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फरीदाबाद से और 50/60 किलो विस्फोटक बरामद ; गिरफ्तार डॉ शाहीना शाहिद को मुस्लिम महिलाओं को शामिल करने का जिम्मा था; लाल किला धमाके में इस्तेमाल कार गुरुग्राम-हरियाणा में सलमान के नाम रजिस्टर्ड

आज(11 नवम्बर 2025) को फरीदाबाद पुलिस ने एक किराये के मकान से 50/60 किलो विस्फोटक बरामद होने का मतलब है कि आतंकियों की भारत में जबरदस्त धमाके की साज़िश थी। इतना ही नहीं डॉ शाहीन शहीद को महिलाओं को गैंग में शामिल करने का जिम्मा था। छापों में गिरफ्तारियां थमने का नाम नहीं ले रही। सभी का जैश-ए-मोहम्मद से तार जुड़े के सबूत मिल रहे हैं। 

अभी तक पाकिस्तान तो क्या भारत में बैठे किसी भी पाकिस्तान समर्थक और मुस्लिम कट्टरपंथियों का कोई बयान नहीं आया, जो अपने आपमें बहुत हैरान करने की बात है। पाकिस्तान के साथ-साथ इन सब को भी शायद डर सता रहा है। आतंकियों के लिए आधी रात को अदालत खोलने वाले जजों को भी सतर्क होना होगा। क्योकि चर्चा यह भी है कि भारत में बन रहे पाकिस्तान और उनके समर्थकों पर प्रहार करने पर गहन विचार चल रहा है।       
दिल्ली में लाल किला के सामने सोमवार (10 नवंबर 2025) की शाम हुए हाई-इंटेंसिटी धमाके में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है। इस धमाके में 2 दर्जन से अधिक लोग घायल हैं। लाल किले के सामने हुआ ये धमाका ह्यूंडई i20 कार में हुआ, जो गुरुग्राम नॉर्थ (HR 26)-हरियाणा से रजिस्टर्ड बताई जा रही है। इस धमाके से सीधे जुड़े कम से कम 1 संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है।

आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, विस्फोट में इस्तेमाल हुई i-20 कार सलमान नाम के व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड थी। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालाँकि, पूछताछ के दौरान सलमान ने पुलिस को बताया कि उसने यह कार आगे किसी और को बेच दी थी। अभी असली मालिक का पता लगाने में टीम जुटी हैं।

ब्लास्ट जिस कार में हुआ, उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (फोटो साभार: Republic)

ये धमाका शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास हुआ, जो ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर और एक जैन मंदिर के करीब है। इसमें दस लोगों की मौत हो गई और दर्जन भर से ज्यादा घायल हुए।

धमाका इतना तेज था कि कई और गाड़ियाँ आग की चपेट में आ गईं और पास की दुकानों के शीशे टूट गए। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कार में तीन लोग सवार थे। एक अधिकारी ने कहा, “हम कार का रजिस्ट्रेशन और धमाके से पहले की मूवमेंट ट्रेस कर रहे हैं।” इस दौरान फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी लाल किला धमाके के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने कमान संभाल ली। उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा से बात की और कई एजेंसियों को जाँच में लगाने का आदेश दिया। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें जाँच में जुड़ी हैं, पास के इलाके के CCTV फुटेज चेक हो रहे हैं। इस दौरान गृहमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक भी की।(FSL) और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) ने मौके से सैंपल इकट्ठे किए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा से फोन पर बात करने के बाद उन्होंने कहा, “आज शाम करीब 7 बजे दिल्ली के लाल किले के पास सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल पर एक ह्यूंडई i20 कार में धमाका हुआ। इससे कुछ पैदल चलने वाले लोग घायल हुए और कई गाड़ियाँ खराब हो गईं। शुरुआती खबरों के मुताबिक कुछ लोगों की जान भी चली गई है। धमाके की सूचना मिलते ही 10 मिनट में दिल्ली क्राइम ब्रांच और स्पेशल ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अब NSG, NIA और FSL की टीमें पूरी जाँच कर रही हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने गृह मंत्री शाह से फोन पर बात की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।

हरियाणा में विस्फोटक का सुराग संदेह बढ़ा रहा

धमाके से करीब आठ घंटे पहले ही हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने फरीदाबाद में बड़ा आतंकी सामान पकड़ा था। करीब 2900 किलोग्राम विस्फोटक, डेटोनेटर, हमलावर हथियार और कम्युनिकेशन डिवाइस बरामद हुए।

फरीदाबाद छापे में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), हरियाणा ATS और NIA ने मिलकर कई लोगों को पकड़ा, जिनमें अल फलाह अस्पताल के दो डॉक्टर, मेवात का एक मौलवी और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े कई संदिग्ध शामिल हैं। अधिकारियों ने इसे ‘मेडिकल-टेरर नेक्सस’ बताया, जहां ट्रेंड प्रोफेशनल्स IED बनाने के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट और सेफ हाउस दे रहे थे।

जाँच से जुड़े अधिकारी कर्ता अब देख रहे हैं कि लाल किला धमाका और फरीदाबाद बरामदगी जुड़े हैं या नहीं। धमाके वाली कार का हरियाणा रजिस्ट्रेशन और उसी राज्य से विस्फोटक पकड़े जाना संयोग नहीं लग रहा।

‘BJP आतंकियों की पार्टी… जनजातियों के सिर पर पेशाब करती है’: कांग्रेस प्रमुख खड़गे के विवादित बोल, RSS पर भी निकाली कुंठा; लेकिन टुकड़े-टुकड़े गैंग और भारत विरोधी विदेशियों से हाथ मिलाने वाली कांग्रेस कब से देशभक्त हो गयी?

