जम्मू कश्मीर के कश्मीर में एक तरफ जहां मुसलमान टेस्ट पर हैं, वहां जम्मू में हिंदुओं की परीक्षा है

सुभाष चन्द्र  

जम्मू कश्मीर के चुनावों में कांग्रेस और फ़ारूक़ की NC ने गठबंधन किया है और यह गठबंधन देश के लिए बहुत बड़े खतरे की घंटी है क्योंकि दोनों दल पकिस्तान परस्त हैं और चीन की गुलामी करते हैं और ये दोनों दल इन दोनों देशों की 370 वापस लेने के लिए मदद मांगते फिरते हैं। NC और PDP की महबूबा दोनों ने पाकिस्तान से व्यापार करना अपने अपने चुनाव घोषणा पत्र पर कहा है और यह इनसे उम्मीद भी की जा सकती है 

मतलब ये सब मिलकर Syed Ali Shah Geelani का नारा लगाना चाहते हैं - “मेरी जान, मेरी जान, पाकिस्तान पाकिस्तान’

चुनाव में पाकिस्तान की कोशिश रहेगी कि किसी तरह कांग्रेस-NC की जोड़ी सत्ता में आए जिससे नरेंद्र मोदी और उसकी सरकार की पकड़ सूबे में कमजोर की जा सके और अस्थिरता का माहौल पैदा किया जा सके

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कश्मीरी आवाम को मोदी ने 370 हटाने के बाद वो सब दिया जो उन्हें चाहिए था, ऐसा विकास किया जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था इस विकास का सबसे बड़ा Beneficiary कश्मीर का मुसलमान रहा है लेकिन सवाल यह है कि क्या वह इस विकास के लिए मोदी को वोट करेगा? पूरे देश में लोकसभा चुनाव को देखते हुए ऐसा तो नहीं लगता क्योंकि मुसलमान सब कुछ लेना तो चाहता है मगर वोट मोदी को हटाने के लिए ही देगा 

यही परीक्षा है घाटी के मुसलमानों की है - “कि उन्हें आज का विकास कायम चाहिए और बढ़ते tourists चाहिए कश्मीर में जिनसे वह पैसा कमा रहा है या एक बार फिर डल लेक में खून का पानी चाहिए एक बार सोचें कि कभी राहुल गांधी और उसका परिवार 35 साल में तिरंगा फहराने आया था लेकिन अबकी बार आया और मौज मस्ती करके गया G20 का टूरिस्ट सम्मेलन कभी सोचा था कश्मीर में हो सकता है लेकिन हुआ, और भी बहुत काम हुए कश्मीर में लेकिन मुझे उन लोगों से उम्मीद नहीं है

एक तरफ राहुल गांधी हल्ला ठोक रहा है SC/ST/OBC के लिए और दूसरी तरफ वह उस पार्टी NC के साथ है जो इन सभी का आरक्षण ख़त्म करना चाहती है राहुल गांधी तो हिन्दू धर्म को ही कुचल देना चाहता है और इसलिए वह Shankaracharya Hill का नाम  "Takht-e-Suleiman" और Hari Parbat का "Koh-e-Maran" कर देना चाहता है और एक बार कश्मीर को 20 साल पीछे ले जाएगा ये दोनों जगह हिंदुओं की आस्था से जुड़ी हैं और नेहरू की तरह उन पर ही प्रहार करना चाहता है 

ऐसे ही परीक्षा जम्मू प्रांत के हिंदुओं की है पिछली बार 1990 में जब कश्मीर से हिंदुओं को खदेड़ा गया था, उन पर अत्याचार और उनकी बेटियों से दुष्कर्म किया गया था, तब मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला था और अबकी बार फिर सत्ता में आना चाहता है वो मंजर फ़ारूक़ अब्दुल्ला अबकी बार कांग्रेस के राहुल गांधी के साथ जम्मू में भी दोहराएगा

जम्मू की 43 सीट हैं और कश्मीर की 47 - जम्मू के हिंदुओं को आज की बांग्लादेश के हिंदुओं की दुर्दशा देख लेनी चाहिए जिस पर राहुल गांधी, फ़ारूक़, महबूबा और पूरा इंडी गठबंधन की ख़ामोशी को देख समझ लेना चाहिए कि ये सब लोग मिल कर जम्मू से भी भी हिंदुओं को खदेड़ देंगे जम्मू वाले चाहें तो 43 सीट भाजपा को देकर सूबे का पहला हिन्दू मुख्यमंत्री बना सकते हैं लेकिन उसके लिए कल होने वाले अनिष्ट का डर हर किसी के मन में  होना जरूरी है कांग्रेस, NC और PDP को एक वोट भी किसी हिंदू का जम्मू से नहीं मिलना चाहिए

सावधानी बरतने में ही अपनी सुरक्षा है वरना कल बहुत पछताना पड़ेगा अगर हिंदू अबकी बार चूक गए तो उन्हें फिर भगवान भी नहीं बचा सकेगा, और मुसलमानों को भी अंधेरे में गिरने से कोई नहीं बचा सकता

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