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फरीदाबाद जामा मस्जिद से संदिग्ध सामान बरामद; योगी आदित्यनाथ बन कार्यवाही करनी होगी; कश्मीर से लेकर दिल्ली ब्लास्ट तक मस्जिदों का दुरूपयोग; अल फलाह यूनिवर्सिटी के सभी डॉक्टरों- प्रोफेसरों के लॉकरों और बैंक डिटेल तक खँगालेगी पुलिस

सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की नींद बहुत देर में खुली। दरअसल, सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को उस समय हरकत में आना था जब शोभा यात्राओं, त्यौहारों और मन्दिरों पर हमले किए जा रहे थे। इन दुर्घटनाओं को जरुरत से ज्यादा हलके में लिया गया था। ये हमले हादसा नहीं प्रयोग थे। सरकार बताए कि कितने पत्थर सप्लाई करने वालों और मस्जिदों में जमा करने वालों पर कार्यवाही हुई? अगर इतनी ही तत्परता से जितनी अब दिल्ली ब्लास्ट के बाद कार्यवाही हो रही है तब की जाती शायद दिल्ली ब्लास्ट नहीं होता। क्योकि पत्थरबाज़ी कर इन स्लीपर सेलों ने दिखा दिया रास्ता साफ है मुस्लिम होने के नाते मोदी सरकार कोई खास कार्यवाही नहीं करने वाली। यह कोई आरोप नहीं कड़वा सच है जिसे स्वीकार करना होगा। 
जिस तरह कश्मीर में हिन्दुओं को भगाने में मस्जिदों का इस्तेमाल हुआ था, लेकिन उन मस्जिदों पर कोई कार्यवाही इसलिए नहीं हुई क्योकि इनके गुलाम सत्ता में बैठे हुए थे। लेकिन जब मस्जिदों से पत्थराव हो रहा था सरकारों ने उन मस्जिदों पर क्या कार्यवाही की? अगर दिल्ली में केजरीवाल सरकार थी तो केंद्र में मोदी सरकार? अगर यही काम मन्दिरों से होता क्या तब भी सरकार खामोश रहती? वर्तमान सरकार को मुस्लिम वोटबैंक पॉलिसी को त्यागना होगा। योगी आदित्यनाथ बन कार्यवाही करनी होगी।          
हरियाणा के फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से विस्फोटक बनाने का सामान मिलने के मामले के बाद पुलिस को स्थानीय स्तर पर अमोनियम नाइट्रेट, यूरिया खरीदने का पता चला था। इसके बाद शहर के अलग अलग हिस्सों में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

अल फलाह यूनिवर्सिटी के सभी डॉक्टरों के लॉकर चेक किए जाएँगे और प्रोफेसरों की बैंक डिटेल को भी खंगाला जाएगा। करीब 200 डॉक्टर पहले ही पुलिस के रडार पर हैं।

दरअसल फरीदाबाद की त्यागी मार्केट के पास के जामा मस्जिद से 23 नवंबर 2025 को दानेदार सफेद पाउडर, दूसरी पॉलिथीन में सफेद महीन पाउडर और तीसरी पॉलिथीन में काले रंग का पाउडर मिला है। पुलिस ने जब्त कर इसे जाँच के लिए भेज दिया है।

इससे पहले पुलिस की जाँच में पता चला है कि जमा किए गए केमिकल फरीदाबाद, नूंह और आसपास के इलाकों से खरीदे गए थे। मॉड्यूल में शामिल डॉक्टर 2023 से ही अमोनियम नाइट्रेट जैसे केमिकल जमा कर रहे थे।

त्यागी मार्किट जामा मस्जिद से संदिग्ध सामान बरामद

हरियाणा के फरीदाबाद में अल फलाह यूनिवर्सिटी के संदिग्ध आतंकी डॉक्टरों की गिरफ्तारी और उनके तार इलाके की कई मस्जिदों के इमामों से जुड़ने के खुलासे के बाद पुलिस ने आज फिर से कई इलाकों में सर्च अभियान चलाया। इस सर्च ऑपरेशन के दौरान, डबुआ के त्यागी मार्केट स्थित जामा मस्जिद में चेकिंग की गई।