हरियाणा हारने के बाद से कांग्रेस की बौखलाहट या सत्ता से दूर रहने की मंशा से कांग्रेस क्या बोल रही है उसे ही नहीं पता। इस समय कांग्रेस देखा जाए तो अपना सुधबुध खो चुकी है। 

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा को आतंकवादियों की पार्टी कहा है। उन्होंने शनिवार (12 अक्टूबर 2024) को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की आदत है कि वो कांग्रेस को हमेशा अर्बन नक्सल पार्टी बताते हैं, लेकिन उनकी पार्टी क्या है? उन्होंने कहा कि भाजपा आतंकवादियों की पार्टी है, जो लिंचिंग में शामिल रहती है। इसलिए मोदी को ऐसे आरोप लगाने का हक नहीं है।

राहुल द्वारा जातिगत जनगणना करवाए जाने का कांग्रेस समर्थन करती है, लेकिन मुस्लिम और ईसाईयों की जातिगत जनगणना पर क्यों खामोश रहती है? क्या यह हिन्दुओं को बाँटने का षड़यंत्र नहीं?    
दलित समाज से आने वाले खड़गे ने ANI से बातचीत में कहा, “जहाँ भी भाजपा की सरकारें हैं, वहाँ शेड्यूल कास्ट खासकर आदिवासियों पर अत्याचार किया जा रहा है। शेड्यूल कास्ट के लोगों पर पेशाब करती है। आदिवासियों का रेप करती है। ऐसा करने वालों का सपोर्ट भी करती है। वो दूसरों पर आरोप लगाते हैं। उनको ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है।”

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने 5 अक्टूबर 2024 को महाराष्ट्र का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने ठाणे में कहा कांग्रेस और उसकी नीतियों को लेकर जमकर हमला बोला था। प्रधानमंत्री मोदी ने उस समय कहा था, “कांग्रेस और उनके सहयोगियों का एक ही मिशन है- बाँटो और सत्ता में रहो। कांग्रेस को अर्बन नक्सल गैंग चला रहे हैं। वह देश विरोधियों के साथ खड़ी है।”

वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर भी उन्होंने पलटवार किया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “जिस पार्टी का मकसद देश को बाँटना है, उन्हें सपोर्ट करने वाले देश में ही हैं। वह संघ प्रमुख भागवत हैं। संविधान बदलना हो, रिजर्वेशन हो, हिंदू-मुसलमानों को अलग करने की बात करने वाले ये लोग हैं और बुद्धि दूसरे लोगों को बाँट रहे हैं।”

दरअसल, शनिवार (12 अक्टूबर 2024) को महाराष्ट्र के नागपुर में विजयदशमी के कार्यक्रम में RSS के स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भी कुछ ऐसा ही कहा था। उन्होंने किसी का लिए बिना देश को बाँटने की साजिश रचने का आरोप लगाया। इसी बयान को लेकर खड़गे ने यह बात कही है।

गाजा की मस्जिद में छिपे बैठे थे हमास के आतंकी, इजरायल ने हवाई हमले से कर दिया ‘समतल’: बेरूत में हिजबुल्लाह के कई ठिकाने भी तबाह

                                                        बेरूत (साभार: अल जजीरा)
इस्लामी आतंकियों के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई में आक्रामकता बढ़ गई है। उसने गाजा पट्टी में आतंकी संगठन हमास और लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भारी बमबारी की है। इस कार्रवाई में हमास के कम से कम 21 आतंकी मारे गए हैं। कहा जा रहा है कि ये आतंकी एक मस्जिद में छिपे हुए थे। हमले में मस्जिद सहित अन्य इमारतें भी नेस्तनाबूद हुई हैं।

इज़रायली सेना का कहना है कि युद्धक विमानों ने कुछ समय पहले ही आतंकियों पर सटीक निशाना साधा था। दरअसल, मध्य गाजा पट्टी के डेर अल-बलाह में इब्न रुश्द स्कूल के परिसर में हमास का कमांड सेंटर मौजूद था और इसमें ये आतंकी मौजूद थे। अल-बलाह में हमास के दूसरे नियंत्रण केंद्र को भी निशाना बनाया गया, जो शुहादा अल-अक्सा मस्जिद कहलाता है।

इजरायली सेना का कहना है कि हमास द्वारा कमांड सेंटर का इस्तेमाल IDF बलों और इज़रायल के खिलाफ आतंकी हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने के लिए किया जाता था। IDF का कहना है कि हमले में नागरिकों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सटीक हथियारों का उपयोग और पुष्ट खुफिया जानकारी सहित कई उपाय किए गए थे।

वहीं, लेबनान की राजधानी बेरूत के उपनगरों में इजरायल की सेना ने भी बमबारी की है। इस्लामी मीडिया हाउस अल जजीरा की के अनुसार, कार्रवाई की वजह से बेरूत में बड़े पैमाने पर विस्फोट हुए हैं और आग की लपटें आसमान तक पहुँच रही हैं। लेबनान के समाचार चैनलों के मुताबिक, इजरायल ने बेरूत में रात भर 30 से अधिक हमले किए।

बेरूत का दक्षिणी इलाका आतंकी संगठन हिजबुल्लाह का गढ़ माना जाता है। यह इजरायली सेना के विशेष निशाने पर है। इजरायली सेना IDF ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उसके लड़ाकू विमानों ने बेरूत में हिजबुल्लाह के कई हथियार गोदामों और अन्य बुनियादी ढाँचे पर हमले किए। उसने कहा कि इस हमले को लेकर उसने इलाके के नागरिकों को पहले ही चेतावनी दे दी थी।

उधर, हिजबुल्लाह के चीफ नसरल्लाह के उत्तराधिकारी कहे जाने वाले हाशेम सफीद्दीन के भी मारे जाने की बात कही जा रही है। अल जज़ीरा ने लेबनान एक सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया कि हिज़्बुल्लाह ने अपने कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष हाशेम सफ़ीद्दीन से संपर्क खो दिया है।

