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पप्पू यादव की सिक्योरिटी बढ़ाने के लिए अपने ही करीबियों राम बाबू से दिलवाई गई धमकी का रचा था ड्रामा: बिहार पुलिस का खुलासा

जिस तरह अपने ही लोगों से कभी स्याही, जूता फेंकवाना, थप्पड़ मारना और पानी फेंकना आदि हरकते कर चुनावों में जनता की सहानुभूति बटोरने अरविन्द केजरीवाल की घिनौनी हरकतों को अन्य नेताओं ने भी अपनाना शुरू कर दिया है। जिसका नया उदाहरण पप्पू यादव का सामने आया है।     
लॉरेंस बिश्नोई के नाम से पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को धमकी देने वाले राम बाबू राय ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। बि​हार पुलिस के अनुसार उसने पूछताछ में बताया है कि अपनी सुरक्षा बढ़वाने के लिए पप्पू यादव ने खुद यह साजिश रची थी।

पूर्णिया के पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने 3 दिसंबर 2024 को बताया कि पूछताछ में राम बाबू राय ने बताया कि पप्पू यादव के सहयोगियों ने उससे संपर्क किया था। उसे 2 हजार रुपए एडवांस दिए थे और काम होने पर 2 लाख रुपए देने का वादा किया था।

उसे भोजपुर जिले में पार्टी का पदाधिकारी बनाने का प्रलोभन भी दिया गया था। इसके बाद राम बाबू ने धमकी के 2 वीडियो शूट किए थे। दूसरे वीडियो को कुछ दिन बाद वायरल करने का प्लान था, लेकिन उससे पहले ही बिहार पुलिस ने उसे पकड़ लिया। राम बाबू को इन दावों की पुलिस गहराई से जाँच कर रही है। 

उत्तर प्रदेश : 10 दिन में इस्तीफा दें योगी आदित्यनाथ, नहीं तो बाबा सिद्दीकी की तरह हत्या कर देंगे: मुख्यमंत्री को धमकी, मुंबई पुलिस को आया मैसेज; क्या योगी हत्या विपक्ष और सनातन विरोधियों को कोप भवन में भेज देगी?


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक धमकी भेजी गई है। धमकी में कहा गया है कि यदि योगी आदित्यनाथ 10 दिन के भीतर इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो उन्हें बाबा सिद्दीकी की तरह मार दिया जाएगा। यह धमकी मुंबई पुलिस की ट्रैफिक डिविजन को मिली है।

योगी को धमकी मिलने पर I.N.D.I. गठबंधन की चुप्पी बहुत कुछ कह रही है। अगर धमकी सच हो गयी, उत्तर प्रदेश ही नहीं पुरे देश में इतना तनाव हो सकता है जिसे नियंत्रण करना अति कठिन होगा। विपक्ष द्वारा पहले ही भारत में बांग्लादेश होने की बात कर चुका है। अगर किसी कारणवश योगी की हत्या होती है उसके बाद विपक्ष की क्या दर्दनाक स्थिति होगी, कहना मुश्किल है। देश में इतना जबरदस्त ध्रुवीकरण होगा जो विपक्ष में जरुरत से ज्यादा नुकसानदेह होगा। यह केवल एक ही चुनाव में नहीं देश में होने वाले चुनावों में भी विपक्ष को अपना चेहरा छिपाना मुश्किल हो सकता। 

मुंबई पुलिस को यह धमकी शनिवार (31 अक्टूबर, 2024) को मिली है। अभी धमकी देने वाले का पता नहीं चल पाया है। मुंबई पुलिस धमकी भेजने वाली जानकारी निकालने में जुटी है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी जानकारी लेकर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने और धमकी देने वाले को ट्रैक करने का काम चालू कर दिया है।

उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ को इससे पहले कई बार धमकियाँ मिल चुकी हैं। उनके सांसद रहते उन पर हमला भी हो चुका है। सीएम के गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में भी एक बार एक इस्लामी कट्टरपंथी चाकू लेकर घुस गया था।

‘कट्टरपंथी रच रहे हत्या की साजिश, बताते हैं काफिर’: ज्ञानवापी में सर्वे का आदेश देने वाले जज के लिए NIA ने माँगी सुरक्षा, घर के पास से धराया था PFI एजेंट; सरकार को उपद्रवियों और इनके समर्थकों को भी आजीवन कारावास देनी चाहिए

                                        जिस जज ने दी ज्ञानवापी में सर्वे की अनुमति, उन्हें मिल रही धमकी
वाराणसी स्थित ज्ञानवापी ढाँचे के सर्वे का आदेश देने वाले जज को धमकी मिल रही है, जिसके बाद NIA ने उसके लिए सुरक्षा की माँग की है। न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने 2022 में ज्ञानवापी के ढाँचे की मूल प्रकृति का पता लगाने के ASI द्वारा इसके वैज्ञानिक सर्वे की अनुमति दी थी। मुस्लिम इसे मस्जिद बताते हैं, जबकि मुग़ल बादशाह औरंगजेब ने यहाँ मंदिर ध्वस्त कर उसके ऊपर मस्जिद खड़ी कर दी थी। इसके भीतर कलश और त्रिशूल से लेकर कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ भी मिली हैं।

