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श्रीनगर के जिस पुलिस स्टेशन में रखा गया था फरीदाबाद से जब्त विस्फोटक, वहाँ बड़ा धमाके; शरीर के उड़े लोथड़े, थाने की दीवारें भरभरा के गिरीं: 9 की हुई मौत

                    श्रीनगर पुलिस स्टेशन में विस्फोटक ब्लास्ट की तस्वीरें (साभार : X_@thepagetody)
श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में जब्त किए गए विस्फोटक की जाँच के दौरान बड़ा धमाका हुआ। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई और 27 घायल हुए। विस्फोट में थाने का एक हिस्सा टूट गया और बचाव कार्य देर तक बाधित रहा। धमाका उस बड़े टेरर मॉड्यूल की जाँच से जुड़ा था, जिसमें आतंकी डॉक्टरों का एक नेटवर्क सामने आया था। घटना की जाँच दो एंगल से हो रही है- हैंडलिंग में चूक या आतंकी साजिश। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

धमाका कैसे हुआ

धमाका शुक्रवार (14 नवंबर 2025) रात देर से हुआ। पुलिस और फॉरेंसिक टीम जब बरामद किए गए विस्फोटक की सैंपलिंग कर रही थी, तब अचानक ब्लास्ट हो गया। यह विस्फोट इतना तेज था कि थाने के एक हिस्से की दीवारें गिर पड़ीं। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। आसपास घरों के शीशे टूट गए और लोग दहशत में आ गए।

हादसे में जानमाल का नुकसान

धमाके में कुल 9 लोग मारे गए। इनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी और फॉरेंसिक स्टाफ शामिल हैं। 27 लोग घायल हुए हैं। कई की हालत गंभीर है। कुछ लोग लापता बताए गए और उनकी तलाश मलबे में चल रही है। मानव अंग दूर-दूर तक बिखरे मिले, जिससे धमाके की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

बचाव और राहत कार्य की स्थिति

विस्फोट के बाद पुलिस स्टेशन से आग की लपटें उठने लगीं। छोटे-छोटे लगातार धमाकों ने बचाव टीम को तुरंत अंदर जाने नहीं दिया। फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस तेजी से मौके पर पहुँचे। घायलों को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अस्पतालों को तुरंत अलर्ट पर रखा गया।
डिप्टी कमिश्नर अक्षय लाबरू ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों को सभी जरूरी सुविधाएँ तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आसपास के क्षेत्रों की तलाशी जारी है।

जाँच के दो मुख्य एंगल

जाँच एजेंसियाँ दो संभावित कारणों पर काम कर रही हैं। पहला, विस्फोटक की हैंडलिंग के दौरान तकनीकी चूक। अमोनियम नाइट्रेट बेहद संवेदनशील होता है और छोटी गलती भी भारी नुकसान पहुँचा सकती है।
दूसरा एंगल, आतंकी साजिश का है। थाने में खड़ी एक संदिग्ध कार से आईईडी फटने की आशंका जताई गई है। इससे पास में रखा विस्फोटक भी फट सकता है। कुछ आतंकी संगठनों ने धमाके की जिम्मेदारी ली है, जिससे शक और गहरा हो गया है।

टेरर मॉड्यूल की जाँच से जुड़ा मामला

नौगाम पुलिस स्टेशन एक इंटरस्टेट टेरर मॉड्यूल की जाँच कर रहा था। यह मॉड्यूल पोस्टर चिपकाने, कट्टरपंथ, और बड़े पैमाने पर विस्फोटक जमा करने से जुड़ा था। शुरुआती सुराग सीसीटीवी फुटेज से मिले थे। इससे गिरफ्तारियाँ हुईं।
पूरी जाँच डॉक्टरों के एक नेटवर्क तक पहुँची। इनके ठिकानों से 360 किलो विस्फोटक मिला था। इन्हें हरियाणा के फरीदाबाद से लाया गया था। यह वही विस्फोटक था जिसकी सैंपलिंग के दौरान ब्लास्ट हुआ। मॉड्यूल का एक सदस्य अब भी फरार है। एक अन्य के पास से AK-56 भी बरामद हुई थी। यह पूरा नेटवर्क गंभीर साजिश रच रहा था।
घटना के बाद NIA, SOG और बम स्क्वाड की टीमें तुरंत पहुंच गईं। पूरे क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया गया। सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कोई दूसरी घटना न हो। अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है। जाँच टीमें मौके पर काम कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

