आज मोदी-योगी मदरसों के आधुनिकरण पर क्यों जोर दे रहे हैं, जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द के प्रमुख महमूद मदनी ने विवादित बयान देकर दुनियां को अपनी मदरसा-छाप तालीम का प्रमाण दे दिया है। फिर मेरा अपना विश्वास है कि ये बोल मदनी के नहीं हो सकते। उनके ऐसा बोलने का प्रमुख कारण है कि वह बोल तो खुद रहे थे, लेकिन किसी का लिखा हुआ। अब किस दबाव में लिखा हुआ पढ़ विवाद खड़ा किया, इसका जवाब तो मदनी ही दे सकते हैं। मुस्लिम समाज को जो भड़काने का काम था वो तो हो गया। अब बस पत्तल साफ करने की बात रह गयी है।
ऐसी कोई बात बोलने से पहले कुछ इतिहास का ज्ञान भी होना बहुत जरुरी है। किस आधार पर मदनी इस्लाम को सबसे पुराना बता रहे हैं? मदनी को इतना भी नहीं मालूम की इस्लाम आया 1400+ वर्ष पहले यानि कलयुग में, इतना ही नहीं कलयुग प्रारम्भ होने के हज़ारों वर्ष बाद और कलयुग से पहले इस धरती पर सतयुग, त्रेता और द्वापर युग थे। मदनी बस इतना बता दे कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण इस्लाम आने से पहले लिखी या बाद में, सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी। संत तुलसीदास ने रामचरितमानस लिखी 400+ वर्ष पहले यानि कलयुग शुरू होने के हज़ारों वर्ष बाद। फिर पोरस से मार खाकर सिकंदर क्यों भागा और कहाँ भागा?
जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख महमूद मदनी (Mahmood Madani) ने कहा है कि इस्लाम सभी धर्मों से पुराना है और यह भारत में बाहर से नहीं आया है। मदनी ने शुक्रवार (10 फरवरी 2023) को कहा कि भारत जितना नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) का है, उतना ही उनका भी है।दरअसल, दिल्ली के रामलीला मैदान में जमीयत-उलेमा-ए-हिंद का आम सत्र आयोजित चल रहा है। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महमूद मदनी ने कहा, “भारत हमारा देश है। यह देश जितना नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत का है, उतना ही यह देश महमूद का भी है। न तो महमूद उनसे एक इंच आगे है और न ही वे महमूद से एक इंच आगे हैं।”
#WATCH | Delhi: India is our country. As much as this country belongs to Narendra Modi and Mohan Bhagwat, equally, this country belongs to Mahmood. Neither Mahmood is one inch ahead of them nor they are one inch ahead of Mahmood: Jamiat Ulema-e-Hind Chief Mahmood Madani (10.02) pic.twitter.com/mB2JBqpTHI
— ANI (@ANI) February 11, 2023
these people started now, stating that India is our country after Pakistan destroyed by themselves, now they understood the pakistan situation
— Reddy Laxma (@koalr2307) February 11, 2023
It is ok if he says "India is our country" but pity he had to read that from a piece of paper and looks like he did it hesitantly but not ok if a religion which existed merely a 1400 years ago claims Bharat is their land equally
— Mastram (@mastram80) February 11, 2023
मदनी ने यह भी कहा है कि भारत खुदा के सबसे पहले पैगंबर अब्दुल बशर सईदाला आलम की जमीन है। भारत मुस्लिमों की पहली मातृभूमि है। इसलिए यह कहना कि इस्लाम बाहर से आया, पूरी तरह गलत और आधारहीन है। इस्लाम इसी देश का मजहब है। इस्लाम सभी धर्मों में सबसे पुराना महजब है। भारत हिंदी मुसलमानों के लिए सबसे अच्छा देश है।
साथ ही उन्होंने कहा है कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा भड़काने वालों को सजा देने के लिए एक अलग कानून बनाया जाए। मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत और उकसावे के मामलों के अलावा इस्लामोफोबिया में वृद्धि हाल के दिनों में देश में खतरनाक स्तर तक बढ़ गई है।
जमीयत के महासचिव महमूद मदनी का बड़ा बयान, कहा-'ये वतन सबका है और सबके अधिकार है'#MahmoodMadani #Muslim #BJP pic.twitter.com/bGKpSwJ7TZ
— India TV (@indiatvnews) February 10, 2023
फिर अलग से पाकिस्तान क्यों मांगा इसका भी जवाब दे दो
— Nagpal Anil (@kailashianil108) February 10, 2023
मदनी ने आगे है कि आज देश में नफरत का माहौल है। बेबुनियाद प्रोपेगेंडा फैलाने का काम तेजी से किया जा रहा है। ऐसे लोगों को सुप्रीम कोर्ट भी छोड़कर कर उनका हौसला अफजाई कर रहा है। जो देश के लिए खतरा हैं, उन्हें खुला छोड़ा जा रहा है।
मदनी ने कहा कि आज के हालात में अगर स्वामी विवेकानंद, मोहनदास करमचंद गाँधी, जवाहरलाल नेहरू और चिश्ती के आदर्शों को मानने वाले नेता इसी तरह तमाशाबीन बने रहे तो पता नहीं देश की हालत क्या होगी।
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