फर्जी आधार कार्ड के साथ कासिम, मोनिस और शोएब… संसद में घुसपैठ करते CISF ने पकड़ा : पूछताछ में जुटी दिल्ली पुलिस

लोकसभा चुनावों में नतीजे आने के बाद संसद में घुसपैठ की कोशिश का मामला सामने आया है। आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि संसद परिसर में प्रवेश करने का प्रयास करते हुए तीन मजदूरों को CISF कर्मियों ने पकड़ा और बाद में इनकी गिरफ्तारी हुई।

पुलिस को इन्हे फर्जी आधार कार्ड बनाने और कार्ड बनवाने वालों को भी गिरफ्त में लेना चाहिए। ऐसे पता नहीं कितनों को फर्जी आधार कार्ड दिए होंगे। यह बहुत गंभीर मामला है। 

इन तीनों के नाम कासिम, मोनिस और सोएब है। इनके खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी से संबंधित आईपीसी धाराएँ लगाई गई हैं। खबरों के अनुसार, इन तीनों की गिरफ्तारी उस समय हुई जब तीनों नियमित सुरक्षा और पहचान जाँच के दौरान संसद भवन के फ्लैप गेट एंट्री से घुस रहे थे। इसी बीच सीआईएसएफ कर्मियों को इनकी एक्टिविटी संदिग्ध लगी।

सीआईएसएफ कर्मियों ने तीनों को रोका और हिरासत में लिया जाँच हुई तो ये भी सामने आया कि उन लोगों के आधार कार्ड जाली थे और तीनों ही डीवी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड में कार्यरत थे, जिसे संसदर परिसर के अंदर सांसदों के लिए लाउंज बनाने का ठेका दिया गया है।

 सीआईएसएफ ने तीनों को दिल्ली पुलिस को सौंप दिया है। उन्होंने इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली है और आईपीसी की धाराओं 465, 419, 120 बी, 471, 468 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

साल 2023 में भी संसद में सुरक्षा चूक का मामला सामने आया था, जिस पर हाल की खबरें बताती हैं कि उस केस के 6 आरोपितों के विरुद्ध गैरकानूनी गतिविधिया रोकथाम अधिनियम के तहत केस चलेगा। इन 6 आरोपितों के नाम  ललित झा, सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल धनराज शिंदे, नीलम रानोलिया और महेश कुमावत हैं।

इन लोगों ने संसद में उपद्रव मचाने के लिए कई समय से प्लानिंग की थीं। इसके अलावा इन्होंने एक मोची से विशेष जूते बनवाए थे जिनके तलवे में 2.5 इंच गहरी जगह थी। ये लोग धुएँ के केन इसी स्पेस में छिपाकर संसद में लाए थे। हालाँकि सांसदों की तेजी के बाद ये सारे पकड़ लिए गए और इनके पास से पर्चे बरामद हुए थे जिनपर प्रधानमंत्री के लापता होने जैसी बात लिखी थी।

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