बजट में 12 लाख की छूट ने केजरीवाल के रेवड़ियां हवा में उड़ा दी; हर वर्ग को लाभ देने वाला बजट विपक्ष को रास नहीं आया; चूहेदान में रोटी का टुकड़ा चूहे को खिलाने नहीं उसे पकड़ने के लिए लगाया जाता है।

सुभाष चन्द्र

आज एक यूट्यूब चैनल पर एक वरिष्ठ पत्रकार को मैं सुन रहा था, वो भाई बहुत खुश थे मिडिल क्लास को 12 लाख की आय पर टैक्स छूट देने से लेकिन साथ में कहा कि मोदी की 2024 में सीट कम आने के पीछे मिडिल क्लास ही था जिसे आप चूस रहे थे। अपनी अपनी समझ है लेकिन मुझे नहीं लगता मोदी सरकार कैसे मिडिल क्लास को चूस रही थी। आखिर 2014 की 2 लाख की छूट से बढ़ा कर 7 लाख मोदी सरकार ने ही की थी

चूहेदान में रोटी का टुकड़ा चूहे को खिलाने नहीं उसे पकड़ने के लिए लगाया जाता है। ये तो दिल्ली और पंजाब की लालची जनता है जो केजरीवाल के मकड़जाल में फंस जाती है, जबकि हर राज्य में केजरीवाल फ्री की रेवड़ियां बांटता है, फिर वहां की जनता आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त करवा देती है। दिल्ली और पंजाब की लालची जनता को अन्य राज्यों से सीखना चाहिए। 

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कुछ कहने से पहले एक बात और कहूंगा कि जब निर्मला सीतारमण को मोदी ने वित्त मंत्री बनाया तो कुछ ज्योतिषविदों ने कहा था कि ये ज्यादा दिन नहीं चल पाएंगी लेकिन कल उन्होंने अपना 8वां बजट पेश किया और इसी निर्मला ने मोदी और उनकी टीम के साथ विपदा के कोरोना काल में देश की अर्थव्यवस्था को संभाला था

12 लाख की आय पर टैक्स की पूरी छूट और नए टैक्स स्लैब से न केवल मिडिल क्लास को लाभ हुआ है बल्कि उससे ज्यादा आय वालों को भी भरपूर लाभ हुआ है। अनेक वस्तुओं की कीमतें कम हुई है जबकि बढ़ने वाली कुछ ही चीज़े हैं 

बिहार के लिए विशेष घोषणाएं कर राज्य को तो फायदा होगा ही, साथ ही दिल्ली में रहने वाले बिहारियों के दिल में एक नई उमंग का संचार होगा। केजरीवाल की रेवड़ियां तो गई घुईया के खेत में, 200 यूनिट फ्री बिजली और मुफ्त में 20 हजार लीटर गंदे पानी का लालच सब खाक हो गया। बड़ी शान से मिडिल क्लास के लिए मांग कर रहा था और लो दे दिया मिडिल क्लास को खास तोहफा

इन विपक्ष के लोगों की हालत ख़राब है क्योंकि इन्होने सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसा भी हो जायेगा बजट में। फिर भी खीज निकलने के लिए राहुल गांधी कह रहा है कि “गोली के घावों के लिए बैंड ऐड दिया है और इस बजट से कुछ उद्योगपतियों को ही फायदा होगा। बस निशाने पर अडानी/अंबानी हैं कि किसी तरह ये बर्बाद हो जाएं और देश का विकास न हो।

 

केजरीवाल कह रहा है कि अरबपतियों के लोन माफ़ करने बंद होने चाहिए। अब पता नहीं इसके पास क्या जानकारी है किस अरबपति के लोन माफ़ हुए हैं? कांग्रेस राज में 2013 में बैंको का NPA 50% बढ़ा था और आज पिछले 13 साल में ये गिर कर केवल 2.5% रह गया है। वो किसी के लोन माफ़ करने से नहीं हुआ बल्कि कांग्रेस की फ़ोन बैंकिंग से डूबे हुए कर्जों की रिकवरी से हुआ है। केजरीवाल ने कहा है GST और आयकर की दरें आधी की जाएं जो बजट में नहीं की गई

इस पढ़े लिखे आदमी को यह नहीं पता कि GST बजट का हिस्सा नहीं होता और आयकर में तो भारी छूट दे ही दी है। 

खड़गे कह रहा है कि “सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली है, देश महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है और मोदी सरकार झूठी तारीफें बटोरने में लगी है। खड़गे को याद नहीं कांग्रेस के शासन में Inflation 10% रहता था और आज वह 5% के आसपास है। बेरोजगारी की बात तो ऐसे कर रहे हैं जैसे 2014 में सबको कलेक्टर बना कर छोड़ गए थे। 

इस बजट में राजस्व घाटा 2023-24 के 765 करोड़ के मुकाबले में 25-26 में 528 करोड़ रह जाएगा। 

सबसे बड़ा फायदा रेहड़ी पटरी वालों को दिया जिन्हे क्रेडिट कार्ड की 30000 रुपए की लिमिट दी है। मेडिकल कॉलेज, IITs और मेडिकल सीटों में अपार वृद्धि और महिला उद्यमियों को 2 करोड़ का लोन उनके जीवन में अद्भुत बदलाव ला सकता है

सबसे घटिया बात तो अखिलेश यादव ने की। वह कह रहा है बजट के आंकड़ों से हमें मतलब नहीं, कुंभ में कितने मरे उसके आंकड़े बताए सरकार

विरोधियों का काम केवल विरोध करना है, किए जाए भाई, लोकतंत्र है 

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