चेकिंग के दौरान पुलिस को मस्जिद से संदिग्ध पदार्थ बरामद हुआ। इन संदिग्ध सामान में दो बोरे में व्हाइट पावडर और एक प्लास्टिक के बोरे में ब्लैक पाउडर टाइप का कुछ संदिग्ध पदार्थ मिला। पुलिस ने इस संदिग्ध पदार्थ को तुरंत जांच के लिए कब्जे में ले लिया है।

अंग्रेजी और देशी शराब बरामद

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पदार्थ को जल्द ही लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद ही इसकी प्रकृति और असलियत का खुलासा हो पाएगा। इस अभियान के दौरान पुलिस ने दो अन्य स्थानों पर तलाशी लेते हुए अवैध अंग्रेजी और देशी शराब भी बरामद की है।

दरअसल, हरियाणा के नूंह और मेवात में भी पिछले दिनों पुलिस और जांच एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर रेड की थी। यह कार्रवाई आतंकी उमर के नूंह-मेवात कनेक्शन की विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए की गई। इन इलाकों में आतंकी उमर गाड़ी में घूमते हुए कई सीसीटीवी फुटेज सामने आया था, जिसके बाद दिल्ली स्पेशल सेल, हरियाणा एसटीएफ और अन्य एजेंसियों ने मिलकर नूंह जिले में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया था।

लोगों से हो रही पूछतांछ

इस दौरान पुलिस फिरोजपुर झिरका भी गई थी, जहां उमर को सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था। रेड के दौरान कई लोगों के दस्तावेज चेक किए गए, उमर से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई और संदेह के आधार पर कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया, ताकि उमर और मेवात के बीच के तार को पूरी तरह से समझा जा सके। फरीदाबाद की मस्जिद से संदिग्ध पाउडर की बरामदगी इसी जांच का एक हिस्सा है।

पुलिस का सर्च ऑपरेशन के दौरान इलाके में रहने वाले किराएदारों का डीटेल भी देखा जा रहा है, साथ ही मकान मालिकों को पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही घर किराए पर देने को कहा गया है। इलाके में दूसरे राज्यों से आए लोगों की जाँच भी की जा रही है।

अवलोकन करें:-

आतंकवाद को इस्लाम से जोड़ने पर अरशद मदनी को इमाम डॉ उमर अहमद इलियासी की फटकार
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इस बीच अल फलाह यूनिवर्सिटी में सख्ती के बाद जिनके बच्चे पढ़ रहे हैं, वे काफी परेशान दिखे। यूनिवर्सिटी प्रबंधन और छात्रों के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। एनआईए और दूसरी जाँच एजेंसियां लगातार कैंपस में आकर पड़ताल कर रही हैं। इससे छात्रों और उनके परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। शनिवार(22 नवम्बर) को भी कई छात्र-छात्राओं के पेरेंट्स कैंपस पहुँचे और यूनिवर्सिटी प्रबंधन से बात करने की कोशिश की।

फरीदाबाद से और 50/60 किलो विस्फोटक बरामद ; गिरफ्तार डॉ शाहीना शाहिद को मुस्लिम महिलाओं को शामिल करने का जिम्मा था; लाल किला धमाके में इस्तेमाल कार गुरुग्राम-हरियाणा में सलमान के नाम रजिस्टर्ड

आज(11 नवम्बर 2025) को फरीदाबाद पुलिस ने एक किराये के मकान से 50/60 किलो विस्फोटक बरामद होने का मतलब है कि आतंकियों की भारत में जबरदस्त धमाके की साज़िश थी। इतना ही नहीं डॉ शाहीन शहीद को महिलाओं को गैंग में शामिल करने का जिम्मा था। छापों में गिरफ्तारियां थमने का नाम नहीं ले रही। सभी का जैश-ए-मोहम्मद से तार जुड़े के सबूत मिल रहे हैं। 

