चार दिन से संजय राउत ने कोहराम मचाया हुआ था कि 19 दिसंबर को विदेश से ऐसा राज खुलेगा कि मोदी को सत्ता में रहना मुश्किल हो जाएगा। उसके बाद पृथ्वीराज चव्हाण मैदान में आया और भविष्यवाणी कर दी कि मोदी हटेगा और कोई महाराष्ट्र का नेता उसकी जगह लेगा। ये ढक्कन Barking Dogs एपस्टीन फाइल्स पर नज़रें गढ़ाए बैठे थे कि उसमें मोदी पर आरोप लगेंगे जिसके कारण उसे त्यागपत्र देना पड़ेगा। उन फाइलों में कोई आपत्तिजनक बात किसी भारतीय के लिए नहीं लिखी और अब इन बेशर्मों के मुंह में जलती लकड़ी ठूंस देनी चाहिए।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
अनिल अंबानी के जिओ पॉलिटिक्स के बारे में Epstein के साथ ईमेल exchange हुए थे खासतौर पर प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका की अगली यात्रा और India-Israel रिश्तों के बारे में लेकिन उन emails में अनिल अंबानी के बारे में कोई आरोप नहीं है और अंबानी को Epstein की criminal activities के बारे में कोई जानकारी भी नहीं थी।
नरेंद्र मोदी का जिक्र बस इतना है कि अपनी गिरफ़्तारी से पहले Epstein ने White House के Chief Strategist Steve Bannon को मोदी से मुलाकात तय करवाने की पेशकश की थी और कहा था “"you should meet with modi," to which Bannon replied, "please". Modi's office did not respond to requests for comment regarding this, and the communications do not suggest any direct contact or wrongdoing by Modi”.
किसी भारतीय का अंतिम नाम है दीपक चोपड़ा जो एक लेखक है और alternative medicine advocate हैं। उनका नाम इसलिए आया फाइल्स में कि Epstein के साथ उनकी चर्चा general topics, including a withdrawn lawsuit involving Donald Trump पर हुई लेकिन इमेल्स में चोपड़ा पर किसी गलत काम के बारे कोई आरोप नहीं हैं।
अब गुब्बारा फट गया Epstein Files का और घुईया भी नहीं निकली। कुत्तों की तरह भौंकने वाले नेताओं को अब रगड़ देना चाहिए और उन पर अफवाह फ़ैलाने के आरोप में आपराधिक मुक़दमे दर्ज किए जाने चाहिए।
ये विपक्ष के नेताओं को कहीं से भी मोदी के खिलाफ कुछ बोलने वाला मिल जाए, उसकी बात इनके लिए ब्रह्मवाक्य हो जाती है। ये Jeffrey Epstein की बातों को भी मानने के लिए तैयार थे जबकि वह एक अंतरराष्ट्रीय दलाल, सेक्स कांडों में लिप्त और एक अपराधी था लेकिन एक बात मोदी के खिलाफ बोल देता तो वो इनके लिए भगवान बन जाता लेकिन इन लोगों की तरह वह भी कुछ “ईमानदार” निकला और इन भारतीयों के मुंह पर कालिख पुत गई।
मैंने केवल भारतीय लोगों के बारे में पढ़ा है। अमेरिका और अन्य देशों के नेताओं के बारे अभी नहीं देखा।

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