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बंगाल में TMC नेता के घर मिले 626 कारतूस-पिस्टल, ममता के गुंडों को पुलिस ने दबोचा: 1.07 रूपए करोड़ कैश भी बरामद

       TMC नेता ने खेत में दबा रखे थे ₹500 के नोटों से भरे बोरे, तृणमूल जिला परिषद सदस्य के घर से कैश बरामद
पश्चिम बंगाल में ममता के गुंडों और भ्रष्ट नेताओं का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि अब उनके घर शरीफों के रहने लायक नहीं, बल्कि बारूद के ढेर और अवैध संपत्तियों के गोदाम बन चुके हैं। TMC नेताओं के काले कारनामों का एक और खौफनाक सच सामने आया है। पुलिस ने भारी छापेमारी कर जिला परिषद के रसूखदार TMC नेता अजीत साहा और बडुरिया नगर पालिका के चेयरमैन दीपांकर भट्टाचार्य को दबोच लिया है।

शुभेंदु सरकार लगातार अपराधियों पर नकेल कसने का काम कर रही है। इसी कड़ी में तृणमूल कांग्रेस(TMC) के नेताओं के ठिकानों पर अकूत संपत्ति और नकदी मिलने का सिलसिला जारी है। किसी नेता के घर में मोटी रकम पकड़ी गई है तो किसी के फार्म हाउस से बोरों में भरा कैश बरामद किया गया है।

इनके पास से जो मिला, उसे देखकर पूरा बंगाल दहल गया है। TMC नेता अजीत साहा के घर जब पुलिस ने धावा बोला, तो वहाँ का नजारा किसी खूंखार अपराधी के ठिकाने जैसा था। घर के कोने-कोने से 27 लाख रुपए की गद्दी, 1 पिस्टल, 1 एयरगन और भारी मात्रा में 626 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

इतना ही नहीं, गुंडागर्दी और अय्याशी के सबूत के तौर पर 52 बोतल विदेशी शराब भी जब्त की गई है। यह वही साहा बंधु हैं जिन पर पहले भी हिंसा और जबरन वसूली के संगीन आरोप लग चुके हैं। दूसरी तरफ, ममता के एक और खास नेता दीपांकर भट्टाचार्य के पास से 80 लाख रुपए कैश मिले।

और तो और, TMC दफ्तर के पास जूट के खेत को खोदकर नोटों से भरे बैग और बोरे निकाले गए। इन नेताओं ने बंगाल को पूरी तरह लूट और आतंक का केंद्र बना दिया है। 

खेत में दबा रखे थे 500 रूपए के नोटों से भरे बोरे, खोला तो निकले 2.2 करोड़ रुपए… छापेमारी के बाद गिरफ्तार

TMC नेता और बदुरिया नगर निगम के चेयरमैन दीपांकर भट्टाचार्य की अकूत संपत्ति का खुलासा हुआ है। बुधवार (28 मई 2026) को पुलिस ने उनके खेत की खुदाई में 500 रूपए के नोटों से भरे बोरे और ट्रॉली बैग बरामद किए। तस्वीर सामने आई जिसमें पुलिस कंधों पर इन बोरों को ढोकर अपने वाहन में रख रही है। पुलिस ने बताया कि इसकी कीमत लगभग 2 करोड़ 24 लाख रूपए है। इसके अलावा बोरों में कुछ जरूरी दस्तावेज भी मिले हैं।

पुलिस को यह कामयाबी उनकी गिरफ्तारी के बाद हासिल हुई। पुलिस ने मंगलवार (26 मई 2026) को भट्टाचार्य को 80 लाख रूपए नकदी और 4000 तिरपाल के साथ उनके घर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि इस रकम और सामान सरकारी था जो राहत के लिए लोगों में बाँटा जाना था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने TMC नेता को कोर्ट में पेश कर 6 दिन की रिमांड पर लिया।

TMC नेता भट्टाचार्य से पूछताछ में पुलिस को इस खेत की जानकारी मिली। तभी पुलिस अपने साथ भट्टाचार्य को खेत में ले आई, जहाँ जमीन के नीचे कैश से बरे बोरे बरामद किए गए। इसके अलावा पुलिस ने आसपास के खेतों में भी ड्रोन से तलाशी ली। इसके बाद पुलिस ने भट्टाचार्य के पीए शमीम गाजी को भी गिरफ्तार कर लिया।

उत्तर 24 परगना से TMC नेता और उसके भाई के घर से मोटी रकम मिली

इससे पहले उत्तर 24 परगना के मछलंदपुर में पुलिस ने राशन घोटाले के आरोप में जेल में बंद TMC सरकार में खाद्य मंत्री रहे ज्योतिप्रिय मल्लिक के करीबी TMC जिला परिषद सदस्य अजीत साहा के घर मंगलवार (26 मई 2026) को छापेमारी की। यहाँ पुलिस को 27,80,200 रूपए नकदी, 666 जिंदा कारतूस, 61 खाली कारतूस, एक एयर गन, छर्रों का डिब्बा, एक स्पोर्ट्स शूटिंग राइफल और विदेशी शराब की 52 बोतलें भी पुलिस ने जब्त की। पुलिस ने अजीत साहा और उनके भाई सुजीत उर्फ सुबीर साहा को भी गिरफ्तार किया।

