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मध्य प्रदेश : इंदौर में लव जिहाद की फंडिंग करने वाला कांग्रेसी पार्षद अनवर कादरी उर्फ़ ‘अनवर डकैत‘ ही नहीं, उसके दोस्त-रिश्तेदार भी फरार : हिंदू महिलाओं को फँसाकर कराता था धंधा; महिला वर्ग खामोश क्यों?

                                        अनवर कादरी प्रोफाइल फोटो (साभार : Bhaskar)
मध्य प्रदेश साबित कर रहा कांग्रेस का हिन्दू विरोधी और मुस्लिमपरस्त चेहरा। कांग्रेस नेता 
अनवर कादरी उर्फ़ ‘अनवर डकैत‘ के अलावा अन्य राज्यों में कांग्रेस खुद इन आरोपों को साबित करती रही है। वैसे तो पाकिस्तान, फिलिस्तीन और अब ईरान के लिए उपजा प्रेम मुस्लिम तुष्टिकरण का सबूत दे रहा है। इजराइल ने आम नागरिकों पर बमबारी नहीं की जबकि हमास और ईरान द्वारा आम नागरिकों पर बमबारी की जा रही है। लेकिन कादरी के इस घिनौने काम पर कांग्रेस में महिला वर्ग की चुप्पी को क्या समझा जाए?   

इंदौर में कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी पर पहले से ही 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें जानलेवा हमला, डकैती, बलवा, अवैध हथियार रखना और जमीन कब्जा करना शामिल है। अनवर कादरी और उसका भाई साल 2011 में जानलेवा हमले के आरोप में एक-एक साल की सजा भी काट चुके है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ‘लव जिहाद’ के लिए फंडिंग करने के गंभीर आरोप के बाद से कादरी फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह छापेमारी की है और उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर पुलिस को खुली छूट देते हुए कादरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और उस पर बुलडोजर कार्रवाई की भी आशंका जताई जा रही है।

आरोपों का पुलिंदा और पुलिस की दबिश

कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी, जिसे ‘अनवर डकैत‘ के नाम से भी जाना जाता है, ‘लव जिहाद’ के मामले में आरोपित बनने के बाद से अपने परिवार समेत फरार है। अनवर कादरी मुस्लिम लड़कों को हिंदू युवतियों को फँसाने के लिए पैसे देता था।

पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार उसके संभावित ठिकानों, घर और ससुराल पर दबिश दे रही है, लेकिन अब तक वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। कादरी के घर पर ताला लगा हुआ है।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अनवर कादरी पर सिमी (Students Islamic Movement of India) से जुड़े होने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि कादरी ने कई प्लॉट और मकानों पर जबरदस्ती कब्जा किया है।

मंत्री ने दोहराया कि कादरी जैसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सख्त सजा मिलेगी।

वहीं, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया है कि उन्होंने संभाग आयुक्त को कादरी की पार्षदी खत्म करने के लिए पत्र लिखा है, और जल्द ही उसकी पार्षदी समाप्त कर दी जाएगी।

इसके अलावा, ‘लव जिहाद’ की फंडिंग के मामले में भी उस पर गहन जाँच चल रही है। जाँच पूरी होने के बाद उस पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शहर में कई जगहों पर अनवर कादरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इंदौर के राजवाड़ा पर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने अनवर कादरी का पुतला फूँका। करणी सेना ने आरोप लगाया कि कादरी ‘लव जिहाद’ को फंडिंग करता है, उसने कई हिंदू परिवारों को धमकाया है और अवैध वसूली के मामलों में उसका नाम दर्ज है।

दोस्त-रिश्तेदार भी फरार

मध्यप्रदेश के इंदौर में हिंदू युवतियों से रेप और लव जिहाद के मामले के आरोपित अनवर कादरी की तलाश अभी जारी है। इसी बीच अब पता चला है कि उसके घरवाले और दोस्त भी घर छोड़कर भाग गए हैं।

