आयुर्वेद में चुकंदर सेहत का खजाना


सनातन में आयुर्वेद में चुकंदर के अनेक गुण बताए गए हैं। चुकंदर जिसका अधिकतर प्रयोग लोग सलाद या जूस में करते हैं, लेकिन इसकी सब्जी सलाद या जूस से कहीं अधिक स्वास्थ्यवर्धक होती है। यह सेहत की दृष्टि से बहुत हो लाभकारी है। सर्दियों में पत्तों वाला चुकंदर और भी लाभकारी है, पत्तों के साथ बनाई इसकी सब्जी भोजन बहुत ही स्वादिष्ट ही नहीं शरीर में एक नई ऊर्जा देता है।  वैसे प्रकृति हर ऋतु में आने वाली सब्जी का उस ऋतु के अनुसार देती है। लेकिन आज हर मौसम में हर सब्जी मिल रही है। मटर, चुंकदर, शलगम, गोभी,  गाजर, मूली आदि का जो स्वाद सर्दी मौसम में है गर्मी में नहीं, उसी तरह अरबी, पुदीना, टिंडा और तोरी आदि का स्वाद गर्मी में होता है सर्दी में नहीं।        
खैर देखें इसके जूस बनाने की विधि:-   

सामग्री
1 मध्यम आकार का चुकंदर
½ से 1 गिलास सादा पानी
½ चम्मच नींबू रस
एक चुटकी सोंठ पाउडर / काली मिर्च
(Optional) थोड़ा सा शहद – सिर्फ सुबह के लिए
बनाने की विधि
चुकंदर को अच्छे से धोकर छील लें।
छोटे टुकड़ों में काट लें ताकि आसानी से पिस जाए।
मिक्सर में चुकंदर के टुकड़े और पानी डालकर स्मूथ ब्लेंड करें।
चाहें तो हल्का सा छान लें, वरना रेशे सहित भी पी सकते हैं।
अब इसमें नींबू रस और सोंठ/काली मिर्च मिलाएँ।
तुरंत सेवन करें, रखा हुआ जूस आयुर्वेद में बेस्ट नहीं माना जाता।
सेवन का सही समय
सुबह खाली पेट – सबसे उत्तम
या नाश्ते से 30–40 मिनट पहले
हफ्ते में 3–4 बार ही पर्याप्त है
आयुर्वेदिक गुण (Rasa–Guna–Virya के अनुसार)
रस (Taste) – मधुर
गुण – गुरु (भारी), स्निग्ध
वीर्य – शीतल
दोष प्रभाव – पित्त को शांत करता है, वात को संतुलित रखता है
(कफ वाले लोग सीमित मात्रा में लें)
आयुर्वेद के अनुसार चुकंदर जूस के फायदे
1. रक्तवर्धक (खून बढ़ाने वाला)
चुकंदर रक्तधातु को पोषण देता है, इसलिए कमजोरी, थकान और हीमोग्लोबिन की कमी में उपयोगी माना जाता है।
2. हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
यह रक्तसंचार को बेहतर करता है और हृदय को मजबूती देता है। नियमित सेवन से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
3. त्वचा के लिए अमृत
रक्त शुद्ध होने से मुंहासे, पिंपल्स और डल स्किन में सुधार आता है। अंदर से क्लीन → बाहर से ग्लो
4. पित्त दोष को शांत करता है
शीतल प्रकृति होने के कारण यह शरीर की गर्मी, जलन और चिड़चिड़ापन कम करने में मदद करता है।
5. पाचन तंत्र को सपोर्ट
हल्के रूप में लेने पर यह आंतों को साफ रखने में सहायक होता है और कब्ज की समस्या को कम करता है।
6. कमजोरी और थकान में फायदेमंद
जो लोग जल्दी थक जाते हैं या शरीर में एनर्जी की कमी महसूस करते हैं, उनके लिए यह नेचुरल टॉनिक जैसा काम करता है।
किस आयुर्वेदिक ग्रंथ में उल्लेख मिलता है?
आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों में चुकंदर को आधुनिक सब्ज़ी के रूप में माना गया है, लेकिन इसके गुणों का वर्णन निघंटु ग्रंथों में मिलता है:
भावप्रकाश निघंटु – मूल वर्ग में रक्तवर्धक एवं पित्तशामक द्रव्य के रूप में
कैदेव निघंटु – पोषक एवं बल्य गुणों का उल्लेख
साथ ही आधुनिक आयुर्वेदिक आहार-विहार ग्रंथों में चुकंदर को रक्तपोषक माना गया है
सावधानियाँ
1. कफ प्रकृति वाले लोग ज्यादा मात्रा में न लें।
2. डायबिटीज़ में बिना शहद के ही पिएँ।
3. बहुत ठंडे मौसम में रोज़ सेवन न करें।
4. ज्यादा पीने से भारीपन या गैस हो सकती है।

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