थान के नौजवानों के साथ जो धोखा किया गया है भाजपा उसकी तह तक जाएगी। यहाँ के पेपर लीक माफिया का पाताल में भी जाकर हिसाब किया जाएगा। मैं आपको भरोसा देता हूँ कि नौजवानों के भविष्य के साथ जिसने खिलवाड़ किया है ऐसे पेपर लीक माफिया को छोड़ा नहीं जाएगा, कड़ी सजा दिलाई जाएगी।”

‘कांग्रेस की विदाई की उल्टी गिनती शुरू’

मोदी ने कहा, “सीएम अशोक गहलोत को पता है कि कांग्रेस की विदाई की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। खुद गहलोत जी को भरोसा है कि वो जा रहे हैं और इसीलिए उन्होंने पहले ही भाजपा को बधाई दे दी है। उनकी गुजारिश है कि राजस्थान में भाजपा की सरकार बनने के बाद उनकी योजनाएं बंद न की जाएँ। मैं सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने के लिए गहलोत जी को धन्यवाद देना चाहता हूँ कि राजस्थान में भाजपा सत्ता में आएगी।”

कांग्रेस नहीं चाहती महिलाओं को हक मिले

चित्तौड़गढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कांग्रेस के घमंडिया गठबंधन के नेता महिलाओं को लेकर कैसी अपमानित करने वाली बातें कर रहे हैं यह हम आए दिन देखते हैं। ये इस (महिला आरक्षण) कानून से नाराज़ हैं, ये नहीं चाहते कि महिलाओं को उनका हक मिले इसलिए जाति-धर्म के नाम पर भ्रम फैला रहे हैं।”

‘सर तन से जुदा’ कर देने वाले उदयपुर में अब LOVE JIHAD; नहीं रुक रहा लव-जिहाद का फसाद

भारत में चल रहा लव-जिहाद क्या मुग़ल काल की वापसी करवाने का षड्यंत्र है? लेकिन प्रेमजाल में फंसने के लिए हिन्दू लड़कियों को भी सतर्क रहने की जरुरत है। 
राजस्थान की गहलोत सरकार के राज में लेकसिटी एक बार फिर सुर्खियों में है। अफसोस की बात है कि दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करने वाला उदयपुर फिर नकारात्मक कारणों से चर्चा में है। पहले इसी उदयपुर में क्रूर आतंकियों ने नृशंसता से दर्जी की हत्या करके उसका वीडियो दुनियाभर मे वायरल किया था। पिछले साल उदयपुर जिले में लव जिहाद का मामला इतना तूल पकड़ा की आदिवासी युवती की मां को खुदकुशी करनी पड़ी। एक बार फिर लेक सिटी में लव जिहाद का मामला गर्मा गया है। हिंदू लड़की पर जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए प्रताड़ित करने वाले मुस्लिम युवक ने ‘दिल्ली के साक्षी मर्डर’ जैसा हाल करने की लड़की को धमकी तक दी है। लड़की का एक वीडियो भी वायरल है, जिसमें वो कहते सुनी गई कि आरोपी ने उसे 31 मई तक का समय देते हुए बुर्का पहन कर आने को कहा था। साथ ही धमकी दी थी कि अगर उसने बात नहीं मानी, तो वो टुकड़े-टुकड़े करके उसका शव मां को दे देगा।

छत्तीसगढ़ में लिवइन पार्टनर को जबरन अबॉर्शन की गोलियां खिलाकर मारा

कांग्रेस की ही एक और छत्तीसगढ़ सरकार के राज में लव जिहाद का मामला सामने आया है। मामला छत्तीसगढ़ के रायगढ़ का है। यहां पर हिंदू लड़की दानिश खान नाम के युवक के साथ लिवइन रिलेशनशिप में थी। इसी दौरान वो प्रेग्नेंट हो गई, लेकिन उसका लिव इन पार्टनर बच्चे को दुनिया में नहीं लाना चाहता था। लिहाजा उसने अपनी प्रेमिका को जबरन ही अवॉर्शन की दवाएं खिला दीं, जिसके बाद युवती की तबीयत बिगड़ती चली गई और उसने इलाज के दौरान उसने अस्पताल में तोड़ दिया दम। पुलिस के मुताबिक युवती दानिश खान नाम के शख्स के साथ लिव इन रिलेशनशिप में थी। मौत के पहले दिए अपने बयान में युवती ने दानिश पर मारपीट करने के अलावा और भी गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की SIT जांच की मांग की है। पूर्व आईएएस ओपी चौधरी ने इस मामले को लव जिहाद का मामला बताते हुए युवक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। युवती की इस मौत ने सिस्टम और लव जिहाद पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