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कॉन्ग्रेस पार्षद अनवर कादरी की खोज में पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है। इसी क्रम में बाणगंगा और सदर बाजार थाने की पुलिस शनिवार (21 जून 2025) को संयुक्त रूप से अनवर के दोस्त और रिश्तेदारों के घर पहुँची तो घर में ताला लगा हुआ था।

बाणगंगा पुलिस के अनुसार अनवर कादरी ने आरोपित अल्ताफ और साहिल को हिंदू लड़कियों को फँसाकर उनसे शादी करने और फिर उन्हें देह व्यापार में लगा देने के लिए फंडिंग की है। 13 जून को पुलिस ने अल्ताफ और साहिल शेख को गिरफ्तार किया था।

पूछताछ में दोनों ने बताया कि अनवर कादरी ने उन्हें हिंदू लड़कियों से शादी कर धर्म परिवर्तन और देह व्यापार कराने के लिए कहा था, जिसके लिए कादरी ने अल्ताफ को एक लाख और साहिल को दो लाख रुपए भी दिए थे।

इस मामले में जब पुलिस एक-एक कर भिस्ती मोहल्ला, मूसाखेड़ी और सदर बाजार में उसके दोस्तों के घर गई तो देखा कि उनमें से एक भी घर पर नहीं थे, सभी के घरों में ताला लगा हुआ था।

क्या योगी को मारने की साज़िश थी? सर्वे की आड़ में बहराइच में बिछाया जा रहा था विस्फोटक, योगी के दौरे से पहले 500 किलो का जखीरा मिला; बंगाल के 70 लोग गिरफ्तार: मजार को बुलडोजर से किया समतल

500 किग्रा विस्फोटक के साथ पकड़े गए बंगाली लोग (बाएँ), मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (दाएँ), (फोटो साभार : Panchanjya & News18)
पंजाब में कांग्रेस राज में भी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मारने की साज़िश विफल हो गयी थी। रास्ता रोकने पर कुछ देर इंतज़ार कर, पंजाब में कांग्रेस सरकार को सन्देश दे दिया कि "मैं जिन्दा वापस आ गया हूँ।" हैरानी की बात यह है कि जिन ताकतों ने भारत के दो प्रधानमंत्रियों की जान ली कांग्रेस समेत सारा विपक्ष उन्ही ताकतों को अपना समर्थन दे रही हैं।    

बहराइच में हाल ही में दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक तरफ 500 किलो विस्फोटक पकड़ा गया है, तो दूसरी तरफ 700 साल पुरानी मजार पर बुलडोजर चला है। ये ऐसे समय विस्फोटक मिला है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 जून 2025 को बहराइच के दौरे पर है।

भेड़िए के भेष में बिछाया विस्फोटक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहराइच जाने वाले हैं, लेकिन उनके दौरे से ठीक पहले ही जिले में एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने करीब 500 किलो विस्फोटक पकड़ा है और इस मामले में पश्चिम बंगाल के 70 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

यह सब तब शुरू हुआ जब हरदी इलाके के सिकंदरपुर गाँव के पास करीब 200 लोग तीन गाड़ियों में आए। उन्होंने खुद को एक तेल कंपनी का सर्वे करने वाला बताया। जब गाँव वालों ने उनसे पूछा कि वे क्या कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि वे भेड़िए ढूँढने आए हैं।

इसके बाद उन्होंने करीब 20 किलोमीटर के इलाके में जमीन में छेद करके अमोनियम नाइट्रेट विस्फोटक बिछाना शुरू कर दिया। ये विस्फोटक बालासराय, लखनापुर, सधुवापुर, सिकंदरपुर और औराही जैसे कई गाँवों में बिछाए गए थे।

ग्रामीणों की शिकायत से मचा हड़कंप

रविवार (8 जून 2025) को जब गाँव वालों को इस बारे में पता चला तो उन्होंने तुरंत महसी के विधायक सुरेश्वर सिंह को बताया। विधायक तुरंत मौके पर पहुँचे और अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन शुरुआत में कोई नहीं आया।

