यही सत्य है मुसलमानों की जिद पूरी करने के लिए गांधी ने नेहरू और जिन्ना के सपनो को पूरा करने के लिए पाकिस्तान बनाया और 1947 में पाकिस्तान के अलग होने के बाद, भारत में मुसलमानों को रख कर पहले दिन से भारत के फिर से टुकड़े करने की नींव रख दी, जिस पर आज महल बन गया। इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश बना कर गांधी नेहरू के बाद बड़े पैमाने पर भारत में मुसलमानों को बसाया जो कांग्रेस का वोट बैंक बढ़ा सके।
आज पाकिस्तान के छलावे में आ गया बांग्लादेश और प्यार की पींगे बढ़ा रहा है जबकि उसे पता नहीं पाकिस्तान उससे 1971 में अलग होने का बदला ले रहा है और उसे या तो खत्म करना चाहता है और या फिर से उसे 1971 से पहले की तरह अपने साथ मिलाना चाहता है जिससे बांग्लादेशियों पर फिर वही जुल्म ढा सके जो 1947 से 1971 तक करता रहा या बांग्लादेश को पूरी तरह बर्बाद करना चाहता है।
इसी बांग्लादेश को बनाने के लिए भारत के 3,900 जवानों ने बलिदान दिया था और 10,000 सैनिक घायल हुए, भारत ने 75 हवाई जहाज खोए और युद्ध पर 500 करोड़ खर्च किये; एक करोड़ बांग्लादेशी भारत में घुसे जो वापस नहीं गए बल्कि बाद में भी आते रहे। वह अहसानफरामोश बांग्लादेश ने भारत को तो छोड़िए, उसका का निर्माण करने वाले बंग बंधु शेख मुजीबुर्रहमान का भी नामोनिशान मिटा दिया। मुजीब के घर को आग लगा दी और उसकी मूर्ति डहा दी। और आज मुजीब की बेटी शेख हसीना को फांसी की सजा दी हुई है।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
कारण कुछ भी हो बांग्लादेश में, वहां के मुस्लिमों की बर्बरता का निशाना हिंदू ही बनते हैं। शेख हसीना को निकाला गया, फिर हिंदुओं का नरसंहार करने का क्या मतलब था। और आज क्या मतलब है? Sharif Osman Hadi का भाई उसकी हत्या के लिए मोहम्मद यूनुस को जिम्मेदार बता रहा है तो फिर दीपूचंद्र दास को क्यों जिंदा जलाया गया।
लेकिन कांग्रेस के नेता राशिद अल्वी और दिग्विजय सिंह और पूरा इकोसिस्टम हिंदुओं की हत्या को सही ठहरा रहे हैं। राशिद अल्वी कह रहा है कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री के लिए भारत ने उस्मान हाडी की हत्या कराई है। अल्वी और दिग्विजय सिंह कह रहे हैं कि जो भारत सरकार मुसलमानों के साथ करती है, बांग्लादेश में उसकी प्रतिक्रिया हो रही है।
कांग्रेस का भारत को हाडी की हत्या के लिए दोष देना वैसा ही है जैसे मनमोहन सिंह ने बलूचिस्तान के विद्रोह के लिए भारत को जिम्मेदार कह दिया था।
कांग्रेस किसी हाल में हर किसी हिंदू विरोधी दल, लोगों और देश के साथ रहती है। जो सोनिया गांधी की सोच है वो कांग्रेस के नेताओं की तरफ से कही जाती है। गाजा के लिए सोनिया गांधी, कांग्रेस और ओवैसी आंसू बहाते हैं लेकिन हिंदुओं पर हो रही बर्बरता पर खामोश रहते हैं।
बांग्लादेश में भारत की तरफ से कार्रवाई तो होनी निश्चित है लेकिन वह कैसे होगी और कब होगी, वो सरकार और उसके मुखिया नरेंद्र मोदी तय करेंगे जिससे वह बांग्लादेश के अंदरूनी मामले में दखल भी न लगे। जो आग बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर हमारे दिल में लगी है, वह आग मोदी के दिल में भी लगी होगी, इसमें किसी को कोई शंका नहीं होनी चाहिए लेकिन ऐसी कार्रवाई करने लिए बहुत कुछ देखना पड़ता है।

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