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श्रीनगर के जिस पुलिस स्टेशन में रखा गया था फरीदाबाद से जब्त विस्फोटक, वहाँ बड़ा धमाके; शरीर के उड़े लोथड़े, थाने की दीवारें भरभरा के गिरीं: 9 की हुई मौत

                    श्रीनगर पुलिस स्टेशन में विस्फोटक ब्लास्ट की तस्वीरें (साभार : X_@thepagetody)
श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में जब्त किए गए विस्फोटक की जाँच के दौरान बड़ा धमाका हुआ। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई और 27 घायल हुए। विस्फोट में थाने का एक हिस्सा टूट गया और बचाव कार्य देर तक बाधित रहा। धमाका उस बड़े टेरर मॉड्यूल की जाँच से जुड़ा था, जिसमें आतंकी डॉक्टरों का एक नेटवर्क सामने आया था। घटना की जाँच दो एंगल से हो रही है- हैंडलिंग में चूक या आतंकी साजिश। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

धमाका कैसे हुआ

धमाका शुक्रवार (14 नवंबर 2025) रात देर से हुआ। पुलिस और फॉरेंसिक टीम जब बरामद किए गए विस्फोटक की सैंपलिंग कर रही थी, तब अचानक ब्लास्ट हो गया। यह विस्फोट इतना तेज था कि थाने के एक हिस्से की दीवारें गिर पड़ीं। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। आसपास घरों के शीशे टूट गए और लोग दहशत में आ गए।

हादसे में जानमाल का नुकसान

धमाके में कुल 9 लोग मारे गए। इनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी और फॉरेंसिक स्टाफ शामिल हैं। 27 लोग घायल हुए हैं। कई की हालत गंभीर है। कुछ लोग लापता बताए गए और उनकी तलाश मलबे में चल रही है। मानव अंग दूर-दूर तक बिखरे मिले, जिससे धमाके की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

बचाव और राहत कार्य की स्थिति

विस्फोट के बाद पुलिस स्टेशन से आग की लपटें उठने लगीं। छोटे-छोटे लगातार धमाकों ने बचाव टीम को तुरंत अंदर जाने नहीं दिया। फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस तेजी से मौके पर पहुँचे। घायलों को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अस्पतालों को तुरंत अलर्ट पर रखा गया।
डिप्टी कमिश्नर अक्षय लाबरू ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों को सभी जरूरी सुविधाएँ तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आसपास के क्षेत्रों की तलाशी जारी है।

जाँच के दो मुख्य एंगल

जाँच एजेंसियाँ दो संभावित कारणों पर काम कर रही हैं। पहला, विस्फोटक की हैंडलिंग के दौरान तकनीकी चूक। अमोनियम नाइट्रेट बेहद संवेदनशील होता है और छोटी गलती भी भारी नुकसान पहुँचा सकती है।
दूसरा एंगल, आतंकी साजिश का है। थाने में खड़ी एक संदिग्ध कार से आईईडी फटने की आशंका जताई गई है। इससे पास में रखा विस्फोटक भी फट सकता है। कुछ आतंकी संगठनों ने धमाके की जिम्मेदारी ली है, जिससे शक और गहरा हो गया है।

टेरर मॉड्यूल की जाँच से जुड़ा मामला

नौगाम पुलिस स्टेशन एक इंटरस्टेट टेरर मॉड्यूल की जाँच कर रहा था। यह मॉड्यूल पोस्टर चिपकाने, कट्टरपंथ, और बड़े पैमाने पर विस्फोटक जमा करने से जुड़ा था। शुरुआती सुराग सीसीटीवी फुटेज से मिले थे। इससे गिरफ्तारियाँ हुईं।
पूरी जाँच डॉक्टरों के एक नेटवर्क तक पहुँची। इनके ठिकानों से 360 किलो विस्फोटक मिला था। इन्हें हरियाणा के फरीदाबाद से लाया गया था। यह वही विस्फोटक था जिसकी सैंपलिंग के दौरान ब्लास्ट हुआ। मॉड्यूल का एक सदस्य अब भी फरार है। एक अन्य के पास से AK-56 भी बरामद हुई थी। यह पूरा नेटवर्क गंभीर साजिश रच रहा था।
घटना के बाद NIA, SOG और बम स्क्वाड की टीमें तुरंत पहुंच गईं। पूरे क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया गया। सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कोई दूसरी घटना न हो। अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है। जाँच टीमें मौके पर काम कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

कश्मीर को भारत से जोड़ रही ‘वंदे भारत’: 43000 करोड़ रूपए की लागत से पूरा हुआ इंजीनियरिंग चमत्कार, मोदी सरकार की रेलवे क्रांति ने दुनिया को दिखाया दम

                      प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिखाएँगे वंदे भारत को हरी झंडी (फोटो साभार: ऑपइंडिया अंग्रेजी)
वंदे भारत एक्सप्रेस अब कटरा से श्रीनगर के बीच तेजी से दौड़ेगी। यह ट्रेन न सिर्फ यात्रा का समय कम करेगी, बल्कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को एकदम आरामदायक और शानदार सफर का अनुभव देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जून 2025 को उद्धमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) पर कश्मीर की पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

यह नई आधुनिक सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन कटरा के श्री माता वैष्णो देवी स्टेशन से श्रीनगर के नौगाम स्टेशन तक 150 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इस ट्रेन में ऑटोमैटिक दरवाजे, पत्थरों से बचाव वाले सीसें और खास हीटिंग सिस्टम लगे होंगे, जो इसे और सुरक्षित और आरामदायक बनाएँगे। 23 जनवरी 2025 को भारतीय रेलवे ने इस ट्रेन का कटरा से श्रीनगर तक टेस्ट रन किया था, जो पूरी तरह सफल रहा।

                                                     साभार: राइजिंग कश्मीर

इस प्रोजेक्ट को पहले 19 अप्रैल को शुरू करना था, लेकिन खराब मौसम की वजह से इसे टालना पड़ा। फिर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने उद्घाटन को और पीछे धकेल दिया। पहले पीएम मोदी को श्रीनगर में इस ट्रेन का उद्घाटन करना था, लेकिन अब वे जम्मू के कटरा से इसे हरी झंडी दिखाएंगे।