जब इसकी जानकारी बड़े अधिकारियों तक पहुँची, तो हड़कंप मच गया। तुरंत एसडीएम, एसपी और अन्य बड़े अधिकारी मौके पर पहुँचे। वहाँ गाड़ियों में भारी मात्रा में विस्फोटक लदा हुआ मिला। विधायक सुरेश्वर सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि इतना विस्फोटक मिलने के बाद भी स्थानीय पुलिस अधिकारी गाँव वालों पर गाड़ियों को छोड़ने का दबाव डाल रहे थे।

मुख्यमंत्री योगी के दौरे से पहले विस्फोटक मिलना एक साजिश?

विधायक सुरेश्वर सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक एक दिन पहले इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक का मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। वहीं, बहराइच के ग्रामीण एएसपी डीपी तिवारी ने बताया कि अब तक 70 लोगों को पकड़ा गया है और इनमें से ज़्यादातर पश्चिम बंगाल के हैं।
वहीं सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने पहले ही सुरक्षा एजेंसियों को चेतावनी दी थी कि 37 लोग नेपाल की सीमा से होते हुए बहराइच में घुसपैठ कर सकते हैं। इनमें बांग्लादेशी और रोहिंग्या भी हो सकते थे।

700 साल पुरानी मजार पर चला बुलडोजर

बहराइच में सिर्फ विस्फोटक ही नहीं, बल्कि 700 साल पुरानी लक्कड़ शाह बाबा की मजार पर भी बुलडोजर चला है। इसके अलावा चमन शाह, भंवर शाह और शहंशाह बाबा की मजारें भी हटा दी गई हैं। यह दावा किया जा रहा है कि मजार 700 साल पुरानी है।
वन विभाग ने मजार कमेटी को पहले ही बता दिया था कि उन्हें ये मजारें हटानी होंगी, क्योंकि उनके पास जमीन के कोई कानूनी कागज़ात नहीं थे। यह कार्रवाई कतर्नियाघाट जंगल में हुई है। मजार को चलाने वाले लोग कह रहे थे कि यह जमीन वक्फ की है (जो धार्मिक कामों के लिए दी जाती है), लेकिन वे इसका कोई सबूत नहीं दिखा पाए।
लक्कड़ शाह मजार चलाने वाली कमेटी के अध्यक्ष रईस अहमद ने इस फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि यह दरगाह हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक थी और यहाँ ज़्यादातर हिंदू लोग आते थे।

सरकार का क्या कहना है?

प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी ज़मीन से कब्ज़ा हटाने के अभियान का हिस्सा है। वे बता रहे हैं कि यह बिना किसी भेदभाव के किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पूरे उत्तर प्रदेश में सरकारी ज़मीनों से अवैध कब्ज़े हटाने पर ज़ोर दे रही है।

नूहं हिंसा में शामिल रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की 250 झुग्गियों पर प्रशासन ने चलाया बुलडोजर

नूहं में रोहिंग्याओं की बस्ती पर बुलडोजर 
हरियाणा के नूहं में 31 जुलाई 2023 को हिंदुओं की ब्रिजमंडल जलाभिषेक यात्रा पर कट्टरपंथी मुस्लिमों द्वारा किए गए हमले के बाद हरियाणा सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने गुरुवार (3 जुलाई 2023) की शाम को इलाके के लगभग 250 झुग्गियों पर बुलडोजर चलाए हैं। ये झुग्गियाँ रोहिंग्या घुसपैठियों के हैं। इस दौरान रैपिड ऐक्शन फोर्स को तैनात किया गया था।

इसके पहले, गुरुवार (3 जुलाई 2023) की रात को सरकार ने नूहं जिले के SP वरुण सिंघला का ट्रांसफर कर दिया। वह हिंसा के दिन छुट्‌टी पर थे। सिंघला को भिवानी जिले का चार्ज दिया गया है। उनकी जगह नरेंद्र बिजारणिया को नूहं का चार्ज दिया गया है। बिजारणिया भिवानी के SP थे।

