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राम मंदिर को उड़ाने और मुख्यमंत्री योगी की हत्या की धमकी: बिहार के भागलपुर से मकसूद अंसारी गिरफ्तार, जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी से था संपर्क


अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने बिहार के भागलपुर से मोहम्मद मकसूद को गिरफ्तार किया है। मकसूद ने इस साल 14 जून को राम मंदिर को उड़ाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके पुलिस ने बड़ी खंजरपुर में छापेमारी करके उसे गिरफ्तार कर लिया और कागजी प्रक्रिया पूरी करके उसे यूपी ले आई।

जिस समय पुलिस ने मोहम्मद मकसूद अंसारी को गिरफ्तार किया, उस समय वह अपने बहन के ससुराल से आ रहा था। इसी दौरान उसका मोबाइल नम्बर ट्रेस करके पुलिस ने उसे भागलपुर के गुरहट्टा चौक से दबोच लिया। वहीं, कुछ रिपोर्ट में उसकी गिरफ्तारी भागलपुर के बरारी थाना क्षेत्र के बड़ी खंजरपुर स्थित मस्जिद गली स्थित उसके घर से गिरफ्तार करने की बात कही जा रही है।

पिछले कुछ दिनों से पुलिस उसके घर पर पहुँचकर उसकी माँ से पूछताछ कर रही थी। हालाँकि, उसका सुराग नहीं मिल पा रहा था। मोहम्मद मकसूद के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ से भी जुड़े होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने उसके पास से चार मोबाइल फोन बरामद किया है। इनमें से एक मोबाइल वह भी है, जिसके फेसबुक से धमकी दी गई थी।

यह बात भी सामने आई है कि मकसूद जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आमिर के संपर्क में था। उसका देश विरोधी पोस्ट भी मकसूद शेयर किया करता था। इतना ही नहीं, साइबर ठगी में भी उसकी संलिप्तता सामने आई है। संगठन के नाम पर भी लाखों रुपए इकट्ठा करने और नए लड़कों की संगठन में भर्ती को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है। बरामद मोबाइल से आमिर से जुड़ी जानकारी भी मिली है।

मकसूद की अम्मी का कहना है कि वह कैंसर की मरीज है और उसका बेटा उसकी देखभाल करता था। उसने अपने बेटे को निर्दोष बताया है। उसकी अम्मी का कहना है कि उसके बेटे का फोन कुछ दिन उसके साला के पास था। उसके साले ने उस फोन से क्या किया, क्या नहीं किया, इसके बारे में उसे जानकारी नहीं है। फिलहाल पुलिस उसके संभावित साथियों की भी तलाश कर रही है।

उसकी अम्मी ने यह भी कहा कि मकसूद अंसारी अपनी नौकरी के लिए फोन पर बातें किया करता था। उसने नौकरी के लिए चंडीगढ़ में आवेदन भी दिया था। वहाँ से उसका वीजा बनाने की बात हो रही थी। वीजा बन जाने के बाद वह विदेश जाने वाला था। उसकी अम्मी का कहना है कि मकसूद के विदेश जाने से पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में पता चला कि हुसैनाबाद के सकरुल्ला चक में रहने वाले 26 साल के मोहम्मद मकसूद अंसारी के साला अमन का मोबाइल खराब हो गया था। उसने बताया कि अमन ने इस दौरान उसके मोबाइल से क्या किया उसे इसकी जानकारी नहीं है। पुलिस इस मामले में उसके साले अमन की संलिप्ता की भी जाँच कर रही है।

इस साल 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का उद्घाटन हुआ था। इसके बाद 14 जून 2024 को राम मंदिर को उड़ाने की धमकी दी गयी थी। इसके साथ ही सीएम योगी को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी। धमकी भरे मैसेज मिलने के बाद यूपी पुलिस सहित देश की सुरक्षा एजेंसी अलर्ट हो गई थीं। इस धमकी में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम सामने आया था।