2000+ हिरासत में, 8 आतंकियों के घर जमींदोज, ब्लास्ट से उड़ाए गए ‘जिहादी ठिकाने’: पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक्शन, आतंक समर्थकों-OGW से हो रही पूछताछ

            सेना और प्रशासन लगातार आतंकियों के घर जमींदोज कर रहा है (साभार: Deshgujarat/X & @KashmirExclusi1 /X)
जम्मू
कश्मीर के पहले गेम में आतंकवादी हमलों के बाद सेना का एक्शन रिलीज़ हुआ है। सेना संस्थान-ए-तैयबा से जुड़े एक-एक अपराधी का घर उड़ रही है। इसी के साथ ही बड़ी संख्या में कश्मीर से लोग भी संविधान के लिए जा रहे हैं। डिज़ायंट में जाने वालों में ओवर ग्राउंड स्मारक और पूर्व अपराधी भी शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सेना की कार्रवाई में शनिवार (26 अप्रैल, 2025) को 4 और साइंटिस्ट के घर जमींदोज हो गए। यह कार्रवाई शोपियां, कुलगाम और कूप वेव में की गई। शोपियां में शैतान तानाशाह मोहम्मद अहमद कुट्टे का घर बनाया गया। कुट्टे 2023 से ही गायब हो गया है और विश्विद्यालय में शामिल हो गया है।  

कुलगाम में एक और अपराधी जाकिर का घर बदल गया। जाकिर भी 2023 से गायब हैं और उनकी भी ऑफिस वास्टहाउस या टी से जुड़ी बात सामने आई है। उनका घर भी एक आभूषण के रूप में खुला है। इन दोनों के साथ ही एक और कट्टर अपराधी फारूक तिवड़ा का भी घर गिर गया है।

फारूक के 1990 में पाकिस्तान जाने की बात कही जाती है। वह तब से कहीं और रह रही है और भारत के अत्याचारी कारवाइयों को अंजाम दे रही है। उसका घर कूप में था, जहां से सोना नक्षत्र है। ज़्यादातर घर पूरी तरह से तहस-नहस हो गए हैं। बांदीपोरा में भी एक आंतकी जमील अहमद के घर जाने की जानकारी है।

अहसान उल शेख नाम के एक हत्यारे का भी घर स्पिरिट ने शुरुआती गेम में अपराधी हमले के बाद  विस्फोट किया है  । इन सबके साथ ही हमलावर एहसान उल शेख का भी दिल टूट गया है। अदनान शफ़ी नाम के एक दोस्त का घर भी जमींदोज़ हो गया है।

इससे पहले गेम के खुलासे में 2 नौकरानी के घर के टुकड़े शामिल थे, जो नीचे दिए गए थे। अब तक 8-9 बिजनेसमैन के घर पर ये एक्शन हो चुका है। रेज़िस्टेंस का कहना है कि उन्हें संत के घर में पहले से IED मिल रहे हैं, जिसमें डिफ्यूज़ करने के लिए ब्लास्ट करना शामिल है। इसी के चलते ये घर गिर गए हैं।

परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के घर गिराने के साथ ही स्टॉल ने पहलगाम में आकर मशगूल होकर भी कार्रवाई तेज कर दी है। कश्मीर से लगभग 2000 लोग शासन में चले गये। इनमे नौकरानी से हमदर्दी होटल वाले, पूर्व कामगार और श्रमिक श्रमिक शामिल हैं। आपकी पूछताछ चल रही है।

पुलिस ने 2 साजिस्टरों को भी गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इलेक्शन की फोटो और सेक्रेटरी जारी की जा चुकी हैं। फर्स्टगाम मराठा के विषय में ₹20 लाख के प्रोत्साहन की भी घोषणा की गई है। ऑनलाइन सर्च में लगातार सर्च ऑपरेशन हो रहे हैं।

22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में एक टूरिस्ट स्पॉट पर इस्लामिक ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। संत की हत्या से पहले ये पुष्टि हुई थी कि मरने वाले हिंदू हैं या नहीं। इस हमले में एक बदमाश से भी कई लोग घायल हो गए।

