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सनातन विरोध में कितना नीचे गिरेगी कांग्रेस? सनातन विरोधी कांग्रेस-DMK नेताओं से क्यों नहीं हो रहा बर्दाश्त IIT मद्रास के डायरेक्टर द्वारा ‘गौमूत्र’ में औषधीय गुण बताया जाना? माफी मँगवाने पर अड़े, प्रदर्शन की भी धमकी

कांग्रेस मुस्लिम तुष्टिकरण करते कितना नीचे गिरेगी? एक सीमा होती है। 7 नवंबर 1966 को गौ हत्या का विरोध कर रहे निहत्ते साधु-संतों के खून की होली खेलने वाली तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी भी कालपात्रु जी महाराज के अभिशाप से बच नहीं पायी। जब से जो कांग्रेस का पतन शुरू हुआ आज तक नहीं रुक रहा। दूसरे, दिल्ली से गौ को निकालने वाली तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का क्या हुआ हाल? सबके सामने है कोई बताने की जरुरत नहीं। 
फिर जब स्कूल में पढ़ते थे तब माध्यमिक कक्षाओं में गाय का प्रस्ताव याद करवाया जाता था। परीक्षा में भी प्रस्ताव लिखने को आता था। प्रस्ताव में एक लाइन होती थी कि गौ मूत्र से दवाइयां बनती हैं। लेकिन सनातन विरोधियों को नहीं मालूम कि धरती पर एकमात्र गाय है जिसके मूत्र में बदबू नहीं होती, क्योकि गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं में वास होता है। इतना ही नहीं पहले के समय घरों में फर्श की लिपाई गौ गोबर से होती थी, भैंस के गोबर से नहीं क्योकि इसके गोबर तक में बदबू नहीं होती। कोई कीड़ा तक नहीं होता था। यानी मूत्र तो क्या गोबर भी दवाई ही है। गौर करने की बात है कि गाय का बछड़ा हजार गऊओं के बीच अपनी अपनी माँ को पहचान जाता है, यह विशेषता किसी अन्य पशु या पक्षी में नहीं है। यही कारण है कि पहले के लोग भैंस के दूध की बजाए गौ दूध पीते और पिलाते थे। लेकिन जब से गौ दूध की बजाए भैंस के दूध का चलन हुआ परिवारों में दूरी बन गयी। मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते आयुर्वेद को दरकिनार कर यूनानी पद्धति को बढ़ावा दिया गया। लेकिन आज सनातन विरोधी कांग्रेस-DMK नेताओं को IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रोफ़ेसर वी कामकोटी द्वारा ‘गौमूत्र’ में बताए औषधीय गुण बताए जाने पर मातम करना शुरू कर दिया। अपने आपको जनहितैषी बताने वाली कांग्रेस और DMK पार्टियां विरोध कर क्यों अपनी तिजोरी और कुर्सी की खातिर जनता को गुमराह कर रही है?   

प्रोफेसर कामकोटी ने देसी गायों के संरक्षण की बात कही (फोटो साभार: Freepik & IndiaAI)
 

IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रोफ़ेसर वी कामकोटी ने गौमूत्र के औषधीय गुणों के की तारीफ़ की है। उन्होंने गौमूत्र से एक साधु का बुखार ठीक होने की घटना भी बताई है। उनके इस बयान के बाद कॉन्ग्रेस और DMK के नेता भड़क गए हैं। उनके इस बयान का तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष के अन्नामलाई ने बचाव किया है।

प्रोफ़ेसर वी कामकोटी ने गौमूत्र की यह तारीफ़ चेन्नई में एक कार्यक्रम में की। यह कार्यक्रम पोंगल के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि गौमूत्र में एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल और पाचक गुण होते हैं। उन्होंने कहा कि गौमूत्र पेट की समस्याओं के लिए भी अच्छी दवा है। उन्होंने इसके बाकी औषधीय गुण भी बताए।

प्रोफ़ेसर कामकोटी ने गौमूत्र की विशेषता बताए हुए कहा इससे बुखार कम होने की बात कही। उन्होंने इस बीच एक सन्यासी का नाम भी लिया। प्रोफ़ेसर कामकोटी ने गौमूत्र के यह गुण आर्गेनिक फार्मिंग के फायदे बताते हुए गिनाए।

