पहले देखते हैं किसने क्या कहा -
मुख्यमंत्री सुखु - राज्य में सब धर्मों का सम्मान है और किसी को कानून अपने हाथों में नहीं लेने दिया जाएगा। जो ऐसा करेगा उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जायेगा।
PWD Minister विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि सरकार हर समुदाय के हितों को आगे बढ़ने के लिए Committeed है। हम किसी गैरकानूनी निर्माण को बर्दाश्त नहीं करेंगे, निगम को कानूनी तौर पर इसका हल निकालने दीजिये।
मंत्री Rural Development अनिरुद्ध सिंह का साफ़ कहना है कि मस्जिद अवैध रूप से बनाई गई है और इसे गिराया ही जाना चाहिए उन्होंने कहा।
“This illegal structure must go. We cannot allow such constructions to remain, especially when they threaten to disrupt peace in the area,”
अनिरुद्ध सिंह ने निगम द्वारा मस्जिद की बिजली पानी न काटे जाने के लिए भी निंदा की।
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लेखक चर्चित YouTuber |
यह बड़ा अजीब जुमला है कि किसी को कानून हाथ में लेने की इज़ाज़त नहीं दी जाएगी।
कानून तो हाथ में लिया गया तभी तो अवैध मस्जिद का निर्माण हुआ। गैर कानूनी काम के खिलाफ जो आवाज़ उठाते हैं, उन्हें धमकाया जाता है कि कानून हाथ में लिया तो भुगतना पड़ेगा।
कानून हाथ में लेकर इस गैरकानूनी काम करने को Legal Action से ठीक करने में वर्षों नहीं लगने चाहिए वरना और कहीं ऐसे ही निर्माण हो सकते हैं।
लोग अपराध करते हैं किस कानून के दायरे में करते हैं, वह भी तो कानून अपने हाथ में ले कर करते हैं, बलात्कार होता है, क्या वह किसी कानून के अनुसार होता है और कोर्ट बलात्कारियों पर नरम होकर उनकी फांसी तक की सजा भी माफ़ कर देता है, वह कानून के दायरे में होता है लेकिन अदालत भी कानून अपने हाथ में लेकर ही ऐसा अनन्यायपूर्ण फैसला करती है।
एक लाख रुपए का इनाम जिसके सिर पर है, वो पुलिस की मुठभेड़ में मारा जाता है तो उसके लिए अखिलेश यादव दिन रात एक कर रहा है यानी कानून अपने हाथ में लेने वाले का समर्थन करने के लिए कानून हाथ में लिया जा रहा है, उस अपराधी के घर टीम भेजी जा रही है लेकिन कोलकाता की डॉक्टर के बलात्कार और हत्या पर खामोश है। यह है कानून अपने हाथ में लेना।
इसी अखिलेश ने अपने समय में कहा था मुसलमानों और यादवों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं होनी चाहिए। यह था कानून हाथ में लेना लेकिन उस पर कभी कोई नहीं बोलता। केजरीवाल गिरोह ने सरकार में रह कर कानून हाथ में लेकर सब घोटाले किए लेकिन उसकी सजा टलती रहे उसके लिए अदालत जमानत पर जमानत दिए जा रही है।
नरेंद्र मोदी कहते हैं कि आपदा अवसर भी देती है लोगों की सेवा करने की लेकिन कुछ लोगों के आपदा अवसर देती है गलत काम करने के लिए। यह मस्जिद कोरोना काल में बढ़ाई गई और 4 मंजिला निर्माण किया गया। ऐसे ही कोरोना के आपदा काल का लाभ उठा कर केजरीवाल ने शराब नीति लागू करके घोटाला किया और अपने लिए 55 करोड़ का “शीश महल” बनवा लिया जबकि दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल में नया संसद भवन बनवा दिया और Central Vista Project पूरा करा लिया।
सत्ता में बैठे हुए लोगों द्वारा ऐसे क़ानून को हाथ में लेने के बड़े उदहारण मिल जाएंगे। 10 साल का UPA का कार्यकाल ऐसे ही कुकर्मो से भरा पड़ा है और लालू यादव ने तो सारी हदें पार कर दी थी और उससे भी बड़ी बात सुप्रीम कोर्ट/झारखंड हाई कोर्ट ने लालू को जमानत दे देकर सारे केस बर्फ में लगा कर CBI की 20 वर्षों की मेहनत ख़ाक में मिला दी।
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