कर्नाटक : बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में रहस्ममयी ब्लास्ट, मौके पर बम निरोधक दस्ता: बोले बीजेपी MP तेजस्वी सूर्या- कस्टमर छोड़कर गया था बैग

                                     बेंगलुरु ब्लास्ट (फोटो साभार : X_ANI/Tejaswi_Surya)
बेंगलुरु के एक कैफे में रहस्यमयी धमाका हुआ है। यहाँ एक बैग में रखे सामान में ब्लास्ट होने से पाँच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। धमाका रामेश्‍वरम कैफे में हुआ है। एचएएल पुलिस स्टेशन को एक घटना की सूचना मिली जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुँची। बेंगलुरु के कैफे में हुए धमाके को शुरूआती जानकारी में सिलेंडर ब्लास्ट का मामला बताया गया। हालाँकि भाजयुमो अध्यक्ष और बेंगलुरु से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कैफे के संचालक के हवाले से दावा किया है कि ये विस्फोट एक बैग में हुआ, जो एक ग्राहक लेकर आया था।

सिलेंडर ब्लास्ट की मिली थी सूचना

शुरुआती जानकारी में पता चला कि बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड में द रामेश्वरम कैफे में विस्फोट हुआ, जिसमें कुछ लोग घायल हो गए। व्हाइटफील्ड फायर स्टेशन की तरफ से बताया गया कि उन्हें सिलेंडर ब्लास्ट की सूचना मिली थी। एक कर्मचारी ने बताया, “हमें फोन आया कि रमेश्वरम कैफे में सिलेंडर विस्फोट हुआ है। हम मौके पर पहुँचे और स्थिति का विश्लेषण कर रहे हैं।”
भाजयुमो अध्यक्ष और बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने इसे बम धमाका बताते हुए मुख्यमंत्री से स्पष्टता की माँग की है। तेजस्वी सूर्या ने कहा, “अभी-अभी रामेश्वरम कैफे के संस्थापक श्री नागराज से उनके रेस्तरां में हुए विस्फोट के बारे में बात हुई। उन्होंने मुझे बताया कि विस्फोट एक ग्राहक द्वारा छोड़े गए बैग के कारण हुआ, न कि किसी सिलेंडर विस्फोट के कारण। इस धमाके में रेस्तराँ का एक कर्मचारी भी घायल हो गया है। यह स्पष्ट तौर पर बम विस्फोट का मामला लग रहा है। सीएम सिद्दारमैया से बेंगलुरू स्पष्ट जवाब चाहती है।”
बम निरोधक दस्ता भी रामेश्वरम कैफे पहुँचा, जहाँ धमाका हुआ था।
घटनास्थल पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम और जाँच में जुट गई।
बेंगलुरु सेंट्रल से बीजेपी सांसद पीसी मोहन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “बेंगलुरु सेंट्रल संसदीय क्षेत्र के रामेश्वरम कैफे में रहस्यमयी विस्फोट के बारे में सुनकर चिंतित हूँ। मेरी संवेदनाएँ प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। अधिकारियों से जाँच करने और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह है।”
ये धमाका 1 मार्च को दोपहर के समय हुआ। इस धमाके में पाँच लोगों के घायल होने की खबर है। जिस रामेश्वरम कैफे में ये धमाका हुआ, वहाँ आम तौर पर काफी भीड़ रहती है। हालाँकि अभी तक धमाके की वजह सामने नहीं आ पाई है। जाँच के बाद ही धमाके की असली वजह सामने आ पाएगी।

दिल्ली : इजरायली दूतावास के पास धमाके का ‘अल्लाह हू अकबर’ कनेक्शन, जिहाद जारी रखने की धमकी

धमाके के बाद दूतावास के बाहर मौजूद सुरक्षाकर्मी (चित्र साभार: India Today)
देश की राजधानी दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में स्थित इजरायली दूतावास के पास 26 दिसम्बर 2023 की शाम को एक धमाका हुआ। धमाके के बाद मौके पर पहुँची दिल्ली पुलिस को यहाँ से एक पत्र बरामद हुआ है। इसमें जिहाद और अल्लाह हू अकबर जैसे नारों और गाजा में चल रहे युद्ध का जिक्र है।

