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‘दाढ़ी वाले’ ज्ञानवापी केस में हिंदू पक्ष की वादी रेखा पाठक की कर रहे रेकी, पड़ोसियों से कर रहे पूछताछ

                                      रेखा पाठक के घर की हो रही रेकी (तस्वीर साभार: आजतक)
जिस तरह अब ज्ञानवापी केस में हिन्दू पक्षकारों को धमकियां मिलनी शुरू हो गयी हैं, मंशा साफ हो गयी है कि "नूपुर बहाना है, देश में उपद्रव मचाकर कर ज्ञानवापी को बचाना है", सरकार को ऐसे उपद्रवियों को पकड़ जेलों में ही नहीं डाले, बल्कि अब तक मिली हर सरकारी सुविधा को ब्याज सहित वापस लिया जाये, वापस न कर पाने की स्थिति में इनके परिवार की सम्पत्तियों को जब्त किया जाए। क्योकि नूपुर शर्मा मुद्दा शुरू होने से जिस बात की शंका थी, अब वह हकीकत में बदलनी शुरू हो गयी है, क्योकि यह विवाद शुरू हुआ ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग पर हो रही अभद्र टिप्पणियों से और ज्ञानवापी से ध्यान हटाने के लिए जुबेर जैसे सांप्रदायिक पत्रकारों ने नूपुर के बयान को नबी का  अपमान करार कर देश में अशांति फैलाकर डर का वातावरण बनाने में कुछ हद तक सफल हो गए, लेकिन कट्टरपंथी बहुत जल्द बेनकाब होने शुरू हो गए। विदेशी इस्लामिक विद्वानों के अलावा केवल दो ही भारतीय इस्लामिक विद्वानों को छोड़ कोई यह कहने का साहस नहीं कर पा रहा कि नूपुर ने गलत नहीं बोला। नूपुर के समर्थन में सोशल मीडिया पर Jaipur Dialogue, Sach Wala और News Nation चैनल(इस्लाम क्या कहता है) के सिवा कोई चैनल हिम्मत जुटा पाया। इनके विरुद्ध न कोई कट्टरपंथी और न ही मुस्लिम देशों में से कोई देश बोलने की हिम्मत कर रहे। न कोई फतवा और न ही 'सिर तन से जुदा' की आवाज़। सारे खोजी पत्रकार पता नहीं किस बिल में छुपे बैठे हैं? 
   
वाराणसी के ज्ञानवापी विवादित ढाँचे और श्रृंगार गौरी केस में हिंदू पक्ष की एक महिला याचिकाकर्ता ने शिकायत की है कि कुछ लोग उनके घर की रेकी कर रहे हैं। रेखा पाठक नाम की याचिकाकर्ता ने बताया कि आस-पड़ोस वाले उन्हें बताते हैं कि कुछ नकाबपोश लोग आ आकर उनके घर के बारे में पूछते हैं।

आजतक से बातचीत में रेखा ने बताया कि वह वाराणसी के भदऊ इलाके की गंगानगर कॉलोनी में रहती हैं। कई दिनों से कुछ लोग उस इलाके की रेकी कर रहे हैं। ये लोग नकाबपोश होते हैं और मोहल्ले वालों से रेखा के घर के बारे में पूछताछ करते हैं। हालाँकि पड़ोसी सर्तक हैं। वह रेखा के बारे में कुछ भी उनको नहीं बताते और रेखा को आगाह कर देते हैं कि वो थोड़ा संभलकर रहें।

महिला याचिकाकर्ता बताती हैं कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस को सूचना दे दी है। पड़ोसियों के बताए अनुसार संदिग्धों का हूलिया बताया गया है। रेखा कहती हैं कि पड़ोसियों ने उनको बताया था कि वो लोग जो पूछताछ कर रहे थे वह दाढ़ी वाले लोग थे और मुँह ढके हुए थे।

रेखा पाठक की तरह एक अन्य महिला याचिकाकर्ता सीता साहू ने भी जानकारी दी है कि कि उनके रिश्तेदार भी उन्हें आगाह करते रहते हैं। लेकिन वह डरेंगी नहीं और माँ श्रृंगार गौरी के लिए आगे बढ़ती रहेंगी।

वकील सोहन लाल आर्य को मिली धमकी

इससे पहले माँ श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी विवादित ढाँचे मामले के पैरोकार डॉक्टर सोहन लाल आर्य को जान से मारने की धमकी मिली थी। सोहनलाल को पाकिस्तान के नंबर से फोन करके धमकाया गया था। सोहनलाल आर्य ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया था कि धमकी देने वाले ने कहा, “राजस्थान के कन्हैया की तरह तुम्हारा भी सिर तन से जुदा कर दिया जाएगा।”
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ज्ञानवापी केस के हिन्दू पक्षकार को ‘सिर तन से जुदा’ करने की धमकी, पीछे हट जाओ नहीं तो होगा कन्है
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तस्वीर-ट्विटर...
उन्होंने धमकी मिलने के बाद 16 अगस्त, 2022 को इसकी जानकारी वाराणसी के पुलिस और प्रशासन के अफसरों को दी। साथ ही डॉ. आर्य ने सर तन से जुदा करने की धमकी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि धमकी के बारे में इंटेलीजेंस ब्यूरो के अधिकारियों से भी बात हुई है। उनको ऐसा अंदेशा था कि भारत से ही कोई व्यक्ति पाकिस्तान के नंबर का इस्तेमाल करके कॉल कर रहा है। इन नंबरों को उन्होंने इंटेलिजेंस के अधिकारियों को सौंपा है।