चूरू में झांसा देकर रेप किया, धर्म परिवर्तन कर निकाह न करने पर छोड़ भागा

राजस्‍थान के उदयपुर के अलावा चूरू में भी लव जिहाद का केस सामने आया है। चूरू जिले के तारानगर में 22 साल की लड़की को शादी का झांसा देकर युवक ने उसके साथ रेप किया। युवती ने आरोप लगाया कि युवक ने उसके सामने धर्म परिवर्तन कर निकाह करने की शर्त रखी। यदि वह धर्म परिवर्तन करके मुस्लिम नहीं बनेगी, तो वह उसे नहीं अपनाएगा। युवती ने रिपोर्ट दी कि निसार डेढ़ माह पहले उसके गांव में रंगाई पुताई का काम करने आया था। तब उसकी जान पहचान हो गई थी। प्रेम जाल में फंसाकर निसार ने रेप किया। शादी का झांसा दिया। 20 मई को कोर्ट मैरिज के नाम पर उसे जयपुर ले गया। फिर होटल में रेप किया। मारपीट के बाद उसे अकेला छोड़कर चला गया।

 जान से मारने और दिल्‍ली की साक्षी जैसा हाल करने की धमकी

उदयपुर में युवती की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी युवक, उसके भाई व पिता को अरेस्‍ट कर कोर्ट में पेश किया। युवती का आरोप है कि युवक ने उसे प्रेम जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन के बाद शादी करने का दवाब बना था। चित्‍तौड़गढ़ की रहने वाली एक युवती उदयपुर में निजी कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। उसने उदयपुर के अंबामाता पुलिस थाने में रिपोर्ट दी कि आयड निवासी मोहम्‍मद आसिफ ने पहले दोस्‍ती की। कुछ समय बाद युवती ने दोस्‍ती तोड़नी चाही तो आसिफ उस पर जबरन धर्म परिवर्तन कर शादी का दबाव बनाने लगा। ऐसा नहीं करने पर उसको जान से मारने और दिल्‍ली की साक्षी जैसा हाल करने की धमकी दी। उदयपुर के अंबामाता पुलिस ने बुधवार को युवती की शिकायत पर विभिन्‍न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने देर रात आरोपी को अरेस्‍ट कर गुरुवार सुबह कोर्ट में पेश किया।

लव जिहाद के चलती आदिवासी युवती की मां ने कर ली खुदकुशी
पिछले साल फरवरी में भी उदयपुर में लव जिहाद का मामला सामने आया था। तब जिले के आदिवासी क्षेत्र कोटडा में लव जिहाद के चलते युवकी की मां ने खुदकुशी कर ली थी। इस मामले में एक मुस्लिम युवक आदिवासी युवती को भगाकर ले गया। जिसको लेकर आदिवासी इलाके में तनाव का माहौल बन गया और आदिवासी लोग एकत्रित होकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। जब पुलिस-प्रशासन ने कोई संतोषजनक कार्यवाही नहीं की तो युवती की मां ने विषाक्त सेवन कर अपनी जान दे दी। इससे लोग और आक्रोशित हो गए। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर जुड़ा गांव के कैफ पुत्र पप्पू खां के खिलाफ अपहरण का मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं की। न ही युवती बरामद हो पाई। इस मामले ने इतना तूल पकड़ा के सैकड़ों आदिवासी वहां एकत्रित हो गए और धरना शुरू कर दिया। हिन्दूवादी संगठन भी आदिवासियों के समर्थन में शामिल हो गए।

दिल्ली की साक्षी ही नहीं बहकावे में आकर देशभर में बेटियां हो रहीं लव जिहाद की शिकार

देश में लव जिहाद का फन कैसे निरंतर फुफकार रहा है, दिल्ली की नाबालिग साक्षी की निर्मम हत्या इसका ताजातरीन उदाहरण है। पिशाच बने साक्षी के कातिल साहिल खान ने इस भोली-भाली लड़की के सपनों, भरोसे और विश्वास का ही खून नहीं किया, बल्कि यह भी साबित किया है कि #TheKeralaStory सिर्फ फिल्मी पर्दे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हकीकत में भी कई हिंदू लड़कियां लव जिहाद की शिकार हो रही हैं। इससे पहले भी एनसीआर में ही श्रद्धा वाकर और निकिता तोमर भी लव जिहाद की भेंट चढ़ चुकी हैं। जैसे केरला स्टोरी महिलाओं पर अंतहीन अत्याचार, महिलाओं के धर्मांतरण और लव जिहाद की जुगुत्सा का जीवंत चलचित्र है। वैसे ही देश के कई हिस्सों में लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर लव जिहाद का शिकार बनाया जा रहा है। साक्षी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चाकू के 16 जख्म पाए गए हैं। लोगों में इसे लेकर काफी गुस्सा है और सोशल प्लेटफार्म पर इसे जाहिर भी कर रहे हैं। साक्षी नाम की यूजर ने ट्विटर पर लिखा है, ‘श्रद्धा, साक्षी, निकिता और ना जाने कितनी लड़कियां रोज लव-जिहाद और नफरत का शिकार हो रही हैं। अगर अपनी बहन या बेटी पर ऐसा वहशी हमला होता तो भी क्या ये लोग ऐसे ही चलते चले जाते। ऐसे लोगों का सीधे एनकाउंटर होना चाहिये।