1965 में इंडो-पाक युद्ध के दौरान देशभक्ति से ओतप्रोत कई गैर-फ़िल्मी गीतों का प्रसारण होता था, और इन गीतों में मोहम्मद रफ़ी द्वारा गया गीत "कहनी है एक बात हमें, इस देश के पहरेदारों से, सम्भल के रहना अपने घर में छुपे हुए गद्दारों से...." बहुत अधिक चर्चित हुआ था। यदाकदा यह गीत आज भी अपनी प्रासंगिता यानि दूरदर्शिता यानि दार्शनिकता दर्शा रहा है। भारत सरकार को इन उपद्रवियों को सात समुद्र पार जाकर गिरफ्तार कर कार्यवाही करनी होगी। काफी समय से अब यह भी चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि "जब तक उपद्रवियों को परिवार सहित ब्लैकलिस्ट कर सरकारी सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाएगा, अपनी हरकतों से बाज नहीं आएंगे और बेगुनाह इनके शिकार होते रहेंगे।   

जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में स्थित इजरायली दूतावास के पास खाली पड़े एक प्लॉट में शाम 26 दिसम्बर 2023 की शाम 5 बजे एक धमाका हुआ। धमाके की सूचना के बाद दिल्ली पुलिस बम स्क्वाड और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुँची।

दिल्ली पुलिस ने इलाके को सील करके आसपास जाँच की और पाया कि यह धमाका कम आवृत्ति वाला था। दिल्ली पुलिस की जाँच टीम ने इसी प्लॉट से एक पत्र भी बरामद किया है। पत्र इजरायल के राजदूत को संबोधित करके लिखा गया है। पत्र की भाषा काफी अभद्र है और इसमें गालियों का भी उपयोग किया गया है।

यह पत्र एक पन्ने का है और इसे टाइप करके लिखा गया है। यह पत्र इजरायल के झंडे में लपेट कर यहाँ छोड़ा गया था। पत्र में गाजा पट्टी में हो रही इस्लामी आतंक विरोधी कार्यवाही रोकने की धमकी दी गई है। इसमें इस्लामी नारों जैसे कि ‘अल्लाह-हू-अकबर’ और ‘जिहाद’ जैसे शब्दों का उपयोग किया गया है।

इस पत्र में इजरायल के खिलाफ जिहाद जारी रखने की धमकी दी गई है। गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर हमला कर दिया था। इसके बाद इजरायल गाजा में लगातार आतंक विरोधी अभियान चला रहा है। यह धमाका इसी की प्रतिक्रिया में बताया जा रहा है।

इजरायली दूतावास ने इस बम धमाके की पुष्टि की है। भारत में इजरायल के उपराजदूत ओहाद नकश कायनार ने कहा, “आज शाम (26 दिसम्बर 2023) को शाम पाँच बजे के कुछ मिनटों के बाद दूतावास के पास में एक धमाका हुआ। हमारे सारे कर्मचारी और राजनयिक सुरक्षित हैं। हमारी सुरक्षा एजेंसियाँ दिल्ली पुलिस के साथ सहयोग कर रही हैं और मामले की आगे जाँच की जा रही है।” इजरायल के भारत में राजदूत नाओर गिलोन ने स्पष्ट किया है कि धमाके के समय वह दूतावास में नहीं थे।

दिल्ली पुलिस के अलावा धमाके वाली जगह की जाँच राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) ने भी की है। जाँच में धमाके वाली जगह पर कोई अवशेष नहीं मिले हैं, इसलिए अभी शुरूआती तौर पर इसे एक रासायनिक धमाका माना जा रहा है। हालाँकि, पूरी जानकारी जाँच के बाद ही सामने आएगी।

धमाका करने वालों की तलाश के क्रम में आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जाँच की जा रही है। दिल्ली पुलिस को अभी सीसीटीवी में दो लोग दिखे हैं, जिन पर धमाके का शक जताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस सीसीटीवी के सहारे इन्हें पहचान कर इनकी तलाश में जुटी है।

उधर इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इजरायली दूतावास के बाहर हुए इस हमले के बाद अपने नागरिकों के लिए यात्रा सलाह जारी की है। सुरक्षा परिषद इसे एक संभावित आतंकी हमला मान कर चल रही है। इसने अपने नागरिकों से भारत और विशेष कर दिल्ली में भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी है। साथ ही ऐसे जगहों पर जाने से बचने को कहा है जो कि इजरायली और यहूदी समुदाय के आने जाने वाली जगहें मानी जाती हैं। सुरक्षा परिषद ने अपनी सलाह में इजरायली नागरिकों ने भारत में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

