नीतीश को निपटाने के लिए ममता-केजरीवाल ने फेंका खड़गे वाला पत्ता… : INDI गठबंधन को न नेता मिला, न नीति

INDI गठबंधन की दिल्ली मीटिंग में PM पद के लिए सुझाया गया मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम (साभार- न्यू इंडियन एक्सप्रेस)
साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों को ले कर I.N.D.I. गठबंधन ने मंगलवार (19 दिसंबर, 2023) को दिल्ली में बैठक की। इस बैठक में I.N.D.I. गठबंधन के संयोजक का नाम नहीं तय हो पाया है। इसी बैठक में ममता बनर्जी और अरविन्द केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पद के लिए I.N.D.I. गठबंधन की तरफ से मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम प्रस्तावित किया था। हालाँकि, इस मामले में भी कोई आम सहमति नहीं बन पाई। फिर भी इस गठबंधन के घटक दल इस बैठक को सफल बता रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, कुछ पार्टियां खड़के के नाम से सहमत नहीं। असहमत पार्टियों का मानना कि मनमोहन सिंह के बाद खड़के को प्रधानमंत्री बनाना प्रत्यक्ष रूप से गाँधी परिवार की जी-हजूरी वाला प्रधानमंत्री थोपना। अन्य दलों की बात नहीं सुनी जाएगी। खड़के का नाम अनुमोदित कर ममता और केजरीवाल ने अप्रत्यक्ष रूप से नीतीश के नीचे से चादर खींझ दी है। हकीकत यह सामने आ रही है कि गैर-कांग्रेसी कांग्रेस से अलग नाम चाहते हैं। या दूसरे शब्दों में कह जाए कि मोदी को हराने से पहले ही विपक्ष खुद हार जायेगा। क्योकि जहाँ भी कांग्रेस जीतती है, पार्टी नहीं उम्मीदवार अपने काम के भरोसे जीतता है, पार्टी तो बस एक नाम है। 

उनकी तरफ से सीट शेयरिंग जैसे मुद्दों पर 20 दिनों के अंदर आम सहमति बनने की भी आशा जताई गई है। हालाँकि, कांग्रेस के मुताबिक, 25 से 26 पार्टियों का जमघट होने के चलते अभी किसी मामले में अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक के दौरान I.N.D.I. गठबंधन की तरफ से प्रधानमंत्री पद के लिए नाम पर चर्चा हुई। इस पद के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम प्रस्तावित किया। बताया जा रहा है कि खुद खड़गे ने इस प्रस्ताव पर रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने केजरीवाल और ममता से फिलहाल चुनाव पर ध्यान देने के लिए कहा।

I.N.D.I. गठबंधन की सभी घटक पार्टियों ने 30 जनवरी से एक साथ चुनाव प्रचार की भी घोषणा की है। राहुल गाँधी की मौजूदगी में हुई इस सभा के दौरान 141 सांसदों के निलंबन की भी निंदा हुई।

इस मीटिंग से निकलने के बाद कांग्रेस महासचिव और सांसद के सी वेणुगोपाल ने मीडिया से बात की। उन्होंने इसे एक सफल मीटिंग बताया और कहा कि सभा के दौरान सभी पार्टियों ने खुल कर अपने विचार रखे। हालाँकि उन्होंने यह भी माना कि 25-26 पार्टियों के जमघट की वजह से थोड़े-बहुत मनमुटाव भी सामने आए। वेणुगोपाल के मुताबिक मुख्य फोकस सीटों के बँटवारे पर रहा लेकिन सभी चीजें एक साथ ही तय नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सीटों के बँटवारे पर बातचीत तुरंत शुरू करने की जरूरत है। वेणुगोपाल ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि I.N.D.I. गठबंधन की अगली मीटिंग कब होगी।

इसी मीटिंग से निकल कर RJD सांसद मनोज झा ने भी मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि मीटिंग में बहुत साफ़-साफ बातें हुईं। बकौल झा, 20 दिनों के अंदर सीटों का बँटवारा और बड़े स्तर पर लोगों से जनसम्पर्क का काम शुरू हो जाएगा। हालाँकि, मनोज झा ने बताया कि I.N.D.I. गठबंधन का संयोजक बनाने को ले कर मीटिंग में कोई बात नहीं हुई है।

इस से पहले सितंबर 2023 को INDI गठबंधन की मीटिंग मुंबई में हुई थी। तब मीटिंग के पहले दिन विभिन्न पार्टियों के 63 नेताओं ने इसमें हिस्सेदारी की थी। इस मीटिंग में मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी पार्टियों से समन्वय समिति बनाने के लिए सभी पार्टियों से एक-एक नाम देने की अपील की थी। इसी मीटिंग में अरविन्द केजरीवाल ने सितंबर माह के अंत तक ही सीटों के बँटवारे की उम्मीद जताई थी।

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