दरिंदे साहिल ने चाकू के किए कई वार, पत्थर से सिर फोड़ा, पर कोई पछतावा नहीं
राजधानी दिल्ली के शाहबाद डेरी इलाके से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां साहिल खान नाम के एक 20 वर्षीय दरिंदे शख्स ने 16 साल की नाबालिग लड़की को बेहरमी से मार डाला। दिल्ली पुलिस ने साहिल को यूपी के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है। साहिल की गिरफ्तारी के दौरान की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें साहिल के हाथ में कलावा बंधा दिख रहा है। साहिल को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के मुताबिक साहिल इस कदर वहशी बना हुआ था कि वो साक्षी को कई दिनों से चाकू लेकर ढूंढ रहा था। जब लड़की उसे दिखी तो बिना समय गंवाए साहिल ने उसपर बेरहमी से चाकू के वार पर वार कर दिए। दरिंदे का दिल इसमें भी नहीं भरा तो बड़ा सा पत्थर लेकर उसके सिर पर दे मारा, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी साहिल खान को बुलंदशहर के अटेरना गांव से गिरफ्तार किया गया। जिसके बाद उसे बवाना थाने में रखा गया। पुलिस अधिकारीयों का कहना है कि साहिल को अपने किये का कोई पछतावा नहीं है। रात भर थाने में उसकी गतिविधियां भी सामान्य थीं। पुलिस की अलग-अलग यूनिट साहिल से पूछताछ कर रही है।

सोशल प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर कई और लड़कियों से भी गांठ रखी थी दोस्ती
पुलिस की पूछताछ में साहिल ने मृतक लड़की साक्षी और अन्य दोस्तों के बारे में भी जानकारी दी है। आरोपी साहिल खान के इंस्टाग्राम चैट्स से पता चलता है कि उसकी कई लड़कियां दोस्त थी। जिनसे उसकी लगातार बात होती थी और शायद यही वजह थी कि साक्षी उसे छोड़ना चाहती थी। जानकारी के मुताबिक लड़की के पहले बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद साहिल ने उसे प्रपोज किया था। साहिल के इंस्टाग्राम से पता चलता है कि साहिल लड़की को धोखा दे रहा था और शायद यही वजह थी कि साक्षी उसे छोड़ना चाहती थी। साहिल को ये बात नागवार गुजरी और उसे लड़की पर इतना गुस्सा आया कि उसने साजिश रच कर साक्षी की बेरहमी से हत्या कर डाली। फिलहाल आरोपी साहिल खान पुलिस हिरासत में है और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

कब तक सहेंगे, ऐसे दरिंदे गली-गली बना रहे हैं केरला स्टोरी- मिश्रा
बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने जघन्य हत्याकांड को लव जिहाद से जोड़ा है, उन्होंने कहा है कि गली-गली केरला स्टोरी बनाई जा रही है। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट करते हुए इसे लव जिहाद का मामला बताया है। उन्होंने कहा, ‘ये है मोहम्मद साहिल s/o सरफराज। इसी हैवान ने दिल्ली में नाबालिग हिंदू लड़की को बेरहमी से चाकुओं से गोद गोद कर मार डाला। इस साहिल के हाथ में कलावा कैसे ? ये लव जिहाद है। ये बेटियों के खिलाफ सुनियोजित हमला है। साहिल के मास्टर माइंड कौन है?’ इससे पहले कपिल मिश्रा ने इस घटना को केरला स्टोरी जैसा बताया था। उन्होंने कहा था कि ‘गली-गली कितनी केरला स्टोरी, कितनी? कब तक बेटियों को इस तरह निर्दयता के साथ मारा जाता रहेगा?’ भाजपा नेता ने कहा कि इस दिल्ली में श्रद्धा के साथ ऐसा ही हुआ था, उसके हत्यारे को भी अभी तक फांसी नहीं हुई।’

‘संभलकर रहो बहनों, शराफत का चौला और कलावा पहनकर दरिंदे घूम रहे हैं
बीजेपी ने तो इस घटना को लव जिहाद का मामला बताया है, साथ ही सोशल मीडिया पर यूजर भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया जता रहे हैं। साक्षी नाम की यूजर ने ट्विटर पर लिखा, ‘श्रद्धा साक्षी और ना जाने कितनी लड़किया रोज लव जिहाद और नफरत का शिकार हो रही है,अगर अप नी बहन या बेटी पर ऐसा वहशी हमला होता तो भी क्या ये लोग ऐसे ही चलते चले जाते। जानवर सिर्फ वो नहीं, सब हैं। ऐसे लोगो का सीधे एनकाउंटर होना चाहिये। मयंक जौहरी नाम के यूजर ने लिखा ‘दिल्ली में 16 साल की साक्षी का मर्डर, आरोपी की पहचान साहिल पुत्र सरफराज के रूप में हुई। ये लव जिहाद नहीं तो क्या है ? द केरला स्टोरी यही है… और दिल्ली के लोग मूक दर्शक बने रहते है। पुलिस हर गली में नहीं हो सकती, खुद भी जिम्मेदार बनो।’ विकास शर्मा नाम के दूसरे यूजर ने इस मामले पर गृहमंत्री अमित शाह से संज्ञान लेने की अपील करते हुए कहा, ‘संभलकर रहो बहनों, शराफत का चौला पहनकर दरिंदे घूम रहे हैं। कलावा पहने हुए लव जिहाद करने का इनका एजेंडा चला हुआ लगता है।’

