Am I the only one who is finding this More as a Mosque & Less as new Secretariat building of Telangana?
— BhikuMhatre (@MumbaichaDon) May 1, 2023
It's so difficult to prove one's Sickularism in everything! Isn't it? pic.twitter.com/G6esi17NRJ
Almost same to same! pic.twitter.com/ajKd2LgLoS
— JH (@jagdish_2204) May 1, 2023
नए सचिवालय का गुंबद मुस्लिम शैली का
तेलंगाना में बने नए सचिवालय का गुंबद मुस्लिम शैली का बनाया गया है। इसको लेकर विवाद शुरू हो गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय ने बीआरएस सरकार पर आरोप लगाया कि उसने सचिवालय निर्माण के अनुमानित खर्च को 400 करोड़ से बढ़ाकर 1500 करोड़ रुपये पहुंचा दिया है। 1,500 करोड़ रुपये से वह ताजमहल जैसा सचिवालय बना रहे हैं। एक बार भाजपा की सरकार बनने के बाद हम उन गुंबदों को गिरा देंगे। हम सचिवालय को इस तरह से बदलेंगे कि यह तेलंगाना और भारतीय संस्कृति को दिखाएगा।
Sir the design was inspired by Temples of Neelakanteshwara Swamy temple in Nizamabad,RajaPrasadas of Vanparthy Samasthanam,and Hanuman Temple Sarangpur Gujrat.
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) April 30, 2023
Will you still say …….
Ah a Waqf Registered Masjid was illegally demolished during the construction which has now… https://t.co/ssP60Rm64T
He is a Big lair . Inspired it's not replica. He always justifies by twisting facts and then his aasmani biryani walas starts saying others 2rupees troll.
— sadhuvaad (@sadhuvaad) May 1, 2023
तेलंगाना सरकार के नए सचिवालय की डिजायन को लेकर राजनीति गरमा गई है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट किया और कहा- बाबासाहेब अंबेडकर के नाम पर नए सचिवालय भवन के पूरी तरह तैयार होने पर तेलगांना को बधाई। इमारत को तेलंगाना की समावेशी विकास गाथा का प्रतीक बने रहना चाहिए।
ओवैसी ने कहा- सर, इमारत तो खूबसूरत है
ओवैसी ने आगे तंज कसते हुए कहा- एक वक्फ पंजीकृत मस्जिद को निर्माण के दौरान अवैध रूप से ध्वस्त कर दिया गया था, जिसे अब फिर से बनाया गया है। जो फिर से एक ध्वस्त मस्जिद के पुनर्निर्माण का पहला उदाहरण है। सरकार ने तेलंगाना के हाई कोर्ट को भी आश्वासन दिया है। सर, इमारत तो खूबसूरत है। ये और बात है कि वजीर-ए-आजम नहीं बना सका।
RT @CNNnews18: #BreakingNews | #Telangana CM KCR to inaugurate new Secretariat on April 30, Will demolish domes of new Telangana Secretariat if elected to power: State #BJP chief Bandi Sanjay Kumar@JamwalNews18 | #KCR #TelanganaSecretariat pic.twitter.com/hrdVtc9mX5
— J.A.M. 66 RADIO (@jam_onlineradio) April 30, 2023
बीजेपी ने पूछा – कहां गए 1000 करोड़ रुपए?
