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फोटो साभार: news 18 |
हैदराबाद के खैरताबाद इलाके में 27 सितंबर, 2022 को माँ दुर्गा की मूर्ति तोड़ने वाली दो मुस्लिम महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले को लेकर नामपल्ली के विधायक जेएच मेराज ने मीडियाकर्मियों को बताया, “2 बुर्का पहने महिलाओं ने स्पैनर से देवी की मूर्ति को खंडित कर दिया। उन्हें पुलिस को सौंप दिया गया है। मैं आयुक्त से विस्तृत जाँच करने का अनुरोध करता हूँ।” उन महिलाओं पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति पर भी हमला करने की कोशिश की, क्योंकि उसने उन्हें रोकने की कोशिश की थी।
2 Burqa-clad women attempted to damage goddess idol with spanners. Devotees stopped them. The 2 then went to a church&attempted this again. When stopped,they went to Hanuman Temple.They were handed over to Police.I request Commissioner for detailed inquiry: JH Meraj, Nampally MLA https://t.co/ubrQXuRzLj pic.twitter.com/URpw3qrNSd
— ANI (@ANI) September 27, 2022
इससे पहले उन्होंने एक चर्च के बाहर लगी मदर मैरी की मूर्ति को भी तोड़ने की कोशिश की।
हैदराबाद के सेंट्रल जोन के DCP ने देवी दुर्गा और मदर मैरी की मूर्तियों को तोड़ने वाली दोनों महिलाओं को लेकर कहा, “ये दोनों महिलाएँ अपने अम्मी-अब्बू के साथ रहती हैं। ये मानसिक रूप से बीमार हैं। वे 2018 में जेद्दा से लौटे थे और तब से इसका सामना कर रहे हैं। इनका एक भाई भी है, जो साथ में रहता है।
जिस तरह दोनों महिलाओं को मानसिक रूप से बीमार बताकर बचाने का प्रयास किया जा रहा है, उस स्थिति में सवाल यह उठता है कि "इन्होने अपनी इस्लामिक किताबों या घर में नमाज़ में बाधा डाली? यदि नहीं फिर यह नाटक क्यों? हिन्दू 'सिर तन से जुदा' तो कर नहीं सकते, लेकिन इस मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाना चाहिए, अगर ये दोनों महिलायें मानसिक रूप से पीड़ित हैं, इन्हे किसी मानसिक हॉस्पिटल भेज इलाज करवाया जाये और इन्हे केवल एक समय का नाश्ता और एक समय खाना दिया जाए, अगले ही दिन जेहादी सब कबूल देंगी। इनके और इनके घरवालों के बैंक खातों की जाँच करवाई जाने के साथ-साथ समस्त सरकारी सुविधाओं से हमेशा के लिए वंचित किया जाए।
भाई असीमुद्दीन ने पुलिस को बताया, “मैं अभी तक अपनी बहनों से नहीं मिला हूँ, लेकिन मैंने सुना है कि क्या हुआ है, इसलिए मैं सामने नहीं आया। मेरी माँ और बहनों को सिज़ोफ्रेनिया है और भाई को पैरानॉयड सिज़ोफ्रेनिया है। उन्होंने ऐसा कभी नहीं किया है। मैं माफी माँगता हूँ। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है, इसलिए मुझे इस बात का ध्यान रखना होगा।”
I've not met my sisters yet but I've heard what happened so I've come down. My mother&sisters have schizophrenia&brother has paranoid schizophrenia. They've never done that. I'm very sorry. They're getting treatment at a hospital. So,I've to continue looking into this: Asimduddin pic.twitter.com/VnKofejaMV
— ANI (@ANI) September 27, 2022
Wait till the secular governments declare them as social justice warriors.
— To the point (@skejanthkar) September 27, 2022
हैदराबाद के सेंट्रल जोन के DCP राजेश कुमार ने बताया, “आज सुबह दो मुस्लिम महिलाओं ने खैरताबाद स्थित एक पंडाल में घुसकर देवी दुर्गा माता की मूर्ति के एक हिस्से में तोड़फोड़ की। एक महिला को स्पैनर ले जाते हुए भी देखा गया था।” DCP ने आगे यह भी बताया कि प्रतिमा पर हमला करने के दौरान एक व्यक्ति ने महिलाओं को रोकने की कोशिश की तो उस पर हमला किया गया। हालाँकि, महिलाओं के कट्टरपंथी रवैये को देखते हुए स्थानीय लोग जुट गए और उसे पकड़ लिया। लोगों ने पुलिस को सूचना देकर उन्हें सैदाबाद पुलिस के हवाले कर दिया।
अवलोकन करें:-
दोनों महिलाओं को पहली बार एक चर्च के बाहर देखा गया था, जहाँ उन्होंने बाहर रखी मदर मैरी की मूर्ति को तोड़ने की कोशिश की थी। फिर वे एक दुर्गा पूजा पंडाल गईं, जो नवरात्रि दौरान चर्च से कुछ मीटर की दूरी पर बनाया गया था। अचानक काले बुर्के पहने दो मुस्लिम महिलाएँ दुर्गा पूजा पंडाल (Puja Pandal) में घुस गईं और माता दुर्गा (Durga Mata) की प्रतिमा को खंडित कर दिया। उन्होंने प्रतिमा के कई हिस्सों को खंडित कर दिया है।
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