हालाँकि यह पहली बार नहीं है जब नई दिल्ली में स्थित इजरायली दूतावास को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले जनवरी 2021 में भी इजरायली दूतावास के बाहर एक धमाका हुआ था। इस धमाके में जान माल की कोई क्षति नहीं हुई थी लेकिन कुछ गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं थी। दिल्ली पुलिस ने इजरायली दूतावास और यहूदियों के धार्मिक स्थलों समेत अन्य जगह पर सुरक्षा को धमाके के बाद बढ़ा दिया है।

'लाल अटैक' ने ले ली भाजपा विधायक भीमा मंडावी जान

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दंतेवाड़ा में बीजेपी विधायक भीमा मंडावी
लोकसभा चुनावों से ठीक पहले छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने एक बार फिर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को अपना निशाना बनाया। छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में नक्सलियों के इस हमले में सीआरपीएफ के तीन जवान शहीद हो गए जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक भीमा मंडावी और वाहन चालक की जान चली गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद जवानों के प्रति शोक संवेदना जताई है और कहा है कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। 
अप्रैल 9 को सूरज धीरे धीरे अस्त होने की कगार पर था। लेकिन दंतेवाड़ा के बीजेपी विधायक भीमा मंडावी और छत्तीसगढ़ पुलिस के चार जवानों की जिंदगी का सूरज पूरी तरह अस्त हो गया। बीजेपी विधायक की काफिले की रफ्तार पर नक्सलियों ने न सिर्फ ब्रेक लगा दिया बल्कि भूपेश बघेल सरकार के लिए जबरदस्त चुनौती भी पेश की है।
इस बीच एंटी-नक्सल ऑपरेशन के डीआईजी पी सुंदर राज ने कहा, 'हमें सूचना मिली कि दंतेवाड़ा में हुए आईईडी ब्लॉस्ट में तीन जवान शहीद हो गए। इस हमले में भाजपा विधायक भीमा मंडावी और वाहन के चालक की भी जान गई है। यह एक शक्तिशाली आईईडी विस्फोट था।'
'लाल आतंक' का साया
आईईडी धमाके के सामने तकनीक का आवरण (बुलेटप्रूफ गाड़ी) बौना साबित हुआ। नक्सली अपने मकसद में कामयाब हो चुके थे और पीड़ितों का परिवार गम के सागर में डूबा हुआ है। लेकिन नक्सलियों की कायराना हरकत आज से ठीक 6 साल पहले की एक घटना की याद दिलाती है जिसमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस की टॉप यूनिट के नेताओं को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

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: Convoy of BJP MLA Bheema Mandavi attacked by Naxals in Dantewada. The escort vehicle of Chhattisgarh State Police also came under the blast. 5 personnel of Chhattisgarh State Police are critically injured.
झीरम घाटी की याद हुई ताजा
बीजेपी विधायक भीमा मंडावी की हत्या और 2013 में कांग्रेस नेताओं की हत्या में काफी समानता है। लाल सलाम का नारा बुलंद करने नक्सली दंतेवाड़ा के झीरम घाटी में एक ऐसी नापाक योजना को अंजाम देने में कामयाब हुए थे जो तत्कालीन बीजेपी सरकार के लिए बड़ी चुनौती की तरह था। 2019 की तरह ही 2013 में चुनावी माहौल था। कांग्रेस की टॉप लीडरशिप दंतेवाड़ा के लोगों को ये संदेश देने की कोशिश में थी कि गोली का जवाब सिर्फ गोली नहीं होती है। लेकिन नक्सलियों को शायद ये संदेश पसंद नहीं आया था।

