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गुजरात : सूरत में 6 और पार्षदों ने छोड़ी AAP, जुड़े BJP के साथ: अब तक 10 पार्षद भाजपा में शामिल

6 आप पार्षद बीजेपी में शामिल
एक तरफ आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय पार्टी होने का जश्न मना रही है, तो दूसरी इसको चोट भी लग रही है। दरअसल पार्टी के कर्णधारों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण हो रही जेल से पार्टी में अंतर्कलह शुरू हो चुकी है, जिसका परिणाम गुजरात में देखने को मिल रहा है। चर्चा है कि अन्य राज्यों में भी ये सिलसिला शुरू होने वाला है। यानि जिस तेजी से भारतीय राजनीति में अपना अस्तित्व बनाया है, बहुत जल्द कांग्रेस की तरह नाम की पार्टी होने वाली है। 

गुजरात में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। 14 अप्रैल 2023 को सूरत में AAP के 6 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए। गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने सभी पार्षदों का पार्टी में स्वागत किया। सूरत म्युनिसिपल कारपोरेशन (SMC) चुनाव में आम आदमी पार्टी के 27 पार्षद जीत कर आए थे जिनमें से 10 पार्षद भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

सूरत भाजपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान निराली पटेल, धर्मेंद्र वावलिया, अशोक धामी, किरण खोखानी, घनश्याम मकवाना औऱ स्वाति क्याड ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके पहले आम आदमी पार्टी के 4 पार्षद रीता खैनी, ज्योति लाठिया, भावना सोलंकी और विपुल मोवालिया ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था।

साल 2021 में हुए SMC चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 120 में से 27 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा ने 93 सीटें जीत का परचम लहराया था। इन चुनाव में कॉन्ग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। अब आम आदमी पार्टी के 10 पार्षदों के भाजपा में शामिल हो जाने के बाद एसएमसी में भाजपा पार्षदों की संख्या 103 हो गई है।

दक्षिण गुजरात खासकर सूरत भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है। विधानसभा चुनाव 2022 में भी सूरत जिले की सभी 16 सीटें भाजपा ने जीत ली थीं। सूरत शहर की बात करें तो पिछले 15 वर्षों से भाजपा शहर की एक भी सीट नहीं हारी है। हालाँकि 2021 में 27 पार्षद जिताने के बाद आम आदमी पार्टी को सूरत से काफी उम्मीदें थी लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में आप का एक भी उम्मीदवार कामयाब नहीं हो सका। यहाँ तक कि आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया को भी कटारगाम विधानसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा था।

ये भी मालूम हो कि गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस बार बड़ा रिकॉर्ड बनाया था। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी विजयी रहे। आज तक गुजरात के इतिहास में इतनी बड़ी जीत किसी भी पार्टी को नहीं मिली थी।


तमिलनाडु : ‘जिस जज ने राहुल गाँधी को सज़ा सुनाई, सत्ता में आने पर उसकी जीभ काट डालेंगे’: कांग्रेस नेता

सजा सुनाने वाले जज को कॉन्ग्रेस नेता की धमकी (फोटो साभार- एएनआई)
तमिलनाडु में कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने ऐलान किया कि सत्ता में आते ही उस जज की जीभ काट ली जाएगी जिन्होंने राहुल गाँधी को 2 साल की सजा सुनाई थी। धमकी देने वाले कांग्रेस नेता की पहचान मणिकंदन के तौर पर हुई है। पुलिस ने कांग्रेस नेता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कांग्रेस नेता का यह वीडियो 6 अप्रैल, 2023 का बताया जा रहा है।

तमिलनाडु के डिंडीगुल में कांग्रेस की एससी/एसटी विंग की तरफ से राहुल गाँधी को अयोग्य ठहराने के खिलाफ प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। इस प्रदर्शन में कांग्रेस पार्टी जिला प्रमुख मणिकंदन भी शामिल हुए। सड़क पर उन्होंने स्थानीय भाषा में लोगों को संबोधित भी किया। इसी संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि सूरत की अदालत ने हमारे नेता (राहुल गाँधी) को दो साल की सजा सुनाई। उन्होंने कहा, “सुनिए जस्टिस एच वर्मा जब कांग्रेस सत्ता में आएगी तो हम आपकी जीभ काट देंगे।”