अभी कश्मीर के बारामूला-श्रीनगर से संगलदान तक ट्रेनें चल रही हैं। रेलवे अधिकारियों ने बताया, “संगलदान और जम्मू के कटरा के बीच रेल लाइन अब पूरी तरह जुड़ गई है। अब इस पूरे रास्ते पर ट्रेनें बिना किसी रुकावट के चल सकती हैं।”

इसके साथ ही, पीएम मोदी दो बड़े इंजीनियरिंग चमत्कारों का भी उद्घाटन करेंगे। पहला है भारत का पहला केबल-स्टे रेल ब्रिज, जिसे अंजी खड्ड ब्रिज कहते हैं, और दूसरा है दुनिया का सबसे ऊँचा रेलवे ब्रिज, चिनाब ब्रिज।

                                                           चिनाब पुल

पिछले महीने रेलवे ने एक ‘ट्रायल स्पेशल ट्रेन’ चलाई थी, जो कटरा से काजीगुंड के बीच गई। इस ट्रेन में सैनिक सवार थे और यह चिनाब ब्रिज से होकर गुजरी। यह ब्रिज कश्मीर को भारत के बाकी हिस्सों से रेल के जरिए जोड़ने वाला आखिरी और सबसे अहम हिस्सा है।


इंजीनियरिंग का गजब का कारनामा

उद्धमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक, यानी यूएसबीआरएल, आजाद भारत का सबसे बड़ा और सबसे मुश्किल रेलवे प्रोजेक्ट है। यह 272 किलोमीटर लंबा रास्ता हिमालय की जंगली और मुश्किल भरी जमीन पर बना है। इस पूरे प्रोजेक्ट को बनाने में 43,780 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह रेल लाइन घाटियों, पहाड़ों और दर्रों को जोड़ती है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा काम है।

इस प्रोजेक्ट में बिना बैलास्ट (पटरियों के बीच-सीमेंट के खंबे) की पटरियाँ बिछाई गई हैं, जो 943 पुलों और 36 बड़े टनलों से होकर गुजरती हैं। इन टनलों की कुल लंबाई 119 किलोमीटर है। इनमें से सबसे खास है टी-50 टनल, जो भारत की सबसे लंबी रेलवे टनल है और इसकी लंबाई 12.7 किलोमीटर से भी ज्यादा है।

इस प्रोजेक्ट का एक और बहुत जरूरी हिस्सा है बनिहाल-काजीगुंड रेलवे टनल, जिसे लोग पीर पंजाल रेलवे टनल भी कहते हैं। यह टनल 11.215 किलोमीटर लंबी है और हिमालय की पीर पंजाल रेंज में बनी है। यह टनल जम्मू-कश्मीर को भारत के बाकी हिस्सों से जोड़ने में बहुत अहम भूमिका निभाती है।

                                                               पीर पंजाल रेलवे सुरंग

यह ट्रेन दूर-दराज के इलाकों को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ रही है। इससे जम्मू-कश्मीर में आवाजाही, व्यापार और पर्यटन को एक नया रास्ता मिलेगा। इस प्रोजेक्ट को हिमालय की मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। कटरा से श्रीनगर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस इस कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगी। यह ट्रेन हिमालय की सख्त सर्दियों में भी आसानी से चलेगी, जहाँ तापमान माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है।

ट्रेन में गर्म विंडशील्ड, खास हीटिंग सिस्टम और इंसुलेटेड टॉयलेट लगाए गए हैं, जो साल भर आरामदायक और भरोसेमंद सफर सुनिश्चित करते हैं। एक खास बर्फ हटाने वाली ट्रेन इसके आगे चलती है, जो पटरियों को साफ रखती है, ताकि बर्फ की वजह से कोई रुकावट न आए। साथ ही, भूकंप के झटकों को सहने के लिए सिस्मिक डैम्पर्स लगाए गए हैं, जिससे इस जोखिम भरे इलाके में सफर सुरक्षित और आरामदायक रहे।

ट्रेन में सर्दियों में साफ दिखने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। इसमें ठंड के मौसम में काम करने वाले हीटिंग सिस्टम हैं और ड्राइवर के सामने वाले शीशे में डीफ्रॉस्टिंग के लिए हीटिंग तत्व लगे हैं। यह ट्रेन चिनाब ब्रिज से होकर गुजरेगी, जो समुद्र तल से 359 मीटर की ऊँचाई पर है।

ये सारे इंतजाम जम्मू-कश्मीर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और भरोसेमंद, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार बना रहे हैं। इस प्रोजेक्ट में एक और खास चीज है अंजी खड्ड ब्रिज, जो भारत का पहला केबल-स्टे रेल ब्रिज है। यह ब्रिज 725 मीटर लंबा है और समुद्र तल से 331 मीटर की ऊँचाई पर बना है। इसे 96 केबलों ने सहारा दिया हुआ है।

चिनाब ब्रिज की बात करें तो यह चिनाब नदी पर 1,178 फीट की ऊँचाई पर बना है, जो एफिल टावर से भी ऊँचा है। एक रेलवे अधिकारी ने बताया, “ट्रेनें चलाने और सुरक्षा के सारे इंतजाम पूरी तरह तैयार हैं।” इस रूट पर सिर्फ चार स्टेशन होंगे: श्रीनगर, बनिहाल, जम्मू तवी और श्री माता वैष्णो देवी कटरा।

ट्रेन का समय और शेड्यूल

रेल मंत्रालय ने चार वंदे भारत ट्रेनों को मंजूरी दी है। इनमें जम्मू तवी-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस (26401/26402) और जम्मू तवी-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस (26403/26404) शामिल हैं। दो ट्रेनें श्रीनगर से चलेंगी और दो जम्मू से।

श्रीनगर-जम्मू तवी वंदे भारत एक्सप्रेस (26402) हर दिन दोपहर 2 बजे श्रीनगर से निकलेगी (मंगलवार को छोड़कर) और शाम 6:50 बजे जम्मू पहुँचेगी। दूसरी ट्रेन (26404) सुबह 8 बजे श्रीनगर से चलेगी और दोपहर 12:40 बजे जम्मू पहुंचेगी (बुधवार को छोड़कर)।