नक्सली किसी भी कीमत पर सलवा जुडूम अभियान चलाने वाले महेंद्र कर्मा को मारने की फिराक में थे। महेंद्र कर्मा के साथ वी सी शुक्ल, तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चीफ नंद कुमार पटेल समेत कांग्रेस के 25 नेता झीरम घाटी के दरभा इलाके में एक ऐसे सफर पर निकले थे जो उनके लिए अंतिम सफर साबित हुआ था। 
लोकतंत्र के 'लाल दुश्मन'
कांग्रेस नेताओं के काफिले को नक्सलियों ने जबरदस्त तरीके से निशाना बनाया। नक्सलियों की योजना इतनी फूलप्रूफ थी कि शायद ही किसी को बचने का मौका मिला। नक्सलियों की बर्बर सोच का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि न केवल उन्होंने कांग्रेस के काफिले को आईईडी धमाके से उड़ा दिया,बल्कि महेंद्र कर्मा की आंखों में गोलियां दागी थी और उनकी शरीर पर डांस भी किया था।करीब लाल आतंक के 6 साल के इस सफर में न जानें कितनी वारदातों को अंजाम दिया। लेकिन दंतेवाड़ा में बीजेपी विधायक की हत्या के बाद नक्सलियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बेपटरी करने की कोशिश की है। 

नक्सली हमले:
  1. 24 अप्रैल 2017 : सुकमा जिले में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के 25 जवान शहीद हो गए। नक्सलियों ने सीआरपीएफ की 74 बटालियन की रोड-अपनिंग पार्टी को निशाना बनाया था। सीआरपीएफ के इस काफिले पर हमला चिंतागुफा इलाके में हुआ था। यह इलाका बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आता है।
  2. 2 मार्च 2017: सुकमा जिले में नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ के 12 जवान शहीद हुए। नक्सलियों ने घात लगाकर जवानों पर हमला किया था। जवानों की हत्या करने के बाद नक्सली जवानों के हथियार भी अपने साथ ले गए। नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट के जरिए सीआरपीएफ के 219 बटालियन के जवानों कोनिशाना बनाया था। यह स्थान राजधानी रायपुर से करीब 450 किलोमीटर दूर है। जवानों पर यह हमला भेजी गांव के पास सुकमा के घने जंगल में हुआ था।
  3. 11 मार्च 2014 : सुकमा जिले में नक्सलियों के हमले में कथित रूप से 15 सुरक्षाकर्मियों की जान गई।
  4. 28 फरवरी 2014 : नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर हमला किया। इस हमले में एक एसएचओ सहित छह पुलिसकर्मी शहीद हुए।
  5. 2 जुलाई 2013 : दुमका इलाके में नक्सलियों के हमले में झारखंड के पाकुड़ के एसपी और चार अन्य पुलिस अधिकारी शहीद हो गए।
  6. 25 मई 2013 : छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का यह अब तक का सबसे भीषण हमला माना जाता है। इस हमले में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का सफाया हो गया। दरभा घाटी में नक्सलियों के इस हमले में पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा, छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष नंद किशोर पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता मारे गए।
  7. 18 अक्टूबर 2012 : गया जिले में नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ के छह जवान शहीद और एक डिप्टी कमांडेंट सहित आठ सुरक्षाकर्मी घायल हुए। नक्सलियों ने जवानों पर घात लगाकर हमला किया। इसके बाद जवानों एवं नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई।
  8. 29 जून 2010 : नारायणपुर जिले में नक्सलियों के घात लगाकर किए गए इस हमले में सीआरपीएफ के 26 जवान शहीद हुए। इस साल नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर सिलसिलेवार हमले किए थे। इनमें यह सबसे बड़ा हमला था।   
  9. 8 मई 2010 : नक्सलियों ने बीजापुर जिले में बुलेट-प्रूफ वाहन को विस्फोट से उड़ाया। इस हमले में सीआरपीएफ के आठ जवान शहीद हुए।
  10. 6 अप्रैल 2010 : दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों ने अपने बड़े हमले को अंजाम दिया। इस हमले में सीआरपीएफ के 75 जवान शहीद हुए। नक्सलियों के हमले में राज्य पुलिस के एक अधिकारी की भी जान गई।
  11. 4 अप्रैल 2010 : ओडिशा के कोरापुट जिले में लैंडमाइन ब्लॉस्ट में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के 11 जवान शहीद हुए। 
  12. 15 फरवरी 2010 : पश्चिम बंगाल में वेस्ट मिदनापुर जिले के सियालदह में नक्सलियों ने ईएफआर कैंप पर हमला किया। इस हमले में इस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स (ईएफआर) के कम से कम 24 जवान शहीद हुए।