NIA कोर्ट के स्पेशल जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि जज रवि कुमार दिवाकर की सुरक्षा अपर्याप्त है और इसे बढ़ाने की ज़रूरत है। 3 सप्ताह पहले भी अदनान खान नामक शख्स ने उन्हें धमकी दी है, जिसे लेकर FIR भी दर्ज की जा चुकी है। NIA ने कहा है कि इस्लामी कट्टरपंथी उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। इसे एक बेहद संवेदनशील मामला बताते हुए कहा गया है कि अगर अदनान की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई तो कोई बड़ी घटना हो सकती है।

रवि कुमार दिवाकर बरेली में एडिशनल सेशन जज हैं। वो उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को भी जून 2022 में पत्र लिख कर निवेदन किया था कि उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाए। 13 मई, 2022 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें सुरक्षा देने को कहा था, लेकिन इसे अब अपर्याप्त बताया जा रहा है। दिवाकर ने कहा था कि इस्लामी कट्टरपंथी अल्पसंख्यक समाज का ब्रेनवॉश कराने में लगे हैं और उन्हें ‘काफिर’ बताते हैं। वर्तमान में उन्हें 2 पुलिसकर्मी मिले हुए हैं, लेकिन आतंकी हमलों से निपटने के लिए उनके पास उचित हथियार तक नहीं हैं।

उत्तर प्रदेश ATS ने 3 जून, 2024 को अदनान खान के खिलाफ FIR भी दर्ज की थी। वो जस्टिस रवि कुमार दिवाकर को धमकाने के लिए इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करता है। जून 2022 में उन्हें ‘इस्लामिक आगाज़ मूवमेंट’ की तरफ से धमकी भरा पत्र भेजा गया था। इसके उनके परिवार की हत्या की धमकी के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाना बनाया गया था। अप्रैल 2024 में दिवाकर ने बरेली के SSP को भी पत्र लिख कर कहा था कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय नंबरों से फोन कॉल आ रहे हैं। लखनऊ स्थित उनके आवास से PFI के एक एजेंट की गिरफ़्तारी भी हुई थी।

ज्ञानवापी केस के हिन्दू पक्षकार को ‘सिर तन से जुदा’ करने की धमकी, पीछे हट जाओ नहीं तो होगा कन्हैया लाल जैसा हाल

                                                                                                                               तस्वीर-ट्विटर
वाराणसी के माँ श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी विवादित ढाँचे मामले के पैरोकार डॉक्टर सोहन लाल आर्य को जान से मारने की धमकी मिली है। सोहनलाल को पाकिस्तान के नंबर से फोन करके धमकाया गया है। सोहनलाल आर्य ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि धमकी देने वाले ने कहा, “राजस्थान के कन्हैया की तरह तुम्हारा भी सिर तन से जुदा कर दिया जाएगा।”

आखिर बिल्ली थैले से बाहर आ ही गयी, नूपुर शर्मा एक बहाना है, ज्ञानवापी से ध्यान हटाने के लिए आतंक फैलाना है। 'सिर तन से जुदा' भी एक तरह से आतंक ही है। जान दोनों में ही जाती है। सरकार को भी 'सिर तन से जुदा' के आरोप में पकडे गए उपद्रवियों के परिवारों को हर सरकारी सुविधा से ब्लैकलिस्ट किया जाए। नूपुर विवाद होने के बाद से ही अनुमान व्यक्त किये जा रहे थे कि तस्लीम रहमानी के उकसाने पर नूपुर ने जो इस्लामिक किताब के हवाले से बात कही, जिसे फिरकापरस्त मोहम्मद जुबेर ने तोड़मरोड़ कर पेश करने के बाद ही 'सिर तन से जुदा' का शोर मचना शुरू हुआ। जो इस्लामिक देश नूपुर के बयान पर नाराजगी दिखा रहे थे, उनके सामने नबी के लिए गाली देने की गलत बात पेश की गयी थी। अब सोशल मीडिया और News Nation चैनल पर हो रही चर्चा पर क्यों खामोश हैं? इस सच्चाई को समझने की जरुरत है। 

 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सोहन लाल ने 16 अगस्त, 2022 को ही इसकी जानकारी वाराणसी के पुलिस और प्रशासन के अफसरों को दी है। डीसीपी काशी ने कहा कि इस मामले में केस दर्ज होगा।

डॉ. आर्य ने सर तन से जुदा करने की धमकी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि धमकी के बारे में इंटेलीजेंस ब्यूरो के अधिकारियों से भी बात हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसा अंदेशा है कि भारत से ही कोई व्यक्ति पाकिस्तान के नंबर का इस्तेमाल करके कॉल कर रहा है। इन नंबरों को इंटेलिजेंस के अधिकारियों को सौंपा गया है।

उन्होंने बताया कि वाराणसी कमिश्नर और डीएम से मिलने का समय मिला है। वाराणसी के लक्सा थाने में एफआईआर दर्ज कराएँगे। उनके दोनों मोबाइल नंबर पर धमकी मिली है। हालाँकि, अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है।