मुस्लिम युवा लव जिहाद की ऐसे सुनियोजित तरीके से रचते हैं साजिश

  1. स्कूलों में मुस्लिम लड़कियां अपनी हिंदू सहेलियों की सैटिंग अपने मुसलमान दोस्तों, भाइयों से करवाती हैं और खुद हिंदू लड़कों से बहुत दूर रहती हैं। क्योंकि स्कूलों में मुसलमान लड़के और लड़कियां झुंड बनाकर रहते हैं और वहां पर मुसलमान लड़कियों को ऐसा ही करने के लिए समझाया जाता है।
  2. कालेजों में भी हिंदू लड़कियों को फंसाने के लिए मुसलमानों की अलग से ही Fresher Party होती हैं जिसमें सभी लड़के-लड़कियों की आपस में पहचान करवाई जाती है। उनके दिमाग में डाला जाता है कि मुस्लिम लड़कियां क्यों और कैसे हिंदू लड़कों से दूर रहें? और मुस्लिम लड़के कैसे हिंदू लड़कियों के पास आएं?
  3. दरगाहों, मज़ारों, पीरखानों, कब्रों और मस्जिदों से मुस्लिम युवा एक विशेष किस्म का प्रसाद लेकर आते हैं, जिसे कि तव्वरुक्ख कहा जाता है। उसमें एक विचित्र प्रकार का नशीला पदार्थ मिला होता है।
  4. फेसबुक आदि सोशल साइयों के माध्यम से मुस्लिम युवा हिंदू लड़कियों को अनेकों नकली IDs बनाकर request भेजते हैं। भोली-भाली हिंदू लड़कियों से मीठी मीठी बातें करके पहले उनसे दोस्ती गहरी करते हैं। फिर उनसे उनकी निजी फोटो मांगते हैं। 
  5. वहीं मुसलमान लड़के उन फोटो के आधार पर लड़की को Blackmail करते हैं। जिससे हताश होकर बहुत सी लड़कियां उनके जाल में फंस जाती हैं और मजबूरन उनसे शादी तक कर लेती हैं।
  6. लड़कियों के स्कूलों पर पंचर लगाने वाले, सब्जी या फल बेचने वाले, चाय-थड़ी वाले मुसलमान कड़ी नज़र रखते हैं। हिंदू लड़कियों के बारे में अपनी पास की मस्जिदों में बताते हैं, जिससे कि तैयार हुए मुसलमान लड़के छुट्टी के समय मोटरसाइकिल लेकर हाथ में कलावा बांधकर, माथे पर टीका लगाकर हिंदू लड़कियों के आसपास मंडराते हैं और किसी न किसी को फंसा लेते हैं।
  7. ऐसे बुटीक या ब्यूटी पार्लर, जहां मुस्लिम महिलाएं काम करती हैं, वे वहां आने वाली हिंदू महिलाओं और लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने मुसलमान साथी लड़कों से सैटिंग करवाती हैं। उनके नंबर और घर के पते मुसलमान लड़कों को बताती हैं। जिससे वो इन्हें अपने जाल में फंसा लेते हैं।
  8. अधिकतर Jim Training Centres में मुस्लिम कोच जान बूझकर रखे जाते हैं। ताकि Jim करने वाली हिंदू लड़कियों पर हाथ साफ कर सकें।
  9. कपड़े सिलने वाले दर्जी, मोबाइल ठीक करने और रिचार्ज करने वाले कई मुसलमान दुकानें चलाते हैं। ये मुस्लिम कपड़े सिलाने या रिचार्ज करवाने आई हिंदू लड़कियों के नंबर अपने जिहादी दोस्तों को बांटते हैं।
  10. उनके नाम और पते की लिस्ट ये लोग अन्य साथियों को मुहैया करवाते हैं। जिसका चलते मुस्लिम लड़के हिंदू महिलाओं और लड़कियों का पीछा करना शुरू कर देते हैं।  
हैरानी की बात है कि ऐसा देश के कई हिस्सों में बेखौफ हो रहा है। ऐसे ही अनेकों तरीकों से लव जिहाद फैलाया जा रहा है और हिंदू लड़कियों को बरगलाकर, लालच-प्रलोभन देकर फंसाया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में ‘लव जिहाद’ में हत्या की शिकार हुई साठ हिन्दू बच्चियों का ब्यौरा। 

अंजुमन तालीमुल इस्लाम के बारे में: इसके सदर-सेक्रेटरी समेत आधा दर्जन NIA की हिरासत में

नेशनल इन्वेस्टिंग एजेंसी (NIA) की टीम ने 12 जुलाई, 2022 को अंजुमन तालीमुल इस्लाम के सदर मुजीब सिद्दिकी और सेक्रेट्री फारुक सहित करीब आधा दर्जन आरोपितों को उदयपुर में हिरासत में लिया है। सभी आरोपितों को जयपुर ले जाया गया और उनसे कन्हैयालाल की गर्दन काटकर जघन्य हत्या के मामले में पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि एनआईए की टीम इन सभी को कभी भी गिरफ्तार कर सकती है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हिरासत में लिए जाने से पहले, पिछली रात को ही उदयपुर के मुखर्जी चौक स्थित अंजुमन तालीमुल इस्लाम के सदर मुजीब सिद्दीकी के घर पर एनआईए ने तलाशी ली। इसी तरह, पूर्व सदर खलील अहमद सहित कुछ अन्य संदिग्धों को भी एनआईए ने हिरासत में लिया है। इनमें दो एडवोकेट और एक मौलाना भी बताए जा रहे हैं। वहीं आरोपितों के घर से हथियार बरामद होने की खबर भी सामने आई है।