जम्मू तवी-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस (26403) हर दिन दोपहर 1:20 बजे जम्मू से रवाना होगी (बुधवार को छोड़कर) और शाम 6 बजे श्रीनगर पहुँचेगी। दूसरी ट्रेन (26401) सुबह 6:20 बजे जम्मू से चलेगी और सुबह 11:10 बजे श्रीनगर पहुंचेगी (मंगलवार को छोड़कर)।

रेलवे के आदेश में कहा गया है कि ट्रेन को समय पर और सुविधाजनक तारीख को शुरू करना है। पहली ट्रेन एक खास सेवा हो सकती है, जो बाद में सामान्य समय-सारिणी से जुड़ जाएगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि उत्तरी रेलवे के प्रस्तावों के अनुसार बदलाव किए जाएँगे।

                                                   हाई स्पीड ट्रेन ट्रायल के दौरान चिनाब ब्रिज

कटरा से श्रीनगर का किराया अभी आधिकारिक तौर पर तय नहीं हुआ है, लेकिन रेलवे सूत्रों के मुताबिक, एसी चेयर कार का किराया करीब 1600 रुपये और एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया 2500 रुपये हो सकता है। इस ट्रेन में 530 यात्री सफर कर सकते हैं। इसमें सात लग्जरी कोच और एक एग्जीक्यूटिव कोच होगा।

इसके अलावा, एक अलग मालगाड़ी सेवा भी मौसमी जरूरतों के हिसाब से चलेगी। यह खास तौर पर ताजी सब्जियों और अन्य जरूरी सामानों को लाने-ले जाने के लिए होगी। साथ ही, पीएम मोदी उत्तरी कश्मीर के बारामूला से कटरा के बीच यात्री सेवा भी शुरू करेंगे।

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम मोदी दो वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएँगे: एक कटरा से श्रीनगर और दूसरी श्रीनगर से कटरा। अभी ये ट्रेनें सिर्फ इन दो शहरों के बीच चलेंगी। जम्मू रेलवे यार्ड में कुछ निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके चलते जम्मू से श्रीनगर की सीधी वंदे भारत सेवा अभी शुरू नहीं हो सकती। यात्रियों को कटरा में ट्रेन बदलनी होगी। यह काम अगस्त या सितंबर तक पूरा हो जाएगा।

वंदे भारत से विकास की नई राह

कटरा से श्रीनगर के बीच सड़क का सफर कम से कम 6 से 7 घंटे लेता है, लेकिन वंदे भारत ट्रेन सिर्फ 3 घंटे में यह दूरी तय कर देगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि इस ट्रेन की वजह से लोग एक ही दिन में जम्मू से श्रीनगर जाकर वापस आ सकेंगे।

यह ट्रेन कश्मीर के लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होगी। इससे सेब, ड्राई फ्रूट्स, पश्मीना शॉल, हस्तशिल्प जैसी चीजों को देश के बाकी हिस्सों में आसानी से और कम खर्चे में भेजा जा सकेगा। साथ ही, देश के अन्य हिस्सों से घाटी में रोजमर्रा का सामान लाने की लागत भी बहुत कम हो जाएगी। बनिहाल और बारामूला के बीच चार कार्गो टर्मिनल बनाने की योजना है, जिनमें से तीन जगहों की पहचान हो चुकी है।

                                                 ट्रायल रन के दौरान वंदे भारत ट्रेन

कटरा और श्रीनगर के बीच इस रूट पर 18 बड़े स्टेशन होंगे, जिनमें रियासी, बक्कल, दुग्गा, सावलकोट, संगलदान, सम्बर, खारी, बनिहाल, शहाबाद हिल हॉल्ट, काजीगुंड, सादुरा, अनंतनाग, बिजबेहरा, पंजगाम, अवंतीपोरा, रतनिपोरा, काकापोरा और पंपोर शामिल हैं। ये स्टेशन आसपास के लोगों के लिए सफर को और आसान बनाएँगे।

इस बड़े प्रोजेक्ट के बनने का सफर

हिमालय की जमीन नई है और यह भूकंप के लिहाज से सबसे सक्रिय जोन IV और V में आती है। यहाँ शिवालिक पहाड़ियाँ और पीर पंजाल पर्वत हैं। इस मुश्किल इलाके में भारी बर्फबारी के बीच बड़े-बड़े पुल और टनल बनाना बहुत बड़ा चैलेंज था।

इस प्रोजेक्ट के लिए 205 किलोमीटर सड़कें बनाई गईं, जिनमें 320 पुल और एक टनल शामिल हैं। इन सड़कों को बनाने में 2000 करोड़ रुपये की लागत आई। ये सड़कें कर्मचारियों, भारी मशीनों और निर्माण सामग्री को 70 डिग्री ढलान वाले पहाड़ी इलाकों तक ले जाने के लिए बनाई गई थीं।

                                                         साभार: X_trainwalebhaiya

रेलवे इंजीनियरों ने एक नया तरीका निकाला, जिसे हिमालयन टनलिंग मेथड (एचटीएम) कहते हैं। इसमें आम डी-शेप की टनलों की जगह हॉर्सशू-शेप की टनल बनाई गईं। इससे ढीली मिट्टी वाले इलाकों में टनल की संरचना को और मजबूती मिली।

इस ब्रॉड गेज रेल लाइन का ढलान 0.5 से 1 प्रतिशत रखा गया है, जिससे पहाड़ी इलाके में ट्रेनों को चलाने के लिए अतिरिक्त इंजन की जरूरत नहीं पड़ती। पहले योजना थी कि ट्रेनें डीजल इंजन से चलेंगी, लेकिन बाद में इन्हें इलेक्ट्रिक करने का विकल्प रखा गया। हर बड़े पुल, टनल और स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे और लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। टनल और पटरियों को इस तरह बनाया गया है कि उन्हें कम से कम रखरखाव की जरूरत पड़े।

जम्मू-कश्मीर में रेलवे का नया बदलाव

फरवरी 2024 में बनिहाल से संगलदान तक 48 किलोमीटर की रेल लाइन शुरू हुई। बारामूला-श्रीनगर-बनिहाल-संगलदान का 185.66 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह इलेक्ट्रिक कर दिया गया। पीएम मोदी ने संगलदान से बारामूला के बीच सेवा शुरू की और कश्मीर घाटी की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।