बंगाल : TMC नेता के करीबी के घर से भारी मात्रा में हथियार बरामद, 140 राउंड कारतूस के साथ एक महिला गिरफ्तार

                                          हथियारों के साथ महिला गिरफ्तार (फोटो साभार: ANI)
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में शनिवार (9 मई 2026) को पुलिस ने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के एक नेता के करीबी के घर से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बरहामपुर के सैदाबाद गिरजापाड़ा इलाके में पुलिस ने छापेमारी के दौरान करीब 140 राउंड कारतूस, तीन 7.65 एमएम रिवॉल्वर और एक मैगजीन जब्त की।

मौके से टुकू सरकार नाम की एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, दो अन्य आरोपित पापाई घोष और उसका सहयोगी आशीम सरकार फरार बताए जा रहे हैं।

यह बरामदगी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में TMC की चुनावी हार के बाद कई इलाकों से छिटपुट हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। आरोप है कि TMC का नेतृत्व जनता के जनादेश को स्वीकार नहीं कर रहा और अपने समर्थकों व कार्यकर्ताओं को भड़का रहा है कि पार्टी को किसी भी हालत में चुनाव नहीं हारना चाहिए था।

इसी बीच बीजेपी विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आज राज्य के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर बंपर जीत हासिल की है।

फरीदाबाद जामा मस्जिद से संदिग्ध सामान बरामद; योगी आदित्यनाथ बन कार्यवाही करनी होगी; कश्मीर से लेकर दिल्ली ब्लास्ट तक मस्जिदों का दुरूपयोग; अल फलाह यूनिवर्सिटी के सभी डॉक्टरों- प्रोफेसरों के लॉकरों और बैंक डिटेल तक खँगालेगी पुलिस

सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की नींद बहुत देर में खुली। दरअसल, सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को उस समय हरकत में आना था जब शोभा यात्राओं, त्यौहारों और मन्दिरों पर हमले किए जा रहे थे। इन दुर्घटनाओं को जरुरत से ज्यादा हलके में लिया गया था। ये हमले हादसा नहीं प्रयोग थे। सरकार बताए कि कितने पत्थर सप्लाई करने वालों और मस्जिदों में जमा करने वालों पर कार्यवाही हुई? अगर इतनी ही तत्परता से जितनी अब दिल्ली ब्लास्ट के बाद कार्यवाही हो रही है तब की जाती शायद दिल्ली ब्लास्ट नहीं होता। क्योकि पत्थरबाज़ी कर इन स्लीपर सेलों ने दिखा दिया रास्ता साफ है मुस्लिम होने के नाते मोदी सरकार कोई खास कार्यवाही नहीं करने वाली। यह कोई आरोप नहीं कड़वा सच है जिसे स्वीकार करना होगा। 
जिस तरह कश्मीर में हिन्दुओं को भगाने में मस्जिदों का इस्तेमाल हुआ था, लेकिन उन मस्जिदों पर कोई कार्यवाही इसलिए नहीं हुई क्योकि इनके गुलाम सत्ता में बैठे हुए थे। लेकिन जब मस्जिदों से पत्थराव हो रहा था सरकारों ने उन मस्जिदों पर क्या कार्यवाही की? अगर दिल्ली में केजरीवाल सरकार थी तो केंद्र में मोदी सरकार? अगर यही काम मन्दिरों से होता क्या तब भी सरकार खामोश रहती? वर्तमान सरकार को मुस्लिम वोटबैंक पॉलिसी को त्यागना होगा। योगी आदित्यनाथ बन कार्यवाही करनी होगी।          
हरियाणा के फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से विस्फोटक बनाने का सामान मिलने के मामले के बाद पुलिस को स्थानीय स्तर पर अमोनियम नाइट्रेट, यूरिया खरीदने का पता चला था। इसके बाद शहर के अलग अलग हिस्सों में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

अल फलाह यूनिवर्सिटी के सभी डॉक्टरों के लॉकर चेक किए जाएँगे और प्रोफेसरों की बैंक डिटेल को भी खंगाला जाएगा। करीब 200 डॉक्टर पहले ही पुलिस के रडार पर हैं।

दरअसल फरीदाबाद की त्यागी मार्केट के पास के जामा मस्जिद से 23 नवंबर 2025 को दानेदार सफेद पाउडर, दूसरी पॉलिथीन में सफेद महीन पाउडर और तीसरी पॉलिथीन में काले रंग का पाउडर मिला है। पुलिस ने जब्त कर इसे जाँच के लिए भेज दिया है।

इससे पहले पुलिस की जाँच में पता चला है कि जमा किए गए केमिकल फरीदाबाद, नूंह और आसपास के इलाकों से खरीदे गए थे। मॉड्यूल में शामिल डॉक्टर 2023 से ही अमोनियम नाइट्रेट जैसे केमिकल जमा कर रहे थे।