चर्चा यह है कि नूपुर के खिलाफ बोलने वाले क्यों नहीं बोलते कि आखिर नूपुर ने नबी का किन शब्दों अपमान किया है, क्या इस्लामिक किताबों की लिखी बात को बोलना गुनाह है? दूसरे, नूपुर से पूर्व ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग पर अभद्र टिप्पणी करने वालों के खिलाफ इसी तरह आवाज़ क्यों नहीं उठी? नूपुर ने तो वही बोला जो किताबो में लिखा है। अब सरवर चिश्ती के बेटे आदिल चिश्ती ने जो हिन्दुओं के देवी-देवताओं के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है, क्यों नहीं मुस्लिम समुदाय ने चिश्ती को गिरफ्तार कर जेल में डालने की आवाज़ उठाई? क्या कोई नूपुर पैदा नहीं होगी? फिर चिश्ती की बात दबा कर हिन्दू के पीछे पड़ जायेंगे। अब चिश्ती की मज़ार पर जाकर माथा टेकने वाले हिन्दुओं को आँखों को खोलना होगा। मंदिरों से ज्यादा वीरवार को मजारों पर हिन्दुओं को जाने से रुकना होगा, तुम्हारे ही धन पर ऐश करने वाले देखो तुम्हारे ही देवी-देवताओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, क्या इसका नाम सेकुलरिज्म है?

क्या है अंजुमन तालीमुल इस्लाम और कैसे जुड़ी है इस मामले से

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अंजुमन तालीमुल इस्लाम उदयपुर के मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व करने वाला प्रमुख संगठन है। इस संगठन का गठन 116 साल पहले हुआ था। यहीं से जारी फतवों का पालन उदयपुर के सभी मुस्लिम करते हैं। इसी संस्था के बैनर तले नूपुर शर्मा के बयान के बाद विरोध में उदयपुर में हिंसक विरोध प्रदर्शन भी किए गए। संस्था ने तब कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नूपुर शर्मा के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की माँग की थी।
ज्ञापन में कहा गया था कि नूपुर शर्मा के बयान से मुस्लिम समुदाय आहत हुआ है। भारत का संविधान किसी भी अन्य धर्म पर अशोभनीय टिप्पणी करने का किसी को अधिकार नहीं देता है। लेकिन, मुंबई में रजा एकेडमी द्वारा FIR दर्ज कराने के बावजूद नूपुर के खिलाफ न तो कानूनी कार्रवाई हुई है और न ही उसे गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे विरोध प्रदर्शन में मुस्लिमों को भड़काने का मामला सामने आया था।
वहीं जब कन्हैयालाल की गौस मुहम्मद और रियाज अत्तारी द्वारा सर तन से जुदा की तर्ज पर हत्या कर दी गई तो यही संस्था अंजुमन तालीमुल इस्लाम आमजन से शांति एवं सौहार्द की अपील करती नजर आई। जबकि मुस्लिमों को उकसाने में इसका भी हाथ था।
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देश भर में 300 लोगों से जुड़े कन्हैया लाल के हत्यारों के तार, उनमें अजमेर का फरार चिश्ती भी: NIA की रडा
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वैसे यदि अंजुमन तालीमुल इस्लाम संस्था के औपचारिक कार्यों की बात की जाए तो इस संस्था द्वारा ही मुस्लिमों के ईद आदि त्योहारों की तिथि की घोषणा की जाती है। यह संगठन मुस्लिम समाज के बच्चों की तालीम यानी शिक्षा, रमजान के समय चाँद दिखने के विवाद का निपटारा करने, मदरसों को बढ़ाने, राज्य की मुस्लिम संस्थाओं को अंजुमन से जोड़ने के अलावा समाज के यतीम और गरीबों की आर्थिक रूप से मदद करने का काम करता है।

देश भर में 300 लोगों से जुड़े कन्हैया लाल के हत्यारों के तार, उनमें अजमेर का फरार चिश्ती भी: NIA की रडार पर ‘दावत-ए-इस्लामी’

कन्हैयालाल के कातिलों और पाकिस्तान के सम्पर्क में भारत के 25 राज्यों से 300 संदिग्धों का दावा (फाइल फोटो)

