महासचिव António Guterres का शर्मनाक आचरण
सुभाष चन्द्र
यह विश्व का दुर्भाग्य है कि हमास समर्थक हमास और इजराइल के बीच लड़ाई को फिलिस्तीन के विरुद्ध बता आतंकवाद का खुले रूप से समर्थन कर रहे हैं। दूसरे, कोई यह नहीं देख रहा कि इस लड़ाई की शुरुआत हमास ने की है, ना कि इजराइल ने। यह तो वही बात हो रही कि भारत में 2014 में मोदी सरकार से पहले पिछली सरकारें आतंकवादी हमले को कभी 'हिन्दू आतंकवाद' तो कभी 'भगवा आतंकवाद' का नाम देकर आतंकवादियों को संरक्षण दिया जाता था, ठीक वही स्थिति आज है। कोई फिलिस्तीन से यह नहीं पूछ रहा कि वह अपने देश में आतंकवाद को क्यों पनाह दे रहा है? क्या इस स्थिति में फिलिस्तीन को किसी भी प्रकार की मानवीय सहायता दी जानी चाहिए, इस ज्वलंत प्रश्न पर विश्व को सोंचना होगा। तीसरे, जहां तक बेकसूर आम नागरिको के मरने की बात है, इसका जिम्मेदार इजराइल नहीं, हमास है, क्यों वह स्कूलों, हॉस्पिटल और मस्जिदों को अपना अड्डा बना रहा है?
जिस तरह UNO महासचिव António Guterres ने खुल कर हमास के इज़रायल पर हमले को समर्थन दिया है और इज़रायल के खिलाफ खड़े हो गए, उसे देख कर लगता है UNO अब Useless Nations Organisation बन चुका है - Guterres ने एक पक्ष के साथ खड़े होकर महासचिव पद की मर्यादाओं का गंभीर उल्लंघन किया है।
Guterres ने हमास के हमले के जवाब में इज़रायल द्वारा की गई गाज़ा में बमवर्षा को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया और तुरंत युद्ध रोकने के लिए कहा- उन्होंने कहा कि-
“there was no excuse for the "appalling" violence by Hamas militants on October 7 but also warned against "collective punishment" of the Palestinians.
यहां तक तो Guterres का बयान बर्दाश्त किया जा सकता था लेकिन उन्होंने जो आगे कहा वह एक घटिया और ओछी राजनीति थी जिसमें इज़रायल को ही दोषी करार देने की कोशिश की गई, उन्होंने यह कहते हुए हमास के हमले को पूरी तरह जायज बता दिया कि- “the Hamas attacks "did not happen in a vacuum" as the Palestinians have been "subjected to 56 years of suffocating occupation."
Guterres के बयान से जाहिर है इज़रायल के विदेश मंत्री Eli Cohen का क्रोध करना और उन्होंने Guterres को हर एक हमले में इज़रायली नागरिकों की किस तरह हत्या की गयी। उसका इतिहास खोल कर रखते हुए कहा "Mr Secretary-General, in what world do you live?" और Guterres के बयान के लिए उनका इस्तीफा माँगा।
His remarks infuriated Israeli Foreign Minister Eli Cohen who, pointing his finger at Guterres and raising his voice, recounted graphic accounts of civilians including young children killed in the deadliest single attack in Israeli history.
Cohen said - "Mr Secretary-General, in what world do you live?" Rejecting tying the violence to the occupation, Cohen said Israel gave Gaza to the Palestinians "to the last millimeter" with its withdrawal in 2005.
UNO में इज़रायल के राजदूत Gilad Erdan ने Guterres का त्यागपत्र मांग कर कोई गलती नहीं की क्योंकि उन्होंने सही कहा कि Guterres has "expressed an understanding for terrorism and murder."
कुछ दिन पहले UN Geneva ने X पर ट्वीट कर लिखा था कि Even War Has Rules जिसके जवाब में इज़रायल ने लिखा था Even Israel Has Right to Live -
Guterres ने फिलिस्तीन की आड़ में हमास का समर्थन किया है और दुनिया भर में लोग दोनों को एक साथ जोड़ कर ही देखते हैं जबकि फिलिस्तीन के राष्ट्रपति Mahmoud Abbas ने कहा है कि हमास फिलिस्तीन का प्रतिनिधित्व नहीं करता - फिलिस्तीन का प्रतिनिधित्व करने वाला PLO संगठन था।
तो पहले दुनिया भर में इस बात पर फैसला होना चाहिए कि हमास और फिलिस्तीन के संबंध आखिर हैं क्या ? यदि इन दोनों के कोई संबंध नहीं हैं तो गाज़ा समेत फिलिस्तीन के अंदर तक हमास के लोग कैसे घुसे रहते हैं - Mahmoud Abbas आज कुछ भी कहें लेकिन सत्य यही है कि फिलिस्तीन अपने आप तो इज़रायल से लड़ने की सोच भी नहीं सकता और उसके लिए यह काम हमास करता है।
ईरान और चीन दूर बैठ कर इस युद्ध को ईसाई / यहूदी बनाम इस्लाम बनाने की कोशिश में लगे है और साथ दे रहा है, रूस भी क्योंकि सभी का निशाना अमेरिका है। फिलिस्तीन की आड़ में हमास को समर्थन देने वाले देशों को सोचना होगा कि उन सभी के यहां हमास पल रहा है। जो चिंगारी हमास ने इज़रायल में लगाईं है, वह किसी भी देश में लगा सकते है। बेहतर होगा अपने अपने देश की चिंता करे।

No comments:
Post a Comment