नदी के पानी को लेकर तालिबान और ईरान में जंग (फाइल फोटो)
जहाँ एक तरफ दुनिया रूस और यूक्रेन के युद्ध से परेशान है, वहीं अब ईरान और तालिबान में भी संघर्ष शुरू हो गया है। दोनों अब इस बात को लेकर भी बहस कर रहे हैं कि सच्चा मुस्लिम कौन है। अब रविवार (28 मई, 2023) को तालिबान ने धमकी दी है कि वो 24 घंटे में ईरान पर कब्ज़ा कर लेगा। साथ ही तालिबान के कमांडर अब्दुल्ला हामिद खुरासानी ने एक वीडियो सन्देश जारी करते हुए दावा किया कि उसके लड़ाके ईरान के साथ उसी जोश से लड़ेंगे, जैसे अमेरिका से लड़े थे।
यदि तालिबान ईरान पर कब्ज़ा कर लेता है, उस स्थिति में पाकिस्तान की भी बहुत मुश्किलें बढ़ सकती है। पाकिस्तान पर भी संकट के बादल मंडराने लगेंगे। ईरान से पाकिस्तान पर आसानी से कब्ज़ा किया जा सकता है। सम्भावना यह भी व्यक्त की जा रही है, महंगाई और विदेशी कर्ज से परेशान पाकिस्तानी तालिबान से हाथ मिलाकर अपनी ही सरकार के विरुद्ध लड़ सकते हैं।
साथ ही उसने कहा कि जैसे ही जिहाद के लिए हरी झंडी तालिबान के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से मिलती है, वैसे ही ईरान पर कब्ज़ा करने की शुरुआत कर दी जाएगी। तालिबानियों ने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी पर तंज कसते हुए भी वीडियो डाला है। इसमें एक तालिबानी कंटेनर में पानी डालता है और कहता है, “इब्राहिम रईसी, आकर ये वॉटर बैरल ले लो, लेकिन हमला मत करो। हम डर गए हैं।” ईरान की मीडिया ने संघर्ष का कारण नहीं बताया है, बस इतना कहा है कि ये ड्रग तस्करी को लेकर है।
Taliban declaring war on Iran#Taliban official Abdul Hamid Khorasani: Iran has a corrupt regime. We will fight Iran with a zeal greater than that we fought America. If our leaders allow jihad, we shall conquer Iran soon. pic.twitter.com/5ngSKPpyS8
— ⏰0⏰ HOUR 1 (@__0HOUR1_) May 27, 2023
Actually you are correct they where created and funded by the CIA back when Russia was trying to conquer Afghanistan
— CPT'O The American Patriot (@CPTOshaughnessy) May 27, 2023
ये भी दावा किया जा रहा है कि पहले तालिबान ने ईरान की फ़ौज पर सीमा पर गोलीबारी की। वहीं तालिबान की तरफ से इंगित किया गया है कि पानी को लेकर ये लड़ाई चल रही है। दोनों मुल्कों के बीच हेलमंद नदी बहती है, जिसे लेकर ईरान पहले ही अफगानिस्तान को चेतावनी दे चुका है। जब से तालिबान अफगानिस्तान की सत्ता में लौटा है, तब से ये तनाव बढ़ गया है। 1973 की एक संधि में तय हुआ था कि अफगानिस्तान को इस नदी की पानी का एक हिस्सा ईरान को देना होगा।
वहीं ईरान के गृह मंत्री ने कहा है कि तालिबान को पुख्ता जवाब दे दिया गया है और सीमा पर स्थिति नियंत्रण में है। ईरान सरकार ने कहा कि तालिबान की गोलीबारी में उसके दो फौजी मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि अब सीमा पर शांति है, तालिबान ने भड़काऊ कार्रवाई की थी। ईरान की फ़ौज ने चेताया है कि अंतरराष्ट्रीय संधि का उल्लंघन करने पर तालिबान के खिलाफ ईरान अपना रुख बदल लेगा। बता दें कि अगस्त 2021 में तालिबान सत्ता में आया था।

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