‘इस्लाम का दुष्प्रचार बंद करो, अंजाम भुगतोगे’ : RSS मैग्जीन के पत्रकार को मिली ‘सिर तन से जुदा’ की धमकी, कांग्रेस के खिलाफ किया था ट्वीट, FIR दर्ज

                      आरएसएस की पत्रिका के पत्रकार मिली धमकी (फोटो साभार: ऑर्गेनाइजेशन)
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में एक पत्रकार को ‘सिर-तन-से-जुदा’ की धमकी दिए जाने का एक मामला सामने आया है। पत्रकार का नाम निशांत आजाद है। वे आरएसएस की पत्रिका ‘ऑर्गेनाइजर’ में काम करते हैं। निशांत को यह धमकी व्हाट्सएप पर एक अनजान मैसेज द्वारा दी गई। पत्रकार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी है। अब पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
सर तन से जुदा के विरुद्ध गैर-जमानती कानून कब?
यूट्यूब पर अम्बर ज़ैदी और एक्स मुस्लिम साहिल की वीडियो में साहिल ने बहुत ही ज्वलंत प्रश्न किया है कि 'सर तन से जुदा' के विरुद्ध जब तक गैर-जमानती कानून नहीं बनेगा, यह समस्या बनी रहेगी। किसी में किसी एक्स मुस्लिम के विरुद्ध 'सर तन से जुदा' कहने की हिम्मत नहीं, जो सार्वजनिक रूप से इस्लाम, मौलानाओं और मुफ़्ती आदि के विरुद्ध बोल रहे हैं। News Nation के "इस्लाम क्या कहता है" में तो एक्स मुस्लिम और मौलानाओं के बीच बहस देखने वाली होती है। लेकिन कोई नहीं बोलता। सारे मुस्लिम देश भी खामोश हैं, क्यों? जिसे देख लगता है कि इस्लाम पर संकट के घने बादल छाने शुरू हो चुके हैं। देखिए वीडियो:

 

 
दूसरे, आज हिजाब और बुर्के को लेकर उपद्रव किया जाता है, जबकि आर्गेनाइजर के तत्कालीन संपादक प्रो वेद प्रकाश भाटिया(स्व) ने अपने बहु-चर्चित स्तम्भ Cabbages & Kings में कई बार लिखा कि "...burka is not a islamic culture....on many occasions smart and charming boys were kept in burka..." किसी ने कभी उसका विरोध नहीं किया। इतना ही नहीं, जनता पार्टी के तत्कालीन नेता सैयद शहाबुद्दीन इस स्तम्भ को पढ़े बिना सोते नहीं थे।   

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार निशांत के व्हाट्सएप पर किसी अजनबी का धमकी भरा मैसेज आया। धमकी वाले इस मैसेज में लिखा था, “गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सिर तन से जुदा सिर तन से जुदा, इस्लाम के खिलाफ एजेंडे का प्रचार बंद करो।” इस संदेश के साथ धमकी देने वाले ने पत्रकार द्वारा कांग्रेस के खिलाफ किए गए एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट भी भेजा।

                                                                   धमकी भरा संदेश

इन मैसेज के जवाब में निशांत ने धमकी देने वाले से उसके बारे में पूछने की कोशिश की तो उसने सामने से जवाब दिया कि वह निशांत के बारे में सब कुछ जानता है और अगर वह इस तरह के मुद्दों पर फिर से लिखना जारी रखता है, तो उसे परिणाम भुगतने होंगे। बताया यह भी जा रहा है धमकी देने वाले ने कन्हैया कुमार और उमेश कोल्हे का भी जिक्र किया था।

आरएसएस की पत्रिका के पत्रकार को 10 सितंबर को मैसेज के माध्यम से धमकी मिली। धमकी देने वाले की ओर से यह भी कहा गया कि यदि पत्रकार इसी तरह हिंदुत्व संगठनों का समर्थन करता है तो उसका सिर काट दिया जाएगा। एफआईआर में निशांत ने बताया कि उसे अज्ञात यूएस-आधारित नंबर से 10 सितंबर की शाम लगभग 7:00 बजे के करीब धमकी भरे मैसेज मिले।

धमकी देने वाले ने निशांत के जिस ट्वीट का स्क्रीन शॉट शेयर किया, उसमें निशांत ने कांग्रेस के एक ट्वीट की आलोचना की थी। ये वही ट्वीट था जिसमें कांग्रेस ने आरएसएस की जलती हुई वर्दी की तस्वीर साझा की थी। निशांत ने अपने इस ट्वीट में लिखा था, “संघ को खत्म करते-करते पुश्तें निकल गई लल्ला तुम्हारी। एक दिन पता चला खुद ही खत्म हो जाओगे। अभी तो बस चंद राज्य में बचे हो न। यही हाल रहा तो अगले चुनाव में वहाँ से भी निपट जाओगे।”

                                                  धमकी देने वाले ने भेजा कॉन्ग्रेस पर किया गया ट्वीट

अब तक जिन-जिन लोगों को ‘सिर तन से जुदा’ की धमकी मिली, उन्होंने या तो किसी विशेष धर्म के लोगों की भावनाओं को आहत किया या फिर पैगंबर मोहम्मद को लेकर कुछ विवादित बयान दिए। परंतु इस मामले में निशांत को ये धमकी इसलिए मिली है क्योंकि उन्होंने कांग्रेस की आलोचना की है। 

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