तेलंगाना राज्य सचिवालय के उद्घाटन पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय ने केसीआर सरकार से योजना को लेकर सवाल पूछे हैं और स्ट्रक्चर को लेकर घेरा है। उन्होंने कहा- योजना के मुताबिक, पहले कहा गया कि निर्माण के लिए 600 करोड़ रुपये अनुमानित है, अब इसे बढ़ाकर 1600 करोड़ रुपये कर दिया। फिर 1000 करोड़ रुपये कहां गए? लोगों के पैसे का इस्तेमाल एक समुदाय के पक्ष में करना बिल्कुल ठीक नहीं है। सीएम ने ‘नल्ला पोचम्मा’ मंदिर को गिराने का आदेश दिया और फिर हमारी मांग पर उन्होंने लगभग 2 गुंटा आवंटित किया, जबकि अन्य धार्मिक स्ट्रक्चर्स के लिए 5 गुंटा आवंटित किया गया।
नए संसद भवन पर कुल खर्च 1,250 करोड़ रुपये
देश के नए संसद भवन को बनाने का खर्च करीब 29 प्रतिशत बढ़कर 1,250 करोड़ रुपए हुआ। पहले इसे 971 करोड़ रुपये में बनाया जाना था। खर्च बढ़ने की वजह एडिशनल वर्क, कंस्ट्रक्शन प्लान में बदलाव और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन है। प्रस्तावित चार मंजिला इमारत 13 एकड़ में बन रही है। सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत नया त्रिकोणीय संसद भवन, प्रधानमंत्री आवास, PMO, उप राष्ट्रपति भवन, एक कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट बनाने के साथ ही राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक कॉरिडोर को नए सिरे से संवारा जा रहा है।
नए संसद भवन की जितनी लागत, उसकी 50 फीसदी राशि 3 साल में बचाई
लोकसभा को पिछले तीन साल में करीब 2500 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बेहतर वित्तीय प्रबंधन से इसमें से करीब 700 करोड़ रुपए की बचत की गई। लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही बिरला ने फिजूलखर्ची रोककर बचत पर ध्यान दिया। तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया। कागज की संख्या के उपयोग में खासी कमी की गई। इसके साथ ही लोकसभा सचिवालय की खरीदारी में सरकार के जेम पोर्टल को प्रोत्साहित करने जैसे कदमों ने सरकारी धन की बचत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही वजह है कि लोकसभा के अधिकारिक सूत्र कहते हैं कि भले ही बचत की गई राशि से संसद का नया भवन नहीं बन रहा हो, लेकिन कहीं न कहीं यह राशि सरकार के खजाने में ही रही है।
Drone visuals of New secretariat, Telangana pic.twitter.com/UQY6MefS7w
— 𝐁𝐡𝐞𝐞𝐬𝐡𝐦𝐚 𝐓𝐚𝐥𝐤𝐬 (@BheeshmaTalks) April 28, 2023
तेलंगाना में सचिवालय के भवन निर्माण का बजट 617 करोड़ से 1600 करोड़ किया
तेलंगाना में नए सचिवालय के लिए प्रशासन ने भवन निर्माण के लिए 617 करोड़ रुपये स्वीकृत किये। जीएसटी के बाद जो उस समय 6 प्रतिशत था, वह बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया। निर्माण सामग्री का काम बढ़ा है। नतीजतन, निर्माण लागत में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। और बाद में बजट 1000 करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया।
तेलंगाना का नया सचिवालयः 635 कमरे, 34 गुंबद, 300 सीसीटीवी कैमरे
तेलंगाना राज्य को अब अपना अलग नया सचिवालय मिल गया है। इसमें 635 कमरे, 34 गुंबद, 300 सीसीटीवी कैमरे हैं। तेलंगाना के नए सचिवालय की भव्यता हैरान कर देगी। मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने नवनिर्मित छह मंजिला राज्य सचिवालय का 30 अप्रैल 2023 को उद्घाटन किया। नये सचिवालय भवन को भारत रत्न डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के नाम से जाना जाएगा। तेलंगाना राज्य के गठन के बाद से केसीआर के नेतृत्व वाली पहली सरकार ने संयुक्त राज्य के सचिवालय में प्रशासन की शुरुआत की थी जिससे कामकाज में कर्मचारियों और विजिटर्स को बहुत परेशानी हो रही थी। इसको दूर करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से नए भवन का निर्माण किया गया है।