इजरायल ने इस बार सीधे हिजबुल्लाह के हेडक्वार्टर पर किया धमाका, 6 की मौत, 91 घायल

                        हिजबुल्लाह हेडक्वार्टर पर हमला (फोटो साभार: वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट)
इजरायल ने एक बार फिर से लेबनान में हमला किया। इस बार उनका निशाना सीधे बेरट स्थित हिजबुल्लाह का हेडक्वार्टर था। दावा किया गया कि इस हमले में हेडक्वार्टर के भीतर कोई नहीं बचा। वहीं कुछ रिपोर्ट ने बताया कि हमले में 6 लोग मरे हैं और 91 घायल हुए हैं।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स तो यह भी कह रही हैं कि इस हमले में हिजबुल्लाह के चीफ नसरल्लाह की मौत हो गई। हालाँकि हिजबुल्लाह संगठन ने खुद इस दावे से इनकार किया है।

बताया ये भी जा रहा कि इजराइली हमले में नसरल्लाह की बेटी और उसके भाई हाशिम सफी अल दीन की मौत हो गई है। हाशिम हिज्ब कार्यकारी परिषद का चीफ था। हालाँकि इन मौतों को लेकर अभी कहीं आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

वहीं हमले से जुड़ी जो जानकारी इजरायल रक्ष बल ने दी है। उसमें बताया गया, “दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह की मिसाइल यूनिट के कमांडर मुहम्मद अली इस्माइल और उनके डिप्टी हुसैन अहमद इस्माइल को इजरायल द्वारा एक सटीक हवाई हमले में मार गिराया गया है। अली इस्माइल इजरायल राज्य के खिलाफ कई आतंकवादी हमलों को निर्देशित करने के लिए जिम्मेदार था, जिसमें बुधवार को इजरायली क्षेत्र की ओर रॉकेट दागना और मध्य इजरायल की ओर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का प्रक्षेपण शामिल था।”

इजरायल ने बताया कि हिजबुल्ला ने इजरायली नागरिकों को मारने के लिए 150,000 रॉकेट छोड़े थे। अब इजरायली सेना हिजबुल्लाह को मारकर सिर्फ इजरायल को बचा रही है। लेबनान के लोगों के साथ उनका कोई द्वेष नहीं है। उन्होंने बताया कि हिजबुल्लाह की मिसाइलें उनकी जमीन और समुद्र दोनों को निशाना बना रही है, लेकिन वह अपने नागरिकों को बचाने के लिए चाहे भूमि से हो, वायु से हो या समुद्र से हो हमेशा तत्पर हैं। आईडीएफ ने जानकारी दी कि वह खुफिया सूचना के आधार पर आतंकी संगठन के ठिकाने पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा है कि हिजबुल्लाह को तबाह करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आतिशी का सिर्फ़ ‘Dummy CM’ बनना , दिल्ली के लिए बहुत दुखद दिन है: स्वाति मालीवाल, आप सांसद; शराब घोटाले में केजरीवाल ने ही लिया नाम; वामपंथन आतिशी के माता-पिता रहे हैं आतंकी अफजल गुरु के ‘फैन’


दिल्ली में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम का अंत हो गया है। मंगलवार (17 सितम्बर, 2024) को AAP विधायक आतिशी को दिल्ली का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। यह फैसला दिल्ली CM अरविन्द केजरीवाल के इस्तीफे के ऐलान के बाद सामने आया है। आतिशी के नाम का ऐलान AAP सरकार में मंत्री गोपाल राय ने किया है।

मंगलवार को गोपाल राय ने बताया, “विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय हुआ है कि जब तक अगला चुनाव नहीं होता तब तक आतिशी जी को दिल्ली के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी निभानी होगी।” गोपाल राय ने यह भी कहा कि वह दिल्ली में अक्टूबर-नवम्बर तक चुनाव की माँग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अगले चुनाव में AAP को प्रचंड बहुमत नहीं मिलता और केजरीवाल CM नहीं बनते तब तक आतिशी मुख्यमंत्री बनी रहेंगी।

आतिशी के दिल्ली CM बनने के बाद उनकी ही पार्टी से काफी कड़ी प्रतिक्रिया आई है। AAP की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने इसे दिल्ली के लिए दुखद बताया है। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “दिल्ली के लिए आज बहुत दुखद दिन है। आज दिल्ली की मुख्यमंत्री एक ऐसी महिला को बनाया जा रहा है जिनके परिवार ने आतंकवादी अफ़ज़ल गुरु को फाँसी से बचाने की लंबी लड़ाई लड़ी। उनके माता पिता ने आतंकी अफ़ज़ल गुरु को बचाने के लिए माननीय राष्ट्रपति को दया याचिकाऐं लिखी।

स्वाति मालीवाल ने आगे लिखा, “उनके हिसाब से अफ़ज़ल गुरु निर्दोष था और उसको राजनीतिक साज़िश के तहत फँसाया गया था। वैसे तो आतिशी मार्लेना सिर्फ़ ‘Dummy CM’ है, फिर भी ये मुद्दा देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। भगवान दिल्ली की रक्षा करे!”

आतिशी अभी तक केजरीवाल सरकार में शिक्षा, महिला और बाल कल्याण, PWD, टूरिज्म समेत पाँच मंत्रालय संभालती थीं। वह 2020 में पहली बार विधायक बनी थीं। उनके माता-पिता दोनों कम्युनिस्ट हैं। आतिशी CM केजरीवाल के गिरफ्तार होने के बाद फ्रंट पर थीं। अब उन्हें दिल्ली का CM अरविन्द केजरीवाल ने बनाया है। हालाँकि, ऐसा नहीं है कि आतिशी का विवादों से कोई लेनादेना ना हो। उन पर शराब घोटाले में शामिल होने से लेकर दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था बर्बाद करने और विदेशी धरती पर भारत को बदनाम करने के आरोप लगे हैं।

शराब घोटाले में केजरीवाल ने ही लिया नाम

दिल्ली शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अप्रैल, 2024 में कोर्ट को बताया था कि CM केजरीवाल ने आतिशी का नाम लिया है। ED ने बताया था कि मामले में पहले आरोपित और बाद में सरकारी गवाह बना विजय नायर केजरीवाल नहीं बल्कि आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था। नायर पर इस मामले में पैसे की लेनदेन मुख्य तौर पर शामिल होने के आरोप हैं। आतिशी ने खुद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि ED उन्हें और बाकी तीन लोगों को गिरफ्तार करना चाहती है।

