एक तरफ आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय पार्टी होने का जश्न मना रही है, तो दूसरी इसको चोट भी लग रही है। दरअसल पार्टी के कर्णधारों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण हो रही जेल से पार्टी में अंतर्कलह शुरू हो चुकी है, जिसका परिणाम गुजरात में देखने को मिल रहा है। चर्चा है कि अन्य राज्यों में भी ये सिलसिला शुरू होने वाला है। यानि जिस तेजी से भारतीय राजनीति में अपना अस्तित्व बनाया है, बहुत जल्द कांग्रेस की तरह नाम की पार्टी होने वाली है। 6 आप पार्षद बीजेपी में शामिल
गुजरात में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। 14 अप्रैल 2023 को सूरत में AAP के 6 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए। गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने सभी पार्षदों का पार्टी में स्वागत किया। सूरत म्युनिसिपल कारपोरेशन (SMC) चुनाव में आम आदमी पार्टी के 27 पार्षद जीत कर आए थे जिनमें से 10 पार्षद भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
सूरत भाजपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान निराली पटेल, धर्मेंद्र वावलिया, अशोक धामी, किरण खोखानी, घनश्याम मकवाना औऱ स्वाति क्याड ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके पहले आम आदमी पार्टी के 4 पार्षद रीता खैनी, ज्योति लाठिया, भावना सोलंकी और विपुल मोवालिया ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था।
#WATCH | Gujarat: 6 AAP corporators from Surat joined BJP in the presence of state Home Minister Harsh Sanghavi (14/04) pic.twitter.com/Glc2jZAVPU
— ANI (@ANI) April 15, 2023
कहते हैं जब जहाज डूब रहा होता है तो सबसे पहले चूहें बाहर छलांग लगाते हैं।
— Yogesh Choudhary (@YogeshBhrtYatri) April 15, 2023
साल 2021 में हुए SMC चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 120 में से 27 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा ने 93 सीटें जीत का परचम लहराया था। इन चुनाव में कॉन्ग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। अब आम आदमी पार्टी के 10 पार्षदों के भाजपा में शामिल हो जाने के बाद एसएमसी में भाजपा पार्षदों की संख्या 103 हो गई है।
दक्षिण गुजरात खासकर सूरत भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है। विधानसभा चुनाव 2022 में भी सूरत जिले की सभी 16 सीटें भाजपा ने जीत ली थीं। सूरत शहर की बात करें तो पिछले 15 वर्षों से भाजपा शहर की एक भी सीट नहीं हारी है। हालाँकि 2021 में 27 पार्षद जिताने के बाद आम आदमी पार्टी को सूरत से काफी उम्मीदें थी लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में आप का एक भी उम्मीदवार कामयाब नहीं हो सका। यहाँ तक कि आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया को भी कटारगाम विधानसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा था।
ये भी मालूम हो कि गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस बार बड़ा रिकॉर्ड बनाया था। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी विजयी रहे। आज तक गुजरात के इतिहास में इतनी बड़ी जीत किसी भी पार्टी को नहीं मिली थी।
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