कांग्रेस प्रवक्ता उदित राज के मुताबिक सिर्फ हिन्दू धर्म पर टिप्पणी उनका संवैधानिक अधिकार (चित्र साभार- आज तक)
रामचरितमानस विवाद में अब कांग्रेस प्रवक्ता डॉ उदित राज की भी टिप्पणी सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ‘आज तक’ की डिबेट में उन्होंने मुस्लिम या ईसाई धर्म पर कुछ भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया लेकिन हिन्दू धर्म पर टिप्पणी को अपना संवैधानिक अधिकार बताया है। एंकर द्वारा उदित राज का धर्म पूछे जाने पर उन्होंने खुद को बौद्ध बताया।
भारतीय जनमानस को ऐसे दोगले नेताओं और इनको समर्थन दे रही पार्टियों को पहचानकर उनको उनकी हैसियत दिखानी होगी। सनातन धर्म का उपहास करने वाले इस्लाम और ईसाई धर्म की कमियों पर क्यों चुप्पी साध लेते हैं? क्या इसी को लोकतंत्र कहते हैं? अभिव्यक्ति की आज़ादी एकतरफा क्यों? क्या इसी का नाम धर्म-निरपेक्षता है?
2 मिनट 3 सेकेण्ड के वायरल वीडियो में ‘आज तक’ के एंकर शुभांकर मिश्रा ने उदित राज से हिन्दू होने पर सवाल किया तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया। इसके बाद उदित राज ने खुद को बौद्ध बताया। इसी वीडियो में शुभांकर ने उदित राज से ईसाई और इस्लाम पर सवाल नहीं करने का कारण पूछा तो कांग्रेस प्रवक्ता कन्नी काट गए। हालाँकि वो लगातार हिन्दू धर्म के खिलाफ बोलने की कोशिश करते रहे और इसे उन्होंने अपना संवैधानिक हक बताया।
बिहार में एक शब्द काफी प्रचलित है 'थेथरई', उसका सटीक उदाहरण यहाँ देखने को मिला!
— Ritesh Kashyap (@meriteshkashyap) February 5, 2023
भारत धर्मनिरपेक्ष देश है इसीलिए उदित राज हिन्दू धर्म पर टिप्पणी कर सकते हैं लेकिन मुस्लिम और ईसाइयों पे नही !! https://t.co/iEs5jQEReF pic.twitter.com/pjDHvgjhHh
सरकार से एक प्रश्न ? जनमानस सरकार क्यों चुनता हैं ।जब उसको न्यायालय के समक्ष जाना हैं ।तो क्या आपके प्रशासनिक तंत्र जनमानस को प्रताड़ित करने के लिए हैं?#YogiAditynath #PMModi #UPDGP #UPPSTF #उत्तर_प्रदेश #भारत
— Amit Sonu Singh ⚖️ (@AmitSonusingh) February 5, 2023
Jab baba sahab aur aneko ne बौद्ध धर्म apna liya tha inke mutbik sare dalit बौद्ध hain to ye reservation kisko aur kis liye dekar Gaye the ye natak kyon chal raha hai.. बौद्धों k liye koi reservation nahi hai is desh m... fir kis baat ki Malai chat Rahe hain ye log
— Baba Bakchod (@BabaBak04966711) February 5, 2023
आज तक द्वारा ये वीडियो शनिवार (4 फरवरी 2023) को शेयर किया गया। यह वीडियो 6 मिनट 38 सेकेण्ड लम्बा है। डिबेट में भाजपा की तरफ से राकेश त्रिपाठी, AIMIM की तरफ से वारिस पठान के साथ सुनील सिंह व विशाल मिश्रा नाम के 2 अन्य पैनलिस्ट भी मौजूद थे। इस बहस की शुरुआत एंकर शुभांकर मिश्रा ने राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा से की। उन्होंने कांग्रेस के सहयोगियों द्वारा की जा रही अशोभनीय टिप्पणियों का हवाला देकर उदित राज से स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा रामचरितमानस पर की गई टिप्पणी से संबंधित सवाल किया।
उदित राज ने इसी वीडियो में सनातन धर्म को व्यक्तिगत धर्म बताते हुए कहा कि उन्हें इस धर्म की न तो कोई किताब कहीं मिली है और न ही उसकी नियमावली। उन्होंने कहा कि इस धर्म को कुछ लोग सनातन, कुछ अन्य लोग हिन्दू तो कुछ लोग वैदिक धर्म कहते हैं, इसलिए उन्हें कुछ समझ में नहीं आता। उदित राज ने हिन्दू राष्ट्र के मुद्दे को भाजपा द्वारा वोटों का ध्रुवीकरण बताया।
डॉ उदित राज ने आगे कहा कि इस्लाम या ईसाई धर्म में कमियों से दलितों या पिछड़ों का कोई लेना-देना नहीं क्योंकि उन्हें पीड़ा जिससे है, उसी की बात की जाएगी। उदित राज का कहना था कि जिस धर्म में उन्हें छुआछूत जैसी पीड़ा मिली, वो उसी के बारे में बोलेंगे। उदित राज जैसे नेताओं को उस सच्चाई को भी जनमानस को बताना होगा कि देश विभाजन के बाद पाकिस्तान में हिन्दुओं को किस कारण और किस काम को करने के लिए रोका गया था? उदित राज सच बहुत कड़वा होता है, लेकिन सच बोलने की हिम्मत नहीं कर पाओगे। हिम्मत सिर्फ सनातन धर्म का उपहास करने की हो सकती है। भारत को उदित राज ने धर्मनिरपेक्ष बताते हुए कहा कि यह हिन्दूराष्ट्र नहीं है। इस बावत उन्होंने बाबा भीमराव अम्बेडकर का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी कल्पना भी गलत होगी।

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