जनवरी 2025 में बनिहाल-कटरा के 111 किलोमीटर खंड की आखिरी सुरक्षा जाँच शुरू हुई। इस हिस्से में 4 सात-किलोमीटर लंबे पुल और 97 किलोमीटर की टनल हैं। जम्मू रेलवे स्टेशन को नया रूप दिया जा रहा है, जिसमें आठ प्लेटफॉर्म और आधुनिक सुविधाएँ होंगी।

                                                     साभार: INSIGHTS IAS

जनवरी में जम्मू रेलवे डिवीजन शुरू हुआ, जो उत्तरी रेलवे का हिस्सा है। यह डिवीजन जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों को कवर करेगा। यह भारतीय रेलवे का 70वाँ डिवीजन है और इसमें पुराने फिरोजपुर डिवीजन का बड़ा हिस्सा शामिल किया गया है। यह डिवीजन यूएसबीआरएल के बड़े हिस्सों का मैनेजमेंट करेगा और इलाके में रेलवे के काम को और बेहतर बनाएगा।

उद्धमपुर से कटरा (25 किमी) और संगलदान से बारामूला (184 किमी) तक स्थानीय ट्रेनें पहले से चल रही हैं। अब आखिरी 63 किलोमीटर का कटरा-संगलदान खंड भी जनता के लिए खुल गया है।

साल 1983 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की कॉन्ग्रेस सरकार ने उद्धमपुर-श्रीनगर रेल लाइन की नींव रखी थी। लेकिन असल में काम 2002 में शुरू हुआ, जब अटल बिहारी वाजपेयी की एनडीए सरकार ने इसे राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित किया।

भारत को एक सूत्र में पिरो रहा रेलवे

यूएसबीआरएल प्रोजेक्ट को 1994-95 में मंजूरी मिली थी और 2002 में इसे राष्ट्रीय प्रोजेक्ट का दर्जा दिया गया। इसे चरणों में पूरा किया गया। इसके कई हिस्से पहले ही शुरू हो चुके हैं, जैसे बनिहाल-काजीगुंड (2013), उद्धमपुर-कटरा (2014), बनिहाल-बारामूला (2009) और बनिहाल-संगलदान (2020)। पिछले साल रियासी-संगलदान लाइन पर इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (MEMU) ट्रेन का सफल ट्रायल हुआ था।

                                                               फोटो साभार: Mint

यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक नई ट्रेन सेवा शुरू करने तक सीमित नहीं है। यह पिछले 11 सालों में मोदी सरकार के तहत जम्मू-कश्मीर के रेलवे सिस्टम में हुए बड़े बदलाव का सबूत है। इस क्षेत्र का रेलवे नक्शा पूरी तरह बदल गया है। जो पहले दूर के सपने थे, वे अब लोगों उनकी आजीविका और जगहों को जोड़ने वाले असल रास्ते बन गए हैं।

एक डेडिकेटेड रेलवे डिवीजन, स्टेशनों का आधुनिकीकरण और पूर्ण विद्युतीकरण ने इस क्षेत्र को तेज, स्वच्छ और सभी के लिए बराबर विकास के रास्ते पर ला दिया है। मोदी सरकार ने कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ दिया है। 2014 के बाद से रेलवे नेटवर्क का बहुत विस्तार हुआ है। उन इलाकों को भी रेल से जोड़ा गया, जहाँ पहले रेल सेवा सिर्फ एक सपना था।

पूर्वोत्तर से लेकर कश्मीर तक, रेलवे ने देश के सबसे दूर-दराज के इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ा है। इससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला है और लोगों को सुविधा और आराम मिला है। यह प्रोजेक्ट स्थानीय लोगों के जीवन को बेहतर बनाएगा। साथ ही बागवानी, पर्यटन, कृषि और शिक्षा जैसे उद्योगों को भी बढ़ावा देगा।

पहले अलग-थलग माने जाने वाले पूर्वोत्तर और आतंक प्रभावित कश्मीर अब भारत की मुख्यधारा का हिस्सा बन गए हैं। हाल के ये सारे बदलाव इसका सबूत हैं। रेलवे ढाँचे पर मौजूदा ध्यान एकीकरण और सभी को साथ लेकर चलने वाले विकास की प्रतिबद्धता को दिखाता है। यह नया रेल लिंक कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक निर्बाध रेल लाइन बनाकर सात दशक पुराने राष्ट्रीय एकीकरण के सपने को पूरा करेगा।

मुस्लिम कट्टरपंथियों को मोसाब हसन की फटकार, उसने कहा- निर्दोष हिन्दू के पीछे क्यों पड़े हो, मेरे पीछे लगो, वीडियो मेरा है, तंग आ गया हूँ मुस्लिमों की धमकी से

NIT श्रीनगर में हुए बवाल पर बोले मोसाब हसन युसूफ
श्रीनगर के NIT में पढ़ने वाले हिंदू छात्र प्रथमेश शिंदे द्वारा एक वीडियो स्टेटस पर लगाने के बाद जिस तरह कट्टरपंथी उन पर हमलावर हुए हैं, उसे देख मोसाब हसन युसूफ का बयान आया है। मोसाब वहीं शख्स हैं जो उस वीडियो में थे जो प्रथमेश ने लगाई। इसके अलावा हमास नेता का बेटा होने के नाते भी उनकी पहचान होती है।

हमास नेता के बेटे मोसाब हसन ने प्रथमेश को टारगेट करने वाले कट्टरपंथियों को लेकर लिखा- “कश्मीर के इस्लामी कट्टरपंथी हिंदू छात्र को मारने के लिए धमकी दे रहे हैं जिसने मेरे एक बयान को अपने सोशल मीडिया पर लगा दिया था। क्या ये कट्टरपंथी भूल चुके हैं कि ये हिंदू बहुल देश में अल्पसंख्यक हैं। मेरे पीछे लग जाओ, लेकिन हिंदू छात्र को छोड़ दो”

उन्होंने आगे लिखा, “मैं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के ख़िलाफ़ मुस्लिमों की धमकी से तंग आ गया हूँ। एक निर्दोष हिंदू छात्र और कश्मीर की पूरी आबादी।”