घोटाले के दौरान गोवा की इंचार्ज थीं आतिशी: रिपोर्ट

टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया था आतिशी उस दौरान गोवा की आम आदमी पार्टी प्रभारी थीं जब यहाँ शराब घोटाले से उगाही किया गया पैसा उपयोग में लाया गया था। टाइम्स नाउ ने यह दावा ED की कार्रवाई के आधार पर किया था। टाइम्स नाउ को मिले पत्र के अनुसार, 13 फरवरी 2022 को आतिशी मार्लेना ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने खुद को गोवा चुनावों के लिए पार्टी का प्रभारी बताया था।
गोवा में चुनाव 14 फरवरी 2022 को समाप्त हो गए थे, इसका मतलब है कि तब भी वही प्रभारी थीं। टाइम्स नाउ के पत्रकार प्रियांक त्रिपाठी ने कहा था कि अगर अरविंद केजरीवाल को दक्षिण भारतीय शराब लॉबी से रिश्वत की रकम लेने और उसका दुरुपयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया जा सकता है, तो निश्चित रूप से आतिशी मार्लेना के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं।

विदेशों में भारत की छवि की धूमिल

आतिशी पर शराब घोटाले में शामिल होने के ही नहीं बल्कि यह भी तोहमत है कि उन्होंने विदेशी धरती पर भारत की छवि को धूमिल किया। आतिशी कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी द्वारा भारत विरोधी ‘100 पर भारत: टुवर्ड्स बीइंग ए ग्लोबल लीडर’ आयोजन में गुरुवार (15 जून 2023) को शामिल हुईं थी।
यहाँ उन्होंने कहा था, “हमें अक्सर बताया जाता है कि भारत की जीडीपी अब 3 ट्रिलियन डॉलर के आँकड़े को पार कर गई है। हमें बताया गया है कि भारत सबसे तेज़ G20 अर्थव्यवस्था है और ऐसी कई अन्य जानकारी दी गईं। हालाँकि, वास्तविकता उससे कहीं अधिक चिंताजनक और कमतर है।”
उन्होंने आगे कहा था, “मुझे लगता है कि एक बेहतर संकेतक, जो वास्तव में आपको देश की स्थिति के बारे में बताता है, वह मानव विकास सूचकांक है… कुछ संकेतक हैं जिनमें 190 देश भाग लेते हैं। भारत 191 में से 132वें स्थान पर है। यह 75वें साल का भारत है।” उन्होंने यहाँ प्रोपेगेंडा के आधार पर बनाई गई ग्लोबल हंगर इंडेक्स का जिक्र भी किया था।

दिल्ली की शिक्षा को बर्बाद करने के भी आरोप

आतिशी दिल्ली सरकार में शिक्षा मंत्री और विधायक बनने से पहले सलाहकार थीं। वह सलाहकार के तौर पर शिक्षा विभाग ही देखती थीं। उनको लेकर यह प्रोपेगेंडा चलाया गया कि उनके कार्यकाल में दिल्ली में शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। सच्चाई इससे कोसों दूर है।
दक्षिण दिल्ली नगर निगम की शिक्षा समिति की सदस्य नंदिनी शर्मा के अनुसार, “सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण के बारे में तमाम शोर-शराबे के बावजूद मनीष सिसोदिया और उनकी सलाहकार आतिशी मार्लेना की AAP सरकार ने ना केवल दिल्ली में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को बदलने का मौका गंवा दिया, बल्कि इन दोनों ने राष्ट्रीय राजधानी में पहले से ही बदहाल शिक्षा व्यवस्था को और भी बदतर बना दिया।”
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि AAP के ‘मॉडल स्कूल’ प्रोजेक्ट में गंभीर अनियमितताओं के कारण 250 करोड़ रुपये बरबाद हो गए। आप ने 54 सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूल में बदलने की शुरुआत की थी और इन स्कूलों के सौंदर्यीकरण का काम दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTDC) को सौंपा था। हालाँकि, महज 3 साल बाद ही हाल ही में बनकर तैयार हुए कुछ स्कूलों की दीवारों में दरारें आ गईं। आतिशी के कार्यकाल में दिल्ली किताबों और शिक्षकों की भी कमी हो गई थी।

माता-पिता ने किया था अफजल गुरु को बचाने का प्रयास

दिलचस्प बात यह है कि आतिशी के माता-पिता विजय कुमार सिंह और तृप्ता वाही कट्टर कम्युनिस्ट हैं। आतिशी के माता-पिता उन ‘प्रतिष्ठित’ हस्तियों के समूह से हैं, जिन्होंने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी अफजल गुरु की मौत की सजा के खिलाफ भारत के राष्ट्रपति को दया याचिका लिखी थी। तृप्ता वाही भारत विरोधी और आतंकवादियों के हमदर्द के कुख्यात चेहरों में से एक एसएआर गिलानी से भी जुड़ी हुई हैं। हालाँकि, आतिशी ने कहा था कि वह अपने माँ-बाप की राजनीति के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।

राम मंदिर को उड़ाने और मुख्यमंत्री योगी की हत्या की धमकी: बिहार के भागलपुर से मकसूद अंसारी गिरफ्तार, जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी से था संपर्क


अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने बिहार के भागलपुर से मोहम्मद मकसूद को गिरफ्तार किया है। मकसूद ने इस साल 14 जून को राम मंदिर को उड़ाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके पुलिस ने बड़ी खंजरपुर में छापेमारी करके उसे गिरफ्तार कर लिया और कागजी प्रक्रिया पूरी करके उसे यूपी ले आई।