त्यागी मार्किट जामा मस्जिद से संदिग्ध सामान बरामद

हरियाणा के फरीदाबाद में अल फलाह यूनिवर्सिटी के संदिग्ध आतंकी डॉक्टरों की गिरफ्तारी और उनके तार इलाके की कई मस्जिदों के इमामों से जुड़ने के खुलासे के बाद पुलिस ने आज फिर से कई इलाकों में सर्च अभियान चलाया। इस सर्च ऑपरेशन के दौरान, डबुआ के त्यागी मार्केट स्थित जामा मस्जिद में चेकिंग की गई।

चेकिंग के दौरान पुलिस को मस्जिद से संदिग्ध पदार्थ बरामद हुआ। इन संदिग्ध सामान में दो बोरे में व्हाइट पावडर और एक प्लास्टिक के बोरे में ब्लैक पाउडर टाइप का कुछ संदिग्ध पदार्थ मिला। पुलिस ने इस संदिग्ध पदार्थ को तुरंत जांच के लिए कब्जे में ले लिया है।

अंग्रेजी और देशी शराब बरामद

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पदार्थ को जल्द ही लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद ही इसकी प्रकृति और असलियत का खुलासा हो पाएगा। इस अभियान के दौरान पुलिस ने दो अन्य स्थानों पर तलाशी लेते हुए अवैध अंग्रेजी और देशी शराब भी बरामद की है।

दरअसल, हरियाणा के नूंह और मेवात में भी पिछले दिनों पुलिस और जांच एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर रेड की थी। यह कार्रवाई आतंकी उमर के नूंह-मेवात कनेक्शन की विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए की गई। इन इलाकों में आतंकी उमर गाड़ी में घूमते हुए कई सीसीटीवी फुटेज सामने आया था, जिसके बाद दिल्ली स्पेशल सेल, हरियाणा एसटीएफ और अन्य एजेंसियों ने मिलकर नूंह जिले में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया था।

लोगों से हो रही पूछतांछ

इस दौरान पुलिस फिरोजपुर झिरका भी गई थी, जहां उमर को सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था। रेड के दौरान कई लोगों के दस्तावेज चेक किए गए, उमर से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई और संदेह के आधार पर कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया, ताकि उमर और मेवात के बीच के तार को पूरी तरह से समझा जा सके। फरीदाबाद की मस्जिद से संदिग्ध पाउडर की बरामदगी इसी जांच का एक हिस्सा है।

पुलिस का सर्च ऑपरेशन के दौरान इलाके में रहने वाले किराएदारों का डीटेल भी देखा जा रहा है, साथ ही मकान मालिकों को पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही घर किराए पर देने को कहा गया है। इलाके में दूसरे राज्यों से आए लोगों की जाँच भी की जा रही है।

अवलोकन करें:-

आतंकवाद को इस्लाम से जोड़ने पर अरशद मदनी को इमाम डॉ उमर अहमद इलियासी की फटकार
आतंकवाद को इस्लाम से जोड़ने पर अरशद मदनी को इमाम डॉ उमर अहमद इलियासी की फटकार
 

इस बीच अल फलाह यूनिवर्सिटी में सख्ती के बाद जिनके बच्चे पढ़ रहे हैं, वे काफी परेशान दिखे। यूनिवर्सिटी प्रबंधन और छात्रों के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। एनआईए और दूसरी जाँच एजेंसियां लगातार कैंपस में आकर पड़ताल कर रही हैं। इससे छात्रों और उनके परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। शनिवार(22 नवम्बर) को भी कई छात्र-छात्राओं के पेरेंट्स कैंपस पहुँचे और यूनिवर्सिटी प्रबंधन से बात करने की कोशिश की।

उत्तर प्रदेश : घनी आबादी के बीच सलाउद्दीन उर्फ लाला चला रहा था अवैध हथियारों की फैक्ट्री, 300 असलहे, 50,000 कारतूस बरामद: लखनऊ से कई शहरों में होती थी सप्लाई, जानवरों के सींग-खाल भी मिले

                                                               सलाउद्दीन उर्फ लाला
राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र के मिर्जागंज में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है
। मलिहाबाद और रहीमाबाद थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार देर रात मिर्जागंज में सलाउद्दीन उर्फ लाला(72) के घर पर छापेमारी की, जहां से भारी मात्रा में अवैध हथियार, सैकड़ों कारतूस और असलहा बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने सलाउद्दीन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

लखनऊ के मलिहाबाद में हथियारों की अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। ये फैक्ट्री हकीम उर्फ सलाउद्दीन अपने घर पर चला रहा था। पुलिस ने हकीम के घर पर छापेमारी में 300 असलहे, 50000 कारतूस बरामद किए हैं।

इस दौरान हथियार बनाने वाले उपकरण भी बरामद हुए। भारी सुरक्षा के बीच पुलिस ने सलाउद्दीन के घर पर छापेमारी की। घर के 20 मीटर के दायरे को पूरी तरह घेर लिया गया। घर के आस-पास लोग जमा होने लगे थे, इसको देखते हुए घर पर मौजूद सभी लोगों को निकाल कर पूछताछ के लिए ले गई।