डिंडीगुल पुलिस ने मणिकंदन के खिलाफ आईपीसी की धारा 153बी समेत तीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच की जा रही है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने धमकी से संबंधित एक वीडियो भी जारी किया है। इसमें कांग्रेस नेताओं और वर्कर्स को हाथ में कांग्रेस का झंडा व बैनर लेकर प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। कुछ लोग भी जमा हुए हैं जिन्हें मणिकंदन संबोधित कर रहे हैं।

मोदी सरनेम पर आपत्तिजनक बयानबाजी करने के मामले में 23 मार्च, 2023 को सूरत की जिला अदालत ने राहुल गाँधी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद उन्हें जमानत भी दे दी गई। उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया था। इस बीच राहुल गाँधी की संसद सदस्यता भी चली गई थी और उनसे सरकारी बंगला भी खाली करा लिया गया था। 

गुजरात : सूरत के सिविल अस्पताल में अवैध मजार

देश भर में अतिक्रमण के एक से बढ़कर एक मामले सामने आ रहे हैं, जो आश्चर्यचकित करते हैं। गुजरात में सूरत (Gujarat, Surat) के सिविल अस्पताल में एक अवैध मजार बनाकर अतिक्रमण करने की कोशिश की गई है। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को पत्र लिखकर परिसर में स्थित इस अवैध मजार को हटाने का अनुरोध किया है। मजार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि अस्पताल के परिसर में स्थित एक मजार है और इसके चारों ओर एक ठोस निर्माण किया जा रहा है। हालाँकि, अस्पताल के अधिकारियों ने अब पुलिस को पत्र लिखकर इस अवैध निर्माण को हटाने का अनुरोध किया है।

सूरत के पुलिस आयुक्त को लिखे एक पत्र की कॉपी ऑपइंडिया के उपलब्ध है। इस पत्र में अस्पताल के अधिकारियों ने लिखा है कि रेडियोलॉजी विभाग के पीछे और किडनी बिल्डिंग के बगल में स्थित ऑक्सीजन प्लांट के पास एक मजार है। इस मजार का निर्माण कुछ असामाजिक तत्वों ने अवैध रूप से किया है।

                                           अस्पताल के अधिकारियों द्वारा पुलिस को लिखा गया पत्र

पत्र में कहा गया है, “यह अनधिकृत मजार 17.5 x 17.5 फीट क्षेत्र में फैला है। मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि कृपया इसे देखें और सरकारी संपत्ति पर अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाएँ।” पत्र में पुलिस से असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने का स्पष्ट अनुरोध किया गया है।

                                                      मजार के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद का प्रदर्शन

नाम न छापने की शर्त पर एक व्यक्ति ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि मजार परिसर में कब से है, लेकिन उन्होंने अब पुलिस से अवैध निर्माण को हटाने का अनुरोध किया है। सूत्रों के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद द्वारा अस्पताल परिसर में मजार के विरोध के बाद प्रशासन हरकत में आया है। इस सप्ताह की शुरुआत में विहिप कार्यकर्ताओं ने अनधिकृत मजार के बारे में अस्पताल के अधिकारियों को एक लिखित आवेदन दिया था।  साभार (महेश पुरोहित के इनपुट्स के साथ)

छठी बीवी ने सेक्स से किया इनकार तो 7वीं की खोज में निकला 63 साल का अयूब

                                                                                                                                  प्रतीकात्मक 
गुजरात में एक व्यक्ति की छठी बीवी ने उसके साथ सेक्स करने से इनकार कर दिया। यह तब हुआ जब उसे पता चला कि उसके शौहर की पहले से ही 5 बीवियाँ हैं। इसके बाद उक्त व्यक्ति अब सातवीं बीवी की खोज में निकल गया है।