उन्होंने कहा, “अगर हम उर्वरकों का खाद का करेंगे तो हम भूमि माता को भूल जाएँगे। जितनी जल्दी हम जैविक, प्राकृतिक खेती की ओर रुख करेंगे, हमारे लिए उतना ही बेहतर होगा।” उन्होंने गोवंश की देशी नस्लों की वकालत भी की और। उन्होंने इसके अर्थव्यवस्था और खेती में महत्व पर भी बात की।

प्रोफ़ेसर कामकोटी के इस बयान पर DMK और कॉन्ग्रेस नेता भड़क गए। कॉन्ग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने इसे झूठा विज्ञान और गलत करार दिया। DMK के एक नेता ने इसे देश में शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का प्रयास बताया। तमिलनाडु के बाकी पेरियार समर्थक संगठनों ने इस बयान पर माफी की माँग की। उन्होंने प्रदर्शन की भी धमकी दी।

प्रोफ़ेसर कामकोटी के बयान का तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने बचाव किया है और इसके राजनीतिकरण ना किए जाने की अपील की है। उन्होंने कहा, “IIT मद्रास के डायरेक्टर क्वांटम फिजिक्स के विशेषज्ञ हैं और वे शीर्ष सरकारी एजेंसियों के सदस्य भी रहे हैं। वह अपनी धार्मिक मान्यताओं और गाय के प्रति सम्मान में दृढ़ हैं, जो कहीं से गलत नहीं है।”

अन्नामलाई ने आगे कहा, “उन्होंने किसी को गाय का मूत्र पीने के लिए मजबूर नहीं किया और केवल अपनी मान्यताओं को व्यक्त किया। हमें ऐसे बयानों का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। IIT-M के डायरेक्टर तमिलनाडु से हैं, जो हमारे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। मैं उन्हें जानता हूँ और मैं इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहता।”

चुनाव आते ही चोटिल होने की नौटंकीबाज ममता की नौटंकी शुरू

SSKM अस्पताल के डायरेक्टर ने कहा है कि CM ममता को पीछे से धक्का लगा था (साभार: ANI & AITCOffical/X)
ममता को यह चोट लोकसभा चुनावों के ऐलान से पहले लगी है। ऐसे में उनकी पार्टी को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। गौरतलब है कि इससे पहले 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले भी ममता बनर्जी चोटिल हो गई थीं और उनके कई कार्यक्रम रद्द करने पड़े थे। तब उनके पाँव में प्लास्टर चढ़ाया गया था और उन्होंने व्हीलचेयर पर ही चुनाव प्रचार पूरा किया था। लेकिन मतदान संपन्न होते ही व्हीलचेयर गायब हो गयी। यानि विधानसभा चुनाव में होती हार देख, सहानुभूति बटोरने पांव चोटिल होने नौटंकी की थी। 
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को कल (14 मार्च, 2024) शाम माथे और नाक पर चोट पीछे से धक्का दिए जाने के कारण लगी थी। यह जानकारी SSKM अस्पताल के डायरेक्टर ने दी है, जहाँ CM ममता का इलाज हुआ था। पीएम मोदी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

SSKM अस्पताल के डायरेक्टर मोनिमॉय बंदोपाध्याय ने बताया, “पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री आज शाम लगभग 07:30 बजे हमारे अस्पताल में आई थीं। उन्होंने अपने घर पर पीछे से धक्का लगने के कारण गिरने की सूचना दी। उन्हें माथे पर चोट लगी थी और साथ ही नाक पर कटे हुए का निशान था। उनके काफी खून बह रहा था। उनके आने के बाद न्यूरोसर्जरी के विभागाध्यक्ष, मेडिसिन के डॉक्टर और हमारे संस्थान के हृदय रोग विशेषज्ञ द्वारा उनकी जाँच की गई।”

CM ममता को दिए गए इलाज के विषय में बंदोपाध्याय ने बताया, “उनके माथे पर तीन और नाक पर एक टांका लगाया गया और साथ ही में पट्टी कर दी गई थी। उनकी CT स्कैन और ECG जैसी जाँच भी की गईं थी।” उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने CM ममता को अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी थी, जिससे उनकी देखरेख की जा सके, हालाँकि वह घर चली गईं।”