ADCP नार्थ जितेंद्र दुबे ने बताया कि छापेमारी के दौरान सलाउद्दीन के घर से 300 से ज्यादा 12 बोर और 315 बोर के कारतूस, बने और अधबने असलहे, बारूद, और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, कुछ अत्याधुनिक और घातक हथियार भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। यह फैक्ट्री मलिहाबाद थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर संचालित हो रही थी।

दवा की दुकान चलाता था सलाउद्दीन उर्फ लाला

हिरासत में लिए गए सलाउद्दीन उर्फ लाला मलिहाबाद के मिर्जागंज क्षेत्र के निवासी हैं। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां हैं, जिनमें से एक नॉर्वे में रहती है और दूसरी लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही है। कुछ साल पहले तक सलाउद्दीन डाकघर के पास एक दवा की दुकान चलाते थे। पुलिस को संदेह है कि सलाउद्दीन लंबे समय से अवैध हथियारों के कारोबार में शामिल था और उनके हथियार आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई किए जा रहे थे।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

मलिहाबाद थाना प्रभारी और रहीमाबाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर यह छापेमारी की। ऑपरेशन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे और स्थिति का जायजा ले रहे थे. पुलिस ने सलाउद्दीन के घर को सील कर दिया है और बरामद सामग्री की फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक (लखनऊ) ने बताया कि सलाउद्दीन से पूछताछ में उनके सहयोगियों और हथियारों की सप्लाई चेन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

पुलिस ने घर पर मौजूद सलाउद्दीन और उसकी पत्नी, बेटी और एक लड़के से इस बारे में पूछताछ की। सलाउद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को आशंका है कि घनी आबादी वाली इस बस्ती में लोगों का आना-जाना आसान है। इसलिए बड़ी संख्या में अजनबी इसके घर पर आते-जाते थे।

सलाउद्दीन घर में ही हथियार और कारतूस बनाकर राज्य के दूसरे हिस्सों में सप्लाई कर रहा था। मोहर्रम नजदीक है इसलिए पुलिस चौकन्नी हो गई है। सलाउद्दीन के घर से हथियारों के साथ प्रतिबंधित जानवरों के सिंह और खाल भी मिले हैं। पुलिस को वन्यजीव तस्करी से भी सलाउद्दीन का संबंध दिख रहा है।

आतंकी कनेक्शन की आशंका

पुलिस और एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में इस बात की आशंका जताई जा रही है कि सलाउद्दीन का अवैध हथियारों का कारोबार किसी बड़े नेटवर्क या आतंकी संगठन से जुड़ा हो सकता है। छापेमारी के दौरान बरामद हथियारों की प्रकृति और उनकी भारी मात्रा ने जांच एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये हथियार कहां सप्लाई किए जा रहे थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।

क्या योगी को मारने की साज़िश थी? सर्वे की आड़ में बहराइच में बिछाया जा रहा था विस्फोटक, योगी के दौरे से पहले 500 किलो का जखीरा मिला; बंगाल के 70 लोग गिरफ्तार: मजार को बुलडोजर से किया समतल

500 किग्रा विस्फोटक के साथ पकड़े गए बंगाली लोग (बाएँ), मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (दाएँ), (फोटो साभार : Panchanjya & News18)
पंजाब में कांग्रेस राज में भी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मारने की साज़िश विफल हो गयी थी। रास्ता रोकने पर कुछ देर इंतज़ार कर, पंजाब में कांग्रेस सरकार को सन्देश दे दिया कि "मैं जिन्दा वापस आ गया हूँ।" हैरानी की बात यह है कि जिन ताकतों ने भारत के दो प्रधानमंत्रियों की जान ली कांग्रेस समेत सारा विपक्ष उन्ही ताकतों को अपना समर्थन दे रही हैं।    

बहराइच में हाल ही में दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक तरफ 500 किलो विस्फोटक पकड़ा गया है, तो दूसरी तरफ 700 साल पुरानी मजार पर बुलडोजर चला है। ये ऐसे समय विस्फोटक मिला है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 जून 2025 को बहराइच के दौरे पर है।

भेड़िए के भेष में बिछाया विस्फोटक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहराइच जाने वाले हैं, लेकिन उनके दौरे से ठीक पहले ही जिले में एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने करीब 500 किलो विस्फोटक पकड़ा है और इस मामले में पश्चिम बंगाल के 70 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

यह सब तब शुरू हुआ जब हरदी इलाके के सिकंदरपुर गाँव के पास करीब 200 लोग तीन गाड़ियों में आए। उन्होंने खुद को एक तेल कंपनी का सर्वे करने वाला बताया। जब गाँव वालों ने उनसे पूछा कि वे क्या कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि वे भेड़िए ढूँढने आए हैं।

इसके बाद उन्होंने करीब 20 किलोमीटर के इलाके में जमीन में छेद करके अमोनियम नाइट्रेट विस्फोटक बिछाना शुरू कर दिया। ये विस्फोटक बालासराय, लखनापुर, सधुवापुर, सिकंदरपुर और औराही जैसे कई गाँवों में बिछाए गए थे।