जिस समय पुलिस ने मोहम्मद मकसूद अंसारी को गिरफ्तार किया, उस समय वह अपने बहन के ससुराल से आ रहा था। इसी दौरान उसका मोबाइल नम्बर ट्रेस करके पुलिस ने उसे भागलपुर के गुरहट्टा चौक से दबोच लिया। वहीं, कुछ रिपोर्ट में उसकी गिरफ्तारी भागलपुर के बरारी थाना क्षेत्र के बड़ी खंजरपुर स्थित मस्जिद गली स्थित उसके घर से गिरफ्तार करने की बात कही जा रही है।

पिछले कुछ दिनों से पुलिस उसके घर पर पहुँचकर उसकी माँ से पूछताछ कर रही थी। हालाँकि, उसका सुराग नहीं मिल पा रहा था। मोहम्मद मकसूद के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ से भी जुड़े होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने उसके पास से चार मोबाइल फोन बरामद किया है। इनमें से एक मोबाइल वह भी है, जिसके फेसबुक से धमकी दी गई थी।

यह बात भी सामने आई है कि मकसूद जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आमिर के संपर्क में था। उसका देश विरोधी पोस्ट भी मकसूद शेयर किया करता था। इतना ही नहीं, साइबर ठगी में भी उसकी संलिप्तता सामने आई है। संगठन के नाम पर भी लाखों रुपए इकट्ठा करने और नए लड़कों की संगठन में भर्ती को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है। बरामद मोबाइल से आमिर से जुड़ी जानकारी भी मिली है।

मकसूद की अम्मी का कहना है कि वह कैंसर की मरीज है और उसका बेटा उसकी देखभाल करता था। उसने अपने बेटे को निर्दोष बताया है। उसकी अम्मी का कहना है कि उसके बेटे का फोन कुछ दिन उसके साला के पास था। उसके साले ने उस फोन से क्या किया, क्या नहीं किया, इसके बारे में उसे जानकारी नहीं है। फिलहाल पुलिस उसके संभावित साथियों की भी तलाश कर रही है।

उसकी अम्मी ने यह भी कहा कि मकसूद अंसारी अपनी नौकरी के लिए फोन पर बातें किया करता था। उसने नौकरी के लिए चंडीगढ़ में आवेदन भी दिया था। वहाँ से उसका वीजा बनाने की बात हो रही थी। वीजा बन जाने के बाद वह विदेश जाने वाला था। उसकी अम्मी का कहना है कि मकसूद के विदेश जाने से पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में पता चला कि हुसैनाबाद के सकरुल्ला चक में रहने वाले 26 साल के मोहम्मद मकसूद अंसारी के साला अमन का मोबाइल खराब हो गया था। उसने बताया कि अमन ने इस दौरान उसके मोबाइल से क्या किया उसे इसकी जानकारी नहीं है। पुलिस इस मामले में उसके साले अमन की संलिप्ता की भी जाँच कर रही है।

इस साल 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का उद्घाटन हुआ था। इसके बाद 14 जून 2024 को राम मंदिर को उड़ाने की धमकी दी गयी थी। इसके साथ ही सीएम योगी को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी। धमकी भरे मैसेज मिलने के बाद यूपी पुलिस सहित देश की सुरक्षा एजेंसी अलर्ट हो गई थीं। इस धमकी में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम सामने आया था।

ऑडियो मैसेज सामने आने के बाद अयोध्या के राम जन्मभूमि थाना में केस दर्ज किया गया था। यूपी पुलिस को उस मोबाइल के बारे में जानकारी हासिल की तो पता चला कि यह मोबाइल किसी मकसूद अंसारी नाम के शख्स का है और वह बिहार के भागलपुर जिले का रहने वाला है। फिलहाल इस मामले में पुलिस खुलकर कुछ भी बताने से परहेज कर रही है।

ट्रेन-पुलिस-हिंदू नेताओं को करो टारगेट ; रेलवे ट्रैक पर कहीं पत्थर, कहीं सरिया… संयोग नहीं है ये: पाकिस्तान में बैठे आतंकी का वीडियो- छेड़ो ‘फिदायीन जंग’

 फरहतुल्लाह गोरी (बाएँ) ने ट्रेनों पर हमले करने को कहा है (चित्र साभार: LiveHindustan)

हाल में कई ऐसी घटनाएँ सामने आई है जिसके बाद ट्रेनों को बेपटरी करने की साजिश रचे जाने का अंदेशा जताया जा रहा है। पाकिस्तान में बैठे आतंकी फरहतुल्लाह गोरी के एक वीडियो से यह अंदेशा और गहरा गया है। इसमें उसने भारतीय रेल, पाइपलाइन, पुलिस और हिंदू नेताओं को निशाना बनाते हुए ‘फिदायीन जंग’ छेड़ने के लिए उकसाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान में रहने वाले आतंकी फरहतुल्लाह गोरी ने यह काम स्लीपर सेल से करने को कहा है। आतंकी गोरी ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) आतंक की कमर तोड़ रहा है। इसका जवाब देने के लिए उसने देश भर में इन्फ्रा पर हमला करने को कहा है। इस संबंध में एक वीडियो सुरक्षा एजेंसियों को मिला है।

सुरक्षा एजेंसियों को मिले वीडियो में गोरी बता रहा है कि कैसे ट्रेनों में अलग-अलग तरीके से धमाके किए जा सकते हैं। वह इसके लिए प्रेशर कुकर जैसी चीजों से बम बनाने का भी आईडिया दे रहा है। गोरी अभी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की शह पर वहीं रह रहा है और भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है।

गोरी का कहना है कि भारत में NIA और ED लगातार उनकी कमर आर्थिक रूप से तोड़ रही है। NIA और ED आतंकियों और उनके मददगारों की सम्पत्ति जब्त कर रही है, इस कारण गोरी काफी बौखलाया हुआ है। उसने कहा है कि इसका जवाब भारत में दिया जाएगा। उसने इसे फिदायीन जंग का नाम दिया है।