नूपुर शर्मा के जिस बयान पर कट्टरपंथियों ने लोगों को भड़काकर छुपे-छुपे फिर रहे हैं, और उपद्रवियों को काम पर लगा दिया। इनमें से अधिकतर को शायद यह भी नहीं मालूम होगा कि नूपुर ने क्या बोला है और किसके उकसाने में इस्लामिक किताब का हवाला देते हुए कहा है, जिसे पैगम्बर का अपमान बता उपद्रव मचवा दिया। 
राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की हत्या की जाँच कर रही एजेंसियों को कातिलों रियाज और गौस मोहम्मद के पाकिस्तान से कनेक्शन का पता चला है। इस पूरे मामले में दावत ए इस्लामी संगठन की मुख्य भूमिका सामने आ रही है। दावा है कि रियाज़ और गौस पाकिस्तान के जिन 18 नंबरों से लगातार सम्पर्क में थे उन्ही नंबरों से देश भर में लगभग 300 अन्य लोग भी जुड़े थे। पाकिस्तान में लगातार बात करने वाले ये 300 लोग देश के 25 राज्यों से हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्थान ATS इन नंबरों की जाँच और उनके रिश्तों की पड़ताल के लिए केंद्रीय एजेंसियों के सम्पर्क में है। NIA ये भी पड़ताल कर रही है कि कहीं उदयपुर की तरह कुछ और लोग तो आतंकियों के निशाने पर नहीं है ? पाकिस्तान से लगातर सम्पर्क में 25 प्रदेशों में जो 300 लोग पाए गए हैं उनमे से 250 लोग महाराष्ट्र, केरल, गुजरात, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान से हैं।

एजेंसियों ने 25 राज्यों को इस सूचना के साथ अलर्ट भी भेजा है। देश भर में पाकिस्तान से जुड़े उन 300 लोगों में अजमेर दरगाह का खादिम गौहर चिश्ती भी शामिल है जो कन्हैयालाल की हत्या के बाद से अब तक फरार है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बना था जिसमें पाकिस्तानी आकाओं के साथ भारत के लगभग 300 लोग थे। सुरक्षा एजेंसियाँ इन्हे संभावित स्लीपर सेल मान रही हैं।

जाँच एजेंसियाँ अपनी जाँच इस पर भी केंद्रित कर के रखी हैं कि जिस प्रकार से गौस मोहम्मद और गौहर चिश्ती आपस में जुड़े पाए गए है क्या उसी प्रकार देश के विभिन्न हिस्सों के इन 300 लोगों का भी आपस में कोई नेटवर्क है। इन सभी के आपस में भी लगातार बात होने की भी जानकारी मिली है। पुलिस न सिर्फ इन 300 संदिग्धों की कॉल डिटेल पर नजर रखे हुए है बल्कि इन सभी के बैंक डिटेल की भी जानकारी जुटाई जा रही है। इस से इनके फंडिग स्रोतों की तलाश की जाएगी।

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चिश्तियों के भड़काऊ बयान के बाद अजमेर में 90% घट गई रेस्टॉरेंट्स की कमाई, होटलों की बुकिंग्स रद्द

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चिश्तियों के भड़काऊ बयान के बाद अजमेर में 90% घट गई रेस्टॉरेंट्स की कमाई, होटलों की बुकिंग्स रद्द

स्थानीय पुलिस लगातार फरार गौहर चिश्ती के लिए लगातार दबिश दे रही है। गौरतलब है कि गौहर चिश्ती ने कन्हैयालाल की हत्या से पहले अजमेर के दरगाह परिसर से सिर तन से जुदा के नारे लगाए थे। इसी के साथ गौहर के रियाज़ और गौस से लगातार सम्पर्क में होने का भी दावा किया जा रहा है।

सेकुलर मीडिया ने नुपूर शर्मा-टेलर-कस्टमर की आड़ में मजहबी आतंक के खतरों को छिपाया