तेलंगाना के नए सचिवालय के कुछ प्रमुख बिंदूः
♦ इसका निर्माण 26 महीने में पूरा किया गया है। आमतौर पर इस तरह के प्रोजेक्ट को पूरा करने में पांच साल लग जाते हैं।
♦ 300 सीसीटीवी कैमरे और 300 पुलिसकर्मियों से निगरानी।
♦ गुंबदों और खंभों को बनाने के लिए गैल्वेनाइज्ड रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट (जीआरसी) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
♦ खंभे खड़ा करने में छह महीने का समय लगा।
♦ रोजाना तीन हजार से ज्यादा मजदूर काम करते थे।
♦ लाल बलुआ पत्थर के कुल 1,000 लॉरी का इस्तेमाल किया गया।
♦ भवन निर्माण के लिए 617 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है।
♦ अब तक 550 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। निर्माण लागत में अनुमान से 20-30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
♦ इस छह मंजिला सचिवालय में 635 कमरे हैं। इसमें विशेष 30 सम्मेलन कक्ष हैं। इसमें 24 लिफ्ट लगाई गई हैं।
♦ भवन का निर्माण कुल 28 एकड़ क्षेत्रफल में से ढाई एकड़ में किया गया है।
केसीआर का नया 50 करोड़ का घर
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव नवंबर 2016 में अपने नए गृह सह कार्यालय में गए जो बेगमपेट में नौ एकड़ के भूखंड में फैला हुआ है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक पूरे कॉम्प्लेक्स पर करीब 50 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इस अत्यधिक सुसज्जित और किलेबंद इमारत को देश के सबसे बड़े आधिकारिक कार्यालय-घर परिसरों में से एक माना जाता है। परिसर का निर्माण मुंबई स्थित रियल्टी प्रमुख शापुरजी पालनजी द्वारा किया गया है। शुरुआत में घर की कीमत 35 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन फिनिशिंग बिल कथित तौर पर लगभग 50 करोड़ रुपये है।
तुष्टिकरण का स्पष्ट उदाहरण ग्रुप -1 एग्जामिनेशन सेंटर तेलंगाना में जहां पर ईयरिंग, बैंगल,पायल तो निकाल दिए जा रहे है लेकिन बुर्का पहनने पे कोई रोक नहीं
— पवन गौतम (@babaganjpawan) October 18, 2022
बहुत ही शर्मनाक है ये कृत्य तेलंगाना सरकार का ।
केसीआर जी इतनी नीचे गिरकर कबतक वर्ग विशेष का तुष्टिकरण करेंगे pic.twitter.com/Uu9gyeDd01
बंगले पर केसीआर ने खर्च किए 50 करोड़, कमरे में बुलेट प्रूफ ग्लास
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव 2016 में अपने 50 करोड़ रुपये के सपनों के घर में चले गए। जहां पुजारियों ने बुरी आत्माओं को भगाने के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण किया और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बाहर खदेड़ दिया। 100,000 वर्ग फुट का बंगला नौ एकड़ के भूखंड पर बनाया गया और सभी आधुनिक, हाई-टेक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें आधिकारिक कक्षों में बुलेट प्रूफ ग्लास और मुख्यमंत्री और उनके बेटे केटीआर का घर शामिल है। रिपोर्टों का कहना है कि स्नाइपर हमलों को रोकने के लिए बाथरूम की खिड़कियों में भी बुलेट-प्रूफ शीशे लगे हैं।
सचिवालय का ‘भूत’, वास्तु यज्ञ, न्यूमरोलॉजी का चक्कर
सीएम बनने के बाद केसीआर कभी सचिवालय नहीं गये। उन्हें किसी ने बताया कि सचिवालय का वास्तु ठीक नहीं है। इसके लिए उन्होंने 2016 में 50 करोड़ की लागत से घर पर ही एक कार्यालय बनवाया। वे कभी सचिवालय नहीं गए जबकि उनकी सरकार के अधिकारी वहीं से काम करते हैं। उन्होंने बेगमपेट में अपने कैंप ऑफिस की मरम्मत कराई और इसे 5 मंजिल ऊंचा और 6 ब्लॉक्स तक बढ़ा दिया। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि शासक को ऐसी जगह से काम करना चाहिए जो दूसरों की तुलना में ज्यादा ऊंचाई पर हो। पिछले 5 साल से केसीआर सचिवालय की बजाय अपने सरकारी आवास से काम कर रहे हैं।
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