ट्रेनों को निशाने पर लेने की बात के बाद भारतीय एजेंसियाँ हरकत में आ गई हैं और सतर्क हो चुकी हैं। बीते कुछ समय में रेल दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी भी देखी गई है, कई जगह रेल पटरियों पर अवरोध रख कर रेल दुर्घटना करवाने का प्रयास किया गया है। राजस्थान से बीते सप्ताह एक ऐसी ही घटना सामने आई थी।

राजस्थान के पाली में जोधपुर से अहमदाबाद जाने वाली वन्दे भारत ट्रेन के आने से पहले 22 अगस्त को सीमेंट का बड़ा ब्लॉक रखा गया था वन्दे भारत ट्रेन इस ब्लॉक से टकरा भी गई। इसके बाद लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए और दुर्घटना नहीं हुई। इसके अगले दिन इससे बड़े 2 ब्लॉक रख दिए गए ताकि ट्रेन पलट जाए।

हालाँकि, इस दिन रेल कर्मचारियों ने इसे पहले देख लिया और पटरी पर से हटा दिया। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में अहसान नाम के एक युवक पटरी पर एक मोटरसाइकिल का एक एलाय रिम रख कर उसे पलटने की साजिश रची। अहसान के रखे पहिए से एक मालगाड़ी टकरा भी गई थी। हालाँकि, इमरजेंसी ब्रेक लगने से हादसा टल गया।

फरहतुल्लाह गोरी ने ट्रेन और लॉजिस्टिक चेन को निशाना बनाने के अलावा आतंकियों से कहा है कि वह हिन्दू नेताओं और पुलिस वालों की भी हत्या करें। उसने कहा है कि इन नेताओं और पुलिस वहाँ निशाना बनाए जहाँ वह कमजोर हैं। इसके लिए उसने नई तरकीब अपनाने की बात की है।

भारत में ट्रेन हादसों करने के लिए ऐलान करने वाला फरहतुल्लाह गोरी हाल ही में हुए बेंगलुरु रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट का मास्टरमाइंड है। इसके अलावा वह गुजरात के अक्षरधाम मंदिर हमले में भी जुड़ा हुआ था। उसका मुख्य काम भारत से मुस्लिम युवाओं को भर्ती करके उन्हें आतंकी बनाना था। वह कई आतंकी मॉड्यूल का हैंडलर है।

पाकिस्तान में भारत का एक और दुश्मन निपटा, 2015 में गुरदासपुर आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड को अज्ञात लोगों ने पहुंचा दिया 72 हूरों के पास

पाकिस्तान में भारत के एक और दुश्मन को अज्ञात लोगों ने गोली मारकर 72 हूरों के पास पंहुचा दिया। पाकिस्तान के कराची में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और ISI अधिकारी अली रजा को 7 जुलाई को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अली रजा साल 2015 में पाकिस्तान बॉर्डर से महज 15 किलोमीटर दूर पंजाब के गुरदासपुर में आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड था। गुरदासपुर में सेना की वर्दी में आए पाकिस्तानी आतंकवादियों ने पहले जम्मू के कटरा जा रही बस पर अंधाधुंध फायरिंग की। उनके निशाने पर अमरनाथ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु थे। इसके बाद गोलियां चलाते हुए दीनानगर पुलिस स्टेशन में घुस गए। आतंकवादियों ने थाने पर हमला करने के बाद परिसर के उस हिस्से पर भी गोलियां चलाईं और ग्रेनेड फेंके जहां पुलिसकर्मियों के परिवार रहते थे। इस हमले में एक एसपी और होमगार्ड के तीन जवान शहीद हो गए थे जबकि तीन आम नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके अलावा 15 लोग घायल हुए थे।

ये नया भारत है, चुन-चुनकर विदेश में मारे जा रहे दुश्मन
पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस तरह भारत का कद बढ़ता जा रहा है, वह विदेशी ताकतों को पसंद नहीं आ रहा है। इसीलिए वे तरह-तरह के प्रपंच कर भारत को बदनाम करने, उसकी विकास की रफ्तार को रोकने के षडयंत्र में जुटे हैं। लेकिन यह नया भारत है, ​​भारत के दुश्मन जहां कहीं भी हो उनका खत्म होना निश्चित है, चाहे वे कहीं भी छिपे हों। 2014 से पहले की सरकारें आतंकवादी हमला होने पर संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका जैसे देशों से निहोरा करती थीं कि वे इसकी निंदा करें और भारत को इन आतंकवादी हमलों से बचाएं। आज पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत इस कदर सशक्त, सबल और सक्षम हुआ है कि अब वह दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देता है। यही वजह है कि अब भारत नहीं, पाकिस्तान खुद को आतंकवाद से पीड़ित बता रहा है।

पाकिस्तान में अब तक दो दर्जन से अधिक आतंकवादी मारे गए
पाकिस्तान में अब तक भारत के दुश्मन दो दर्जन से अधिक आतंकवादी मारे जा चुके हैं, वहीं कुछ अन्य देशों में भारत के दुश्मनों को ढेर किया जा चुका है। वर्ष 2024 में पाकिस्तान में अब तक भारत के तीन दुश्मन को मौत की नींद सुलाया जा चुका है। वर्ष 2023 में भारत के दुश्मन 27 आतंकवादी मारे गए, वहीं 2022 में पांच भारत विरोधी आतंकवादी मारे गए थे। पिछले एक-दो वर्षों में विदेशी धरती पर भारत विरोधी हरदीप सिंह निज्जर, अवतार सिंह खांडा, परमजीत पंजवार, रिपुदमन सिंह मलिक, हरविंदर रिंडा, सुखदूल सिंह, हैप्पी संघेड़ा के साथ ही अबू कासिम, जहूर मिस्त्री, अब्दुल सलाम भुट्टावी, सैयद नूर, एजाज अहमद, खालिद रजा, बशीर अहमद, शाहिद लतीफ, मुफ्ती कैसर फारूक, जियाउर रहमान, मलिक दाऊद, सुक्खा दुनिके, ख्वाजा शाहिद, मौलाना तारिक रहीम उल्‍लाह तारिक, साजिद मीर, अदनान अहमद उर्फ हंजला अदनान, मौलाना शेर बहादुर, अब्दुल्ला शाहीन और खालिस्तानी आतंकवादी लखबीर सिंह रोडे जैसे आतंकियों की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई।

