दिल्ली और एनसीआर भयंकर वायु प्रदूषण की चपेट में है। लोगों को सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। दिल्ली की इस बदहाली के लिए वह सभी जिम्मेदार हैं, जिन्होंने फ्री की रेवड़ियों के लालच में आम आदमी पार्टी को वोट दिया। इन लालचियों ने इतना भी नहीं सोंचा कि चूहेदान में रोटी क्यों लगाई जाती है? क्या पंजाब में पहली बार पराली जल रही है? दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने से कांग्रेस, जनसंघ(वर्तमान बीजेपी), जनता पार्टी आदि पार्टियों ने राज किया, लेकिन जितनी दुर्गति अरविन्द केजरीवाल सरकार बनने पर हो रही है, किसी अन्य पार्टी के राज में नहीं हुई। इसीलिए दिल्ली की दुर्गति के लिए आम आदमी पार्टी से ज्यादा जिम्मेदार वह मतदाता हैं, जिन्होंने फ्री रेवड़ियों के जाल में फंस आम आदमी पार्टी को वोट दिया। अभी भी अगर दिल्लीवासियों ने अपनी आंखे नहीं खोली, फिर कब इनकी आंखें खुलेंगी या कौन खोलेगा, यह तो परमपिता परमेश्वर ही जानता है। क्योकि लालची को समझाना बहुत मुश्किल है।
दिल्ली की केजरीवाल सरकार के तमाम दावे धरे के धरे रह गए हैं। केजरीवाल ने खोखले और झूठे वादे कर दिल्ली के लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया है। वहीं पंजाब में पराली जलाने के मामले रुक नहीं रहे हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को गंभीरता से लिया है। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण और पराली जलाने के मामले पर सुनवाई के दौरान दिल्ली और पंजाब सरकार की दलीलों से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने जमकर फटकार लगाई। इस दौरान कोर्ट ने पंजाब की भगवंत मान सरकार को पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि पराली पर सिर्फ दोषारोपण हो रहा है। राजनीति छोड़कर प्रदूषण को रोकने पर ध्यान देने की जरूरत है।
अब तो माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया।
— Ankit Bhardwaj (@iAnkitbhardwaj2) November 7, 2023
आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार को।
ओर कितना झूठ बोलोगे।
केजरीवाल जी, भगवत मान जी ।@ArvindKejriwal
--------------------------------@mlkhattar @mssirsa @tarunchughbjp @KapilMishra_IND @jawaharyadavbjp @Rajbirrohilla pic.twitter.com/yzECy2PZT0
दिल्ली और पंजाब सरकार पराली पर सिर्फ राजनीति कर रही है- कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट को भी पता चल गया है कि दिल्ली और पंजाब सरकार प्रदूषण और पराली पर सिर्फ राजनीति कर रही है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय किशन कौल ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि दिल्ली में साल दर साल ये नहीं हो सकता। सब कुछ पेपर पर ही चल रहा है। खुद मैंने देखा है कि पंजाब में सड़क के दोनों तरफ पराली जलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्यों को प्रदूषण को कम करने के लिए एक साथ आने की जरूरत है। जनता को स्वस्थ हवा में सांस लेने का हक है और स्वस्थ हवा प्रदान करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। जस्टिस कौल ने कहा कि प्रदूषण पर राजनीतिक लड़ाई नहीं हो सकती। राजनीतिक ब्लेम गेम को रोकें। ये लोगों के स्वास्थ्य की हत्या के समान है।
सुप्रीम कोर्ट पंजाब सरकार पर हुआ सख्त कहा हम नहीं जानते आप कैसे करेंगे पर इसे तत्काल रोकिए। रोक लगाइये..
— Utkarsh Singh (@utkarshs88) November 7, 2023
अगर मैं बुलडोजर चलाऊंगा तो 15 दिनों तक नहीं रुकूंगा- कोर्ट
पंजाब सरकार के वकील ने दलील दी थी कि हम पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए कदम उठा रहे हैं। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने भी ऐसा ही जवाब दिया कि वह प्रदूषण कम करने पर काम कर रही है। इस दलील से नाराज होकर जस्टिस कौल ने कहा कि अगर मैं बुलडोजर चलाऊंगा तो 15 दिनों तक नहीं रुकूंगा। जस्टिस कौल ने कहा कि हम नहीं जानते हैं कि आप कैसे रोक लगाएंगे। लेकिन इस पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है। पराली जलाने की घटना बंद होनी चाहिए। यहां हर कोई एक्सपर्ट हैं, लेकिन समाधान किसी के पास नहीं है। सबसे ज्यादा जरूरी है कि राज्य सरकार द्वारा प्रदूषण को रोकने के लिए बनाए गए नियमों को सख्ती से लागू करना और उसका पालन होते हुए दिखना चाहिए।
पराली जलने और बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां-
— Shehla J (@Shehl) November 7, 2023
कोर्ट ने पंजाब सरकार को कहा कि वो पराली जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगवाए।
हमारा बुलडोज़र चलेगा तो फिर रुकेगा नहीं
कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि स्मॉग टॉवर दोबारा काम करना कब शुरू करेगा। #pollution
“सुप्रीम कोर्ट का निर्देश केजरीवाल के चेहरे पर थप्पण की तरह है”
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद दिल्ली के सीएम केजरीवाल पर हमला शुरू हो चुका है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को एक तमाचा करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया ‘X’ लिखा कि यह अरविंद केजरीवाल के चेहरे पर एक थप्पण की तरह है। उन्होंने आगे कहा कि उम्मीद है कि केजरीवाल अब पंजाब और दिल्ली में अपनी सरकार को छोड़कर बाकी सभी को दोष देना बंद कर देंगे। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति की अक्षमता के कारण दिल्ली-एनसीआर में लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं, जिससे दिल्ली को गैस चैंबर में बदल दिया है।
This is like a slap on Arvind Kejriwal’s face. Will be now stop blaming everyone under the sun, except his own Govt in Punjab and Delhi. People in Delhi-NCR are forced to inhale poisonous air because of one man’s incompetence, who has reduced Delhi to a gas chamber. https://t.co/TZRBGAw606
— Amit Malviya (@amitmalviya) November 7, 2023
पंजाब में थम नहीं रहे पराली जलाने के मामले, 24 घंटे में 2060 मामले
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण की वजह से लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। दिल्ली में सोमवार की शाम 4 बजे औसत AQI 423 (गंभीर) दर्ज किया गया। प्रदूषण के गंभीर हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने फिर से ऑड-ईवन स्कीम को लागू करने की घोषणा की, जो 13 से 20 नवंबर तक लागू किया जाएगा। लेकिन पंजाब में पराली जलाने के मामले रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं। पराली पर रोक लगाने के पंजाब सरकार के तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं। पंजाब में पिछले 24 घंटे में पराली जलाने के 2060 मामले सामने आए हैं। वहीं पिछले 9 दिनों में पंजाब पराली जलाने के 15000 से अधिक मामले आ चुके हैं। इस साल पंजाब में पराली जलाने का आंकड़ा 19463 के पार पहुंच गया है।
#WATCH पंजाब: फ़िज़ोरपुर में किसानों ने पराली जलाई।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 7, 2023
(वीडियो ममदोट क्षेत्र की है) pic.twitter.com/Tfxx5IENLV

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