ये घटना गुजरात के सूरत की है। यहाँ के रहने वाले 63 वर्षीय अमीर किसान अयूब देगिया को ये चिंता खाए जा रही है कि उसे सातवीं बीवी मिलेगी भी या नहीं। उसे पहले से ही हृदय रोग और डायबिटीज है।

हाल ही में अयूब ने छठी बार शादी की थी। लेकिन छठी बीवी ने उसके साथ बिस्तर साझा करने से ही इनकार कर दिया। सितम्बर 2020 में जब दुनिया में कहीं लॉकडाउन था तो कहीं कोरोना वायरस से प्रकोप से उबरने की चेष्टा… ठीक उसी समय अयूब निकाह कर रहा था। कपलेथा गाँव का रहने वाला अयूब दिसंबर आते-आते छठी शादी के 4 महीने में ही फेल होने के बाद सातवीं बीवी की तलाश में निकल पड़ा।

जिस महिला से उसने निकाह किया था, वो उससे 21 वर्ष छोटी थी। महिला ने कहा कि वो उसके साथ कोई शारीरिक सम्बन्ध नहीं बना सकती। TOI की खबर के अनुसार, अयूब ने कहा – “उसने मुझे अपने साथ सोने ही नहीं दिया। वो हमेशा इन्फेक्शन की बातें करती रहती थी। मुझे हार्ट सम्बंधित बीमारी है। डायबिटीज है। कई अन्य बीमारियाँ भी हैं। मुझे त्वरित रूप से एक बीवी की ज़रूरत है, जो इन स्थितियों में मेरा ख्याल रख सके।”

जानने वाली बात ये है कि अयूब देगिया की पहली बीवी भी अभी ज़िंदा है और वो उसी गाँव में अपने 5 बेटे-बेटियों के साथ रहती है। उन सभी की उम्र 20 से 35 वर्ष के बीच है। अयूब ने हाल में जिससे निकाह किया, वो रंदर की रहने वाली है। जब निकाह के बाद उसने खोजबीन की तो उसे ये जान कर धक्का लगा कि अयूब की तो पहले से ही 5 बीवियाँ हैं और उसका नंबर छठा है। उसने पिछले सप्ताह महिला पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है।

आरोपित अयूब को इंडियन पैनल कोड (IPC) की धारा-498A (शादी के बाद महिला के साथ क्रूरता) के तहत बुक किया गया है। महिला का कहना है कि उसे अँधेरे में रखा गया। महिला ने दावा किया कि अब वो फिर से किसी अन्य महिला के साथ रह रहा है। गाँव वालों के हवाले से छठी पत्नी ने बताया कि वो कुछ महीनों तक किसी महिला से रिश्ते रखता है और फिर उसे छोड़ देता है। ये क्रम चलता ही रहता है।

अधिवक्ता चंद्रेश जोबनपुत्रा ने कहा कि दिसंबर में अयूब ने पीड़िता को उसकी बहन के घर पर छोड़ दिया और कहा कि वो शहर से आ रहा है। लौटने पर उसने उसे वापस लेने आने का आश्वासन भी दिया। जब वो लौटा ही नहीं तो पीड़िता पुलिस के पास गई। शुरुआत में उसने पीड़िता से निकाह के लिए उसके परिवार से ये कहते हुए संपर्क किया था कि वो एक विधवा से निकाह कर के उसे सशक्त करना चाहता है।

उसने दावा किया था कि इस्लाम में ये जायज है। उसने पीड़िता को 2 लाख रुपए के कीमत वाले गहनों के साथ-साथ एक घर देने का भी वादा किया था। बाद में वो अपने इस वादे से मुकर गया। अयूब देगिया पुलिस को इस बात का जवाब देने में अक्षम रहा है कि उसने अपनी सभी बीवियों को क्यों छोड़ दिया।

पुलिस अधिकारी स्मिता पारगी के अनुसार, अयूब ने कहा कि उसकी छठी बीवी उसकी शारीरिक ज़रूरतें पूरा करने में अक्षम रही है, सेक्स नहीं करती है, इसीलिए उसने उसे छोड़ दिया। सभी के बयान दर्ज कर के पुलिस ने जाँच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।