अभी तक पाकिस्तान तो क्या भारत में बैठे किसी भी पाकिस्तान समर्थक और मुस्लिम कट्टरपंथियों का कोई बयान नहीं आया, जो अपने आपमें बहुत हैरान करने की बात है। पाकिस्तान के साथ-साथ इन सब को भी शायद डर सता रहा है। आतंकियों के लिए आधी रात को अदालत खोलने वाले जजों को भी सतर्क होना होगा। क्योकि चर्चा यह भी है कि भारत में बन रहे पाकिस्तान और उनके समर्थकों पर प्रहार करने पर गहन विचार चल रहा है।       
दिल्ली में लाल किला के सामने सोमवार (10 नवंबर 2025) की शाम हुए हाई-इंटेंसिटी धमाके में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है। इस धमाके में 2 दर्जन से अधिक लोग घायल हैं। लाल किले के सामने हुआ ये धमाका ह्यूंडई i20 कार में हुआ, जो गुरुग्राम नॉर्थ (HR 26)-हरियाणा से रजिस्टर्ड बताई जा रही है। इस धमाके से सीधे जुड़े कम से कम 1 संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है।

आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, विस्फोट में इस्तेमाल हुई i-20 कार सलमान नाम के व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड थी। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालाँकि, पूछताछ के दौरान सलमान ने पुलिस को बताया कि उसने यह कार आगे किसी और को बेच दी थी। अभी असली मालिक का पता लगाने में टीम जुटी हैं।

ब्लास्ट जिस कार में हुआ, उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (फोटो साभार: Republic)

ये धमाका शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास हुआ, जो ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर और एक जैन मंदिर के करीब है। इसमें दस लोगों की मौत हो गई और दर्जन भर से ज्यादा घायल हुए।

धमाका इतना तेज था कि कई और गाड़ियाँ आग की चपेट में आ गईं और पास की दुकानों के शीशे टूट गए। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कार में तीन लोग सवार थे। एक अधिकारी ने कहा, “हम कार का रजिस्ट्रेशन और धमाके से पहले की मूवमेंट ट्रेस कर रहे हैं।” इस दौरान फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी लाल किला धमाके के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने कमान संभाल ली। उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा से बात की और कई एजेंसियों को जाँच में लगाने का आदेश दिया। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें जाँच में जुड़ी हैं, पास के इलाके के CCTV फुटेज चेक हो रहे हैं। इस दौरान गृहमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक भी की।(FSL) और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) ने मौके से सैंपल इकट्ठे किए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा से फोन पर बात करने के बाद उन्होंने कहा, “आज शाम करीब 7 बजे दिल्ली के लाल किले के पास सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल पर एक ह्यूंडई i20 कार में धमाका हुआ। इससे कुछ पैदल चलने वाले लोग घायल हुए और कई गाड़ियाँ खराब हो गईं। शुरुआती खबरों के मुताबिक कुछ लोगों की जान भी चली गई है। धमाके की सूचना मिलते ही 10 मिनट में दिल्ली क्राइम ब्रांच और स्पेशल ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अब NSG, NIA और FSL की टीमें पूरी जाँच कर रही हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने गृह मंत्री शाह से फोन पर बात की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।

हरियाणा में विस्फोटक का सुराग संदेह बढ़ा रहा

धमाके से करीब आठ घंटे पहले ही हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने फरीदाबाद में बड़ा आतंकी सामान पकड़ा था। करीब 2900 किलोग्राम विस्फोटक, डेटोनेटर, हमलावर हथियार और कम्युनिकेशन डिवाइस बरामद हुए।

फरीदाबाद छापे में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), हरियाणा ATS और NIA ने मिलकर कई लोगों को पकड़ा, जिनमें अल फलाह अस्पताल के दो डॉक्टर, मेवात का एक मौलवी और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े कई संदिग्ध शामिल हैं। अधिकारियों ने इसे ‘मेडिकल-टेरर नेक्सस’ बताया, जहां ट्रेंड प्रोफेशनल्स IED बनाने के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट और सेफ हाउस दे रहे थे।

जाँच से जुड़े अधिकारी कर्ता अब देख रहे हैं कि लाल किला धमाका और फरीदाबाद बरामदगी जुड़े हैं या नहीं। धमाके वाली कार का हरियाणा रजिस्ट्रेशन और उसी राज्य से विस्फोटक पकड़े जाना संयोग नहीं लग रहा।