केजरीवाल ने कल(जनवरी 29) रात अपने जवाब में चुनाव आयोग को अमोनिया में घुमा दिया लेकिन आयोग ने पक्का इलाज किया और 5 सवाल पूछ कर जहर के सबूत मांग लिए।
केजरीवाल ने जो चुनाव आयोग के कल के सीधे 5 सवालों पर जैसी भड़ांस निकाली है उसे देख कर लगता है आयोग ने जैसे केजरीवाल का बलात्कार कर दिया और अब दर्द के मारे चीख रहा है।
आयोग के सामने केजरीवाल ने कल दिए जवाब में पानी में जहर की जगह “अमोनिया” ज्यादा होने का रोना रोया जो विषय से अलग था।
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लेखक चर्चित YouTuber |
-यमुना के पानी में किस तरह जहर मिलाया गया;
-किस मात्रा में कौन सा जहर मिलाया गया और किस तरह पता लगाया गया कि इससे नरसंहार हो सकता है;
-पानी में जहर कहां पाया गया;
-जल बोर्ड के किस इंजीनियर ने जहर की पहचान की, कहां और कैसे पता लगाया;
-जिस इंजीनियर को ऐसे जहरीले पानी को रोकने के लिए लगाया गया था, उसने कैसे काम किया”
केजरीवाल पर संतोषजनक उत्तर न देने पर BNS की
-धारा 196 लोगों में शत्रुता फैलाना;
-धारा 197 राष्ट्रीय एकता को हानि पहुंचाना; और
-धारा 353 (जनता को गुमराह करने) के लिए कार्रवाई हो सकती है और 3 साल तक की जेल हो सकती है;
-और Peoples Representation act की धारा 123 (4) में चुनाव प्रचार करने से बैन किया जा सकता है।
केजरीवाल बस इन सवालों पर भड़क गया। उसने कहा -
-CEC राजनीति कर रहे हैं और चुनौती दे दी कि दिल्ली की किसी सीट से चुनाव लड़ कर दिखाओ;
-CEC राजीव कुमार रिटायर होने के बाद अपने लिए नौकरी तलाश कर रहे हैं और इसलिए राजनीति कर रहे हैं।
-इतिहास उन्हें माफ़ नहीं करेगा।
-चुनाव आयोग को जितना उन्होंने बर्बाद किया है, उतना किसी ने नहीं किया।
- आयोग ने जिस तरह की भाषा लिखी है वह भाषा चुनाव आयोग की नहीं है।
बौखलाहट में केजरीवाल द्वारा चुनाव आयोग पर हमला करने पर चुनाव आयोग क्यों खामोश है? राजीव कुमार क्यों चुप्पी साधे हुए हो? केजरीवाल की तो भैंस गयी पानी में, लेकिन चुनाव आयोग लग गयी केजरीवाल की भैंस को बचाने, क्यों?
हमारे पास यमुना के पानी की 20 बोतले हैं, 3 चुनाव आयोग को भी भेज दूंगा, वो इसे पी कर दिखाएं, लेकिन जब तुम्हारे इंजीनियरों ने जहर वाला पानी रोक ही दिया तो 20 बोतल पानी क्या स्पेशल जहर मिला कर तैयार की हैं।
ये केजरीवाल का विलाप दिखा रहा कि चुनाव आयोग ने जैसे उसका बलात्कार कर दिया है।
EC के कल के 5 सवालों में आज भी किसी का जवाब नहीं दिया। दिल्ली और पंजाब के CMs के साथ गया आयोग में। अपने आरोपों के क्या सबूत दिए कुछ पता नहीं लेकिन संजय सिंह ने कहा है कि केजरीवाल ने अपने detailed reply में बताया कि भाजपा ने “जहरीला पानी दिल्ली को भेजने का षड़यंत्र किया”।
मतलब EC सबूत मांग रहे थे, ये दूसरा राग अलाप रहा था। चर्चा यह भी है कि जो जवाब केजरीवाल ने दिया है उसमे चुनाव आयोग द्वारा पूछे 5 प्रश्नों के अनुरूप नहीं है, क्या चुनाव आयोग उस भ्रमित जवाब में फंस गया है? हरियाणा सरकार द्वारा केस दर्ज करने की गंभीरता का चुनाव आयोग ने क्यों नहीं संज्ञान लिया? अगर मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की बजाए T N Seshan चुनाव आयुक्त होते शायद केजरीवाल को इस भड़काऊ बयान पर जेल भेजने में देरी नहीं करते। केजरीवाल को शुक्र मनाना की चुनाव आयुक्त T N Seshan नहीं है।
सारी कहानी यह है कि केजरीवाल जहर मामले में फंस गया है। देखते हैं आयोग क्या एक्शन लेता है लेकिन हरियाणा सरकार ने केस दर्ज कर दिया है और सोनीपत कोर्ट ने 17 फरवरी को पेश होने के आदेश दे दिए है।
केजरीवाल, आतिशी और मनीष के चुनाव क्षेत्रों का दौरा करने पर लगता है कि तीनों एक दूसरे को निपटाने में लगे हैं। मनीष को तो पटपड़ गंज की बजाए जंगपुरा पटक दिया, लेकिन केजरीवाल अपनी और आतिशी अपने क्षेत्र नहीं बदल पाए। जबकि आतिशी कालकाजी से चुनाव लड़ने को बिल्कुल भी तैयार नहीं थी। पार्टी सूत्रों का मानना है कि जिस दिन आतिशी को टेम्पोरेरी मुख्यमंत्री कहकर केजरीवाल ने आतिशी को चुनाव हरवा दिया था। जो आतिशी के आका मनीष को भी रास नहीं आने पर केजरीवाल ने मनीष को भी ठिकाने लगाने जंगपुरा भेज दिया। केजरीवाल के इस षड़यंत्र को देख अब आतिशी और मनीष खुद जीतने से ज्यादा केजरीवाल को हराने की मेहनत कर रहे हैं, जबकि केजरीवाल इन दोनों को। यमुना नदी में जहर मिलाने का शगूफा उसी बौखलाहट में छोड़ा गया है, जो पूरी पार्टी को यमुना में डुबो रहा है। लेकिन सौरभ भारद्वाज की सीट सबसे ज्यादा सुरक्षित दिख रही है। उसका मुख्य कारण है अपने क्षेत्र में किसी भी शादी अथवा शोक में शामिल होना। क्षेत्र में काम भी किया है।
अब सुप्रीम कोर्ट तक भागेगा केस रद्द कराने के लिए जैसे 2014 के भाषण पर केस अभी तक चल रहा है जिसे सुप्रीम कोर्ट 1 मई, 2023 को स्टे करने के बाद सो गया।
तब इसने कहा था - “कांग्रेस को जो वोट देगा, मेरा मानना होगा, देश के साथ गद्दारी होगी और जो भाजपा को वोट देगा उसे खुदा भी माफ़ नहीं करेगा”।
ऐसी ही भाषा अभी 21 जनवरी को बोली है केजरीवाल ने, BJP वाले आपको राक्षसों की तरह निगल जाएंगे'।
केजरीवाल चुनाव में चारों खाने चित हो गया लगता है। आपको याद होगा रावण ने जब भगवान राम की शक्ति को पहचाना तो उसने सभी दिशाओं से राक्षस मदद के लिए बुलाये थे।
केजरीवाल ने पहले किसी चुनाव में किसी को मदद के लिए नहीं बुलाया लेकिन अबकी बार अखिलेश को बुला लिया, ममता को खबर दी और लालू को बुलाया कि सारे आओ और मुझे बचा लो।
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