कश्मीर में हिंदू छात्र के खिलाफ ईशनिंदा मामले में केस हुआ है। निग्नीन पुलिस थाने में उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 295ए, 153ए, 153 लगाकर केस दर्ज किया गया है। इस मामले पर राजनीति भी हो रही है और पूर्व मेयर शेख इमरान ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। NIT की अनुशासनात्मक समिति ने उक्त हिंदू छात्र को कॉलेज से 1 साल के लिए निकाल दिया है।

इन एक्शन के बावजूद कट्टरपंथी शांत नहीं हैं। हिंदू छात्र को मारने की धमकियाँ आ रही हैं। उससे पहले ये कट्टरपंथी ‘अल्लाहू अकबर, सर तन से जुदा, लब्बैक या रसूल अल्लाह’ के नारे लगाते हुए घूम रहे थे।

लड़के की गलती बस इतनी थी कि उसने मोसाब हसन के कॉन्फ्रेंस की क्लिप को अपने सोशल मीडिया पर डाल दिया। स्टोरी के साथ उसने कुछ लिखा नहीं लेकिन फिर भी कट्टरपंथी बिदक ही गए। इसके अतिरिक्त उसपर ये भी इल्जाम लगाए जा रहे हैं कि उसका संबंध मुस्लिम लड़की से था। स्थानीय मुस्लिमों ये कहकर आग में घी डाल रहे हैं कि प्रथमेश मुस्लिम लड़की को भगवा ट्रैप में फँसाना चाहता था।

मोसाब की विवादित वीडियो क्लिप साल 2012 की है। लॉस एजेंल्स में उन्होंने एक कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए पैगंबर पर कुछ टिप्पणी की थी। इसके अलावा उन्होंने शरीया लॉ की भी आलोचना की थी।


जिस हसन के वीडियो पर ‘पैगंबर मोहम्मद का अपमान’, उसने बोला – मार दो मेरे अब्बा को: NIT श्रीनगर में कट्टर मुस्लिमों के बवाल से है कनेक्शन

मोसाब हसन यूसुफ 
जिसकी वीडियो शेयर करने पर श्रीनगर NIT में हिन्दू छात्र के विरुद्ध हंगामा किया जा रहा है, पहला तो यह दर्शाता है कि मुसलमान अपने इस्लाम के विरुद्ध चाहे कुछ बोल दे, लेकिन वही बात किसी हिन्दू द्वारा कहने पर कट्टरपंथियों के चेटुयें लग जाते हैं, उतार देते हैं उपद्रवियों को शांत माहौल को ख़राब करने; दूसरे, जिस हमास का भारतीय कट्टरपंथी मुसलमान समर्थन कर रहे हैं, उसी हमास के सह-संस्थापक शेख हसन यूसुफ के बेटे का मोसाब हसन यूसुफ के बेटे ने जब इन शब्दों को बोला था, तब क्यों चुप थे? भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार को इन उपद्रवियों के साथ सख्ती से पेश आना चाहिए, क्योकि इनकी इन हरकतों से हर भारतीय मुसलमान बदनाम हो रहा है। 

इजरायल और हमास के बीच जारी सीजफायर के 7 वें दिन दोनों ओर से बंधकों की रिहाई व अदला-बदली जारी है। ऐसे में हमास के सह-संस्थापक शेख हसन यूसुफ के बेटे का मोसाब हसन यूसुफ का बयान सामने आया है।

वीडियो में उसने इजरायल से अपील की है कि वो सभी बंधकों को छुड़ाने के लिए हमास को एक समयावधि दें, अगर हमास फिर भी सभी कैदियों को रिहा करने से मना करे तो उनके अब्बा सहित सभी हमास के टॉप आतंकियों को मार दिया जाए।

वीडियो में मोसाब ने कहा, “बंधकों को अगर कुछ भी नुकसान होता है तो इजरायल को सभी हमास नेताओं को फांसी पर चढ़ा देना चाहिए। इजरायल की हिरासत में सैकड़ों लोग हैं। सिर्फ यही भाषा है जो हमास को समझ आती है।”

आगे मोसाब ने कहा, “मैं जब हमास के टॉप लीडर की बात करता हूँ तो उसमें मेरे पिता शेख हसन भी आते हैं। किसी को छूट नहीं। वो किसी को हिंसा के लिए उकसा नहीं सकते। लोगों को मरने के लिए नहीं भेज सकते। बच्चों को भड़काना उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा है।”

NIT श्रीनगर में हुए बवाल से मोसाब का कनेक्शन

मोसाब हसन यूसुफ हमास आतंकियों के खिलाफ अक्सर सवाल उठाते रहे हैं। बताया जाता है कि वह एक वीडियो में पैगंबर मोहम्मद पर भी विवादित बातें कह चुके हैं। पिछले दिनों उनकी वही वीडियो शेयर करने के कारण श्रीनगर के NIT का एक हिंदू छात्र मुश्किलों में पड़ गया। उसने उनकी वीडियो को अपने स्टेटस पर लगाया था। बाद में छात्र के खिलाफ एफआईआर हुई, उसे सस्पेंड किया गया और अब वह इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर है।

हिंदुओं से कोई दिक्कत नहीं- मोसाब

उन्होंने ‘सन ऑफ हमास’ नाम से किताब भी लिखी है। कुछ दिन पहले उन्होंने टाइम्स नाउ को इंटरव्यू दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कट्टर मुस्लिम किसी और के साथ नहीं रह सकते हैं और न ही वे ऐसा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हिंदुओं को कोई परेशानी नहीं है, ईसाई और यहूदी भी सह-अस्तित्व में हैं। हिंसा केवल कट्टर मुस्लिमों की ओर से ही क्यों आती है?”
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उन्होंने आगे कहा था, “मुझे बाकी दुनिया से कोई परेशानी नहीं है। भारतीयों को कोई दिक्कत नहीं है। ईसाई, यहूदी, हम सभी सह-अस्तित्व में हैं। हमास और किसी भी अन्य इस्लामी आंदोलन को ख़त्म करने की ज़रूरत है। हमें इसे बहुत खुले तौर पर और स्पष्ट तरीके कहना होगा। आतंकवाद स्वीकार नहीं है।”