हरियाणा सरकार ने तावड़ू में जहाँ बुलडोजर चलाकर झुग्गियों को हटाया है, वहाँ म्यांमार से अवैध रूप से आए हुए रोहिंग्या रह रहे थे। रोहिंग्याओं के 250 से अधिक परिवार पिछले 4 सालों से अधिक समय से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की जमीन पर अवैध कब्जा कर रह रहे थे। ये यहाँ कूड़ा बिनने और कबाड़ बेचने का काम कर रहे थे।

इसके अलावा, इस इलाके के जिन किसानों की जमीन सरकार ने अधिग्रहित की है, वे भी इन रोहिंग्याओं को किराए पर दे रखे थे और इसके बदले में वे इनसे किराया वसूल कर रहे थे। ये लोग नूहं हिंसा में शामिल थे। पुलिस की FIR में दंगा फैलाने में कई रोहिंग्या युवकों के नाम दर्ज हैं। इनमें से कुछ को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है।

अवैध रूप से बसाई गई इस बस्ती में म्यांमार और बांग्लादेश से आए घुसपैठिए अवैध रूप से रह रहे हैं। करीब 4 घंटे चली कार्रवाई में 200 से अधिक झुग्गियों को गिरा दिया गया। इस दौरान कुछ मुस्लिम महिलाओं ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद वे पीछे हट गईं।

कहा जा रहा है कि मेवात के कई इलाकों में ये घुसपैठिए अवैध रूप से रह रहे हैं। तावडू के अलावा नूहं, पुन्हाना, पिनगवां, नगीना और फिरोजपुर झिरका में भी ये घुसपैठिए सैकड़ों की संख्या में झोपड़ी बनाकर रह रहे। उनके उपर भी प्रशासन अब कार्रवाई करने की योजना बना रहा है।

इसके साथ ही, आज शुक्रवार होने के कारण नूहं के मुस्लिमों को जुमे की नमाज अपने घरों में पढ़ने के लिए कहा गया है। नूंह के कलेक्टर प्रशांत पंवार और पुलिस अधीक्षक ने उलेमाओं से कहा कि प्रशासन के इस निर्णय का वे सख्ती से पालन कराएँ। इसके साथ ही गुरुग्राम सहित अन्य इलाकों में जुमे की नमाज खुले में न पढ़ने के लिए कहा गया है।

इलाके में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। हिंसा के चलते 4 जिलों- नूहं, पलवल, फरीदाबाद और गुरुग्राम में हालात तनावपूर्ण हुए हैं। जुमे को देखते हुए मस्जिदों के पास पुलिस बल तैनात किए गए हैं। इन चार जिलों में पैरामिलिट्री फोर्स की 20 कंपनियाँ तैनात की गई हैं।

इसके साथ ही राज्य के 9 जिलों में धारा 144 लागू किया गया है। नूहं, पलवल, फरीदाबाद और गुरुग्राम के सोहना, मानेसर और पटौदी में 5 अगस्त 2023 तक इंटरनेट और SMS सेवा बंद की गई है। हालाँकि, CET स्क्रीनिंग टेस्ट को देखते हुए गुरुवार को दोपहर 1 से 4 बजे तक बैन हटाया गया था।

नूहं में हुई हिंसा में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में होमगार्ड के गुरसेवक और नीरज शामिल हैं। इसके अलावा, नूहं के शक्ति सैनी, पानीपत के अभिषेक चौहान उर्फ अभिषेक राजपूत, गुरुग्राम के इमाम साद, बादशाहपुर के प्रदीप शर्मा और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं।

इस हिंसा को लेकर पूरे राज्य में पुलिस ने कुल 93 केस दर्ज किए हैं। इनमें अभी तक 186 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पूछताछ के लिए 78 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें ज्यादातर की उम्र 19 से 25 साल के बीच है।