ममता की भाभी और TMC पार्षद काजरी बनर्जी ने भी धक्का दिए जाने की बात की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया ”उन्हें पीछे से धक्का दिया गया था।” ममता के साथ काजरी बनर्जी भी अस्पताल गईं थी। उनके पति कार्तिक बनर्जी ने कहा कि मैं उस समय घर पर नहीं था।

ममता को चोट लगने के मामले में अब कोलकाता की लालबाजार थाने की पुलिस जाँच करेगी। वह आज मुख्यमंत्री आवास जाएगी। CM ममता के बेडरूम में भी आने जाने वालों को सूची टियर हो रही है। धक्के के एंगल पर जाँच हो रही है कि उन्हें धक्का कैसे लगा?

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी की कल शाम को चोटिल होने की तस्वीरें सामने आई थीं। तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने उनकी दो तस्वीरें जारी करके यह जानकारी दी थी कि वह गंभीर रूप से चोटिल हैं। पार्टी द्वारा जारी की गई फोटो में CM ममता के माथे से खून बहता दिखा था और साथ ही नाक पर भी चोट लगी हुई थी।

ममता को लगी चोट को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “मैं ममता दीदी के जल्द स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूँ।” पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने भी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

बिहार : ‘The Kerala Story के निर्देशक की आँख निकालने वाले को 21 लाख रूपए का इनाम’: तमन्ना हाशमी का ऐलान, ‘हक़-ए-हिंदुस्तान’ ने जलाए फिल्म के पोस्टर

'The Kerala Story' के निर्देशक सुदीप्तो सेन को मुजफ्फरपुर में धमकी (फोटो साभार: Zee News)
जब से फिल्म ‘The Kerala Story’ का ट्रेलर आया है, तभी से इससे जुड़े लोगों को धमकियाँ मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। अब फिल्म रिलीज भी हो गई है। पहले हफ्ते में इसने भारत में 82 करोड़ रुपए का नेट कारोबार भी कर लिया है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो फिल्म शुक्रवार (12 मई, 2023) को 100 करोड़ रुपए के आँकड़े को भी पार कर गई। लेकिन कट्टरपंथी, आतंकवाद और गजवा-ए-हिन्द समर्थक इसे इस्लाम के विरुद्ध बताकर दुष्प्रचार कर रहे हैं, जबकि यह फिल्म इस्लाम नहीं आतंकवाद के खिलाफ है। इधर बिहार के मुजफ्फरपुर में फिर से फिल्म के निर्देशक को धमकी मिली है। साथ ही फिल्म के पोस्टर भी जलाए गए।

‘हक़-ए-हिंदुस्तान’ मोर्चा ने ऐलान किया है कि जो भी ‘The Kerala Story’ के निर्देशक की आँख निकालेगा, उसे 21 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। ये ऐलान मोर्चा के अध्यक्ष तमन्ना हाशमी ने किया है। ये मोर्चा खुद को सामाजिक संस्था बताता रहा है। तमन्ना हाशमी ने ये भी कहा कि इस फिल्म के जरिए मुस्लिमों को बदनाम करने की कोशिश की गई है। उन्होंने इसे उन्माद फैलाने वाली फिल्म बताते हुए माँग की कि बिहार में इसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

बुधवार (10 मई, 2023) को शहीद खुदीराम बोस स्मारक के पास आयोजित विरोध प्रदर्शन में मोर्चा के लोगों ने ये बातें कही। बता दें कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश में फिल्म को टैक्स-फ्री किया जा चुका है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिल्म के निर्देशक, निर्माता विपुल अमृतलाल शाह और अभिनेत्री अदा शर्मा से मुलाकात की। ‘The Kerala Story’ में दिखाया गया है कि कैसे केरल में एक साजिश के तहत हिन्दू लड़कियों को ‘लव जिहाद’ के जाल में फँसा कर उनका निकाह और इस्लामी धर्मांतरण किया जाता है, फिर उनकी तस्करी कर के ISIS का सेक्स स्लेव बना दिया जाता है।