NIT श्रीनगर की वेबसाइट हैक! पैगंबर मुहम्मद के ‘अपमान’ को लेकर हिंदू छात्र पर FIR

    NIT श्रीनगर की वेबसाइट का होमपेज हैक (बाएँ), इस्लामी भीड़ का प्रदर्शन (दाएँ/फोटो साभार: ग्रेटर कश्मीर)
जम्मू कश्मीर के श्रीनगर स्थित ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT)’ कॉलेज की वेबसाइट का होमपेज हैक हो गया है। NIT श्रीनगर की वेबसाइट ‘nitsri.ac.in’ को खोलने पर होमपेज पर लिखा हुआ आ रहा है – “हम तुरंत वापस आएँगे। असुविधा के लिए खेद है लेकिन हम इस समय कुछ मेंटेनेंस की प्रक्रिया में लगे हुए हैं। अगर आपको ज़रूर है तो आप हमेशा हमसे संपर्क कर सकते हैं, अन्यथा हम तुरंत ऑनलाइन वापस आएँगे। – CSC वेब टीम।”

साफ़ है, NIT श्रीनगर की वेबसाइट का होमपेज हैक हो गया है। दूसरी बात ये भी ध्यान देने लायक है कि वेबसाइट पर अन्य पेज खुल रहे हैं, लेकिन ये समस्या होमपेज पर ही है। NIT श्रीनगर अभी चर्चा में है, क्योंकि वहाँ मुस्लिम भीड़ प्रदर्शन कर रही है। पैगंबर मुहम्मद के अपमान का आरोप एक छात्र पर लगाया गया है। उक्त छात्र के खिलाफ पुलिस ने मुस्लिम समाज की भावनाओं को आहत करने के लिए FIR भी दर्ज कर ली है। नीग्रीन पुलिस थाने में ये मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने आम लोगों को भी सावधान किया है कि वो अफवाहों से बचें। प्रदर्शन में शामिल मुस्लिम छात्रों ने आरोपित छात्र को ‘बाहरी’ बताते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी। ‘अल्लाहु अकबर’ और ‘नारा-ए-तकबीर’ के नारे लगाते हुए कट्टरपंथी भीड़ ने प्रदर्शन किया। इस मामले पर राजनीति भी हो रही है और पूर्व मेयर शेख इमरान ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। NIT की अनुशासनात्मक समिति ने उक्त छात्र को कॉलेज से 1 साल के लिए निकाल दिया है।

                                    जम्मू कश्मीर स्थित NIT श्रीनगर की वेबसाइट का होमपेज हैक

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श्रीनगर : हिंदू छात्र ने किया पैगंबर मोहम्मद का अपमान? नेटिजन्स ने बताया – हमास संस्थापक के बेटे

कॉलेजों की वेबसाइट हैक करने का ये पहला मामला नहीं है। गाजियाबाद के जिस इंजीनियरनिंग कॉलेज ABSE में जय श्री राम के नारे बोलने पर छात्र को मंच से उतारा गया था, वहाँ की वेबसाइट हैक हो गई थी। इसी तरह दिल्ली के जिस स्कूल में छात्रों ने ‘जय श्री राम’ बोलने पर खुद को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था, उसकी वेबसाइट हैक हो गई थी। अब नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, श्रीनगर की वेबसाइट का होमपेज हैक हो गया है।

श्रीनगर : हिंदू छात्र ने किया पैगंबर मोहम्मद का अपमान? नेटिजन्स ने बताया – हमास संस्थापक के बेटे की वीडियो और मुस्लिम लड़की का कनेक्शन

NIT श्रीनगर में हिन्दू छात्र पर ईशनिंदा के आरोप के बाद प्रदर्शन (चित्र साभार- वायरल वीडियो स्क्रीनशॉट)
जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में NIT (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी) के छात्रों ने एक हिन्दू छात्र पर ईशनिंदा का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया है। उनका आरोप है कि छात्र ने सोशल मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया है। इस प्रदर्शन के दौरान ‘लब्बैक या रसूल अल्लाह’ के नारे लगे। इस प्रदर्शन के लिए हमास समर्थकों और पाकिस्तानियों की प्रोफ़ाइल फोटो वाले हैंडलों से भी हवा दी गई।

पैगंबर मोहम्मद के कथित अपमान को लेकर श्रीनगर के NIT में बवाल और प्रदर्शन के बाद पुलिस ने आरोपित छात्र के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। साथ ही आरोपित को इंस्टिट्यूट से सस्पेंड करते हुए आने वाले सेमेस्टर के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। यह पूरी घटना मंगलवार (28 नवंबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोप है कि यहाँ पढ़ने वाले एक छात्र (जो हिंदू है) ने इस्लाम के नबी पैगंबर मोहम्मद के विरुद्ध आपत्तिजनक वीडियो अपने व्हाट्सएप स्टेस्ट्स और इंस्टाग्राम पर डाला था। इसके उलट हालाँकि सोशल मीडिया पर कई लोग उस वीडियो का स्क्रीनशॉट लगा कर यह दावा कर रहे हैं कि वो वीडियो हमास के संस्थापक के बेटे का है, खुद आरोपित लड़के ने अपनी ओर से कोई बात नहीं कही है।

सोशल मीडिया में आरोपित लड़के से संबंधित जिस स्क्रीनशॉट को शेयर किया जा रहा है, उसके अनुसार इस वीडियो में हमास संस्थापक का बेटा इस्लाम के बारे में कुछ बता रहा है। कट्टर मुस्लिमों ने इसे पैगंबर मोहम्मद की आपत्ति से जोड़ दिया, ईशनिंदा का आरोप लगा दिया। ऊपर के सोशल मीडिया पोस्ट में आरोपित लड़के और उसकी मुस्लिम गर्लफ्रेंड के बारे में भी लिखा गया है। नेटिजन्स इस पर भी बात कर रहे हैं कि स्थानीय कट्टर मुस्लिम भीड़ को इस बात से दिक्कत है कि एक हिंदू लड़के की गर्लफ्रेंड मुस्लिम क्यों?

