राहुल गांधी और उसके पालतू चमचे एक स्वर में ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को जीता बता रहे थे और रोज पूछते थे कितने राफेल पाकिस्तान ने गिराए। अब अमेरिका की रिपोर्ट आई है कि पाकिस्तान ने युद्ध के दौरान अमेरिका में दलालों पर (Lobbist) करोड़ों डॉलर खर्च कर 60 से ज्यादा बार अमेरिकी अधिकारियों से बात करने की कोशिश की जिससे भारत को रोका जा सके।
सर्वनाश हो गया राहुल गांधी और कांग्रेस के प्रोपेगेंडा का।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
अब तीसरी खबर पर ध्यान दीजिए। राहुल की वह मित्र जिसके साथ वो भारत के खिलाफ मंत्रणा करता है, इल्हान ओमर जो Representative है for Minnesota's 5th Congressional District है, उस पर ट्रंप ने सोमालिया में वापस प्रत्यर्पण की तलवार लटका दी है।
हुआ यह है कि Minnesota के गवर्नर Tim Walz ने कहा है कि वो नवंबर, 2026 का चुनाव नहीं लड़ेंगे और ऐसी उम्मीद है कि उनकी पूरी कैबिनेट त्यागपत्र दे सकती है क्योंकि राज्य में 19 बिलियन डॉलर का स्कैंडल हुआ है और यह रकम और भी बढ़ सकती है। इसकी गाज वहां से प्रतिनिधि इल्हान ओमर पर भी गिर सकती है। इल्हान ओमर और Tim Walz दोनों ही Democrat हैं।
राहुल गांधी मोदी की आर्थिक नीति को लेकर भारत की इकोनॉमी को डेड कहने पर जिस ट्रंप की तारीफ में कसीदे पढता रहा है, वह ट्रंप अत्यधिक क्रोध में है और उसने कहा है कि Minnesota से चोरी हुआ पैसा Taxpayer का है और इसका अधिकांश हिस्सा सोमालिया को भेजा गया है और ट्रंप ने कहा है कि इल्हान ओमर का सोमालिया को प्रत्यर्पण कर देना चाहिए। इल्हान ओमर 1995 में सोमालिया से रिफ्यूजी बनकर 14 वर्ष की उम्र में अमेरिका में आई थी और तब भी Democratic Party ही सत्ता में थी और राष्ट्रपति बिल क्लिंटन थे।
इल्हान ओमर शुरू से भारत विरोधी रही है और कश्मीर पर पाकिस्तान का साथ देती रही है। भारत के मुसलमानों को पीड़ित कहती रही है और इतना सब काफी है राहुल गांधी से दोस्ती के लिए क्योंकि राहुल के लिए हर वह व्यक्ति/संगठन उसका मित्र है जो भारत/मोदी/RSS के खिलाफ हो।
इल्हान ओमर और रशीदा तलैब अमेरिका की दो मुस्लिम प्रतिनिधि ऐसी हैं जो अमेरिका और इज़रायल दोनों के खिलाफ रहती है। रशीदा तलैब मिशिगन से प्रतिनिधि है और एक फिलिस्तीनी माँ-बाप की संतान है और यह कारन बहुत है इज़रायल से नफरत के लिए। अमेरिका में "Death to America" and "Death to Israel" अभियान का विरोध करने से दोनों इल्हान ओमर और रशीदा तलैब ने मना कर दिया। ऐसा नहीं है केवल भारत में लोग बैठे हैं भारत का विरोध करने वाले, ऐसे लोग अमेरिका में भी बैठे है क्योंकि Democratic Party भी हमारे देश की कांग्रेस पार्टी का दूसरा रूप है।
इल्हान ओमर का प्रत्यर्पण राहुल गांधी के लिए तीसरा झटका है क्योंकि अगर उसे अमेरिका से निकाल दिया गया तो फिर कहां उससे मिलने जाएगा। सोमालिया जाना तो खतरे से खाली नहीं होगा।

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