अरे, छा गए गुरु छा गए ; राहुल गाँधी के साथ-साथ अब सांसद गौरव गोगोई बने भारत में पाकिस्तान spokesman


संसद में हुई Operation Sindoor पर हुई बहस में बीजेपी विरोधियों के जिन भाषणों को कांग्रेसी मोदी को धोने वाला बता रहे थे नहीं मालूम कि पाकिस्तान से मिले feed back को परोस कर पाकिस्तान मीडिया में छाए रहे। जो पार्टियां दुश्मन के इशारों पर चलती हो क्या देश को दुश्मन से बचा सकते हैं? जनता की जान उसी तरह सूली पर लटका देंगे जैसे 2014 चुनावों से पहले। कब कहाँ धमाका हो जाये और बेगुनाहों के खून से धरती लाल हो जाए? 2014 में मोदी सरकार आने से भारत में विपक्ष के बेरोजगार होने से पाकिस्तान में कंगाली छा गयी, क्योकि दोनों का चोली दामन का साथ है।     
आज-कल पाकिस्तान ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई को अपना हीरो बनाया हुआ सीजफायर विशेषज्ञ ट्रंप ने कहा था कि पांच जेट गिरे थे लेकिन ये नहीं कहा था कि भारत के गिरे थे या पाकिस्तान के।

लेकिन राहुल गांधी बार-बार पूछता फिर रहा है भारत के कितने जेट गिरे थे गौरव गोगोई ट्रंप की बात को आधार बनाकर भारत के पांच जेट गिरे बता रहा है और सरकार से सवाल पूछ रहा है पाकिस्तान गौरव गोगोई की ही बात प्रसारित कर प्रोपेगैंडा फैला रहा है कि भारत के पांच जेट गिरे थे।
दुनिया में कोई भी देश युद्ध में अपने हुए नुकसान को सही सही नहीं बताता कुछ देश तो अपने मारे गए सैनिकों की संख्या भी छुपाते हैं आपको याद होगा अभी गलवान में भारत चीन की झड़प हुई थी चीन ने अपने हताहत सैनिकों की संख्या नहीं बताई थी कारगिल युद्ध में पाकिस्तान ने तो अपने मारे गए जवानों के शवों को भी लेने से इंकार कर दिया था चीन ने 1962 के युद्ध में मारे गए सैनिकों और नुकसान को दो दशकों तक छुपाए रखा था।
जबकि भारत हमेशा अपनी सही जानकारी देश से साझा करता है।
सैनिकों का शहीद होना जेट का गिरना ड्रोन का गिरना मिसाइलों का निशाना चूकना या फिर दुश्मन देश के मिसाइलों को ड्रोन को डिफेंस सिस्टम द्वारा रोक ना पाना यह सब युद्ध का हिस्सा है।
युद्ध में नुकसान नहीं देखा जाता युद्ध में जीत और हार देखी जाती है।
जो लोग बार-बार पूछ रहे हैं इन्हें ना तो भारत के सामर्थ्य पर भरोसा है इन्हें ना सरकार पर भरोसा ना ही सेना पर भरोसा है इन्हें सिर्फ और सिर्फ पाकिस्तान और चीन पर भरोसा है।
यह पूरा लश्कर-ए-आहुल गैंग बार-बार सेना और सरकार को दुनिया में शर्मिंदा कर रहे हैं ऐसी हरकत चीन में करते तो सलाखों के पीछे कर दिया जाता।
यह सारा किया धरा सीजफायर विशेषज्ञ भूरेलाल का है वही बार-बार बेशर्मी से झूठ बोल रहा है कि सीजफायर करवाया जबकि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं ससंद में बोल चुके हैं कि "दुनिया के किसी भी नेता ने भारत को ऑपरेशन रोकने के लिए नहीं कहा पाकिस्तान ने सोचा भी नहीं था कि भारत इतना कड़ा प्रहार करेगा तब पाकिस्तान ने फ़ोन करके DGMO से गुहार लगाई बस करो बहुत मारा अब ज्यादा मार झेलने की ताकत नहीं है प्लीज़ हमला रोक दो ये पाकिस्तान के DGMO का फ़ोन था"।
तब जाकर भारत ने अपनी शर्तों पर सीजफायर किया और वो दिन है और आजका दिन है पाकिस्तान ने एकबार भी तनिक भी सीजफायर का उलंघन नहीं किया है और ना ही कोई आंतकवादी गतिविधियां हुई हैं।
एक और खास बात यह है कि अभी ऑपरेशन महादेव में मारे गए तीन आतंकियों के पास से M4 कार्बन रायफल बरामद हुई है यह अमेरिकन रायफल नाटो के देश इस्तेमाल करते हैं।
अब अमेरिका को बताना होगा कि यह रायफल आतंकियों के पास कैसे पहुंची।
ऐसे ही बहुत से कारण हैं जिस वजह से ट्रंप बार-बार सीजफायर का श्रेय लेते रहे हैं ताकि भारत दुनिया को सच्चाई ना बता दें।
भारत का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि भारत को दुनिया का समर्थन तो मिला लेकिन सेना और सरकार को भारत के विपक्ष का समर्थन नहीं मिला बस यही वजह है कि भारत कभी भी इजरैल अमेरिका रूस चीन जैसा नहीं बन सकता।

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