ईशनिंदा की बात सुन कट्टर मुस्लिमों की भीड़ जुट गई। कुछ ही देर में इस वीडियो को ईशनिंदा बताते हुए श्रीनगर NIT के तमाम मुस्लिम छात्र ‘लब्बैक या रसूल अल्लाह’ (रसूल अल्लाह हम तेरे लिए हाजिर हैं) का नारा लगाते हुए प्रदर्शन करने लगे।

ये सभी प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस से आरोपित छात्र पर कड़ा एक्शन लेने की माँग कर रहे थे। सोशल मीडिया पर भी ‘NIT चलो’ का ट्रेंड चलाया जाने लगा। इस ट्रेंड को चलाने में कुछ ऐसे वेरिफाइड हैंडल भी शामिल हैं, जो खुल कर आतंकी समूह हमास का समर्थन कर रहे हैं और पाकिस्तान के क्रिकेट खिलाडियों की प्रोफ़ाइल फोटो लगा रखी है।

ऊपर के सोशल मीडिया पोस्ट में आप देख सकते हैं कि लोग आरोपित हिंदू लड़के को फाँसी देने का ट्रेंड भी सोशल मीडिया पर चला रहे। NIT श्रीनगर कैम्पस में माहौल गर्म होता देख कर पुलिस ने हालात को संभाला और प्रदर्शनकरियों को समझा-बुझा कर शाँत करवाया।

मीडिया से बातचीत में पुलिस ने बताया कि आरोपित छात्र के खिलाफ केस दर्ज करके जाँच की जा रही है। कार्रवाई के लिए पत्र NIT के रजिस्ट्रार की तरफ से पुलिस को दिया गया है। वहीं NIT ने आरोपित छात्र को बाकी सेमेस्टरों से अयोग्य घोषित करते हुए संस्थान से निकाल दिया है।

साल 2016 में भी NIT श्रीनगर में क्रिकेट में वेस्टइंडीज से भारत की हार पर जश्न मनाया गया था। तब कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था।


‘इजरायल के जालिमों फिलिस्तीन खाली करो’: धरने पर बैठीं महबूबा मुफ़्ती ने दी ‘बंदूक उठाने’ वाली धमकी, बोलीं – जुल्म बंद नहीं हुआ तो…

फिलिस्तीन के समर्थन में सड़क पर उतरीं महबूबा मुफ्ती (साभार-X हैंडल महबूबा मुफ़्ती)
इजरायल पर हमास द्वारा किए गए आतंकी हमले के जवाब में इजरायल-हमास के बीच 15वें दिन भी युद्ध जारी है। इजरायली सेना लगातार गाजा में हमास के ठिकानों को निशाना बना रही है। इसी बीच पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी खुलेआम फिलिस्तीन के समर्थन में उतर आई हैं।

भारत में टीवी चर्चाओं से लेकर सड़क तक इजराइल के विरुद्ध विधवा विलाप करने वाले हमास द्वारा बेगुनाह 14,000 नागरिको को मारे जाने पर क्यों चुप्पी साधे हुए हैं? पहल करने वाले को गुनहगार क्यों नहीं बोलते? इजराइल के विरुद्ध शोर मचाने वाले उस समय क्यों चुप थे, जब इस्लामिक आतंकवादी भारत में निर्दोष लोगों के खून की होली खेल रहे थे? ये पाखंडी पाकिस्तान द्वारा भारत के कश्मीर के हिस्से को हड़पने पर क्यों चुप हैं? 

दूसरे, ये वही पाखंडी नेता हैं, जो पुलवामा में मारे गए जवानों पर सरकार से कार्यवाही की मांग कर रहे थे, और जब सरकार ने कार्यवाही की तो सबूत मांग रहे थे। पुलवामा में जितने निर्दोष मारे गए, उससे हज़ार गुना तो हमास ने इजराइल में मारे हैं, तो क्या इजराइल सरकार हाथों में चूड़ियां पहनकर बैठी रहती? इन पाखंडी वोट के भूखे नेताओं को विदेशी विपक्ष से शिक्षा लेनी चाहिए, जो संकट की इस घडी में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हत्यारों को सजा देने के लिए तत्पर हैं। लेकिन ये भारतीय छद्दम सेक्युलरिस्ट्स कभी 'हिन्दू आतंकवाद' तो कभी 'भगवा आतंकवाद' कहकर हिन्दुओं को बदनाम कर आतंकवादियों का बचाव कर रहे थे। 

जितना शोर भारत के पाखंडी छद्दम सेक्युलर नेता मचा रहे है, किसी में किसी मुस्लिम देश से इन्हें अपने देश में शरण देने को कहने की हिम्मत है? एक बार एक देश ने गलती की थी, लेकिन वहां जेहादी हरकतें करने पर देश से बाहर कर दिया था। इसी वजह से कोई मुस्लिम देश इन्हीं शरण देने को तैयार नहीं। 

 

महबूबा मुफ़्ती ने श्रीनगर में सड़क पर उतरकर फिलिस्तीन का झंडा लिए हुए विरोध-प्रदर्शन किया। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें वह इजरायल का विरोध और फिलिस्तीन का समर्थन करती नजर आती हैं। हालाँकि, पूरे प्रदर्शन में उन्होंने हमास के आतंकियों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला।

 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वह फिलिस्तीन का झंडा लिए सड़क पर बैठ कर विरोध-प्रदर्शन कर रही थीं। उन्होंने इजरायल गो बैक के नारे लगाते हुए कहा, “फिलिस्तीन में 1500 बच्चे मारे गए हैं और पूरी दुनिया तमाशा देख रही है। अगर इजरायल को फिलिस्तीन पर जुल्म करने से नहीं रोका गया तो नतीजा खतरनाक होगा। पूरी दुनिया को इजरायल पर दबाव बना, जंगबंदी को लागू कराना चाहिए।”

गो बैक इजरायल गो बैक के नारेबाजी कर रहे पीडीपी के प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इजरायल को गाजा पट्टी पूरी तरह से खाली कर फिलिस्तीनियों को उनका हक दे देना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल महबूबा मुफ्ती ने कहा कि फिलिस्तीन के हालात अत्यंत गंभीर हैं। और पूरी दुनिया तमाशा देख रही है। किसी को भी फिलिस्तीन में 1500 बच्चों की मौत नजर नहीं आ रही है।