वहीं पाकिस्तान के नंबर से जान से मारने की धमकी के बारे में बताते हुए डॉ. सोहनलाल आर्य ने कहा कि कुछ आतंकवादी संगठन उनके पीछे पड़े हैं। उन्हें मुकदमा वापस लेने की धमकी दी गई। जवाब में मैंने कहा कि हम धमकी से झुकने वाले नहीं हैं। कल 18 अगस्त को तारीख है। हिंदुओं के पक्ष में फैसला आने वाला है।

इससे पहले सोहनलाल आर्य को इसी साल 19 मार्च और फिर 19 जुलाई को भी जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। इन जान से मारने की धमकियों पर उन्होंने कहा, “वो इससे डरने वाले नहीं हैं। हिंदुत्व और मंदिर की रक्षा के लिए प्राण भी चला जाए तो फर्क नहीं पड़ता।” जानकारी के लिए बता दें लगातार मिल रही धमकियों के मद्देनजर सिक्योरिटी में दो पुलिसकर्मी पहले से ही तैनात हैं।

दिल्ली की राखी सिंह के अलावा वाराणसी की 4 महिलाओं ने माँ शृंगार गौरी के नियमित दर्शन और ज्ञानवापी विवादित परिसर के अन्य देव विग्रहों की सुरक्षा और उनकी नियमित पूजा के लिए मुकदमा दाखिल किया था। डॉ. सोहनलाल आर्य वाराणसी की उन्हीं चारों महिलाओं के कोर्ट में पैरोकार हैं। डॉ सोहनलाल आर्य 1984 में विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। इस समय RSS के प्रांतीय पदाधिकारी हैं।

उत्तर प्रदेश : महंत बजरंग मुनि को ‘मोहम्मद जुबैर ने पहले बदनाम किया… अब सिर तन से जुदा की धमकी’

                                    महंत बजरंग मुनि (बाएँ) को फोन पर आई सिर तन से जुदा की धमकी
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बड़ी संगत के महंत बजरंग मुनि को फोन पर ‘सिर तन से जुदा’ की धमकी दी गई है। फोन व्हाट्सएप कॉल के जरिए किया गया था। ट्रू कॉलर पर फोन करने वाले का नाम ‘मौलाना मुश्ताक़ खान’ आ रहा है। धमकी 3 अगस्त 2022 को दी गई है। पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध FIR दर्ज करके आरोपित की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस को आरोपित की ही तलाश नहीं, बल्कि इसको समर्थन देने वालों पर भी जब तक कानून का हथौड़ा नहीं मारा जाएगा, तब तक इस तरह की 'सर तन से जुदा' जैसी खुनी मानसिकता खत्म नहीं होगी। आखिर कब तक यह खुनी तांडव चलेगा?  

महंत बजरंग मुनि द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, “मेरे द्वारा स्थानीय इलाके में मुस्लिमों द्वारा हिन्दुओं को प्रताड़ित करने के खिलाफ आवाज उठाई जाती रही है। एक साल पहले कुछ मुस्लिमों ने मुझ पर चाकुओं से हमला किया था। इस हमले में जैसे-तैसे मेरी जान बच पाई थी। मेरा इलाज चल रहा है और मैं चल-फिर नहीं सकता। कुछ महीने पहले मोहम्मद जुबैर ने मुझे दुनिया भर में बदनाम किया था और मुझे हेट मोंगर्स कहा था।”

                                                                     शिकायत कॉपी

अपनी शिकायत में महंत बजरंग मुनि ने आगे लिखा, “3 अगस्त 2022 को शाम 4:12 मिनट पर मेरे मोबाइल पर एक व्हाट्सएप कॉल आई। इसमें मुझे धमकी दी गई कि जल्दी ही तुम्हारा सिर तन से जुदा कर दिया जाएगा। उस कॉल में कॉलर का नाम मौलाना मुश्ताक खान आ रहा है। देश में हो रही सर तन से जुदा सम्बंधी घटनाओं को देखते हुए इस धमकी के बाद मेरी जान को लगातार खतरा बना हुआ है।”

                                                                 कॉलर डिटेल

महंत बजरंग मुनि द्वारा अपनी शिकायत में कॉलर की डिटेल अटैच की गई है। यह धमकी 7297085216 नंबर से आई है। इसकी प्रोफ़ाइल पिक्चर पर हरे रंग में मक्का मदीना की फोटो बनी हुई है। ऑपइंडिया से बात करते हुए महंत ने बताया कि धमकी मिलने के बाद उन्होंने उस नंबर पर लगातार फोन मिलाया, तब वो फोन उठाया नहीं गया और कई बार काट दिया गया।

                                                                    FIR Copy

महंत बजरंग मुनि ने प्रशासन से खुद को कॉल पर धमकी देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की। महंत बजरंग मुनि की इस शिकायत पर सीतापुर पुलिस ने अज्ञात आरोपित के विरुद्ध IPC की धारा 507 के तहत FIR दर्ज कर ली है।

सीतापुर पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर को सौंपी गई है। साथ ही उन्हें जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।