अटल बिहारी वाजपेयी जनसंघ की 1951 में स्थापना के बाद 1957 में पहली बार लोकसभा के सांसद बने और 40 साल तक विपक्ष की भूमिका में तपस्या कर 1996 में पहली बार प्रधानमंत्री बने। 1980 में जनसंघ भाजपा में परिवर्तित हुई। 40 वर्षों में जनसंघ/भाजपा ने बहुत उतार चढाव देखे जिनके साक्षी रहे अटल जी। विपक्ष में रह कर भी देश के हित में विदेश जाकर भी सेवा की और दुनिया को बताया असल विपक्ष क्या होता है। आज के LoP की तरह अटल जी ने विदेश में कभी कुछ नहीं बोला। उन्होंने LoP की सही भूमिका का परिचय दिया।
वो देश के करोड़ों लोगों के दिलों की धड़कन थे। क्या सुरीली तान थी उनकी जो घंटों तक श्रोताओं को बांध कर रखते थे। विपक्ष हमेशा एक ताना देता था कि अटल जी आदमी सही हैं लेकिन गलत पार्टी में है और वो कहते थे कि अगर आदमी सही है तो गलत पार्टी में कैसे हो सकता है और गलत पार्टी है तो आदमी कैसे सही हो सकता है?
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| लेखक चर्चित YouTuber |
अटल जी के मुख से निकले हुए शब्द साकार हो गए। ”अंधेरा छटेगा सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा” और देश भर में कमल खिल गया। इस कमल की शक्ति ने भारत को आज वैश्विक शक्ति बना दिया।
पाकिस्तान ने अटल जी लाहौर दौरे के बाद जो धोखा दिया, उस धोखे का परिणाम अब पाकिस्तान झेल रहा है जो हाथ में कटोरा लिए घूम रहा है। कारगिल युद्ध के समय क्लिंटन ने जब अटल जी को कहा कि पाकिस्तान एटम बम चला सकता है तो अटल जी एक वाक्य बोला कि “फिर कल पाकिस्तान दुनिया के नक़्शे पर नहीं होगा” और फ़ोन बंद कर दिया।
अटल जी जैसे महामानव और पुण्य आत्मा को को शत शत नमन!

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