इस्लाम के नाम पर हिंदू का गला काटा, सेकुलर मीडिया ने नुपूर शर्मा-टेलर-कस्टमर की आड़ में मजहबी आतंक के खतरों को छिपाया
मीडिया जिसे लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है, नेताओं की तरह यह भी पदभ्रष्ट हो चुका है। वह भी तुष्टिकरण के मकड़जाल में शायद नेताओं से अधिक जकड़ा हुआ है। कहने को अपने आपको निष्पक्ष एवं खोजी पत्रकारिता का दावा कर अपने पाठक और दर्शकों को भ्रमित करते हैं। ज्यादा दूर जाने की बजाए सर्वप्रथम अयोध्या मुद्दे को देखिए, 2014 से पूर्व यही मीडिया इतिहासकारों की गलतियों को छुपाते नज़र आए। अयोध्या की सच्चाई बताने वालों को साम्प्रदायिक और देश का माहौल ख़राब करने का आरोप लगाते थे, तत्कालीन सरकार द्वारा खुदाई में मिले मंदिर के अवशेषों को कोर्ट से छुपाए जाने पर भी खोजी पत्रकार तुष्टिकरण पुजारियों की गोदी में बैठ मालपुए खाने लगे। खैर वह तो इतिहास है। 2019 में CAA विरोध को ही लें, अपने आपको निर्भीक, निष्पक्ष और खोजी पत्रकार कहने वाले प्रदर्शन में लग रहे हिन्दू, हिन्दुत्व विरोधी नारों के पीछे भारत को इस्लामिक मुल्क बनाये जाने के षड़यंत्र को बेनकाब करने में पूर्णरूप से असफल रहे।(देखिए, डरे हुए, मासूम, गरीब और मजलूमों की मंशा। नीचे दिए लिंक को क्लिक करिये)
सेकुलरिज्म सिर्फ तब तक, जब तक भारत में इस्लाम की हुकूमत नहीं ले आते : अरफ़ा खानुम, मुस्लिम पत्रकार
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सेकुलरिज्म सिर्फ तब तक, जब तक भारत में इस्लाम की हुकूमत नहीं ले आते : अरफ़ा खानुम, मुस्लिम पत्रकार
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार ऐसा लगता है मानो जैसे-जैसे समय बीत रहा है, CAA-NRC का विरोध अब शाहीन बाग़ से होते हुए अपने असल....
उपद्रवियों की लगभग यही स्थिति किसान आंदोलन में दिखी, जब किसान मांगों की आड़ में खालिस्तानी नारे और बैनर देखने को मिले। अब वही स्थिति नूपुर विवाद में स्पष्ट दिखाई दे रही है। यदि स्थिति विपरीत होती, हिन्दू ग्रंथों को खंखाल दिया होता, लेकिन इस्लामिक होने पर क्यों बचकानी खबरें चला रहे हैं? नूपुर ने जो कहा क्या वह इस्लामिक किताबों में नहीं लिखा? क्यों नहीं कट्टरपंथियों और इस्लामिक स्कॉलर्स को इस सच्चाई को छुपाने के लिए कसूरवार ठहराते? जब विदेशी मौलाना नूपुर का समर्थन कर रहे हैं, भारतीय मौलानाओं को कौन-सा डर सता रहा है? 
हिन्दुओं को जातियों में बांटकर मालपुए खाने वालों को इसी नूपुर ने किस तरह धोया, देखिए:
राजस्थान के उदयपुर जिले के धानमंडी थानाक्षेत्र में मंगलवार (28 जून, 2022) को दर्जी कन्हैयालाल तेली की दिनदहाड़े गला काटकर हत्या कर दी गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस घटना के वीडियो में हत्यारा मोहम्मद रियाज अंसारी उन पर धारदार हथियार से हमला करते हुए दिखाई दे रहा है। वारदात के बाद एक दूसरा वीडियो जारी करके हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए अपने गुनाह खुद कबूल रहा है और साथ ही प्रधानमत्री मोदी और नूपुर शर्मा की भी गर्दन काटकर हत्या की धमकी दे रहा है लेकिन तथाकथित सेक्युलर-लिबरल मेन स्ट्रीम मीडिया का एक धड़ा हत्या और हत्यारे के कबूलनामें का वीडियो होते हुए भी उसके गुनाहों को छिपाने या कमतर दिखाने में लगा है जिसे हम आज के न्यूज़ पेपर में हुए कवरेज में देख सकते हैं।

किसी ने कहीं कोने में जगह दी तो कोई हैडलाइन में ही खेल कर हत्यारों और उनके मजहब को छिपाता रहा। जैसे यह कोई वीभत्स घटना न होकर कोई मामूली अपराध हो। इस जघन्य हत्या को कवर करते हुए हिंदुस्तान टाइम्स लिखता है, “Hindu Tailor Murderd in gruesome hate crime.” अर्थात “जघन्य हेट क्राइम में हिंदू दर्जी की हत्या”- बाकी किसने की, क्यों की? वो सब गायब या अंदर छोटे में है जिसे खोजकर पढ़ना हो पढ़े।

वहीं राजस्थान पत्रिका लिखता है, “उदयपुर में दरिंदों ने दिनदिहाड़े काट डाली गर्दन, पुलिस और प्रशासन सोते रहे! दैनिक जागरण लिखता है, “उदयपुर में बर्बरता, नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने पर दिनदहाड़े काटा गला”, हिंदुस्तान लिखता है, “नूपुर शर्मा समर्थक का गला रेता” इसके अलावा इंडियन एक्सप्रेस हो या ओडिशा पोस्ट सबने या तो सिंपल टेलर की हत्या लिखा या उसे हेट क्राइम से जोड़ते हुए कहीं न कहीं नूपुर शर्मा और उनके तथाकथित समर्थन में लगाए गए व्हाट्सप्प स्टेटस को ही सबसे बड़ा गुनाह साबित करने की कोशिश की।

जबकि यह बात भी सामने आ चुकी है कि पोस्ट कन्हैयालाल के 8 साल के मासूम बच्चे ने शेयर किया था जिसे उसका अर्थ भी पता नहीं होगा और किसी की बात का समर्थन करना जो पहले से ही इस्लामी हदीसों में लिखा गया है गुनाह कैसे हो गया? लेकिन मेन स्ट्रीम मीडिया में किसी ने भी हैडलाइन में न हत्यारों का नाम लिखा न यह पता लगने दिया कि वह किस मजहब का है।

यहाँ आगे बढ़ने से पहले एक बार यह याद कर लीजिए कि इस्लामी हत्यारों ने मजहबी नारे लगाते हुए न सिर्फ कल वारदात और उसके बाद का वीडियो रिलीज कर उसके बारे में मुस्कराते हुए बताया बल्कि करीब 10 दिन पहले 17 जून को ही वीडियो रिलीज कर वह कन्हैयालाल की गर्दन काटकर हत्या की धमकी दे चुका है। लेकिन, पुलिस सुरक्षा देने की बजाय इसे नजरअंदाज करती रही। जबकि जिस पोस्ट पर इन इस्लामी हत्यारों ने उसकी हत्या की वह भी कन्हैयालाल के 8 वर्षीय मासूम बच्चे ने गलती से किया था। यह बात भी वो कई बार प्रशासन से बता चुके थे। क्योंकि कन्हैयालाल खुद कायदे से लिखना-पढ़ना भी नहीं जानते थे। न उन्हें हाल ही में ख़रीदे गए स्मार्टफोन की कोई खास समझ थी। यह बात कई मीडिया रिपोर्टों में सामने आई है।