ग्रामीणों की शिकायत से मचा हड़कंप

रविवार (8 जून 2025) को जब गाँव वालों को इस बारे में पता चला तो उन्होंने तुरंत महसी के विधायक सुरेश्वर सिंह को बताया। विधायक तुरंत मौके पर पहुँचे और अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन शुरुआत में कोई नहीं आया।

जब इसकी जानकारी बड़े अधिकारियों तक पहुँची, तो हड़कंप मच गया। तुरंत एसडीएम, एसपी और अन्य बड़े अधिकारी मौके पर पहुँचे। वहाँ गाड़ियों में भारी मात्रा में विस्फोटक लदा हुआ मिला। विधायक सुरेश्वर सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि इतना विस्फोटक मिलने के बाद भी स्थानीय पुलिस अधिकारी गाँव वालों पर गाड़ियों को छोड़ने का दबाव डाल रहे थे।

मुख्यमंत्री योगी के दौरे से पहले विस्फोटक मिलना एक साजिश?

विधायक सुरेश्वर सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक एक दिन पहले इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक का मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। वहीं, बहराइच के ग्रामीण एएसपी डीपी तिवारी ने बताया कि अब तक 70 लोगों को पकड़ा गया है और इनमें से ज़्यादातर पश्चिम बंगाल के हैं।
वहीं सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने पहले ही सुरक्षा एजेंसियों को चेतावनी दी थी कि 37 लोग नेपाल की सीमा से होते हुए बहराइच में घुसपैठ कर सकते हैं। इनमें बांग्लादेशी और रोहिंग्या भी हो सकते थे।

700 साल पुरानी मजार पर चला बुलडोजर

बहराइच में सिर्फ विस्फोटक ही नहीं, बल्कि 700 साल पुरानी लक्कड़ शाह बाबा की मजार पर भी बुलडोजर चला है। इसके अलावा चमन शाह, भंवर शाह और शहंशाह बाबा की मजारें भी हटा दी गई हैं। यह दावा किया जा रहा है कि मजार 700 साल पुरानी है।
वन विभाग ने मजार कमेटी को पहले ही बता दिया था कि उन्हें ये मजारें हटानी होंगी, क्योंकि उनके पास जमीन के कोई कानूनी कागज़ात नहीं थे। यह कार्रवाई कतर्नियाघाट जंगल में हुई है। मजार को चलाने वाले लोग कह रहे थे कि यह जमीन वक्फ की है (जो धार्मिक कामों के लिए दी जाती है), लेकिन वे इसका कोई सबूत नहीं दिखा पाए।
लक्कड़ शाह मजार चलाने वाली कमेटी के अध्यक्ष रईस अहमद ने इस फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि यह दरगाह हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक थी और यहाँ ज़्यादातर हिंदू लोग आते थे।

सरकार का क्या कहना है?

प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी ज़मीन से कब्ज़ा हटाने के अभियान का हिस्सा है। वे बता रहे हैं कि यह बिना किसी भेदभाव के किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पूरे उत्तर प्रदेश में सरकारी ज़मीनों से अवैध कब्ज़े हटाने पर ज़ोर दे रही है।

हरियाणा : कांग्रेस नेता हिमानी नरवाल बॉयफ्रेंड को करती थी ब्लैकमेल, मार कर सूटकेस में भर दिया: मृतका का मोबाइल और ज्वेलरी भी बरामद

                                                     हिमानी नरवाल (साभार: ऑनमनोरमा)
हरियाणा के रोहतक में कांग्रेस नेता हिमानी नरवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित सचिन बहादुरगढ़़ का रहने वाला है और खुद को हिमानी का ब्वॉयफ्रेंड बताया है। उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया था। आरोपित के पास से हिमानी का सामान भी बरामद हुआ है। हत्या के बाद शव को सूटकेस में भरकर फेंक दिया गया था।

भास्कर ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि हत्या के पीछे ब्लैकमेलिंग मुख्य कारण है। कहा जा रहा है कि हिमानी आरोपित को ब्लैकमेल कर रही थी। इससे तंग आकर आरोपित ने उसकी हत्या की। आरोपित के पास से हिमानी नरवाल का मोबाइल फोन और ज्वैलरी भी बरामद की गई है। हत्यारा बहादुरगढ़ के नजदीक के एक गाँव का रहने वाला है। आरोपित ने हत्या की बात कबूल कर ली है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती जाँच में आरोपित सचिन ने पुलिस को बताया है कि उसने हिमानी की हत्या उसके घर पर ही की थी। इसके बाद शव को सूटकेस में डालकर ले गया था और सांपला बस स्टैंड के पास सुनसान देखकर फेंक दिया था। बता दें कि जिस जगह पर सूटकेस फेंका गया था, वहाँ से कुछ ही दूरी पर पुलिस का थाना भी है।

पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि हिमानी उसकी गर्लफ्रेंड थी और उसके साथ वह लंबे समय से रिलेशनशिप में था। उसने दावा किया कि हिमानी उसे ब्लैकमेल करती थी और उससे पैसे माँगती थी। उसने कहा कि उसने हिमानी को कई बार पैसे दिए भी थे, लेकिन वह बार-बार और भी अधिक पैसों की माँग कर रही थी। इससे वह तंग आ गया और हत्या कर दी।

1 मार्च को हिमानी का शव नीले रंग के एक सूटकेस में रोहतक के सांपला बस स्टैंड के पास से बरामद हुआ था। हिमानी MBA कर चुकी थी और फिलहाल कानून की पढ़ाई कर रही थी। उसने अपनी सोशल मीडिया हैंडल पर राहुल गाँधी के साथ यात्रा के अलावा भूपेंद्र हुड्डा, दीपेंद्र हुड्डा सहित कई कांग्रेस नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें डाली हैं।

उधर, हिमानी की माँ सविता रानी ने दावा किया है कि कुछ उसे राजनीति के दलदल में फँसाना चाहते थे। इसलिए वह राजनीति छोड़कर नौकरी करना चाहती थी। सविता रानी ने दावा किया था कि हिमानी 28 फरवरी को कांठवाड़ी में कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गई थी। इसके बाद उनकी बेटी लापता हो गई थी।

हालाँकि, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्‌डा का कहना है कि 28 फरवरी को कांठवाड़ी में उनका कोई कार्यक्रम नहीं था। इसके बाद यह मामला और भी उलझ गया है। सविता रानी ने हत्यारों की गिरफ्तारी तक शव लेने से भी इनकार कर दिया है। पुलिस ने शव को फिलहाल मोर्चरी में रखा गया है। हिमानी के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सोमवार (3 मार्च 2025) को आने वाली है।

कांग्रेस की युवा नेता हिमानी नरवाल की जाँच के लिए गठित किए गए विशेष जाँच दल (SIT) के प्रमुख डीएसपी रजनीश कुमार ने कहा है कि इस मामले में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। उन्होंने कहा कि मृतक हिमानी का मोबाइल फोन बरामद किया जा चुका है। जिस सूटकेस में डेड बॉडी मिली, वह परिवार का ही है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की हर एंगल से जाँच कर रही है।

उत्तर प्रदेश : संभल में मिले पाकिस्तान-अमेरिका में बने कारतूस, विदेशी फंडिंग का भी शक: मस्जिद सर्वे को रोकने के लिए क्या विदेशों से आए थे हथियार?

   संभल में बरामद पाकिस्तानी कारतूस (बाएँ) और विवादित जामा मस्जिद (फोटो साभार: Times Now & Jansatta)
राहुल गाँधी और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा संभल जाना कोई समस्या समाधान नहीं बल्कि देश विरोधियों के बचाव में जाना है। इसी तरह की वारदात अन्य जगहों पर हुई किसी ने सुध नहीं ली। 

उत्तर प्रदेश के संभल में पुलिस को मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा की जाँच में पाकिस्तान और अमेरिका में बनी हुई कारतूस मिली हैं। इन्हें एक जगह नाली के पास से बरामद किया गया है। पुलिस को आशंका है कि इस पूरी हिंसा में विदेशी फंडिंग का लिंक भी हो सकता है। मामले में अब NIA की भी मदद लिए जाने के कयास लगाए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार(3 दिसम्बर, 2024) को संभल में जाँच करने पहुँची पुलिस की SIT और फॉरेंसिक की टीम को कुल 6 कारतूसों के खोखे मिले हैं। इनमें से 5 फायर हो चुके थे जबकि एक फायर नहीं हो पाया था। इनमें से एक पर ‘POF’ यानि पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री लिखा हुआ था।

यह कारतूस 9 MM का था। वहीं एक कारतूस पर मेड इन USA लिखा हुआ था। यह कारतूस .32 कैलिबर का था। एक और कारतूस पर ‘FN-STAR’ लिखा हुआ था। यह सारे कारतूस फॉरेंसिक की टीम को एक नाली के पास मिट्टी में दबे हुए मिले। यहाँ फॉरेंसिक टीम 24 नवंबर को हुई हिंसा की जाँच के लिए मेटल डिटेक्टर समेत तमाम साजोसामान के साथ पहुँची थी।

विदेशी कारतूसों के अलावा बाक़ी तीन कारतूस में से दो 12 बोर जबकि एक .32 कैलिबर है। इनके विषय में पुलिस ने बताया है कि इनमें से किसी भी कारतूस का इस्तेमाल पुलिस नहीं करती। संभल के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने इसे गंभीर करार दिया है। उन्होंने कहा है कि इस पूरे मामले की जाँच में अब यह एंगल भी जोड़ा जाएगा।

कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया है कि जहाँ पर 24 नवम्बर, 2024 को हिंसा हुई थी, उस इलाके के कई CCTV कैमरा को भी तोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा है कि जो भी कैमरे और DVR बचे हैं उनकी जाँच कर सबूत जुटाए जाएँगे। उन्होंने विदेशी खोखे मिलने के बाद कहा है कि अब दूसरी एजेंसियों की मदद भी ली जाएगी।

