क्या कांग्रेस का दिल भारत नहीं पाकिस्तान के लिए धड़कता है? पहलगाम मामले में कांग्रेस ने दी पाक को क्लीन चिट, चल रह ट्रेंड #Boycott Congress

जब तक भारत में कांग्रेस रहेगी पाकिस्तान सुधरने वाला नहीं, क्योकि उसको मालूम है कि कांग्रेस के रहते हिन्दुस्तान में गुलामों की कोई कमी नहीं होने देगी। इतिहास साक्षी है कि जब भी देश में इस्लामिक आतंकी हमला हुआ, बेगुनाहों के खून से धरती लाल को वालों को बचाने वाली कांग्रेस ने ही "हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" का नाम देकर देश को ही गुमराह नहीं बल्कि हिन्दुओं को भी बदनाम किया था। पाकिस्तान जाकर मोदी को हराने के लिए उनके पैरों में ऐसे माथा टेकते हैं मानों कांग्रेस के नकाब में पाकिस्तान भारत में चुनाव लड़ रहा हो। अगर 26/11 हमले में कसाब को जिन्दा नहीं पकड़ा गया होता "हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" का जहर सच साबित हो गया होता। जिस भारत में कांग्रेस समर्थित यूपीए सरकार के राज में आतंकवादियों को दामाद की तरह पाल खूब बिरयानी और कोरमा खिलाकर मेजबानी की जाती थी, लेकिन आज बदलते भारत में उन्ही आतंकवादियों को बिरयानी और कोरमा की बजाए गोली/गोला दिया जा रहा है।          

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के बयान को लेकर देशभर में काफी गुस्सा है। लोग सवाल कर रहे हैं कि ये भारत के साथ हैं या पाकिस्तान के! दरअसल में कांग्रेस के सीनियर लीडर और यूपीए काल में देश के गृहमंत्री रहे पी. चिदंबरम ने पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान को क्लीन चिट देते हुए साफ कहा है कि आपके पास क्या सबूत है कि वे पाकिस्तानी थे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी पूर्व मंत्री ने कहा कि ‘एनआईए ने इतने दिनों में क्या किया है, क्या उन्होंने आतंकियों की पहचान कर ली है, उन्हें पता चल गया है कि वो कहां से आए थे। वो यहां के भी आतंकी तो हो सकते हैं। आप ऐसा सोचकर कैसे चल सकते हैं कि आतंकी पाकिस्तान से ही आए थे। इस बात का हमारे पास अभी कोई सबूत नहीं है।’ कांग्रेसी नेता के यह कहते ही कि आतंकी पाकिस्तान से आए थे, इसका कोई प्रूफ नहीं है। सोशल मीडिया पर लोग कांग्रेस को लताड़ लगाने लगे और पूछने लगे कि आखिर पाकिस्तान के साथ ये रिश्ता क्या कहलाता है? लोग सोशल मीडिया पर चिदंबरम को जमकर फटकार लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर #Boycott Congress ट्रेंड हो रहा है।  

बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी हमारी सेनाएं पाकिस्तानी आतंकवाद का सामना करती हैं, कांग्रेस भारत के विपक्ष से ज्यादा इस्लामाबाद के बचाव पक्ष के वकील दिखती है। वह हमेशा दुश्मन की रक्षा की कोशिश करते हैं।

 चिदंबरम का बयान पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, “कांग्रेस देशद्रोही संगठन बन गया है। जिस कांग्रेस ने आजादी के आंदोलन में भाग लिया। जिस कांग्रेस पार्टी का आजादी के आंदोलन में इतना बड़ा योगदान है। उस पार्टी का अस्तित्व क्या है? कभी चीन के साथ राहुल गांधी MoU साइन करते हैं… उन लोगों ने देश को बेचने का फैसला कर रखा था लेकिन बीच में पीएम मोदी ने आकर मजबूत नेतृत्व दिया जो उनसे पच नहीं रहा है।”

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, “जब-जब पाकिस्तान और आतंक की बात आती है तो पाकिस्तान भी पाकिस्तान की उतनी पैरवी नहीं करता जितनी राहुल अधिकृत कांग्रेस पाकिस्तान की करती है। हर तर्क, हर बचाव का तरीका तैयार रहता है। कहीं न कहीं पाकिस्तान को बचाने के लिए कांग्रेस खड़ी रहती है, ऐसी कौनसी मजबूरी है कि कांग्रेस को पाकिस्तान का साथ देना जरूरी है?…आज जब पहलगाम आतंकी हमले पर सदन में चर्चा होगी तो उससे पहले पूर्व गृह मंत्री का इस तरह का बयान आना कांग्रेस की मानसिकता को दिखाता है कि वे भारत के साथ नहीं हैं…”

बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी एक्स पर तंज कसते हुए लिखा, ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है? कांग्रेस कहती है: पहलगाम हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार मत ठहराइए! कांग्रेस पाकिस्तानी आतंक का बचाव पाकिस्तान से भी बेहतर करती है!’

