दिल्ली चुनाव से पहले AAP को झटके पर झटका, 24 घंटे में 8 विधायकों ने छोड़ी पार्टी: कहा- हाई कमान पूरी तरह भ्रष्ट, लोगों के साथ किया विश्वासघात; दिल्ली सत्ता जाते ही उड़ जाएगी पंजाब सरकार भी

दिल्ली चुनाव घोषित होने से पहले विधायकों द्वारा पार्टी छोड़ने की अटकलें चल रही थीं, वह अब जमीन पर देखा जा रहा है। दिल्ली सत्ता जाते ही पार्टी के ताश के पत्तों की तरह बिखड जाएगी। जिसका असर पंजाब में देखने को मिलेगा। यही वजह है कि भगवंत सिंह मान अरविन्द केजरीवाल को जिताने की कोशिश में लगा है। मान को यह भी डर है कि केजरीवाल हारने पर वह मेरी कुर्सी पर अपना हक़ जताने लगे। लेकिन जब पार्टी ही हार जाएगी पंजाब सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी। यमुना जल में जहर मिलाने के दुष्प्रचार का पार्टी पर भी बहुत जबरदस्त असर पड़ रहा है। यह बात किसी के गले नहीं उतर रही। फिर सत्ता बदलने पर CAG रिपोर्ट आने पर कितने लोग जेल जाएंगे, वह डर भी पार्टी में घुन का काम कर रहा है।   
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से ठीक पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। AAP के 8 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी है। इन विधायकों ने आरोप लगाया है कि हाई कमान पूरी तरह से भ्रष्ट है वह भ्रष्टाचार के दलदल में डूब गई है।

जिन विधायकों ने AAP छोड़ी है, उनके टिकट इस चुनाव में काट दिए गए थे। पार्टी छोड़ने वालों में महरौली विधायक नरेश यादव, पालम विधायक भावना गौड़, त्रिलोकपुरी विधायक रोहित महरौलिया, कस्तूरबा नगर विधायक मदनलाल, जनकपुरी विधायक राजेश ऋषि, आदर्श नगर विधायक पवन शर्मा, बिजवासन विधायक भूपेन्द्र सिंह जून और मादीपुर विधायक गिरीश सोनी हैं।

इन सभी विधायकों ने शुक्रवार (31 जनवरी, 2025) को एक-एक कर अपने इस्तीफे सौंप दिए। नरेश यादव ने अपने इस्तीफे में लिखा, “AAP का उदय भ्रष्टाचार के खिलाफ हुआ, अन्ना आंदोलन से भारतीय राजनीति से भ्रष्टाचार को मुक्त करने के लिए हुआ था लेकिन अब मैं बहुत दुखी हूँ कि भ्रष्टाचार कम करने के बजाय यह खुद ही इसमें लिप्त हो गई है।”

 कुछ ऐसे ही आरोप विधायक राजेश ऋषि ने लगाए। उन्होंने भाई-भतीजावाद का आरोप भी जड़ दिया। वहीं रोहित मेह्रौलिया ने आरोप लगाया कि AAP ने वाल्मीकि समाज के लिए कोई काम नहीं किया और दलितों के साथ भेदभाव किया। वहीं बिजवासन विधायक भूपिंदर सिंह जून ने आरोप लगाया कि अब पार्टी आपराधिक छवि वाले लोगों को टिकट दे रही है।

बाकी विधायकों ने भी कहा कि उन्हें अब AAP और अरविन्द केजरीवाल में कोई विश्वास नहीं रहा है। गौरतलब है कि पार्टी छोड़ने वाले विधायक नरेश यादव पर कुरान की बेअदबी को लेकर भी मुकदमा चल रहा है। AAP छोड़ने वाले विधायकों ने अरविन्द केजरीवाल पर हिटलर की तरह काम करने का आरोप लगाया है।

MLA राजेश ऋषि ने AAP छोड़ने को लेकर कहा, “स्वाति मालीवाल हमारी सांसद हैं, हमारी पुरानी कार्यकर्ता हैं, उनके साथ मारपीट हुई… अरविन्द केजरीवाल का घर टॉर्चर होम रहा है। हमारे सामने चीफ सेक्रेटरी को अरविन्द केजरीवाल के कहने पर मारा गया था।”

वहीं भूपिंदर सिंह जून ने कहा, “हमने टिकट करने के बाद विचार-विमर्श किया और यह निष्कर्ष निकाला कि जिन विचार के साथ AAP आई थी, उनसे यह भटक गई है। ऊपर के 4-5 लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, उनके खिलाफ चार्जशीट तक लग चुकी है, उनकी ही बात केजरीवाल सुनते हैं।”

भावना गौड़ ने कहा कि टिकट कटने को लेकर उन्हें कोई रोष नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल वही देखते हैं, जो उनको कुछ लोग दिखा रहे हैं। भाजपा दिल्ली के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है कि विधायकों पा पार्टी छोड़ना नहीं बल्कि उन्होंने जो कहा हिया वह ज्यादा महत्वपूर्ण है।

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