इतना ही नहीं महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में पीडीपी कार्यकर्ताओं ने भी आज पार्टी मुख्यालय के बाहर फिलिस्तीन के समर्थन में धरना दिया। धरने पर बैठे पीडीपी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने इजरायल के खिलाफ और फिलिस्तीनियों के समर्थन में लिखे नारों वाले बैनर और तख्तियाँ ले रखी थी। 

वहीं महबूबा मुफ्ती ने रूस-यूक्रेन युद्ध का हवाला देते हुए कहा कि जब यूक्रेन में दो वर्ष के भीतर 500 बच्चे मारे गए तो पूरा विश्व चीखने लगा था। आज फिलिस्तीन में हजारों की संख्या में लोग मारे जा रहे हैं तो कोई बात नहीं कर रहा है। हम दुनिया भर के देशों से अपील करते हैं कि इजरायल पर दबाव बनाकर सीजफायर कराओ। अगर इजरायल का यह जुल्म बंद नही कराया गया तो इसके नतीजे बहुत खतरनाक होंगे।

इतना ही नहीं उन्होंने लगभग धमकी देते हुए कहा कि यदि इजरायल का यह जुल्म बंद नहीं हुआ तो और भी लोग बन्दूक उठाएँगे। इससे दुनिया में और भी अधिक हालात खराब होंगे। इसलिए हम कहते हैं कि इजरायल के जालिमों फिलिस्तीन को खाली करो। 

हमास द्वारा इजरायल पर किए गए आतंकी हमले में जहाँ करीब 1400 लोग मारे गए हैं वहीं 200 से अधिक के बंधक बनाए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बाद गाजा पर इजरायल द्वारा की गई कार्रवाई में सैकड़ों बच्चों सहित करीब 4,137 लोगों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। जबकि दस लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। इसके अलावा 13,000 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।


The Kashmir Files : विवेक अग्निहोत्री को ऐसी धमकी ‘बेटे-बहू-बच्चे… श्रीनगर आओ, सबको मार डालेंगे’ देने वाले को तुरंत गिरफ्तार किया जाए

                                 विवेक अग्निहोत्री ने शेयर किया कश्मीरी पंडित को भेजा गया धमकी भरा पत्र
‘द कश्‍मीर फाइल्‍स’ (The Kashmir Files) ने कश्मीर में हिंदुओं के नरसंहार की कई दबी कहानियों को स्वर देने का काम किया है। विवेक अग्निहोत्री की इस फिल्म के रिलीज होने के बाद लोग खुद सामने आकर दुनिया के साथ आपबीती साझा कर रहे हैं। इस बीच अग्निहोत्री ने एक लेटर ट्विटर पर शेयर किया है। इसके जरिए उन्होंने यह बताने की कोशिश है कि उस वक्त कश्मीर के हिंदुओं को किस तरह धमकाया जा रहा था।

कश्मीर में कश्मीरी हिन्दू पंडितों पर हुए अत्याचार को सार्वजनिक करने पर परिवार सहित मारने की धमकी देने का मतलब है कि कट्टरपंथी अपनी काली करतूतों के सामने आने पर जिस तरह निर्माता विवेक को धमकाने वाले और उनके समर्थन में आने वालों पर भी नकेल डालनी समय की मांग है। ऐसे उपद्रवियों पर अगर समय रहते कार्यवाही नहीं की, कश्मीर पुनः दोहराया जा सकता है। 

विवेक अग्निहोत्री द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पत्र में लिखा है, “तुम आईबी हो। तुम्हारी पत्नी आईबी है। हम सभी को मार डालेंगे। तुम्हारे 3 बेटे, 2 बहू और उनके बच्चे। श्रीनगर आओ, तुम्हारी हत्या कर दी जाएगी। सावधान रहो, तुम दुश्मन हो।” बता दें कि ये पत्र उस वक्त का है जब कश्मीर में पंडितों पर अत्याचार हो रहा था। लोगों को सरेआम धमकियाँ दी जा रही थी। उन्हें भारत सरकार का जासूस बताया जा रहा था।

 

इस लेटर को शेयर करते हुए अग्निहोत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार जताया है। उन्होंने लिखा है, “शुक्रिया पीएमओ इंडिया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भारत के सबसे बड़े मूल्य– सत्य के बारे में सभी को याद दिलाने के लिए। यही कश्मीर की सच्चाई है। अगर कोई इस पर विवाद करता है, तो मैं इस तरह के हजारों मूल दस्तावेज पेश कर सकता हूँ। सत्यमेव जयते।” 

मोदी भी इस फिल्म की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि ऐसी फिल्में कई बार बनाई जानी चाहिए। बीजेपी संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ का जिक्र करते हुए इसके डायरेक्टर को न‍िडर भी बताया था। पीएम ने कहा था कि जो लोग हमेशा फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के झंडे लेकर घूमते हैं, वह पूरी जमात बौखला गई है। इस फ‍िल्म की तथ्यों और आर्ट के आधार पर विवेचना करने के बजाय उसको हतोत्साह‍ित करने की मुह‍िम पूरे इको-स‍िस्टम ने चला रखी है।

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The Kashmir Files : इस्लामी आतंकियों के बचाव में उतरी कांग्रेस ;‘399 कश्मीरी पंडित मरे, मुस्लिम तो 15000 मारे गए’

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The Kashmir Files : इस्लामी आतंकियों के बचाव में उतरी कांग्रेस ;‘399 कश्मीरी पंडित मरे, मुस्लिम तो 15000 मारे गए’

द कश्मीर फाइल्स में आतंकी कमांडर फारूक मलिक डार उर्फ बिट्टा कराटे की भूमिका निभाने वाले चिन्मय मंडेलकर ने कहा था, “जब मैंने पहली बार स्क्रिप्ट पढ़ी तो चौंक गया था। द कश्मीर फाइल्स को देखने के बाद लोग अब जो महसूस कर रहे हैं, वही मैंने स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद अनुभव किया। मैंने विवेक से पूछा- क्या यह सब सच है? क्या वास्तव में ऐसा हुआ है? उन्होंने बहुत ही शांत स्वर में मुझसे कहा- स्क्रिप्ट में जो कुछ भी लिखा गया है वह वास्तव में जो हुआ है उसका सिर्फ 35 प्रतिशत है, क्योंकि वास्तव में जो हुआ है वह कहीं अधिक क्रूर है।”