पुलिस द्वारा की जा रही पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि हिंसा के बाद कई आरोपित मेवात की पहाड़ियों में, राजस्थान के जयपुर और उदयपुर तथा उत्तर प्रदेश के मेरठ, आगरा और अलीगढ़ में जाकर छिप गए हैं। पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है। 

हिंसा की जाँच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की 8 टीमें और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के 3 दल बनाए गए हैं। पुलिस जाँच में अब तक सामने आया है कि यह हिंसा सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी।

पुलिस ने सोशल मीडिया पर 2300 से अधिक वीडियो को चिन्हित किया है, जिनके जरिए अफवाह फैला फैलाया गया और हिंसा भड़काई गई। अब पुलिस इन वीडियो के आधार पर भी कार्रवाई करने में जुटी हुई है।


गुजरात : खंभात में जहाँ हुई थी हिंसा, वहाँ भी चला बुलडोजर, कब्रिस्तान के पास पत्थरबाजों का हुआ था जमावड़ा

        खंभात में भी रामनवमी पर हुई हिंसा के आरोपितों के अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर (चित्र साभार - देश गुजरात)
रामनवमी (Ram Navami) के दिन गुजरात के खंभात (Khambhat, Gujarat) में हुई हिंसा के आरोपितों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया है। इस कार्रवाई में प्रशासन ने कई अवैध दुकानों को ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई 15 अप्रैल 2022 (शुक्रवार) को हुई है। बुलडोजर की कार्रवाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

न्यूज़ 18 के मुताबिक, खंभात के जिलाधिकारी के आदेश के बाद अवैध निर्माण के खिलाफ यह कार्रवाई शकरपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र में की गई है। SDM निरुपा गड़वी ने बताया, “खंभात में अवैध और गैर-कानूनी निर्माणों के खिलाफ हमारी कार्रवाई जारी है। इस अभियान में हमारे साथ पुलिस का भी सहयोग है।”

इस अभियान में शामिल खंभात के एडिशनल SP अभिषेक गुप्ता ने कहा, “हिंसा में शामिल आरोपितों के खिलाफ पुलिस की जाँच जारी है। इस बीच SDM के निर्देश पर शकरपुर विस्तार में उनके द्वारा बनाए गए अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान सभी संवेदनशील स्थानों को भी चिन्हित किया जा रहा है।”

पत्थरबाजी करने के लिए कब्रिस्तान सबसे बेहतर स्थान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने अपनी जाँच में पाया है कि खंभात हिंसा में मौलवियों द्वारा बाहर से बुलाए गए पत्थरबाजों को शोभा यात्रा के दौरान कब्रिस्तान के पास रहने को कहा गया था। पत्थरबाजी के लिए कब्रिस्तान इसलिए चुना गया था, क्योंकि साजिशकर्ताओं के मुताबिक कब्रिस्तान में पत्थर आसानी से मिल जाते हैं। साथ ही बाहरी पत्थरबाजों को ये विश्वास दिलाया गया था कि अगर वो पकड़े गए तो उनको छुड़वा लिया जाएगा।

मोबाईल से डिलीट कर दी गई थी चैटिंग

अहमदाबाद मिरर के मुताबिक, मामले की जाँच कर रही पुलिस टीम में शामिल एडिशनल SP ने पाया कि आरोपितों ने सबूत छिपाने की काफी कोशिश की थी। हिंसा के बाद आरोपितों द्वारा मोबाईल से हुई चैट को डिलीट किया गया था। डिलीट किए सबूतों में चैटिंग के साथ कॉल रिकार्डिंग भी शामिल है। पुलिस फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ उन सबूतों को दुबारा रिकवर करने का प्रयास कर रही है। हिंसा के आरोपितों द्वारा मोबाईलों पर भड़काऊ वीडियो भी देखे जाते थे।