NIA की मदद भी इस मामले में विदेशी लिंक खोजने के लिए ली जा सकती है। कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया है कि विदेशी खोखों की जाँच करने के लिए उन्हें फॉरेंसिक एजेंसी के पास भेजा जाएगा और मामले में बैलिस्टिक एक्सपर्ट की राय माँगी जाएगी।

गौरतलब है कि 19 नवम्बर, 2024 को संभल में कोर्ट जिला अदालत ने जामा मस्जिद में सर्वे का आदेश दिया था। यह आदेश हिन्दू पक्ष की याचिका के बाद दिया गया था। हिन्दू पक्ष ने कहा था कि जहाँ आज जामा मस्जिद है, वहाँ पर कभी हरिहर मंदिर हुआ करता था, जिसे मुग़ल आक्रान्ताओं ने तोड़ दिया था।

19 नवम्बर को यह सर्वे पूरा नहीं हो पाया था, इसमें मुस्लिम भीड़ ने व्यवधान डाल दिया था। इसके बाद 24 नवम्बर को सर्वे के लिए टीम दोबारा पहुँची थी। इसी दौरान जामा मस्जिद के आसपास इलाकों में इकट्ठा हुई मुस्लिम भीड़ ने हिंसा चालू कर दी। इसमें कई पुलिस वाले घायल हुए और एक पुलिस अफसर अनुज चौधरी के गोली भी लगी।

हिंसा के दौरान हुई फायरिंग में 5 मुस्लिम मारे गए। शुरूआती जाँच में बताया गया है कि उसकी फायरिंग में कोई मौत नहीं हुई बल्कि यह आपसी लड़ाई का मसला हो सकता है। इस हिंसा की जाँच 2 SIT टीम कर रही हैं। पूरी घटना की जाँच के लिए एक न्यायिक आयोग भी गठित किया गया है।

उत्तर प्रदेश : संभल में घरों से निकले हथियार, छतों से पत्थरबाजी करने वाली औरतें भी गिरफ्तार: 2 मृतकों के शरीर में मिली वो गोलियाँ जो पुलिस नहीं करती इस्तेमाल

               संभल से 2 खातूनों के साथ गिरफ्तार दंगाइयों के घर से मिला है दोधार वाला हथियार 
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में रविवार (24 नवंबर 2024) को जामा मस्जिद का सर्वे करने गई प्रशासनिक टीम पर मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया था। इस हमले में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। 28 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं जिसमें से कुछ की हालत गंभीर है। पुलिस ने दबिश दे कर कई उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है जिसमें महिलाएँ भी शामिल हैं। शहर में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। 2 थानों को मिला कर अब तक कुल 5 FIR दर्ज हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ,अब तक संभल में कुल 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इसमें 3 मृतकों के नाम नईम, बिलाल और नोमान हैं। इन सभी को पत्थरबाजी में शामिल बताया जा रहा है। मिल रही जानकारी के मुताबिक, इसमें से 2 लोगों को 315 बोर की गोली लगी है। एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी ने ऑपइंडिया को बताया कि पुलिस 315 बोर की गोली का इस्तेमाल नहीं करती है। पुलिस की पिस्टल या रायफल में से कोई भी हथियार इस बोर का नहीं होता है।

हिंसा के बाद से पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अब तक 20 से अधिक हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें 2 महिलाएँ भी शामिल हैं। इन हमलावरों के घरों से हथियार भी बरामद हुए है। इसमें एक नए टाइप का भी हथियार है जिसमें दोनों तरफ से धार बनी हुई है। इन सभी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाएगी। हिंसा में शामिल तमाम अन्य लोगों की भी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

SP आईपीएस कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि जिले की संभल तहसील क्षेत्र में एक दिन के लिए इंटरनेट सेवाएँ बाधित की गईं हैं। जिले में किसी भी बाहरी व्यक्ति अथवा नेता के बिना प्रशासनिक अनुमति के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कक्षा 12 तक के स्कूलों को भी सोमवार तक के लिए बंद कर दिया गया है। इस घटना पर मुरादाबाद परिक्षेत्र के कमिश्नर IAS आंजनेय सिंह ने मृतकों के परिजनों से पूछा है कि उनके घर का सदस्य पत्थरबाजी करने क्यों गया था?