कांग्रेस नेताओं का रवैया दिखाता है कि प्रधानमंत्री मोदी से नफरत करते-करते वह भारत से भी नफरत करने लगे हैं। यह दिखाता है कि कांग्रेस पार्टी देश को लेकर किस प्रकार की सोच रखती है। इसके पहले खुद राहुल गांधी कह चुके कि इस देश में आग लगेगी, दंगे होंगे, प्रधानमंत्री पर हमला होगा।

राहुल गांधी के करीबी सांसद ने की अलग देश की मांग
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के कारण इंडी गठबंधन तो टूट ही रहा है, अब पार्टी नेता देश तोड़ने की भी बात करने लगे हैं। राहुल गांधी के करीबी कांग्रेसी सांसद डीके सुरेश ने दक्षिण भारत को अलग देश बनाने की मांग कर दी है। कांग्रेसी सांसद डीके सुरेश ने ये मांग ऐसे समय में की है जब राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा कर रहे हैं। कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया है कि दक्षिण भारत के साथ भेदभाव किया जाता है और ऐसा ही चलता रहा तो देश को बांटना पड़ेगा। बेंगलुरु ग्रामीण सीट से सांसद डीके सुरेश ने बजट को लेकर कहा कि दक्षिण भारत का पैसा उत्तर भारत को आवंटित किया जाता है। इससे दक्षिण को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अगर यह जारी रहा तो हमें दक्षिण भारत को एक अलग राष्ट्र बनाने के लिए आवाज उठानी होगी।

पूर्वोत्तर को देश का हिस्सा नहीं मानते राहुल गांधी
संविधान की प्रस्तावना में ‘राष्ट्र की एकता तथा अखंडता सुनिश्चित’ करने का उल्लेख किया गया है। लेकिन कांग्रेस और उसके नेता संविधान को नहीं मानते हैं। क्योंकि आजादी के बाद से कांग्रेस ने सिर्फ ‘सत्ता’ को प्राथमिकता दी है देश की एकता और अखंडता को नहीं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 10 फरवरी, 2022 को ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा कि गुजरात से लेकर पश्चिम बंगाल तक भारत है। इसको लेकर पूर्वोत्तर के लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। असम बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष अंगूरलता डेका ने सोमवार (14 फरवरी, 2022) को देश को विभाजत करने के आरोप में राहुल गांधी के खिलाफ दिसपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

 

पूर्वोत्तर का जिक्र नहीं करने पर कड़ी आपत्ति
असम, त्रिपुरा और मणिपुर के मुख्यमंत्रियों ने राहुल गांधी के ट्वीट में पूर्वोत्तर का जिक्र नहीं करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उनका कहना है कि राहुल पूर्वोत्तर को भारत का हिस्सा नहीं मानते और चीन के प्रवक्ता के रूप में काम कर रहे हैं। राहुल ने यह बयान देकर अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दुष्प्रचार को स्वीकार कर लिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल पर हमला बोलते हुए कहा, ‘हम एक गौरवशाली राष्ट्र हैं। भारत को आपके टुकड़े टुकड़े दर्शन के लिए बंधक नहीं बनाया जा सकता है। क्या राष्ट्र, राष्ट्रीयता और राष्ट्रवाद के साथ आपकी समस्या है? बंगाल से परे, हम पूर्वोत्तर मौजूद हैं।’ गौरतलब है कि हाल ही में संसद में दिए अपने भाषण में राहुल गांधी ने भारत को एक ‘राष्‍ट्र’ मानने से इनकार कर दिया था और इसे राज्यों के संघ के रूप में वर्णित किया था। आज कांग्रेस भाषावाद, क्षेत्रवाद, प्रांतवाद, जातिवाद और संप्रदायवाद के आधार पर देश को विभाजित करने में लगी है।

                 कांग्रेस और चीन का अपवित्र रिश्ता

गलवान घाटी संघर्ष हो या फिर डोकलाम विवाद हो, जब भी भारत और चीन के बीच संघर्ष देखने को मिलता है कांग्रेस पार्टी को चीन का साथ देते या सुरक्षा मामलों पर भारत विरोधी बयान जारी कर चीन को खुश करते देखा जा सकता है। इसका प्रमाण 7 जुलाई, 2017 को मिला,जब राहुल ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। अगले दिन 8 जुलाई को चोरी से चीनी राजदूत से मुलाकात की। दरअसल कांग्रेस पार्टी देश के अंदर चीन के एजेंडे को चला रही है। चीन और कांग्रेस का रिश्ता जगजाहिर है। सोनिया और राहुल ने 2008 में चीन के साथ MoU किया था।

राहुल गांधी के बयान को पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में बनाया था हथियार
पाकिस्तान ने 27 अगस्त, 2019 को कश्मीर मसले पर संयुक्त राष्ट्र (UN) में दिए अपने प्रस्ताव में राहुल गांधी के बयान का जिक्र किया। पाकिस्तान ने कश्मीर मामले में संयुक्त राष्ट्र को चिट्ठी लिखकर भारत की शिकायत की। इस चिठ्ठी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों का हवाला दिया। इस चिट्ठी में भारत पर कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन और हिंसा को बढ़ाने का आरोप लगाया। इमरान खान सरकार में मंत्री डॉ शिरीन मजारी ने यूएन को लिखी अपनी आठ पेज की चिट्ठी में पेज छह और आठ पर राहुल गांधी का जिक्र किया।

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