महाराष्ट्र : यवतमाल में जन्म प्रमाणपत्र घोटाला, 1500 आबादी वाले छोटे से गाँव में बने 27000+ जन्म सर्टिफिकेट

          पूर्व भाजपा सांसद किरीट सोमैया (साभार - द हिंदू/विवेक बेंद्रे और https://zpyavatmal.gov.in/)
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के ग्रामीण इलाके में जन्म पंजीकरण से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। जिले की अरनी तहसील की शेंदुरसानी ग्राम पंचायत में सिर्फ तीन महीनों (सितंबर से नवंबर) के भीतर सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) में 1,500 की आबादी वाले गाँव में 27,397 जन्म दर्ज किए गए।

यह गंभीर अनियमितता 24 नवंबर 2025 को सामने आई। इसके बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) की शिकायत पर मंगलवार (16 दिसंबर 2025) को यवतमाल सिटी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई।

FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 337, 336(3), 304(2) और IT एक्ट की धारा 65 व 66 के तहत दर्ज की गई है। पुलिस निरीक्षक नंदकिशोर काले ने बताया कि शेंदुरसानी गाँव में जन्म पंजीकरण में गड़बड़ी की शिकायत मिली है और मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।

पूर्व भाजपा सांसद किरिट सोमैया ने बुधवार (17 दिसंबर 2025) को गाँव का दौरा किया और इस मामले की गहन जाँच की माँग की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने अंदाजा लगाया की ग्राम पंचायत के कंप्यूटर ऑपरेटर की लॉग-इन ID और पासवर्ड का किसी ने गलत इस्तेमाल किया हो सकता है, जिसके जरिए जन्म पंजीकरण में इतनी बड़ी गड़बड़ी की गई।

एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि शक है कि हजारों बांग्लादेशी इसके फायदेमंद हैं। उन्होंने इस मामले में SIT जाँच की माँग की है।

उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड में दर्ज ज्यादातर नाम पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के लोगों के हैं। किरिट सोमैया ने कहा, “मैंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात की है और इन सभी फर्जी जन्म पंजीकरण प्रविष्टियों को रद्द करने की माँग की है।” उन्होंने यह भी बताया कि शेंदुरसानी ग्राम पंचायत की CRS ID (MH18241RE) मुंबई में मैप पाई गई है, जिससे साइबर धोखाधड़ी की आशंका और भी मजबूत हो गई है।

राज्य सरकार के निर्देश पर मंगलवर (16 दिसंबर 2025) को ग्राम पंचायत में अवैध और देरी से किए गए जन्म-मृत्यु पंजीकरण के जाँच अभियान को शुरू किया गया। इस दौरान अरनी के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पाया कि सितंबर से नवंबर 2025 के बीच CRS सॉफ्टवेयर में 27,397 जन्म और 7 मृत्यु के रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं, जो गाँव की वास्तविक आबादी के मुकाबले बिल्कुल असामान्य और संदिग्ध थे।

इसके बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) ने इस गड़बड़ी की जानकारी जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मंदर पाटकी को दी। CEO ने मामले की जाँच के लिए पंचायत विभाग के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में एक जाँच समिति गठित की। समिति ने गाँव में मौके पर जाकर जाँच की, जिसमें सामने आया कि 27,397 जन्म और 7 मृत्यु के रिकॉर्ड ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र से बाहर के हैं और इन्हें बहुत ही संदिग्ध माना गया।

इसके बाद पुणे के उप स्वास्थ्य सेवा संचालक द्वारा तकनीकी जाँच शुरू की गई। राज्य के लॉग-इन सिस्टम के माध्यम से की गई इस जाँच में सामने आया कि शेंदुरसानी ग्राम पंचायत की CRS ID मुंबई से मैप की गई थी। इसके बाद मामला नई दिल्ली स्थित भारत के अतिरिक्त रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) को भेजा गया।

इन दोनों संस्थानों की जाँच में यह निष्कर्ष निकला कि यह मामला साइबर धोखाधड़ी का है। यह जानकारी 11 दिसंबर 2025 को पुणे के उप स्वास्थ्य सेवा संचालक को दी गई, जिन्होंने आगे चलकर इसकी सूचना जिला परिषद (जिला परिषद प्रशासन) को दी।

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