इससे पहले फिल्म के एक क्रू मेंबर को एक अनजान नंबर से मैसेज आया था। मैसेज करने वाले व्यक्ति ने धमकाते हुए लिखा था,  “अकेले घर से बाहर मत निकलना। तुमने फिल्म में ये कहानी दिखाकर अच्छा नहीं किया।” फिल्म के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने इसकी शिकायत मुंबई पुलिस से की थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते क्रू मेंबर को सुरक्षा मुहैया करवाई। फिल्म को देखने के लिए लोगों को फ्री राइड देने का एलान करने वाले ऑटो ड्राइवर साधु मगर को भी जान से मारने की धमकियाँ मिल रहीं हैं। 


कभी मर्द तो कभी औरत…: बैंकर जो मूड के हिसाब से बदलते हैं ‘लिंग’, पुरुष होकर भी ‘टॉप 100 महिला’ में पा चुके जगह

पिप्स बन्स/फिलिप बन्स (तस्वीर साभार: Hellas Post English)
बिजनेस की दुनिया में अपनी स्ट्रैटेजी और मेहनत के बल शोहरत कमाने वाले कई लोगों के नाम आप जानते होंगे। लेकिन क्या आपको एक ऐसे बिजनेस पर्सन का नाम पता है जो अपनी नीतियों से ज्यादा अपनी वेष-भूषा के लिए चर्चा में रहता है। अगर नहीं, तो आपको फिलिप बन्स उर्फ पिप्स बन्स के बारे में जानना चाहिए।

फिलिप बन्स/पिप्स बन्स क्रडिट सूज के डायरेक्टर हैं और पहल खुद को न पुरुषों में मानते हैं और न महिला मे। वो खुद को एक नॉन बाइरी एक्जिक्यूटिव के तौर पर पेश करते हैं। सुबह उनका मूड तय करता है कि वो उस दिन पुरुष बनकर रहेंगे या फिर महिला। अगर पुरुष बनने की इच्छा होती है तो वो केवल कोट पैंट पहन लेते हैं और अगर महिला बनने की होती है तो साथ में टाइट ड्रेस, सिर पर विग और चेहरे पर मेक अप भी लगाते हैं।

अपने मूड के हिसाब से तैयार होकर ही वो कभी आदमी तो कभी महिला बनकर अपने दफ्तर आते जाते हैं। उनकी लिंकेनडिन प्रोफाइल पर भी ‘शी/हर/दे’ लिखा हुआ है। उनकी तस्वीरें भी यदि देखें तो किसी में उन्होंने महिलाओं वाली भेष-भूषा धारण की हुई है और कई में जेंटलमेन बनकर खड़े हैं।

हाल में उन्होंने बैंक ऑफ लंदन की ओर से ‘इंस्पीरेशनल रोल म़ॉडल ऑफ द ईयर’ के लिए नॉमिनेट किया गया था। इस बात की जानकारी उन्होंने खुद देते हुए अपने लिंकेनडिन पर पोस्ट डाला। इसमें भी उनकी दोनों भेषों में फोटो देख सकते हैं। इसके अलावा 2022 में उन्हें ब्रिटिश डायवर्सिटी अवार्ड मिला था।

साल 2018 के करीब फिलिम उर्फ पिप्स का नाम फाइनेंशिल टाइम्स ने ‘टॉप 100 वीमन इन बिजनेस’ में शामिल किया था। जिसके बाद कई लोगों ने इस पर अपनी नाराजगी भी व्यक्त की थी। कई नारीवादियों का कहना था कि आदमी बनकर तो कभी औरत बनने वाले पिप्स को ये अवार्ड देना महिलाओं का मजाक है।

फिलिप अपने आपको एक प्राउड फादर और प्राउड हसबैंड भी कहते रहे हैं और समय आने पर महिलाओं की ड्रेस, विग और मेक अप करके ऑफिस भी पहुँच भी जाते हैं। उन्हें जब बिजनेस के शीर्ष 100 लोगों में शामिल करने की बारी आई तो उन्होंने महिलाओं की सूची में आना वाजिब समझा न कि पुरुषों की लिस्ट में।

