इस्लामिक कट्टरपंथी शहीद अफरीदी इस्लाम कबूलने के लिए डालता दबाव
भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बाद, जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम की ‘वॉल ऑफ ग्लोरी’ से पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया की तस्वीर हटा दी गई है। ‘वॉल ऑफ ग्लोरी’ पर केवल उन खिलाड़ियों की तस्वीरें लगाई जाती हैं जिन्होंने इस मैदान पर खेला है।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन ने बताया कि स्टेडियम में खेलने वाले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के नाम और तस्वीरें लगाई जाती हैं, लेकिन पाकिस्तानी खिलाड़ियों की तस्वीरें अब हटा दी गई हैं।
कनेरिया ने पाकिस्तान के लिए 61 टेस्ट और 18 वनडे खेले, टेस्ट में 261 विकेट लेने वाले लेग स्पिनर थे। उन्होंने भारत के खिलाफ 11 टेस्ट में 44 विकेट चटकाए थे।
कनेरिया ने अतीत में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम में हिंदू होने के कारण भेदभाव का भी सामना करने की बात कही थी। कनेरिया ने आरोप लगाया था कि पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए कहा था, जबकि इंजमाम उल हक ने उनका समर्थन किया था। खाने और चाय के समय दानिश के साथ बैठने पर टीम के दूसरे साथी ऐतराज करते थे। कुछ तो अपना खाना या चाय वगैरह लेकर इससे अलग होकर खाते-पीते थे। जबकि मैदान पर ऐसे रहते थे जैसे कुछ नहीं है।
इमरान खान की कप्तानी में एक हिन्दू खिलाडी द्वारा इंडो-पाक मैच के दौरान कैच छूट जाने पर बड़ी बेइज्जती करके मैदान ही नहीं टीम तक से निकाल दिया, इस लम्बे समय के बाद दानिश नाम का कोई हिन्दू पाकिस्तान टीम में आया। शायद इसी कारण से इमरान के प्रधानमंत्री बनने पर मिले निमंत्रण को पुराने वरिष्ठ खिलाडी गावस्कर, चेतन चौहान, बेदी, प्रसन्ना, वेंकटरमन और कपिल देव आदि ने ठुकरा दिया था। लेकिन बड़बोला नवजोत सिद्धू पहुँच गया।
साल 2019 में भी पुलवामा हमले के बाद भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों की तस्वीरें हटाई गई थीं। दानिश कनेरिया की तस्वीर हटाना कई लोगों को हैरान कर सकता है, क्योंकि वे अक्सर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बोलते रहे हैं और उन्हें भारत का समर्थक भी माना जाता है।
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