पाकिस्तान में भारत के एक और दुश्मन को अज्ञात लोगों ने गोली मारकर 72 हूरों के पास पंहुचा दिया। पाकिस्तान के कराची में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और ISI अधिकारी अली रजा को 7 जुलाई को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अली रजा साल 2015 में पाकिस्तान बॉर्डर से महज 15 किलोमीटर दूर पंजाब के गुरदासपुर में आतंकवादी हमले का मास्टरमाइंड था। गुरदासपुर में सेना की वर्दी में आए पाकिस्तानी आतंकवादियों ने पहले जम्मू के कटरा जा रही बस पर अंधाधुंध फायरिंग की। उनके निशाने पर अमरनाथ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु थे। इसके बाद गोलियां चलाते हुए दीनानगर पुलिस स्टेशन में घुस गए। आतंकवादियों ने थाने पर हमला करने के बाद परिसर के उस हिस्से पर भी गोलियां चलाईं और ग्रेनेड फेंके जहां पुलिसकर्मियों के परिवार रहते थे। इस हमले में एक एसपी और होमगार्ड के तीन जवान शहीद हो गए थे जबकि तीन आम नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके अलावा 15 लोग घायल हुए थे।
ये नया भारत है, चुन-चुनकर विदेश में मारे जा रहे दुश्मन
पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस तरह भारत का कद बढ़ता जा रहा है, वह विदेशी ताकतों को पसंद नहीं आ रहा है। इसीलिए वे तरह-तरह के प्रपंच कर भारत को बदनाम करने, उसकी विकास की रफ्तार को रोकने के षडयंत्र में जुटे हैं। लेकिन यह नया भारत है, भारत के दुश्मन जहां कहीं भी हो उनका खत्म होना निश्चित है, चाहे वे कहीं भी छिपे हों। 2014 से पहले की सरकारें आतंकवादी हमला होने पर संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका जैसे देशों से निहोरा करती थीं कि वे इसकी निंदा करें और भारत को इन आतंकवादी हमलों से बचाएं। आज पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत इस कदर सशक्त, सबल और सक्षम हुआ है कि अब वह दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देता है। यही वजह है कि अब भारत नहीं, पाकिस्तान खुद को आतंकवाद से पीड़ित बता रहा है।
पाकिस्तान में अब तक दो दर्जन से अधिक आतंकवादी मारे गए
पाकिस्तान में अब तक भारत के दुश्मन दो दर्जन से अधिक आतंकवादी मारे जा चुके हैं, वहीं कुछ अन्य देशों में भारत के दुश्मनों को ढेर किया जा चुका है। वर्ष 2024 में पाकिस्तान में अब तक भारत के तीन दुश्मन को मौत की नींद सुलाया जा चुका है। वर्ष 2023 में भारत के दुश्मन 27 आतंकवादी मारे गए, वहीं 2022 में पांच भारत विरोधी आतंकवादी मारे गए थे। पिछले एक-दो वर्षों में विदेशी धरती पर भारत विरोधी हरदीप सिंह निज्जर, अवतार सिंह खांडा, परमजीत पंजवार, रिपुदमन सिंह मलिक, हरविंदर रिंडा, सुखदूल सिंह, हैप्पी संघेड़ा के साथ ही अबू कासिम, जहूर मिस्त्री, अब्दुल सलाम भुट्टावी, सैयद नूर, एजाज अहमद, खालिद रजा, बशीर अहमद, शाहिद लतीफ, मुफ्ती कैसर फारूक, जियाउर रहमान, मलिक दाऊद, सुक्खा दुनिके, ख्वाजा शाहिद, मौलाना तारिक रहीम उल्लाह तारिक, साजिद मीर, अदनान अहमद उर्फ हंजला अदनान, मौलाना शेर बहादुर, अब्दुल्ला शाहीन और खालिस्तानी आतंकवादी लखबीर सिंह रोडे जैसे आतंकियों की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई।
BREAKING : ISI official & currently posted in CTD Sindh, Ali Raza has been shot dead by unknown gunmen in Karachi, Pakistan. He was one of the conspirator of 2015 Gurdaspur terrorist attack in which 7 people were killed including 4 security personnel. pic.twitter.com/Yp6lSAQjWA
— Frontalforce 🇮🇳 (@FrontalForce) July 7, 2024
We need a few of the UGs in India as well to treat the traitors within..
— TYBT Ajay Singh Solanki (@to_ye_baat_thhi) July 7, 2024
7 जुलाई 2024
गुरदासपुर आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड को अज्ञात लोगों ने निपटा दिया
पाकिस्तान बॉर्डर से महज 15 किलोमीटर दूर पंजाब के गुरदासपुर में 2015 में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड अली रजा को पाकिस्तान के कराची में 7 जुलाई 2024 को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अली रजा को हमलावरों ने कराची के करीमाबाद, ब्लॉक 1 में गोली मारी। ISI अधिकारी के अलावा एक सिक्योरिटी गार्ड को भी गोली लगी जिससे उसकी भी मौत हो गई। जिस वक्त यह हमला हुआ, उस समय अली रजा अपनी बुलेट प्रूफ गाड़ी में जा रहे था। तभी मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध आए और भागने से पहले अंधाधुंध गोलीबारी की। गोलीबारी में वह बुरी तरह से घायल हो गया। उनको सीने, गर्दन और सिर पर कई गोलियां लगी थीं। अली रजा वर्तमान में पाकिस्तान के कराची में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर तैनात था और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से भी उसका जुड़ाव था। उल्लेखनीय है कि गुरदासपुर आतंकी हमले में एक एसपी और होमगार्ड के तीन जवान शहीद हो गए थे जबकि तीन आम नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके अलावा 15 लोग घायल हुए थे।
17 जून 2024
सुंजवान आर्मी कैम्प पर हमले का मास्टरमाइंड अमीर हमजा मारा गया
भारत का दुश्मन और भारतीय सेना पर आतंकी हमला कराने वाला ISI एजेंट आमिर हमजा की गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया गया। पाकिस्तान की जिस धरती पर रहते हुए उसने भारत के खिलाफ साजिश रची अंततः उसी धरती पर वह ढेर हो गया। आमिर हमजा की पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 17 जून की देर शाम गोली मार दी गई। पाकिस्तान में रहने वाला आईएसआई का एजेंट और आर्मी का रिटायर्ड ब्रिगेडियर आमिर हमजा 17 जून की शाम परिवार के साथ कार से कहीं जा रहा था। उसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोली चलाकर हमजा को मौत के घाट उतार दिया। यह हमला पंजाब के झेलम जिले में हुआ। आमिर हमजा भले ही पाकिस्तान आर्मी का हिस्सा था पर वो बहुत बड़ा आतंकी था। उसके हाथ दुनियाभर के कई आतंकी हमलों में रहा। वह भारत का बहुत बड़ा दुश्मन था। आमिर हमजा ने भारत के जम्मू-कश्मीर के सुंजवान आर्मी कैंप पर साल 2018 में आतंकी हमला करवाया था, जिसमें 6 जवान शहीद हो गए थे। इसके अलावा उसने कई बार भारत में हमले करवाने को लेकर साजिश रची। आमिर हमजा कई बड़े आतंकी हमलों का साजिशकर्ता था। पाकिस्तानी पुलिस का कहना है कि यह टारगेट किलिंग है।

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