साभार: सोशल मीडिया
आतंकवाद को पालने पोसने वाले पाकिस्तान और कांग्रेस में कोई फर्क नहीं, दोनों सिक्के के एक ही पहलू हैं। यूपीए कार्यकाल में जितने आतंकी हमले हुए क्या कांग्रेस ने कोई कदम उठाया? नहीं, क्योकि कार्यवाही करने से कांग्रेस और इसके समर्थक दलों का वोटबैंक यानि मुस्लिम वोट बैंक का नाराज होना। जिस दिन ये वोटबैंक नाराज हो गया कांग्रेस कभी 10 सीट भी नहीं जीत पायेगी। यही वजह है कि नेता विपक्ष राहुल पाकिस्तान की बोली बोल भारत की जनता ही नहीं विशेषकर मुसलमानों को पागल बना रहे हैं।
EAM Jaishankar’s silence isn’t just telling — it’s damning.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 19, 2025
So I’ll ask again: How many Indian aircraft did we lose because Pakistan knew?
This wasn’t a lapse. It was a crime. And the nation deserves the truth. https://t.co/izn4LmBGJZ
सोशल मीडिया पर लोग राहुल गांधी पर देश विरोधी ताकतों को “ऑक्सीजन” देने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि राहुल गांधी के बयान भले ही चुनावी राजनीति के लिए हों, लेकिन वो भारत की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, तो यह चिंता का विषय बन जाता है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी की चतुराई महज संयोग नहीं है, बल्कि भयावह है। उन्होंने राहुल पर पाकिस्तान की भाषा बोलने का आरोप लगाते हुए लिखा है कि भारत के फायदे और नेता विपक्ष के नीयत का भंडाफोड़ करने के लिए मैं डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई का 11 मई का बयान फिर से पोस्ट कर रहा हूं।
Rahul Gandhi’s daftness is not merely incidental—it is sinister. He is speaking the language of Pakistan.
— Amit Malviya (@amitmalviya) May 19, 2025
For the benefit of India, and to expose the intent of the Leader of the Opposition, I am reposting the statement of DGMO Lieutenant General Rajiv Ghai, dated 11.05.2025:… https://t.co/NBqHRPvdLR pic.twitter.com/UeJ5vj1vzV
दुनिया जानती है कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला ले लिया। लेकिन कांग्रेस नेता पहलगाम हमले के बाद से ही लगातार देश विरोधी बयान दे रहे हैं। मुस्लिम तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति के कारण कांग्रेसी नेता पाक की भाषा बोल रहे हैं। सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा ने कहा कि मुसलमान कमजोर महसूस कर रहे हैं, यही कारण है कि आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों को मारा। कर्नाटक के कांग्रेसी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने की कोई जरूरत नहीं है। कर्नाटक के ही कांग्रेस मंत्री आरबी तिम्मापुर ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि आतंकियों ने लोगों पर गोली चलाने से पहले धर्म पूछा होगा। हिमाचल प्रदेश के कांग्रेसी मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि पानी और बिजली रोककर किसी से बदला थोड़ी लिया जाता है। पार्टी के सीनियर लीडर मणिशंकर अय्यर ने सिंधु जल संधि निलंबित करने के फैसले पर कहा कि आप ऐसे कैसे पानी रोक सकते हो। इतना ही नहीं महाराष्ट्र से कांग्रेसी विधायक विजय वडेट्टीवार ने अपने बयानों से पाकिस्तान का पक्ष लेते हुए कहा कि आखिर आतंकियों के पास इतना समय ही कहां होता है कि वे किसी के कान में जाकर पूछें कि तुम्हारा धर्म क्या है।
ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ दिखावा: राहुल के एक और करीबी विधायक ने मांगे सबूत
राहुल गांधी के करीबी कर्नाटक कांग्रेस विधायक कोथुर मंजुनाथ ने ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी पर सवाल उठाते हुए इसे सिर्फ दिखावा करार दिया। उन्होंने इसकी सफलता को लेकर सरकार और सेना से सबूत भी मांगे हैं। मंजुनाथ ने कहा कि यह सिर्फ दिखावा था, इससे न तो न्याय मिला और न ही पहलगाम हमले के पीड़ितों को सच्ची सांत्वना मिली। इस कांग्रेस नेता ने साफ कहा कि कुछ हुआ ही नहीं। बस दिखावे के लिए तीन-चार विमान ऊपर से भेजे और वापस बुला लिए ग। क्या इससे पहलगाम में मारे गए 26-28 लोगों को इंसाफ मिलेगा? इसके साथ ही उन्होंने ये भी पूछा कि क्या पक्के तौर पर पता है कि 100 आतंकवादी मारे गए? उनकी पहचान क्या है? क्या वे वही आतंकी थे जिन्होंने 22 अप्रैल को हमला किया था?’कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि मोदी सरकार ने भावनात्मक लाभ के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम चुना है। उन्होंने कहा कि युद्ध बम, बंदूक और विमानों से लड़ा जाता है, न कि प्रतीकात्मकता या दिखावटी कार्यों से। अभियान के नाम से युद्ध नहीं जीता जा सकता। अभियान का नाम ठीक है, भारत सरकार ने सोचा होगा कि अभियान को यह नाम देने से उन्हें कुछ भावनात्मक लाभ मिल सकता है।

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