7 जुलाई 2024
गुरदासपुर आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड को अज्ञात लोगों ने निपटा दिया
पाकिस्तान बॉर्डर से महज 15 किलोमीटर दूर पंजाब के गुरदासपुर में 2015 में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड अली रजा को पाकिस्तान के कराची में 7 जुलाई 2024 को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अली रजा को हमलावरों ने कराची के करीमाबाद, ब्लॉक 1 में गोली मारी। ISI अधिकारी के अलावा एक सिक्योरिटी गार्ड को भी गोली लगी जिससे उसकी भी मौत हो गई। जिस वक्त यह हमला हुआ, उस समय अली रजा अपनी बुलेट प्रूफ गाड़ी में जा रहे था। तभी मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध आए और भागने से पहले अंधाधुंध गोलीबारी की। गोलीबारी में वह बुरी तरह से घायल हो गया। उनको सीने, गर्दन और सिर पर कई गोलियां लगी थीं। अली रजा वर्तमान में पाकिस्तान के कराची में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर तैनात था और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से भी उसका जुड़ाव था। उल्लेखनीय है कि गुरदासपुर आतंकी हमले में एक एसपी और होमगार्ड के तीन जवान शहीद हो गए थे जबकि तीन आम नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके अलावा 15 लोग घायल हुए थे।

17 जून 2024
सुंजवान आर्मी कैम्प पर हमले का मास्टरमाइंड अमीर हमजा मारा गया
भारत का दुश्मन और भारतीय सेना पर आतंकी हमला कराने वाला ISI एजेंट आमिर हमजा की गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया गया। पाकिस्तान की जिस धरती पर रहते हुए उसने भारत के खिलाफ साजिश रची अंततः उसी धरती पर वह ढेर हो गया। आमिर हमजा की पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 17 जून की देर शाम गोली मार दी गई। पाकिस्तान में रहने वाला आईएसआई का एजेंट और आर्मी का रिटायर्ड ब्रिगेडियर आमिर हमजा 17 जून की शाम परिवार के साथ कार से कहीं जा रहा था। उसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोली चलाकर हमजा को मौत के घाट उतार दिया। यह हमला पंजाब के झेलम जिले में हुआ। आमिर हमजा भले ही पाकिस्तान आर्मी का हिस्सा था पर वो बहुत बड़ा आतंकी था। उसके हाथ दुनियाभर के कई आतंकी हमलों में रहा। वह भारत का बहुत बड़ा दुश्मन था। आमिर हमजा ने भारत के जम्मू-कश्मीर के सुंजवान आर्मी कैंप पर साल 2018 में आतंकी हमला करवाया था, जिसमें 6 जवान शहीद हो गए थे। इसके अलावा उसने कई बार भारत में हमले करवाने को लेकर साजिश रची। आमिर हमजा कई बड़े आतंकी हमलों का साजिशकर्ता था। पाकिस्तानी पुलिस का कहना है कि यह टारगेट किलिंग है।

कोल्हापुर की जेल में 1993 के बम धमाकों के दोषी मोहम्मद अली खान को कैदियों ने नाली का ढक्कन सिर पर मारकर मार डाला : RDX-हैंडग्रेनेंड लेकर आया था मुंबई

                                           मोहम्मद अली खान (चित्र साभार: HT & TV9 Marathi)
1993 मुंबई बम धमाका मामलों में सजा पाए हुए मोहम्मद अली खान उर्फ़ मुन्ना उर्फ़ भंवरलाल गुप्ता की साथी कैदियों ने हत्या कर दी। वह महाराष्ट्र के कोल्हापुर की कलाम्बा सेंट्रल जेल में बंद था। उसे साथी कैदियों ने पीट पीट कर मार दिया।

जानकारी के अनुसार, कलाम्बा जेल में सुबह कैदियों की गिनती के बाद नहाने के दौरान यह घटना हुई। मोहम्मद अली खान जब सुबह नहाने गया तो यहाँ उसकी साथी कैदियों से बहस हो गई, इसके बाद साथी कैदियों ने उस पर हमला किया। उससे मारपीट के बाद एक कैदी ने पास ही में नाली के ढक्कन से पीटना चालू कर दिया। यह ढक्कन उसके सर पर मारा गया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया, इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहाँ उसकी मौत हो गई।

मोहम्मद अली खान जेल के सर्कल 2 की बैरक 4 में बंद था। बताया गया कि नहाने को लेकर झगड़े से पहले उसका बैरक के अंदर इन्हीं हमलावरों से विवाद हुआ था। इसके बाद जब यह बाहर पहुँचा तो फिर से उसकी कहासुनी हुई और विवाद हो गया जिसके बाद यह हत्या हुई। मोहम्मद अली खान पर हत्या करने वालों के नाम प्रतीक उर्फ़ सुरेश पाटिल, दीपक नेताजी, संदीप शंकर चव्हाण, ऋतुराज विनायक इनामदार और सौरभ विकास हैं।

कोल्हापुर के एसपी महेंद्र पंडित ने इस मामले में बताया कि इन हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने बताया, “मोहम्मद अली गुस्सैल स्वभाव का था और छोटी-छोटी बातों पर आरोपितों से झगड़ा करता था। पुराना कैदी होने के कारण वह बाकी कैदियों पर हुक्म चलाता था था और अगर उसकी बात नहीं मानते थे तो गाली-गलौज करता था। मैंने जेल का दौरा किया और आरोपितों से उस झगड़े के बारे में पूछताछ की जिसके कारण मुन्ना की मौत हुई।” पुलिस अब इस मामले में जाँच जारी है।

