चुनाव आयोग को जो शिकायत मैंने 8 जून को भेजी थी जिसमें कांग्रेस के गारंटी कार्ड से रिश्वत देकर वोट लेने का मुद्दा उठाया था, वह शिकायत बहुत से अन्य साथियों ने भी भेजी थी। मुझे चुनाव आयोग ने सूचित किया था।
“Your complaint has been submitted successfully on 2024-06-08T15:13:32 and the Reference number is NGS24N080624963076. Thanks, ECI”
![]() |
लेखक चर्चित YouTuber |
फ़ोन नंबर
राज्य का नाम
जिले का नाम
विधानसभा चुनाव क्षेत्र
अब वह शिकायत देखा जाए तो भेजने वाले ने खुद के किसी मामले या अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए नहीं भेजी है। वह शिकायत कांग्रेस द्वारा रिश्वत देकर वोट लेने के बारे में है और इसलिए जो सूचना चुनाव आयोग मांग रहा है वह किसी तरह शिकायत से संबंधित नहीं है।
आयोग को चाहिए कि ऐसी भेजी गई करीब 100 शिकायतों पर जांच करे और रिश्वत देकर वोट लेने वालों के चुनाव रद्द करे बजाय इसके कि बेकार सूचना मांगता रहे। इस तरह आयोग की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लग जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के एक वकील विभोर आनंद ने भी आयोग में मामला भेजा है। सब पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
अवलोकन करें:-

जिन साथियों से ऐसी सूचना मांगी है आयोग ने, वे आयोग को एक मेल और भेज कर कह दें कि “आपके द्वारा अपेक्षित सूचना मेरी शिकायत पर ध्यान देने के लिए आवश्यक नहीं है, कृपया इस पर जोर न दिया जाए”।
अब तक कोई मुस्लिम समर्थक कांग्रेस की इस धोखाधड़ी के खिलाफ मुंह तक नहीं खोला, क्यों? क्या यह मुसलमानों की खुलेआम बेइज्जती है। क्या मुस्लिम समर्थक इसी तरह मुस्लिमों की बेइज्जती बर्दाश्त करता रहेगा? सारे मौलाना, मुस्लिम बुद्धिजीवी और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जो मुसलमानों को कांग्रेस को एक मुश्त वोट देने के कह रहे थे, क्या कांग्रेस से कीमत ले मुसलमानों को पागल बनाया था? अगर अभी भी मुस्लिम समाज अपने मजहबी ठेकेदारों से जवाब मांगेगे या गुलाम बन उनके हुकुम की तामील करते रहेंगे?
No comments:
Post a Comment