ज्ञानवापी केस के हिन्दू पक्षकार को ‘सिर तन से जुदा’ करने की धमकी, पीछे हट जाओ नहीं तो होगा कन्हैया लाल जैसा हाल

                                                                                                                               तस्वीर-ट्विटर
वाराणसी के माँ श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी विवादित ढाँचे मामले के पैरोकार डॉक्टर सोहन लाल आर्य को जान से मारने की धमकी मिली है। सोहनलाल को पाकिस्तान के नंबर से फोन करके धमकाया गया है। सोहनलाल आर्य ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि धमकी देने वाले ने कहा, “राजस्थान के कन्हैया की तरह तुम्हारा भी सिर तन से जुदा कर दिया जाएगा।”

आखिर बिल्ली थैले से बाहर आ ही गयी, नूपुर शर्मा एक बहाना है, ज्ञानवापी से ध्यान हटाने के लिए आतंक फैलाना है। 'सिर तन से जुदा' भी एक तरह से आतंक ही है। जान दोनों में ही जाती है। सरकार को भी 'सिर तन से जुदा' के आरोप में पकडे गए उपद्रवियों के परिवारों को हर सरकारी सुविधा से ब्लैकलिस्ट किया जाए। नूपुर विवाद होने के बाद से ही अनुमान व्यक्त किये जा रहे थे कि तस्लीम रहमानी के उकसाने पर नूपुर ने जो इस्लामिक किताब के हवाले से बात कही, जिसे फिरकापरस्त मोहम्मद जुबेर ने तोड़मरोड़ कर पेश करने के बाद ही 'सिर तन से जुदा' का शोर मचना शुरू हुआ। जो इस्लामिक देश नूपुर के बयान पर नाराजगी दिखा रहे थे, उनके सामने नबी के लिए गाली देने की गलत बात पेश की गयी थी। अब सोशल मीडिया और News Nation चैनल पर हो रही चर्चा पर क्यों खामोश हैं? इस सच्चाई को समझने की जरुरत है। 

 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सोहन लाल ने 16 अगस्त, 2022 को ही इसकी जानकारी वाराणसी के पुलिस और प्रशासन के अफसरों को दी है। डीसीपी काशी ने कहा कि इस मामले में केस दर्ज होगा।

डॉ. आर्य ने सर तन से जुदा करने की धमकी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि धमकी के बारे में इंटेलीजेंस ब्यूरो के अधिकारियों से भी बात हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसा अंदेशा है कि भारत से ही कोई व्यक्ति पाकिस्तान के नंबर का इस्तेमाल करके कॉल कर रहा है। इन नंबरों को इंटेलिजेंस के अधिकारियों को सौंपा गया है।

उन्होंने बताया कि वाराणसी कमिश्नर और डीएम से मिलने का समय मिला है। वाराणसी के लक्सा थाने में एफआईआर दर्ज कराएँगे। उनके दोनों मोबाइल नंबर पर धमकी मिली है। हालाँकि, अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है।

वहीं पाकिस्तान के नंबर से जान से मारने की धमकी के बारे में बताते हुए डॉ. सोहनलाल आर्य ने कहा कि कुछ आतंकवादी संगठन उनके पीछे पड़े हैं। उन्हें मुकदमा वापस लेने की धमकी दी गई। जवाब में मैंने कहा कि हम धमकी से झुकने वाले नहीं हैं। कल 18 अगस्त को तारीख है। हिंदुओं के पक्ष में फैसला आने वाला है।

इससे पहले सोहनलाल आर्य को इसी साल 19 मार्च और फिर 19 जुलाई को भी जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। इन जान से मारने की धमकियों पर उन्होंने कहा, “वो इससे डरने वाले नहीं हैं। हिंदुत्व और मंदिर की रक्षा के लिए प्राण भी चला जाए तो फर्क नहीं पड़ता।” जानकारी के लिए बता दें लगातार मिल रही धमकियों के मद्देनजर सिक्योरिटी में दो पुलिसकर्मी पहले से ही तैनात हैं।

दिल्ली की राखी सिंह के अलावा वाराणसी की 4 महिलाओं ने माँ शृंगार गौरी के नियमित दर्शन और ज्ञानवापी विवादित परिसर के अन्य देव विग्रहों की सुरक्षा और उनकी नियमित पूजा के लिए मुकदमा दाखिल किया था। डॉ. सोहनलाल आर्य वाराणसी की उन्हीं चारों महिलाओं के कोर्ट में पैरोकार हैं। डॉ सोहनलाल आर्य 1984 में विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। इस समय RSS के प्रांतीय पदाधिकारी हैं।