मीलॉर्ड, हिन्दुस्थान कोई आपके बाप की जागीर नहीं है जिसके टुकड़े टुकड़े काट कर आप घुसपैठियों में बांट रहे हैं; भारत का संविधान भारतीयों के लिए है, बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं के लिए नहीं

सुभाष चन्द्र 

मीलॉर्ड एक आदेश पारित कर दीजिए कि बांग्लादेश के और रोहिंग्या या किसी अन्य देश से लोग अगर घुसपैठ करके आते हैं तो भारत की भूमि पर कब्ज़ा करना, उस पर अनधिकृत बस्तियां बनाना, सरकार से सभी सुविधाएं पाने का “मौलिक अधिकार” होगा और कोई भी सरकार उनके लिए नए घर बनाए बिना उनकी बस्तियां नहीं हटा सकेगी। साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और अन्य पड़ोसी देशों को कह दीजिए, जितने मर्जी लोग घुसपैठ करा कर भेज दो, हम सबको सभी सुविधाएं देंगे और कल को भारत के नागरिक भी बना देंगे

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यही किया है जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जवल भुयान और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने जो बनफूल पुरा (हल्द्वानी) के 4365 परिवारों को 78 एकड़ भूमि से हटाने से पहले केंद्र और राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि पहले इन परिवारों के पुनर्वास के लिए प्लान कोर्ट में दीजिए क्योंकि यह करुणा दिखाने का मामला है कोर्ट ने कहा कि इस भूमि पर रेलवे ने दावा किया है कि यह उसकी है, मतलब अब रेलवे पर भी भरोसा नहीं है

मतलब 50,000 लोगों को पहले बसाने का काम करे सरकार रेलवे की लाखों एकड़ भूमि पर ऐसे ही घुसपैठियों ने अवैध कब्जे किये हुए है और अगर सभी को सरकार जमीन या घर देगी तो देश की आधी भूमि तो ये लोग ही हथिया लेंगे यानी यह एक और “वक्फ बोर्ड” बना देगा सुप्रीम लैंड जिहाद करने के लिए

पिछले दिनों अकबरनगर लखनऊ में भी 1320 अनधिकृत मकानों और भवनों को गिराने से पहले सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें प्रधानमंत्री आवासीय योजना में वैकल्पिक घर देने के आदेश दिए थे वहां भी अधिकांश लोग घुसपैठिए थे मतलब प्रधानमंत्री आवासीय योजना भारतीय लोगों को नहीं बल्कि घुसपैठियों को घर देने का काम करेगी और देश इन घुसपैठियों के कब्जे में चला जाएगा एक अनुमान के अनुसार भारत में करीब 6 करोड़ बांग्लादेश के और रोहिंग्या घुसपैठिये है जिन्हे अनधिकृत रूप से बसा कर दंगे कराए जाते हैं और अन्य अपराध कराए जाते हैं

बनफूल पुरा में ऐसी करुणा दिखाते हुए मीलॉर्ड आप भूल गए कि वहां 8 फरवरी 2024 को जबरदस्त दंगा किया था उन लोगों ने जिन पर आप अपनी ममता लुटा रहे हो और उनका रिंग लीडर था करोड़ों का मालिक अब्दुल मलिक जिस पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए 2.44 करोड़ की वसूली का नोटिस दिया है सरकार ने उस नोटिस को आप रद्द कर दीजिए और उसे सभी आरोपों से बरी कर दीजिए अगर ऐसा रवैय्या है आपका

वर्ष 2020 में दिल्ली के 48,000 structures को गिराने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हजारों की संख्या में लोगों को बिना उनके जीने के अधिकार को ध्यान में रखे बिना ऐसे ही नहीं हटाया जा सकता और उनकी basic human dignity and a roof over their head के अधिकार की रक्षा करनी जरूरी है यह दृष्टिकोण इन जजों का हर मामले में रहता है

ये लोग तो हज़ारों की संख्या में घुसपैठ कर बस्तियां बना लेते है लेकिन मीलॉर्ड याद रखिए भारत  का संविधान भारतीयों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए है न कि विदेशी घुसपैठियों  के लिए 

मीलॉर्ड, हिन्दुस्थान कोई आपके बाप की जागीर नहीं है जिसके टुकड़े टुकड़े काट कर आप घुसपैठियों में बांट रहे हैं, ऐसा करने का आपको अधिकार नहीं हैं आप तो वोट बैंक जोड़ने वाले राजनीतिक दलों की मदद कर रहे हो देश के टुकड़े करने में

अगर आपकी छातियों से इतना दूध फूट कर बाहर आ रहा है इन बांग्लादेश के और रोहिंग्याओं के लिए तो अपनी अपनी जमीन उनको दे दीजिए जिस पर वो अपने आशियाने बना सकें 

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