दिल्ली-एनसीआर के बाद अब बिहार के सीवान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। सोमवार (17 फरवरी 2025) की सुबह 8:02 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र सीवान जिले में जमीन के 10 किलोमीटर नीचे था। हालाँकि, अभी तक किसी नुकसान की खबर नहीं है।
An earthquake with a magnitude of 4.0 on the Richter Scale hit Siwan, Bihar at 08:02 IST today
— ANI (@ANI) February 17, 2025
(Source - National Center for Seismology) pic.twitter.com/mNcVErOpq6
विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार में गंगा और कोसी नदी के आसपास की ज़मीन में हलचल होने के कारण इस क्षेत्र में भूकंप की संभावना बनी रहती है। इससे पहले भी बिहार के कई जिलों में हल्के झटके महसूस किए जा चुके हैं। 1934 में बिहार में 8.4 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिससे भारी तबाही हुई थी।
धौलाकुआँ के कॉलेज के नीचे 5km की गहराई में था केंद्र
दिल्ली-एनसीआर में सोमवार (17 फरवरी 2025) की सुबह 5:36 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 4.0 थी और इसका केंद्र धौलाकुआँ में दुर्गाबाई देशमुख कॉलेज ऑफ स्पेशल एजुकेशन के पास पाँच किलोमीटर की गहराई में था।
EQ of M: 4.0, On: 17/02/2025 05:36:55 IST, Lat: 28.59 N, Long: 77.16 E, Depth: 5 Km, Location: New Delhi, Delhi.
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) February 17, 2025
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पीएम मोदी ने लोगों से शांत-सतर्क रहने और प्रोटोकॉल के पालन की अपील की है।
Tremors were felt in Delhi and nearby areas. Urging everyone to stay calm and follow safety precautions, staying alert for possible aftershocks. Authorities are keeping a close watch on the situation.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 17, 2025
भूकंप विज्ञानियों के अनुसार, धौलाकुआँ क्षेत्र में एक झील है, जो कई भूकंपों का केंद्र रहा है। 2015 में भी यहाँ 3.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।
विशेषज्ञों के मुताबिक, दिल्ली भूकंपीय रूप से सक्रिय हिमालयी टकराव क्षेत्र से लगभग 250 किलोमीटर दूर स्थित है। हिमालय से निकलने वाली भूकंपीय तरंगें और स्थानीय भूगर्भीय हलचलें इस क्षेत्र में झटकों का कारण बनती हैं। ये भूकंपीय ज़ोन IV में आता है, जो मध्यम से उच्च जोखिम वाला क्षेत्र है।

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