कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के बेटे राहुल गांधी ने आज 9 अगस्त को संसद में एक ओछी हरकत कर दी। जिसको लेकर उनकी थू-थू हो रही है। राहुल की इस हरकत से हैरान वाली कोई बात नहीं, इस कटु सच्चाई को जानने के लिए हमें मोती लाल और जवाहर लाल के इतिहास को जानना होगा। लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर जारी चर्चा के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अपना संबोधन पूरा करने के बाद सदन से रवाना हो गए। लेकिन रवाना होने से पहले वो एक छिछोरी हरकत कर गए। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बेटे राहुल गांधी ने संसद से बाहर जाते समय महिला सांसदों को लक्ष्य करके फ्लाइंग किस के इशारे किए। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उनपर अभद्र इशारे करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अध्यक्ष जी एक बात पर मैं आपत्ति जाहिर करना चाहती हूं। जिनको आज मुझसे पहले बोलने का अधिकार दिया गया, उन्होंने जाते-जाते एक अभद्र लक्षण के दर्शन दिए। यह कोई अभद्र शख्स ही महिला सांसदों को फ्लाइंग किस दे सकता है। ऐसे गरिमाविहीन आचरण को इस देश के सदन में कभी नहीं देखा गया। यह उस खानदान के लक्षण हैं ये आज देश को पता चल गया।
संसद में राहुल गाँधी अपनी बात कह कर चलते बने, उनके उत्तर में स्मृति ईरानी ने क्या कहा इसे सुनने के लिए वो सदन में मौजूद नहीं थे। जहाँ राहुल गाँधी ने ‘मणिपुर में भारत माता की हत्या’ और ‘हनुमान ने लंका नहीं जलाई थी’ जैसी बातें की, वहीं स्मृति ईरानी ने उन्हें जवाब देते हुए कश्मीर में गिरिजा टिक्कू और बेंगलुरु में स्नेहलता रेड्डी के साथ हुई क्रूरता की याद दिलाई। इस दौरान स्मृति ईरानी ने राहुल गाँधी को महिला विरोधी भी करार दिया।
‘राहुल गाँधी महिला विरोधी हैं’: बिना नाम लिए स्मृति ईरानी ने साधा निशाना
स्मृति ईरानी ने कहा, “जिनको आज मुझसे पहले वक्तव्य देने का अधिकार दिया गया, उन्होंने जाते-जाते एक अभद्र लक्षण के दर्शन कराए। वो एक महिला विरोधी व्यक्ति हैं, जो संसद में फ़्लाइंग किस दे सकते हैं, वो भी जहाँ 6 महिला संसदें बैठी हुई हों। ऐसी गरिमा-विहीन आचरण को इस सदन में कभी नहीं देखा गया। ये उस खानदान के लक्षण हैं, ये आज सदन में देश को पता चल गया। लेकिन वो जहाँ गए हैं, वहाँ पर क्या हालात हैं?”
राहुल गाँधी संसद में अपना भाषण खत्म कर सीधे राजस्थान गए, जहाँ वो एक ट्राइबल रैली में शामिल हो रहे हैं। स्मृति ईरानी ने राजस्थान की मीडिया रिपोर्ट्स के हवाला देते हुए कहा कि वहाँ की कांग्रेस की सरकार देश की तिजोरी से पैसा लूट रही है। स्मृति ईरानी ने कहा कि इनका सरकार महिला-उत्थान से नहीं है, महिलाओं के बारे में वो क्या सोचते हैं इस बारे में उनके नेता ने जाते-जाते बता दिया है।
स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस के नेता का सरोकार चीन से है। केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा कि चीन में कांग्रेस पार्टी के नेता बहुत रुचि लेते हैं। उन्होंने इस दौरान बताया कि चीन में आयोजित ’31st यूनिवर्सिटी गेम्स’ में भारत को इस बार 26 (11 स्वर्ण, 5 रजत पदक) मेडल मिले और ये रिकॉर्ड हिंदुस्तान के बच्चों ने स्थापित किया। 1959 से अब तक मात्र 18 मेडल ही मिल पाए थे। स्मृति ईरानी ने कहा कि भारत माता के टुकड़ों के लिए ताली बजाने वाले भारत की उपलब्धि पर तो ताली बजा दें।
संसद में स्मृति ईरानी का पलटवार
उन्होंने कहा कि भारत माँ की हत्या पर कांग्रेस ने ताली पीट कर बता दिया है कि गद्दारी किसके मन में है। उन्होंने कहा – मणिपुर खंडित नहीं है, देश का अंग है। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस अपने गठबंधन साथी डीएमके के हटा द्वारा भारत पर दिए बयान का खंडन करे, कश्मीर पर रेफरेंडम की बात करने वाले कांग्रेस नेता की निंदा करें। उन्होंने कहा कि आप भारत नहीं हैं, क्योंकि आप भ्रष्टाचार और अयोग्यता का प्रतीक हैं। स्मृति ईरानी के अनुसार, यूपीए के नेता ने तमिलनाडु में भारत विरोधी बयान दिया।
उन्होंने याद दिलाया कि कश्मीर में राहुल गाँधी अपने परिजनों के साथ बर्फ खेल रहे थे, ये इसीलिए संभव हुआ क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद-370 को निरस्त किया। उन्होंने कहा कि इसी की वजह से कश्मीर की बेटियों को दहेज़ के लिए प्रताड़ित किया जाता था तो उन्हें कानून का सहारा नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बाहर ब्याही जाने पर उन बेटियों को पैतृक संपत्ति पर हक़ नहीं मिलता था। 14 से कम उम्र की बच्चियों का विवाह होता था तो उन्हें कानून का संरक्षण नहीं मिलता था।
स्मृति ईरानी ने इस दौरान कश्मीर में पंडितों पर अत्याचार और गिरिजा टिक्कू के साथ हुई वारदात को भी याद किया। इस दौरान राहुल गाँधी सदन से निकल कर राजस्थान से निकल गए। स्मृति ईरानी ने याद दिलाया कि कैसे कश्मीर में गिरिजा टिक्कू को आड़ी से काट डाला गया था, राजस्थान के भीलवाड़ा में बच्ची के साथ गैंगरेप कर के उसे काटा गया और भट्ठी में डाल दिया गया। उन्होंने पूछा कि आज जो जोर-चोर से चिल्ला रहे हैं, तब उन्होंने न्याय की गुहार नहीं लगाई जब पश्चिम बंगाल में 60 साल की महिला का गैंगरेप हुआ।
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