ऑडियो मैसेज सामने आने के बाद अयोध्या के राम जन्मभूमि थाना में केस दर्ज किया गया था। यूपी पुलिस को उस मोबाइल के बारे में जानकारी हासिल की तो पता चला कि यह मोबाइल किसी मकसूद अंसारी नाम के शख्स का है और वह बिहार के भागलपुर जिले का रहने वाला है। फिलहाल इस मामले में पुलिस खुलकर कुछ भी बताने से परहेज कर रही है।

बिहार : 8 साल के बच्चे को मिला गंगा में तैरता ‘श्रीराम’ लिखा पत्थर : दर्शन करने उमड़े लोग

                              बिहार में बच्चे को मिला श्रीराम लिखा तैरने वाला पत्थर (फोटो साभार: आज तक)
बिहार के भागलपुर में गंगा नदी में एक बच्चे को तैरने वाला पत्थर मिला है। इस पत्थर पर ‘श्रीराम’ लिखा हुआ है। बच्चे के परिजन इसे रामायण काल से जोड़ रहे हैं। यह पत्थर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। लोग इसकी पूजा करने के लिए बच्चे के घर पर पहुँच रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खंजरपुर निवासी विजय कुमार पासवान के आठ साल के बेटे ब्रिगेडियर पासवान को धोबी घाट के पास यह पत्थर तैरते हुआ दिखा। वह इसे उठाकर वह अपने घर ले आया। अब श्रीराम लिखा हुआ यह पत्थर लोगों की आस्था का केंद्र बन गया है। इसे देखने और इसकी पूजा-अर्चना करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पासवान के घर पहुँच रहे हैं। कोई उसे प्रणाम कर रहा है, तो कोई इसे भगवान श्रीराम का आशीर्वाद समझ रहा है।

बच्चे ब्रिगेडियर पासवान का कहना है कि जब वह दियारा जा रहा था, तभी उसने धोबी घाट के पास इस पत्थर को तैरता देखा। उसने इसे बहुत डूबोने का प्रयास किया, लेकिन यह नहीं डूबा। इस पर श्रीराम लिखा हुआ है। यह पत्थर रामायण काल का बताया जा रहा है। यह वही पत्थर लग रहा है, जिसका इस्तेमाल रामसेतु बनाने में हुआ था। बच्चे के पिता विजय कुमार पासवान ने बताया कि जब बेटा इस पत्थर को घर लेकर आया, तो हम लोगों ने उसे पानी में डाला। लेकिन यह पत्थर पानी में डूबा नहीं, बल्कि तैरने लगा। उस पत्थर पर श्रीराम लिखे होने के कारण लोग इसे पूजने के लिए पहुँच रहे हैं।

वहीं, वैज्ञानिकों की माने तो यह पत्थर एक स्पंज के समान होता है। यह खुरदरा होता है। इसमें बहुत सारे छिद्र होते हैं। इस पत्थर में हवा भरे होने के कारण इसका घनत्व पानी से कम होता है, जिसकी वजह से यह पानी में तैरता है। हालाँकि, अभी इसकी जाँच को लेकर आर्कियोलॉजी या सरकारी विभाग से कोई टीम नहीं पहुँची है।

पहले भी मिल चुका है श्रीराम लिखा हुआ पत्थर

यह पहली बार नहीं है, जब किसी बच्चे को श्रीराम लिखा हुआ पानी में तैरने वाला पत्थर मिला हो। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में भी इस तरह ​का मामला सामने आ चुका है। अगस्त 2022 में कुछ बच्चों को ईशान नदी में राम नाम का पत्थर तैरता हुआ मिला था।
बच्चे उस पत्थर को अपने गाँव उठा लाए। ग्रामीण इसे चमत्कारी पत्थर मानकर उसकी पूजा-अर्चना करने लगे। गाँव के प्रधान ने जब पत्थर का वजन कराया, तो यह 5 किलो 700 ग्राम का निकला। इसके बाद यहाँ के लोगों ने इस पत्थर को गाँव के मंदिर में रखने और उसकी पूजा करने का फैसला लिया था।