उत्तर प्रदेश : ट्रेन पलटाने के लिए ट्रैक पर रख दिया लकड़ी का लट्ठा, 2 गिरफ्तारों में ‘किसान नेता’ देव सिंह राजपूत भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के कमलेश कुमार का बेटा भी

गिरफ्तार आरोपित देव सिंह और मोंटी (बाएँ) और इंजन में फंसा लकड़ी का टुकड़ा (दाएँ) (चित्र साभार; TOI & SachinguptaUP)
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में ट्रेन की पटरी पर लकड़ी का लट्ठा रखने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक युवक एक किसान नेता का बेटा है। इनकी इस कारस्तानी से एक रेल दुर्घटना होते-होते बची थी। इन दोनों की गिरफ्तारी तब हुई है, जब हाल ही में एक पाकिस्तानी आतंकी ने भारत के भीतर ट्रेनों को पलटाने के मंसूबों पर बात की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे एक गंभीर मुद्दा बताया है और कहा है कि यह गंभीर चलन है।
1965 इंडो-पाक के दौरान चर्चित गायक मौ रफ़ी का एक गैर फ़िल्मी गीत "कहनी है एक बात हमें इस देश के पहरेदारों से संभल के रहना अपने घर में छुपे हुए गद्दारों से ..." उस समय ही चर्चित नहीं था, आज 59 वर्षों बाद भी याद आ रहा है। देश के दुश्मनों से लड़ना आसान है, लेकिन घर में छिपे गद्दारों से बहुत मुश्किल।   

फर्रुखाबाद पुलिस ने रेल पटरी पर लकड़ी रखने वाले दो युवक देव सिंह राजपूत और मोंटी कश्यप को गिरफ्तार किया है। इनमें से देव सिंह राजपूत भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के नेता कमलेश कुमार का बेटा है। दोनों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह प्रसिद्धि पाने के लिए लकड़ी रख ट्रेन पलटना चाहते थे।

दोनों ने 24 अगस्त, 2024 की रात को कासगंज-फर्रुखाबाद रेल लाइन पर लड़की का बोटा डाला था। इन दोनों ने शराब के नशे में यह काम किया था। बताया गया कि फर्रुखाबाद के भटासा हालत के पास इन्होने यह बोटा डाला था। यहाँ पर पहले आम के कुछ पेड़ गिरे थे, जिनकी लड़की यहीं पड़ी थी। इसी में एक बड़ा टुकड़ा उठा कर इन दोनों ने पटरी पर डाल दिया था।

इसके कुछ ही देर के बाद यहाँ से एक रेलगाड़ी भी गुजरी। इस रेलगाड़ी के इंजन में यह लकड़ी का टुकडा टकरा के फंस गया था। लोको पायलट ने ट्रेन को बचाने के लिए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए थे। इसके बाद इंजन से इसे निकाल कर ट्रेन को आगे रवाना किया गया था। इस दौरान बड़ा हादसा होने से बचा था क्योंकि इस रेलगाड़ी में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे।

घटना के बाद पुलिस ने इस मामले की जाँच चालू की थी। जाँच में सामने आया था कि अरियारा गाँव के निवासी इन दोनों युवकों का यह कारनामा है। इन दोनों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि यह प्रसिद्धि पाने के लिए ट्रेन पलटना चाहते थे और जब ऐसा नहीं हुआ तो यह दिल्ली भागने वाले थे। हालाँकि, यह पहले ही गिरफ्त में आ गए।

 यह साजिश ऐसे समय में सामने आई है जब पाकिस्तानी आतंकी फरहतुल्लाह गोरी ने अपने स्लीपर सेल से ट्रेनों को निशाना बनाने को कहा है। फरहतुल्लाह गोरी ने एक वीडियो जारी करके भारत में ट्रेनों को पलटने के लिए प्रेशर कुकर बम और अन्य तरीके अपनाने को कहा है। गोरी ने ट्रेनों के अलावा पेट्रोलियम पाइपलाइनों को निशाना बनाने को भी कहा है।

उसके बयान के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हो गई हैं। रेल मंत्रालय भी ऐसी घटनाओं पर नजर बनाए हुए है और जाँच भी कर रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसको लेकर कहा, “यह एक गंभीर मुद्दा है, हम हर घटना की विस्तृत जाँच कर रहे हैं। कई घटनाओं में एक चिंताजनक चलन दिख रहा है। रेलवे कोई आरोप-प्रत्यारोप का विषय नहीं है। रेलवे और रक्षा ऐसी संस्था हैं जो राजनीति के ऊपर हैं। इसमें कहीं पर कोई भी नकारात्मक घटना होती है तो इस पर सरकार, विपक्ष और मीडिया को साथ आना चाहिए। हम रेलवे को सामान्यतः चलाने का प्रयास कर रहे हैं।”

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फर्रुखाबाद के अलावा अलीगढ़ और राजस्थान में भी रेल पटरियों पर सीमेंट के ब्लॉक और पहिया रखने की घटनाएँ सामने आई थीं। राजस्थान में वन्दे भारत ट्रेन पलटने की साजिश की जा रही थी। वहीं अलीगढ़ वाले मामले में अहसान नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया गया था।

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