जम्मू कश्मीर के चुनावों में कांग्रेस और फ़ारूक़ की NC ने गठबंधन किया है और यह गठबंधन देश के लिए बहुत बड़े खतरे की घंटी है क्योंकि दोनों दल पकिस्तान परस्त हैं और चीन की गुलामी करते हैं और ये दोनों दल इन दोनों देशों की 370 वापस लेने के लिए मदद मांगते फिरते हैं। NC और PDP की महबूबा दोनों ने पाकिस्तान से व्यापार करना अपने अपने चुनाव घोषणा पत्र पर कहा है और यह इनसे उम्मीद भी की जा सकती है।
मतलब ये सब मिलकर Syed Ali Shah Geelani का नारा लगाना चाहते हैं - “मेरी जान, मेरी जान, पाकिस्तान पाकिस्तान’।
चुनाव में पाकिस्तान की कोशिश रहेगी कि किसी तरह कांग्रेस-NC की जोड़ी सत्ता में आए जिससे नरेंद्र मोदी और उसकी सरकार की पकड़ सूबे में कमजोर की जा सके और अस्थिरता का माहौल पैदा किया जा सके।
![]() |
लेखक चर्चित YouTuber |
यही परीक्षा है घाटी के मुसलमानों की है - “कि उन्हें आज का विकास कायम चाहिए और बढ़ते tourists चाहिए कश्मीर में जिनसे वह पैसा कमा रहा है या एक बार फिर डल लेक में खून का पानी चाहिए। एक बार सोचें कि कभी राहुल गांधी और उसका परिवार 35 साल में तिरंगा फहराने आया था लेकिन अबकी बार आया और मौज मस्ती करके गया। G20 का टूरिस्ट सम्मेलन कभी सोचा था कश्मीर में हो सकता है लेकिन हुआ, और भी बहुत काम हुए कश्मीर में लेकिन मुझे उन लोगों से उम्मीद नहीं है।
एक तरफ राहुल गांधी हल्ला ठोक रहा है SC/ST/OBC के लिए और दूसरी तरफ वह उस पार्टी NC के साथ है जो इन सभी का आरक्षण ख़त्म करना चाहती है। राहुल गांधी तो हिन्दू धर्म को ही कुचल देना चाहता है और इसलिए वह Shankaracharya Hill का नाम "Takht-e-Suleiman" और Hari Parbat का "Koh-e-Maran" कर देना चाहता है और एक बार कश्मीर को 20 साल पीछे ले जाएगा। ये दोनों जगह हिंदुओं की आस्था से जुड़ी हैं और नेहरू की तरह उन पर ही प्रहार करना चाहता है।
ऐसे ही परीक्षा जम्मू प्रांत के हिंदुओं की है। पिछली बार 1990 में जब कश्मीर से हिंदुओं को खदेड़ा गया था, उन पर अत्याचार और उनकी बेटियों से दुष्कर्म किया गया था, तब मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला था और अबकी बार फिर सत्ता में आना चाहता है। वो मंजर फ़ारूक़ अब्दुल्ला अबकी बार कांग्रेस के राहुल गांधी के साथ जम्मू में भी दोहराएगा।
जम्मू की 43 सीट हैं और कश्मीर की 47 - जम्मू के हिंदुओं को आज की बांग्लादेश के हिंदुओं की दुर्दशा देख लेनी चाहिए जिस पर राहुल गांधी, फ़ारूक़, महबूबा और पूरा इंडी गठबंधन की ख़ामोशी को देख समझ लेना चाहिए कि ये सब लोग मिल कर जम्मू से भी भी हिंदुओं को खदेड़ देंगे। जम्मू वाले चाहें तो 43 सीट भाजपा को देकर सूबे का पहला हिन्दू मुख्यमंत्री बना सकते हैं लेकिन उसके लिए कल होने वाले अनिष्ट का डर हर किसी के मन में होना जरूरी है। कांग्रेस, NC और PDP को एक वोट भी किसी हिंदू का जम्मू से नहीं मिलना चाहिए।
सावधानी बरतने में ही अपनी सुरक्षा है वरना कल बहुत पछताना पड़ेगा। अगर हिंदू अबकी बार चूक गए तो उन्हें फिर भगवान भी नहीं बचा सकेगा, और मुसलमानों को भी अंधेरे में गिरने से कोई नहीं बचा सकता।
No comments:
Post a Comment