आंजनेय सिंह ने यह भी कहा कि पुलिस पर पत्थर के साथ गोलियाँ भी बरसाई गईं हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस की तरफ से आँसू गैस के गोले छोड़े गए हैं। लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में जाँच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि पूरी रिकार्डिंग पुलिस के पास मौजूद है। उन्होंने कहा कि पत्थरबाज कोई धर्म-पुण्य का काम करने नहीं गए थे। जिले में फ़िलहाल के लिए ईंट और गिट्टी आदि की खरीदारी पर रोक लगा दी गई है।

जिले के सभी निवासियों को साफ़ हिदायत दी गई है कि अगर उनकी छतों पर कोई भी पत्थर और ज्वलनशील पदार्थ मिला तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका को भी निर्देश मिला है कि सड़क पर बिखरे किसी भी सामान को फ़ौरन जब्त करे। इस हिंसा में लगभग 28 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनका इलाज करवाया जा रहा है। एक घायलों में SP के PRO और DSP अनुज विश्नोई भी शामिल हैं। एक कांस्टेबल के सिर में गंभीर चोट लगी है।

इस पूरे मामले में अब तक कुल 4 FIR दर्ज हुई हैं। इसमें से 3 FIR कोतवाली संभल जबकि एक अन्य नखासा थाने में हुई है। कोतवाली संभल में घायल SDM, SHO और 2 सब इंस्पेक्टरों की तहरीर पर मुकदमे दर्ज किए गए है। वहीं नखासा थाने में भी एक केस पुलिस की तहरीर पर दर्ज हुआ है। यहाँ हमलावरों ने पुलिस पर पत्थर फेंके थे। इसी दौरान पुलिस की एक बाइक को भी जला दिया गया था।

महाराष्ट्र : उद्योगपतियों के घर से सोना-चाँदी सहित 390 करोड़ रूपए की संपत्ति जब्त

                                                                                                     साभार- @GoodNewsToday
महाराष्ट्र के जालना जिले (Jalna, Maharashtra) में आयकर विभाग (IT) की छापेमारी के दौरान कुल 390 करोड़ रुपए से अधिक की बेहिसाब सम्पत्ति मिली है। बताया जा रहा है कि ये छापेमारी स्टील, कपड़ों और रियल एस्टेट का काम करने वाले उद्योगपतियों के ठिकानों पर हुई है। छापेमारी 1 अगस्त से 8 अगस्त के बीच हुई।

छापेमारी के दौरान 56 करोड़ रुपए कैश और 32 किलो सोना के अलावा हीरा, मोती, चाँदी एवं अन्य संपत्तियों के दस्तावेज मिले। आयकर विभाग को नोटों को गिनने और सीज करने में लगभग 13 घंटों का समय लगा। नोटों की गिनती सुबह 11 बजे से शुरू हो कर रात 1 बजे तक चली। वायरल तस्वीरों में नोटों के कई बंडल दिखाई दे रहे है।

जिस तरह छापेमारी में रुपयों के बंडलों के साथ-साथ सोना और चांदी की बरामदगी हो रही है, बहुत कुछ अनकही बातों को बोल रही हैं, जिनसे आज तक जनता बेखबर थी। रेहड़ी और पटरी पर सौदा बेचने के साथ-साथ भीख मांगना भी एक व्यापार ही है। दो बार जूस बेचने वालों की शादी में जाने का अवसर मिला, इतने भव्य स्तर पर समारोह देख दंग रह गया। एक विवाह में हेलीकाप्टर बनवाकर जयमाला, दूसरे में राजकपूर की प्रदर्शित हुई प्रेम रोग में 'भंवरे ने खिलाया फूल...' गीत में बने फूल का दृश्य की भांति जयमाला हुई। बात उन दिनों की है जब राजकपूर की प्रेम रोग सिनेमा हॉलों पर चल रही थी। वैसे इसी ब्लॉग पर विस्तार "मासिक आय लाखों में फिर भी गरीब' शीर्षक लेख में लिख चूका हूँ।   

रिपोर्ट के मुताबिक, छापेमारी के दौरान आयकर विभाग के लगभग 300 अधिकारी मौजूद थे। इस छापेमारी को आयकर विभाग की नासिक ब्रान्च ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। मामले को गुप्त रखने के लिए रेड में स्थानीय पुलिस को शामिल नहीं किया गया था। छापेमारी में शामिल सभी अधिकारी 5 टीमों बँटे हुए थे।

रेड की तैयारी 5 दिनों से की जा रही थी। दावा है कि कालिका स्टील और साईं राम स्टील पर यह रेड डाली गई है। कालिका स्टील के मालिक का नाम घनश्याम गोयल बताया जा रहा है।आयकर विभाग ने इन कंपनियों के घरों, ऑफिसों और कारखानों को खंगाला। मामले की जाँच अभी भी जारी है।

एक रिपोर्ट में दावा है कि ये छापेमारी 3 अगस्त को की गई थी। इस छापेमारी के लिए आयकर विभाग के अधिकारी 100 से अधिक वाहनों से आए थे। इन कारों के शीशे पर राहुल वेड्स अंजलि नाम से शादी का स्टीकर लगा हुआ था। स्थानीय लोग भी इसे किसी शादी समारोह में जाने वाला काफिला समझ रहे थे। छापेमारी बेहद गुप्त तौर पर की गई थी। इस रेड में शामिल कई अधिकारियों को भी ये नहीं पता था कि वो कहाँ जा रहे हैं।

28 जुलाई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पश्चिम बंगाल में हुई छापेमारी में वहाँ के मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से करोड़ों रुपए कैश बरामद किए थे। इस छापेमारी के बाद पार्थ चटर्जी का मंत्री पद छिन गया था।