जनवरी 27 को केजरीवाल ने हरियाणा पर आरोप लगाया था कि उसने दिल्ली आने वाले पानी में जहर मिला दिया और हमारे दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने समय रहते पकड़ लिया वरना दिल्ली में भाजपा नरसंहार करा देती।
चुनावी आयोग ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को नोटिस भेजकर पानी में जहर मिलाने के उनके बयान पर जवाब माँगा है। जवाब बुधवार (29 जनवरी 2025) की शाम 8 बजे तक देने होंगे। आयोग ने चिंता जताई है कि इस तरह के आरोपों से क्षेत्रीय समूहों के बीच दुश्मनी, पड़ोसी राज्यों के निवासियों के बीच तनाव और पानी की कमी को लेकर कानून-व्यवस्था की समस्याएँ हो सकती हैं।
नोटिस में विभिन्न निर्णयों और कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि राष्ट्रीय एकता और सार्वजनिक सद्भाव के खिलाफ भ्रामक बयान देने के लिए केजरीवाल को तीन साल तक की जेल हो सकती है। इससे पहले, चुनाव आयोग ने हरियाणा सरकार को दिल्ली को आपूर्ति की जाने वाली पानी में अमोनिया के स्तर में वृद्धि के आरोपों को लेकर रिपोर्ट माँगी है।
दूसरे बार जमानत मिलने से पहले कुछ ज्योतिषों ने कहा था कि केजरीवाल की कुंडली दूसरी बार जमानत बोल रही है लेकिन बहुत जल्दी जेल जाएगा, फिर इसको जमानत मिलनी मुश्किल है।
दरअसल, केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि हरियाणा की भाजपा सरकार दिल्ली के लिए छोड़ी जा रही पानी में जहर मिलाया था और अधिकारियों ने उसे समय रहते बाहर रोक लिया था। केजरीवाल ने यह भी दावा किया था कि अगर दिल्ली जल बोर्ड ने जहर नहीं पकड़ा होता तो राजधानी में सामूहिक नरसंहार हो सकता था। हालाँकि, दिल्ली जल बोर्ड ने केजरीवाल के इन आरोपों से इनकार किया था।
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा है कि वे केजरीवाल पर मानहानि का मुकदमा करेंगे लेकिन यह काम अति शीघ्र होना चाहिए। यह कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं है बल्कि देश को तोड़ने की मंशा है क्योंकि केजरीवाल ने हरियाणा और दिल्ली को दो देश बता दिया था।
इस गंभीर मुद्दे पर सिर्फ चुनाव आयोग ही नहीं हरियाणा और केंद्र सरकारों को जितनी जल्दी हो सख्त कार्यवाही करनी होगी। इतना ही नहीं जमानत देने वाले जजों को आत्ममंथन करना होगा कि किस उपद्रवी पर मेहरबानी दिखाई। इस उपद्रवी को समर्थन देने वाली पार्टियों को जनहित में फौरन केजरीवाल से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए। अन्यथा केजरीवाल तो डूबेगा तुम सबको भी ले डूबेगा।
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लेखक चर्चित YouTuber |
“केजरीवाल का कहना कि हरियाणा ने दिल्ली के लिए पानी छोड़ते हुए उसमे जहर मिलाया तथ्यात्मक रूप से गलत है (Factually Incorrect), यह कहने का कोई आधार नहीं है और यह भ्रामक है (misleading) - ऐसा झूठा बयान दिल्ली के नागरिकों में डर का माहौल पैदा कर सकता है और दिल्ली की सीमा से लगते पड़ोसी राज्य से संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है”।
दिल्ली जल बोर्ड की CEO शिल्पा शिंदे ने मुख्य सचिव को अनुरोध किया कि वह यह बात उपराज्यपाल के संज्ञान में लाएं।
केजरीवाल ने ऐसा घटिया बयान देकर बताया है कि जो पानी में जहर मिलाने के आरोप उसने हरियाणा सरकार पर लगाए हैं, वह खुद ऐसा करने की क्षमता रखता है क्योंकि जहर उसके दिल में है भाजपा के लिए।
दिल्ली वाले इस बात को याद रखें कि केजरीवाल “आप” पार्टी के हारने के बाद खुद दिल्ली के पानी में जहर मिला सकता है और इसलिए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और ख़ुफ़िया एजेंसियों को सतर्क रहना होगा क्योंकि यह नक्सली विचारधारा का व्यक्ति दिल्ली को ही नहीं पूरे देश को कुछ भी नुकसान पहुंचा सकता है।
दिल्ली वाले जो भी इसे वोट देने का विचार बना रहे हैं, वे समझ लें कि अगर इसने पानी में जहर मिलाया तो उसको वोट देने वाले भी नहीं बचेंगे।
वैसे सुनने में आया है कि आतिशी और सिसोदिया लगे हुए हैं केजरीवाल को हराने के लिए और केजरीवाल लगा है आतिशी और सिसोदिया को हराने में। उधर भगवंत मान लगा है केजरीवाल को जिताने के लिए जिससे केजरीवाल उसकी जगह न ले ले परंतु केजरीवाल हारे या जीते, भगवंत मान तो गया, केजरीवाल जीते या हारे, वह मान को हटा कर खुद पंजाब का CM बनेगा जिससे उस पर चलने वाले मुकदमों के लिए वकीलों की फीस पंजाब सरकार से कराएगा।
“दिल्ली को दे दो आज़ादी,
केजरीवाल से आज़ादी”
आप-दा से आज़ादी,
दारूबाजों से आज़ादी,
भ्रष्टाचारियों से आज़ादी”
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