मोहम्मद अली खान उर्फ़ मुन्ना मुर्फ़ भंवर लाल गुप्ता 1993 के बम धमाकों में हथियार और RDX सप्लाई करने के मामले में दोषी पाया गया था और इसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वह 2013 में कलाम्बा जेल में लाया गया था। इससे पहले वह मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद था।

आतंकी महिलाओं की हत्या कर नग्न घुमा रहे, भारत-पाकिस्तान से लेकर लंदन तक कट्टर मुस्लिम हमास के समर्थन में उतरे

हमास का समर्थन करते भारतीय लिबरल और मुस्लिम (चित्र साभार: reallyswara/instagram & @007AliSohrab/X)
फिलिस्तीन के इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला कर दिया। इस हमले में हमास के आतंकी आम नागरिकों और सैनिकों को मारने के अलावा कई महिलाओं और बच्चे-बच्चियों को बंधक बनाकर अपने साथ ले गए। अब सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी मुस्लिम हमास के हमले के जायज ठहरा रहे हैं।

हमास के आतंकियों ने इनमें से एक जर्मन नागरिक शानी लौक को मारकर उसके नग्न शव की परेड निकाली। जहाँ हमास के आंतकियों के इस कृत्य की विश्व भर में निंदा हो रही है, वहीं भारत से लेकर पाकिस्तान और लंदन तक के कट्टरपंथी मुस्लिम इन कबीलाई सोच वाले आतंकियों के समर्थन में उतर आए हैं।

महिलाओं को अगवा करने, उनके साथ दुर्व्यवहार करने, उन्हें मारने और शवों तक के साथ बर्बरता करने वालों का खुला समर्थन किया जा रहा है। भारत के कई कट्टर मुस्लिम सोशल मीडिया अकाउंट यही करते पाए गए हैं। उन्होंने महिलाओं के साथ इस व्यवहार को सही ठहराने की कोशिश भी की है।

हिन्दुओं के खिलाफ जहर उगलने वाला अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का छात्र रहा शरजील उस्मानी इनमें सबसे आगे है। उसने वीडियो सामने आने के तुरंत बाद फिलिस्तीन के समर्थन को लेकर एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट किया।

शरजील ने तर्क दिया कि भारत के दक्षिणपंथी लोग इजरायल का समर्थन कर रहे हैं। इसलिए वह मुस्लिम होने के नाते फिलिस्तीन का समर्थन करेगा, भले ही हमास जैसे आतंकी संगठन महिलाओं को नंगा क्यों ना घुमाएँ।

वहीं, अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने हमास के इन हमलों में मारे गए इजरायलियों की पीड़ा का जिम्मेदार उन्हें खुद बता दिया है।

एक व्यक्ति ने नग्न परेड कराई जा रही महिला के वीडियो के नीचे लिखा, “इसका फिर से बलात्कार करो।”

खुद को पत्रकार बताकर हिन्दुओं के विरुद्ध लगातार जहर उगलने वाले ‘अली सोहराब’ ने भी हमास के इन कृत्यों को सही ठहराया है। उसने दावा किया कि हमास द्वारा परेड कराया जा रहा शव महिला का ना होकर किसी पुरुष का है। हालाँकि, वह ये बताना भूल गया कि महिला या पुरुष किसी के शव के साथ यह बर्बरता गलत है।

आगे वह इस कदम को यह कहकर सही ठहरा देता है कि क्या महिलाओं का फूल-माला से स्वागत होना चाहिए।

एक अन्य कट्टर मुस्लिम प्रोफ़ेसर नूरुल ने लिखा है कि इजरायल में महिला कम कपड़े पहनती हैं। इसलिए उनके शवों को नग्न करके परेड करवाना उचित है।

हमास के इन कृत्यों की तुलना कट्टर मुस्लिम पत्रकार सदफ आफरीन ने भारत की आजादी की लड़ाई से कर दी। हालाँकि, उसने यह नहीं बताया कि भारत के स्वतंत्रता सेनानियों ने कभी ऐसा सुलूक किसी महिला के साथ नहीं किया।

एक और कट्टर मुस्लिम महिला लालिबा फिरदौस ने हमास के आतंकियों की तुलना भारत के स्वतंत्रता सेनानियों की। वहीं, हमास के आतंकी हमले की तुलना 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से कर दी। इस तरह इसने भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को भी बदनाम करने की कोशिश की।

कट्टर मुस्लिम शाहनवाज अंसारी ने इसे अब्राहमिक धर्मों का आपसी मामला बताते हुए कहा कि वो इसे आपस में निपट लेंगे। उसने एक हिन्दू शख्स पर तंज कसा और उसे गौमूत्र और गोबर खाने वाला बता दिया।

यह नीचता भारत तक ही सीमित है, ऐसा नहीं है। हमास के आतंकियों के समर्थक भारत से लेकर ईरान और लन्दन तक हैं। लन्दन में रहने वाली पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की तलाकशुदा बीवी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने हमास के आतंकियों की सफलता की कामना अल्लाह से की।

style="font-family: verdana; font-size: medium;">अधिकांश मुस्लिम देशों में हमास के आतंकी हमले के समर्थन में रैलियाँ निकाली गई हैं और नमाज पढ़ी गई। लेबनान, तुर्की और ईरान में इजरायली महिलाओं की हत्या और उनको नग्न करने का जश्न मनाया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर हमास के आतंकियों का समर्थन कर रहे कट्टर मुस्लिम हमास के कुकृत्यों को यह कहकर छुपा रहे हैं कि इससे पहले इजरायल ने भी फिलिस्तीन पर हमले किए हैं। हालाँकि, वे ये बताना भूल जाते हैं कि इजरायल द्वारा हमले गाजा से रॉकेट फायरिंग के बाद होते हैं।

ALLAHU AKBAR ALLAHU AKBAR ! Ooh Allah give victory to our Palestinians brothers and sisters 
 #Israel #gaza #طوفان_الأقصى #FreePalestine #Palestina #Palestine #PalestineUnderAttack

pic.twitter.com/f4X4etcgft

— Jemima Goldsmith (@jemimakhan09) October 7, 2023

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