साल 2018 के अगर आर्टिकल देखें तो उनका इस तरह टॉप 100 वीमन्स की लिस्ट में आना कई लोगों को पसंद नहींं आया था। बताया जाता है कि बैंकर पहले ऐसे नहीं थे। उन्होंने 2011-12 के बाद लड़कियों की ड्रेस पहनकर खुद को ‘शी/हर/दे’ की कैटेगरी में रखा। कई ट्रांस महिलाएँ जो पूरी तरह हमेशा महिलाओं की तरह रहती हैं उन्हें भी फिलिप उर्फ पिप्स का इस तरह अपने हूलिए को बदलकर बताना अपमानजनक लगा।

कुछ यूजर्स ने तो ‘टॉप 100’ में आई महिलाओं की लिस्ट में से 99 की तारीफ की और फिर 101वें पद पाने वाली महिला की तारीफ की। लोगों का कहना था कि इनमें से एक नाम गलत है जो सिर्फ लड़कियों की तरह कपड़े पहनता है और इस लिस्ट में अवार्ड भी ले रहा है।

‘द्रौपदी राष्ट्रपति तो पांडव और कौरव कौन हैं?’: राम गोपाल वर्मा ; हैदराबाद पुलिस ने दर्ज की शिकायत

देश के राष्ट्रपति पद के लिए NDA ने झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू को अपना कैंडिडेट घोषित किया है। इसके लिए जून 24 को मुर्मू ने अपना नामांकन भी फाइल कर दिया। जिससे लिबरल गैंग में बैचेनी शुरू हो गयी है। इस बीच बॉलीवुड के फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा  ने 22 जून, 2022 को बहुत ही ओछा कमेंट किया है। उन्होंने ट्वीट किया, “अगर द्रौपदी राष्ट्रपति है तो पांडव कौन हैं? इससे भी अधिक महत्वपूर्ण कौरव कौन हैं?” क्या मोदी विरोध में लिबरल किसी महिला का सम्मान तक करना भूल गए, विशेषकर उस महिला का जो देश की राष्ट्रपति बनने जा रही है?

वहीं तेलंगाना के वरिष्ठ भाजपा नेता जी नारायण रेड्डी ने फिल्म निर्माता और निर्देशक राम गोपाल वर्मा के खिलाफ एनडीए के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू पर अपमानजनक ट्वीट के लिए पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। हालाँकि, शिकायत और नेटिज़न्स द्वारा नाराजगी जाहिर करने के बाद, वर्मा ने अपने ट्विटर हैंडल से माफी भी माँगी।

जी नारायण रेड्डी ने आबिद रोड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि निर्देशक ने द्रौपदी मुर्मू के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। रेड्डी ने अपनी शिकायत में कहा कि ट्विटर पर वर्मा की टिप्पणी एक अनुभवी महिला राजनेता और झारखंड की पूर्व राज्यपाल के लिए बेहद अपमानजनक है। पुलिस शिकायत के साथ, भाजपा नेता ने ट्वीट को सबूत के रूप में सबमिट किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस द्वारा एससी / एसटी अधिनियम लागू किया जाना चाहिए और निर्देशक को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं पुलिस ने कहा कि कानूनी राय के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

वहीं राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के लिए इस तरह के कमेंट के बाद फिल्म निर्माता की ट्विटर पर लोगों ने खिंचाई शुरू कर दी। इसी क्रम में दलित एक्स सी नाम के एक यूजर ने उनके सामाजिक कार्यों पर प्रकाश डाला और कहा, उन्होंने समाज की भलाई के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। 2000 के दशक के अंत तक उनके पास अपना घर नहीं था। व्यक्तिगत त्रासदियों के बावजूद उन्होंने लोगों के लिए काम करना जारी रखा।”

इसी तरह से एमजे रश्मी नाम के एक अन्य यूजर ने राम गोपाल वर्मा को फटकार लगाते हुए कहा, “उनके बारे में क्या जानते हैं आप वो एक आदिवासी महिला है? जिन्होंने अपने पति के साथ ही दो बच्चों को भी एक्सीडेंट में खो दिया।”