जबकि कई इंग्लिश न्यूज़ पेपर जिन गौस मोहम्मद और मोहम्मद रियाज अंसारी जैसे हत्यारों को हैडलाइन में कोई कस्टमर तो कोई बदमाश लिखकर उनकी असली पहचान छिपा रहा है। जबकि वो खुद ही हत्या के समय और बाद में तलवार पर खून और चेहरे पर हँसी के साथ वीडियो में कहता है, ”मैं मोहम्मद रियाज अंसारी और ये हमारे गौस मोहम्मद भाई, उदयपुर के अंदर जो माता स्टेट वाला है उसका सर कलम कर दिया है।” आगे मजहबी नारा लगाते हुए कहता है, ”हम जिएँगे आपके लिए और मरेंगे आपके लिए।”

हमलवार आगे पीएम मोदी की गर्दन काटने और नूपुर शर्मा को धमकी देते हुए कहता है, ”ये नरेंद्र मोदी सुन ले, आग तूने लगाई है और बुझाएँगे हम, इंसाअल्लाह मैं रब से दुआ करता हूँ कि यह छुरा तेरी गर्दन तक भी जरूर पहुँचेगा। और उस कुति** तक भी पहुँचेगा। उदयपुर वालों नारा लगाओ गुस्ताखे नबी की एक ही सजा, सर तन से जुदा। दुआओं में याद रखना।”

लेकिन ऐसे दरिंदे हत्यारे हमारे तथाकथित सेक्युलर न्यूज़पेपर को मासूम, भटके हुए, बदमाश या सामान्य सा शब्द कस्टमर नजर आ रहे हैं। जबकि हत्यारा वारदात के 10 दिन पहले ही खुलेआम सिर तन से जुदा की धमकी देते हुए नजर आ रहा है।

10 दिन पुराने वीडियो में वह कह रहा है, “मैं मोहम्मद रियाज अंसारी राजस्थान के उदयपुर, खांजीपीर से, ये वीडियो में जुम्मे के दिन बना रहा हूँ। माशाल्लाह और 17 तारीख है। मैं इस वीडियो को उस दिन वायरल ​करूँगा, जिस दिन अल्लाह की शान में गुस्ताखी करने वाला का सिर कलम कर दूँगा। आपको एक मैसेज देता हूँ रियाज ने सिर कलम करने की शुरुआत तो कर दी है। बाकी के जो बचे हैं उन सभी का सिर आपको कलम करना है। इस बात का ध्यान रखना।”

उसने आगे कहा, “ये चिंता मत करना मेरे भाई कि तुम्हारी फैमिली का क्या होगा, कारोबार का क्या होगा। मेरी भी फैमिली है। मैं भी नौकरी करता हूँ, लेकिन मुझे इसकी कोई चिंता नहीं है। क्योंकि मैं अपने रसूले पाक के लिए जी रहा हूँ। मेरा सब कुछ आप पर कुर्बान रसूल अल्लाह।”

अभी आपने जो पढ़ा यह उस वीडियो में कही गई बातों का बहुत छोटा सा हिस्सा है। वह जिस तरह से नूपुर शर्मा और उनका समर्थन करने वालों की गर्दन कलम करने की खुलेआम धमकी दे रहा है वह कोई मामूली या सामान्य अपराध की बात नहीं है। यहाँ तक कि अब घटना की भयावहता का अंदाजा कन्हैयालाल के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी लगाया जा सकता है जिसमें उनके शरीर पर 26 निशान मिले हैं, जिसमें से 8 से 10 बार गर्दन पर ही वार किया गया है। वहीं पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कन्हैया का गला रेत कर अलग कर दिया गया था।

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कन्हैया लाल की बर्बर हत्या सुप्रीम कोर्ट के जिस जज ने नूपुर शर्मा के गले डाली, वे आरक्षण पर भी कर

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कन्हैया लाल की बर्बर हत्या सुप्रीम कोर्ट के जिस जज ने नूपुर शर्मा के गले डाली, वे आरक्षण पर भी कर

अब ऐसे में यह आपको सोचना है कि जितने गुनहगार ऐसे जघन्य वारदात करने वाले इस्लामी हत्यारे हैं उतने ही उन्हें बचाने वाले या उनके क्रूरतम अपराधों पर पर्दा डालने वाले ये मीडिया गिरोह के लोग भी। जो हर हाल में इस्लामी हत्यारों के बचाव में कूद पड़ते हैं। ऐसे ही कल लिबरलों और इस्लामी कट्टरपंथियों का भी वह चेहरा सामने आया था जो कन्हैयालाल की हत्या पर हाहाहा रिएक्ट करके अपनी ख़ुशी का इजहार कर रहा था।