उन्नाव रेप केस के आरोपी कुलदीप सेंगर की सजा को दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने सस्पेंड कर दिया और उसे जमानत दे दी। पीड़ित की तरफ से कहा गया था कि उसे जमानत मेरी सुरक्षा का खतरा होगी लेकिन हाई कोर्ट ने यह दलील स्वीकार नहीं की और जमानत देते हुए कहा such an observation or such a thought process would undermine the laudable work of our police/paramilitary forces”। सेंगर की दिसंबर 2019 की सजा को सस्पेंड करते हुए कहा कि सेंगर ने 7 साल और 5 महीने की सजा भुगत ली है और लगातार किसी को जेल में रखना आर्टिकल 21 के विरुद्ध है। इसमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि पीड़िता को CRPF की सुरक्षा मिली हुई है।
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आठ साल बाद जनवरी, 2024 में केरल हाई कोर्ट ने दोषसिद्धि पर मुहर लगा दी लेकिन सजा को 20 साल कठोर कारावास (बिना किसी छूट) में कम कर दिया क्योंकि कोर्ट ने पाया कि आजीवन कारावास की सजा दोष से अधिक थी। Father Edwin Pigarez की उम्र सितंबर 2025 में 51 वर्ष थी और उसने यौन अपराध 2014 से 2015 के बीच किये थे यानी 40 की उम्र में।
पादरी की सजा को सुप्रीम कोर्ट में बीआर गवई ने सितंबर, 25 में सस्पेंड कर हाई कोर्ट में अपील पर निर्णय होने तक के लिए जमानत दे दी और कहा कि उसने पहले ही 10 साल की सजा भुगत ली है।
लेकिन ऐसी दया सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम बापू के लिए नहीं दिखाई जो 25 अप्रैल, 2018 को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने वाले दिन 77 वर्ष के थे और आज 86 वर्ष के हैं। उन पर भी नाबालिग से बलात्कार का आरोप था।
आसाराम बापू के संबंध में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण हॉस्पिटल की रिपोर्ट में कहा गया “no physical assault - no sign of penetration, hymen was intact और न कोई घाव न चोट और न ऐसा कुछ हुआ” जैसा आरोप लगाया गया। जांच में शामिल ACP लंबा मीडिया के सामने बार बार कहते रहे कि FIR में ऐसे किसी आरोप का जिक्र नहीं है और न कोई CD बरामद हुई और न कोई मेडिकल में प्रमाण हैं FIR में केवल छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया लेकिन 2018 में लड़की ने कोर्ट में अपने बयान बदल दिए और नए आरोप जोड़ दिए।
सुप्रीम कोर्ट आसाराम बापू के ट्रायल के दौरान और उसके बाद भी लगातार उनकी जमानत अर्जी खारिज करता रहा जैसे कोर्ट किसी पूर्वाग्रह से ग्रसित हो। इन तिथियों पर उनकी जमानत अर्जी खारिज हुई -
-5 जनवरी, 2015;
-6 सितंबर, 2016;
-11 अगस्त 2016 और 24 अक्टूबर, 2016 को मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत भी ख़ारिज की गई;
-30 जनवरी, 2017 (अंतरिम और रेगुलर दोनों जमानत खारिज की गई);
-15 जुलाई, 2019;
-23 सितंबर, 2023 (जमानत ख़ारिज करते हुए हाई कोर्ट में अर्जी लगाने को कहा);
इसके बाद 7 जनवरी, 2025 से सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम मेडिकल आधार पर जमानत दी जो अभी चल रही है लेकिन नियमित जमानत नहीं दी गई।
50 साल के Father Edwin Pigarez की सुप्रीम कोर्ट सजा भी सस्पेंड करता है और जमानत भी देता है लेकिन 77 साल के आसाराम बापू को 10 साल तक कोई राहत नहीं देता।
Father Edwin Pigarez और आसाराम बापू के प्रति भेदभावपूर्ण नज़रिए का एकमात्र कारण लगता है कि एक ईसाई है और दूसरा करोड़ों के जीवन में प्रकाश फ़ैलाने वाला हिंदू कुलदीप सेंगर, पादरी और आसाराम बापू सबकी अपीलें हाई कोर्ट में लंबित हैं, उन पर एक महीने में फैसला होना चाहिए।

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