एमवी राव नाम के यूजर ने फिल्म निर्माता को आइना दिखाते हुए कहा, “पांडव पंच भूत वायु, अग्नि, वरुण, भूमि आकाश हैं। वह आप जैसे लोगों की भलाई के लिए उन्हें नियंत्रित करती हैं। अगर आप अपनी सीमाओं को लाँघते हैं तो वो आपको नीचे पटक देंगी। …संभलकर रहो भाई।”

निर्माता ने माँगी माफी

ट्विटर पर ओछी हरकत पर विवाद गहराया तो राम गोपाल वर्मा ने माफी माँगने में देर बिल्कुल भी नहीं लगाई। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, “यह सिर्फ एक मजाक में कहा गया था और कोई दूसरा इरादा नहीं था। ..महाभारत में द्रौपदी मेरी पसंदीदा चरित्र हैं, लेकिन चूँकि नाम इतना दुर्लभ है, इसलिए मुझे संबंधित पात्रों की याद आ गई और मैंने ले लिया। किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का मकसद बिल्कुल नहीं है।”
द्रौपदी मुर्मू झारखंड में भाजपा की राज्यपाल हैं और बीजेपी ने उन्हें राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारा है। अगर वो ये चुनाव जीतती हैं तो वे देश की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति होंगी।

कट्टरपंथियों के रवैए से आहत मलयाली फिल्म निर्देशक अली अकबर ने किया इस्लाम छोड़ने का फैसला

मलयाली फिल्म निर्देशक अली अकबर (साभार: जानम टीवी)
सीडीएस जनरल बिपिन रावत समेत 13 वीरों की वीरगति पर एक तरफ पूरा देश रो रहा है, तो दूसरी ओर कुछ कट्टर इस्लामी देश के असली हीरो के जाने पर अट्टाहास कर रहे हैं। इससे निराश केरल के मलयाली फिल्मों के फिल्म निर्देशक अली अकबर ने इस्लाम को छोड़ हिंदू धर्म में वापसी करने का ऐलान कर दिया है। फेसबुक लाइव पर निर्देशक ने कहा कि वे इस्लाम का परित्याग कर रहे हैं।

अली अकबर ने कहा कि सेना प्रमुख सीडीएस बिपिन रावत की वीरगति के बाद कई लोग फेसबुक पर जश्न मना रहे थे, जिसके विरोध में वो इस्लाम को ही छोड़ रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 8 दिसंबर 2021 को सीडीएस बिपिन रावत की मौत के बाद अकबर ने फेसबुक पर एक लाइव वीडियो शूट किया था, लेकिन फेसबुक ने उसे नस्लीय बताकर फिल्म निर्देशक के अकाउंट को एक महीने के लिए सस्पेंड कर दिया। इसके बाद फिल्म निर्देशक ने दूसरा फेसबुक अकाउंट बनाया और उसके जरिए लाइव आकर इस्लाम छोड़ने का ऐलान कर दिया।

फेसबुक के जरिए सीडीएस रावत को श्रद्धांजलि देने वाले फिल्म निर्देशक ने कहा, “यह स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इसलिए मैं अपना धर्म छोड़ रहा हूँ, न मेरा और न ही मेरे परिवार का कोई और धर्म है।” उन्होंने लाइव में कहा, “मैं उन कपड़ों का एक टुकड़ा फेंक रहा हूँ, जिनके साथ मैं पैदा हुआ था।” दरअसल, जब फिल्म निर्देशक ने सीडीएस रावत की वीरगति पर लाइव वीडियो बनाना शुरू किया तो कट्टर इस्लामियों ने उनके वीडियो पर हजारों की संख्या में लॉफिंग की इमोजी लगाकर इसका मजाक उड़ाया, जिससे उनकी भावनाएँ आहत हुईं।

इस मामले पर ट्विटर यूजर प्रतीश विश्वनाथ ने कहा कि मलयालम के प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक अली अकबर हिंदू धर्म अपना रहे हैं और अपना नाम बदलकर रामसिम्हन रख रहे हैं। इस्लाम की वर्तमान पीढ़ी को देखकर बहुत अच्छा लगा, जिनके पूर्वजों को बलपूर्वक परिवर्तित किया गया था, वे वापस जड़ों की ओर आ रहे हैं।