तमिलनाडु में कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने ऐलान किया कि सत्ता में आते ही उस जज की जीभ काट ली जाएगी जिन्होंने राहुल गाँधी को 2 साल की सजा सुनाई थी। धमकी देने वाले कांग्रेस नेता की पहचान मणिकंदन के तौर पर हुई है। पुलिस ने कांग्रेस नेता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कांग्रेस नेता का यह वीडियो 6 अप्रैल, 2023 का बताया जा रहा है।
सजा सुनाने वाले जज को कॉन्ग्रेस नेता की धमकी (फोटो साभार- एएनआई)
तमिलनाडु के डिंडीगुल में कांग्रेस की एससी/एसटी विंग की तरफ से राहुल गाँधी को अयोग्य ठहराने के खिलाफ प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। इस प्रदर्शन में कांग्रेस पार्टी जिला प्रमुख मणिकंदन भी शामिल हुए। सड़क पर उन्होंने स्थानीय भाषा में लोगों को संबोधित भी किया। इसी संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि सूरत की अदालत ने हमारे नेता (राहुल गाँधी) को दो साल की सजा सुनाई। उन्होंने कहा, “सुनिए जस्टिस एच वर्मा जब कांग्रेस सत्ता में आएगी तो हम आपकी जीभ काट देंगे।”
#WATCH | Tamil Nadu: "When we will come to power, we will chop off the tongue of the judge who delivered the verdict to send our leader Rahul Gandhi to jail," said Manikandan, Congress Dindigul district president during a protest organised by the party on April 6, 2023 pic.twitter.com/a2cO2jt4fm
— ANI (@ANI) April 8, 2023
#WATCH | This is not happening for the first time that Congress is threatening the judiciary. Even before the Emergency, the Congress people attacked the Judiciary. They are doing it now also because they are frustrated. We believe in the Constitution: Union Law Min Kiren Rijiju pic.twitter.com/Vu9kwcyJAC
— ANI (@ANI) April 8, 2023
डिंडीगुल पुलिस ने मणिकंदन के खिलाफ आईपीसी की धारा 153बी समेत तीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच की जा रही है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने धमकी से संबंधित एक वीडियो भी जारी किया है। इसमें कांग्रेस नेताओं और वर्कर्स को हाथ में कांग्रेस का झंडा व बैनर लेकर प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। कुछ लोग भी जमा हुए हैं जिन्हें मणिकंदन संबोधित कर रहे हैं।
मोदी सरनेम पर आपत्तिजनक बयानबाजी करने के मामले में 23 मार्च, 2023 को सूरत की जिला अदालत ने राहुल गाँधी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद उन्हें जमानत भी दे दी गई। उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया था। इस बीच राहुल गाँधी की संसद सदस्यता भी चली गई थी और उनसे सरकारी बंगला भी खाली करा लिया गया था।
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